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नकली होलोग्राम का खेल खत्म: आबकारी विभाग की कार्रवाई में बड़ी शराब खेप जब्त

रायपुर छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम केस में पूर्वआबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा जेल में हैं. इसके बावजूद भी नकली होलोग्राम छपवाकर उसी तरीके से अवैध कारोबार जारी है. 13 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर रायपुर में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार किया है. टीम ने आरोपी के पास से 25 लीटर शराब जब्त की है, जिसे नकली होलोग्राम लगाकर बेंचा जा रहा था. इनमें से शोले ब्रांड की बोतलों पर स्टीकर भी नकली लगे मिले. जानकारी के मुताबिक आरोपी मनीराम टंडन ग्रैंड i10 कार (CG04MZ5272) में अभनपुर थाना अंतर्गत ग्राम चंडी में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेच रहा था. सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से टीम ने 25.92 बल्क लीटर नकली होलोग्राम युक्त देशी शराब जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14,400 रुपये है. मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. 3 महीने में दूसरा मामला यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते तीन महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें नकली होलोग्राम के ज़रिए अवैध शराब बेचने की कोशिश पकड़ी गई है. 22 मार्च को रायपुर में एक ढाबे और प्रिंटिंग शॉप पर छापा मारकर 40 हजार से अधिक नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब बोतलों के लेबल और ढक्कन जब्त किए गए थे. इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि कुछ आरोपी बिहार फरार हो गए थे. 20 अप्रैल 2025 को इसी कड़ी में बीरगांव स्थित एक ढाबे में छापा मारकर संकटमोचन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 1460 नकली होलोग्राम, 1100 शराब लेबल और 105 बोतल के ढक्कन मिले. पूछताछ में सामने आया कि नकली होलोग्राम का काम भिलाई निवासी संदीप के लिए किया जा रहा था, जिससे उसकी पहचान 2013-14 में सिलतरा की एक शराब भट्टी में नौकरी के दौरान हुई थी. इसके बाद टीम बीरगांव के एक प्रिंटिंग शॉप पर पहुंची, जहां गणेश चौरसिया को 371 शीट (करीब 40,000 स्टीकर) काटते पकड़ा गया. गणेश ने बताया कि यह प्रिंटिंग रंजीत गुप्ता के ऑर्डर पर की गई थी, जो रेड की सूचना मिलते ही फरार हो गया. जांच में यह भी सामने आया कि नकली होलोग्राम को सीरियल के अनुसार सेट करने और अलग-अलग प्रिंटिंग हाउस से टेम्पलेट्स प्रिंट कराने का काम संगठित तरीके से किया जा रहा था. अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी नकली होलोग्राम के ज़रिए देशी शराब की तस्करी कर रहे थे. हर महीने करीब 30 हजार नकली स्टीकर्स की खपत से सरकार को लगभग 24 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था. क्यों लगाया जाता है नकली होलोग्राम? जानिए क्या है पूरा मामला… होलोग्राम घोटाले में यह खुलासा हुआ कि नकली शराब को वैध दिखाने के लिए उस पर जाली होलोग्राम स्टीकर लगाए जाते थे ताकि स्कैनिंग में पकड़ न आ सके. नोएडा की PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) को इसके टेंडर का जिम्मा सौंपा गया, जबकि आरोप है कि यह कंपनी टेंडर के लिए योग्य नहीं थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने शर्तों में बदलाव कर उसे चयनित किया. इसके बदले कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से हर होलोग्राम पर आठ पैसे का कमीशन लिया गया. 3 मई को यूपी एसटीएफ ने विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी जैसे नामों का उल्लेख किया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में अभूतपूर्व स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने माना आभार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दुबई पहुंचे। डॉ. यादव का भारतीय समुदाय के नागरिकों और उद्योगपतियों ने गर्मजोशी से अभूतपूर्व स्वागत किया। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मालवा क्षेत्र के पुराने साथी भी मिले, जिनसे मिलकर वे भावुक हो गए। ताज होटल में भारतीय समुदाय ने पलक-पांवड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आत्मीय और सरल व्यवहार ने सभी मेजबानों का दिल छू लिया। आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “दुबई में भारतीयों ने अपनी मेहनत, संस्कृति और संस्कारों से विशेष पहचान बनाई है। यूएई प्रवास के दौरान दुबई स्थित ताज होटल में भारतीय भाई-बहनों और युवाओं से भेंट कर हृदय आनंदित है। सभी की आत्मीयता के लिए हार्दिक आभार!” उन्होंने अपनी यात्रा की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। यात्रा का उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 जुलाई तक दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करना, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है। यह दौरा प्रदेश को वैश्विक मंच पर एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आर्थिक विकास को गति देगा यह दौरा मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी उन्नयन और सांस्कृतिक प्रचार के माध्यम से मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ भी पहुंचाएगी। यह यात्रा राज्य को औद्योगिक और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।  

राज्यसभा नामांकन पर बोले जेपी नड्डा – ‘गौरव का क्षण’, दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा के लिए नामित देश के 4 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा अध्यक्ष ने उनके योगदान की भी सराहना की। राज्यसभा के लिए नामित सदस्यों में वरिष्ठ राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रसिद्ध इतिहासकार मीनाक्षी जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम और सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-80 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए सभी चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया। उनकी यह नियुक्तियां खाली सीटों के लिए हुईं। जेपी नड्डा ने मीनाक्षी जैन को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर मीनाक्षी जैन को बधाई। उन्होंने वर्षों तक हमारे इतिहास, राजनीति और साहित्य का अध्ययन और लेखन किया है। उनका कार्य लोगों को गहराई से सोचने और सीखने में मदद करता है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति राष्ट्र के लिए एक बड़ी संपत्ति होगी। संसद में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" उज्ज्वल निकम के लिए अपने संदेश में नड्डा ने कहा, "उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने न्याय को बनाए रखने और सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत की है। कानून और संविधान के प्रति उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" हर्षवर्धन श्रृंगला को बधाई देते हुए जेपी नड्डा ने लिखा, "हर्षवर्धन श्रृंगला को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। एक अनुभवी राजनयिक के रूप में उन्होंने पूरे समर्पण के साथ भारत की सेवा की और जी-20 अध्यक्षता को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। वैश्विक मामलों में उनके विशाल अनुभव से उच्च सदन को मूल्यवान दृष्टिकोण मिलेगा। संसद में इस नई यात्रा के लिए उन्हें शुभकामनाएं।" सी. सदानंदन मास्टर को लेकर अपने संदेश में भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर बधाई। समाज कल्याण और शिक्षा के प्रति आपकी निडर सेवा ने अनेक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। डर और धमकियों के बावजूद आप देश की प्रगति के लिए अडिग रहे। युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरित करने का उनका जुनून सराहनीय है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।"

फिर संकट में अमरनाथ यात्रा, कुलगाम में बस टक्कर में 10 से ज्यादा श्रद्धालु जख्मी

जम्मू-कश्मीर अमरनाथ यात्रा के दौरान एक और बड़ा हादसा सामने आया है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के खुडवानी इलाके में बालटाल की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले की तीन बसें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 10 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक इलाज देने के बाद अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्रियों की हालत स्थिर है और उन्हें मामूली चोटें आई हैं। कैसे हुआ हादसा यह हादसा रविवार को सुबह के समय हुआ जब अमरनाथ यात्रियों का एक काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टचलू क्रॉसिंग के पास से गुजर रहा था। कुलगाम जिले के खुडवानी क्षेत्र में जैसे ही बसें टचलू क्रॉसिंग के पास पहुंचीं, तीन बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। माना जा रहा है कि बसों की रफ्तार और ब्रेकिंग में हुई चूक के कारण यह टक्कर हुई। हालांकि हादसे की असली वजह की जांच की जा रही है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां नौ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अनंतनाग के GMC अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने दी राहत की खबर GMC अनंतनाग के डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत अब स्थिर है। किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार इलाज जारी है।   प्रशासन और पुलिस सतर्क हादसे की जानकारी मिलते ही कुलगाम पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि हादसे के पीछे का कारण जल्द ही स्पष्ट किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं और बसों की नियमित जांच भी की जा रही है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस हो और वे तय गति सीमा का पालन करें।  

फिल्म ‘अव्यान’ में काम करती नजर आयेंगी अनुष्का कौशिक

मुंबई, अभिनेत्री अनुष्का कौशिक फिल्म 'अव्यान' में काम करती नजर आयेंगी। अनुष्का कौशिक, आज की युवा पीढ़ी की प्रतिभशाली अभिनेत्रियों में से एक बन चुकी हैं।लस्ट स्टोरीज़ 2 हो या पटना शुक्ला, घर वापसी हो या गर्मी, अनुष्का हर बार अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लेती हैं।अब इस प्रतिभाशाली अभिनेत्री का अगला पड़ाव है सुनील कोठारी की स्पिरिचुअल फिल्म अव्यान, जिसमें अनुष्का का लुक और किरदार दोनों ही एकदम हटके होने वाला है। अनुष्का ने कहा, ‘अव्यान’ का हिस्सा बनना मेरे लिए एक स्पिरिचुअल जर्नी जैसा रहा। स्क्रिप्ट पढ़ते ही दिल छू गई।कैसे ये कहानी रोज़मर्रा की छोटी-छोटी बातों को गहराई से जोड़ती है, वो बहुत खास है। बनारस जैसे शहर में शूट करना, उसकी एनर्जी और श्रद्धा के बीच काम करना वाकई विनम्र अनुभव था। मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसी फिल्म का हिस्सा हूं जो हमारी संस्कृति को ईमानदारी और दिल से सेलिब्रेट करती है। सुनील कोठारी ने कहा, अनुष्का के अंदर एक सच्चाई है जो उनके हर किरदार में झलकती है। 'अव्यान' के लिए मैं किसी ऐसे चेहरे की तलाश में था जो ताकत और नाज़ुकता दोनों को साथ लेकर चल सके। मुझे पूरा भरोसा है कि दर्शक उन्हें इस फिल्म में एक नए अंदाज़ में देखेंगे और भूल नहीं पाएंगे।  

‘पुष्पा’ बनी हकीकत: ट्रक में बने गुप्त चैंबर से गांजा बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्त में

कवर्धा कबीरधाम पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ट्रक से 120 किलो गांजा जब्त किया है। खास बात यह रही कि तस्करी के लिए ट्रक में बेहद चालाकी से ‘पुष्पा’ फिल्म की तर्ज पर एक गुप्त चैंबर तैयार किया गया था, जिसमें गांजे के 115 पैकेट छिपाकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुबता दें कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवाई के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, पंकज पटेल और डीएसपी संजय ध्रुव के मार्गदर्शन में की गई। थाना चिल्फी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रक (नंबर RJ 14 GG 9595) में भारी मात्रा में गांजा लेकर उड़ीसा से कोटा (राजस्थान) की ओर तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और बारीकी से तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रक के केबिन और ट्रॉली के बीच बेहद पेशेवर तरीके से बनाए गए गुप्त चैंबर से गांजे से भरे 115 पैकेट बरामद किए गए, जिनका वजन करीब 120 किलो था। 2 अंतराज्यीय तस्कर गिरफ्तार पुलिस ने मौके से दो अंतराज्यीय तस्करों अकरम खान (उम्र 37 साल) और पप्पु सिंह (उम्र 32 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों राजस्थान के जिला झालावाड़ में स्थित हरनावदा पिया के रहने वाले है।प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे उड़ीसा से गांजा लेकर कोटा, राजस्थान जा रहे थे। ट्रक में खासतौर पर चैंबर बनवाया गया था ताकि गांजा आसानी से छिपाया जा सके और किसी को शक न हो। पुलिस टीम की सतर्कता से टूटी तस्करी की कड़ी इस कार्रवाई में निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सउनि बीरबल साहू, आरक्षक इरफान खान, आंसू तिवारी, पप्पू पनागर, सुनील मेरावी, अजय चंद्रवंशी, सुभाष नौरंगे और हरजेंद्र रात्रे की अहम भूमिका रही। इन सभी की सतर्कता और पेशेवर अंदाज ने इस अंतराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता दिलाई। ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने इस सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की और कहा कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों को साफ संदेश देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।  

14 जुलाई 2025 को प्रदेश के आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों पर आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरों का आयोजन

भोपाल जनसमुदाय को उनके निवास के निकट स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने के उदेश्‍य से आयुष्‍मान भारत योजना के अंतर्गत सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों (शहरी एवं ग्रामीण), संजीवनी क्लीनिक्स एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों को आयुष्‍मान आरोग्‍य मंदिरों के रूप में विकसित किया गया है जिनके माध्‍यम से हितग्राहियों को समग्र प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराई जा रही है। इन आयुष्‍मान अरोग्‍य मंदिरों पर 14 जुलाई को आयुष्‍मान आरोग्‍य शिविरो का आयोजन किया जा रहा है।  इन शिविरो के माध्यम से समुदाय के अंतिम व्‍यक्ति तक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने का लक्ष्य है। इन शिविरो में विभिन्न रोगो की जांच, उपचार एवं आश्‍यकता पड़ने पर अन्य संस्थाओ में रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इनमें ब्लड प्रेशर की जांच, ब्लड शुगर की जांच, गर्भवती महिलाओ की जांच, षिषुओं, किषोरियों, वृद्धजनों की जांच, जिनमें दस्त रोग, निमोनिया, नेत्र विकार, मुख/दंत विकारो की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, नाक कान गले के विकारो की जांच, क्षय रोग की जांच तथा अन्य पैथोलॉजिकल जांचे, उपचार तथा आवष्यकतानुसार रेफरल की सुविधाएं उपलब्ध होगी। इसके साथ ही इन षिविरों में परिवार कल्याण, से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। 14 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य शिविर के आयोजनो के संबंध में 7 जुलाई को ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रदेश भर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। इनके सफल आयोजन की जिम्मेवारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। शिविर की सघन निगरानी हेतु इन दिशा निर्देशों की सूचना कलेक्टर्स एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को भी दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में वर्ष 2018 से अबतक लगभग साढ़े बारह हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किये जा चुके है, जिनमें 9663 उपस्वास्थ्य केन्द्र, 1320 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 796 आयुष आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा 557 शहरी स्वास्थ्य संस्थाये शामिल है। इन संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 2,06,36,313 स्वास्थ्य परीक्षण किये गये। पूर्व में जहां नागरिकों को ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर जैसी जांचो के लिए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला अस्पताल तक जाना पड़ता था। वही अब यह सुविधाएं नागरिको के 5 से 30 मिनट की दूरी पर उपलब्ध है।

अपनी पहली ही टी20 सीरीज में श्री चरणी ने बनाया अनूठा रिकॉर्ड

नई दिल्ली भले ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में पांचवें टी20 मैच को पांच विकेट से गंवा दिया, लेकिन इस सीरीज में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अनूठा कारनामा किया। 20 वर्षीय श्री चरणी ने इसी सीरीज में अपने टी20 करियर की शुरुआत की। उन्होंने सीरीज के सभी पांच मैच खेले, जिसमें 14.8 की औसत के साथ 10 विकेट अपने नाम किए। इसी के साथ श्री चरणी टी20 सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाली भारतीय महिला खिलाड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले पायदान पर पहुंच गई हैं। श्री चरणी के अलावा राधा यादव भी एक ही टी20 सीरीज में 10 विकेट लेने का कारनामा कर चुकी हैं। राधा यादव ने साल 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। इस लिस्ट में श्री चरणी-राधा यादव के बाद दीप्ति शर्मा का नाम है, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ इसी सीरीज में 9 विकेट लिए हैं। श्री चरणी टी20 सीरीज से पहले वनडे फॉर्मेट में डेब्यू कर चुकी हैं। उन्होंने अपने करियर में पांच वनडे मैच खेले, जिसमें उनके नाम छह विकेट दर्ज हैं। श्री चरणी ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में 12 रन देकर चार विकेट चटकाए थे। इसके बाद अगले तीन मुकाबलों में उन्होंने दो-दो शिकार किए। हालांकि, अंतिम मैच में उन्हें कोई विकेट हाथ नहीं लग सका। भारत-इंग्लैंड के बीच खेली गई इस सीरीज को टीम इंडिया ने 3-2 से अपने नाम किया है। एजबेस्टन में सीरीज के पांचवें मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट खोकर 167 रन बनाए। भारत की इस पारी में शेफाली वर्मा ने 41 गेंदों में एक छक्के और 13 चौकों की मदद से 75 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से चार्ली डीन ने सर्वाधिक तीन विकेट झटके, जबकि सोफी एक्लेस्टोन को दो विकेट हाथ लगे। इसके जवाब में इंग्लैंड ने अंतिम गेंद पर जीत दर्ज की। इंग्लैंड को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। सोफिया डंकले और डेनियल व्याट-हॉज ने 10.4 ओवरों में 101 रन जोड़े। डंकले 30 गेंदों में 46 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि डेनियल ने 37 गेंदों में 56 रन की पारी खेली। इनके अलावा, कप्तान टैमी ब्यूमोंट ने 30 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा और अरुंधति रेड्डी को दो-दो विकेट हाथ लगे। वहीं, राधा यादव ने एक विकेट अपने नाम किया।

दवा मार्केटिंग के मास्टर बन सवारें अपना भविष्य

फार्मास्युटिकल उद्योग तेजी से बढ़ने वाले उद्योगों में से एक है। शानदार ग्रोथ की वजह से इसमें नौकरियां भी तेजी से बढ़ी हैं। अगर आप साइंस बैकग्राउंड के हैं और सेल्स तथा कस्टमर को मैनेज करने का हुनर रखते हैं, तो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में करियर की बेहतरीन शुरूआत कर सकते हैं…। भारत का फार्मा सेक्टर 13-14 फीसदी सालाना की दर से ग्रो कर रहा है। मेडिकल फील्ड में हो रही गतिविधियों के कारण मेडिसिन मार्केट भी कमर्शियल रूप से काफी आगे बढ़ रहा है। एफडीआई के बाद से इसमें और विस्तार होने की उम्मीद की जा रही है। कई विदेशी कंपनियां अपने उत्पादों का पेटेंट कराकर भारत में कारोबार करने आ रही हैं। इससे घरेलू फार्मा इंडस्ट्री और तेजी से विकसित हो रही है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले दिनों में इस फील्ड में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए जॉब्स की कमी नहीं होगी। क्या है काम मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स फार्मास्युटिकल कंपनीज और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के बीच की कड़ी होते हैं। वे उत्पादों को एक रणनीति के साथ बाजार में प्रमोट करते हैं। वन-टु-वन के अलावा वे ग्रुप इवेंट्स ऑर्गेनाइज कर दवाइयों के प्रति जागरूक करते हैं। फार्मास्युटिकल कंपनीज मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को नियुक्त् करती हैं, ताकि वे कस्टमर्स और डॉक्टर्स को अपने प्रोडक्ट की उपयोगिता के प्रति संतुष्ट कर सकें। इस तरह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव दवाइयों की मार्केटिंग में एक अहम भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग दवा कंपनियां अपने यहां नियुक्ति के बाद कैंडिडेट्स को स्पेशल स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग देती हैं। उन्हें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, सेल्समैनशिप की ट्रेनिंग के अलावा डॉक्टर्स की प्रोफाइल, उत्पादों की जानकारी और फील्ड ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके तहत सैलिंग टेक्नीक्स बताई जाती हैं। फील्ड ट्रेनिंग के दौरान फ्रैश ग्रेजुएट्स को किसी सीनियर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के अधीन काम करना होता है। जरूरी स्किल्स मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनने के लिए आपके पास मेडिकल फील्ड, मैनेजमेंट और मेडिसिन की संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। आपको मानव शरीर और दवा में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक तत्वों की भी जानकारी रखनी होगी। ऐसे में आपके पास कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ-साथ अंग्रेजी-हिंदी की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। इस फील्ड में काम के कोई तय घंटे नहीं होते हैं, इसलिए आपको इसके लिए पहले से तैयार रहना होगा। खुद को फिजिकली भी फिट रखना होगा। एजुकेशनल क्वॉलिफिकेशन फार्मा बिजनेस मैनेजमेंट में बीबीए या एमबीए, फार्मास्युटिकल एंड हेल्थकेयर मार्केटिंग में पीजी डिप्लोमा, फार्मा मार्केटिंग में डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा कोर्स करने के बाद आप इस फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा, सेलिंग और मार्केटिंग की स्किल रखने वाले साइंस ग्रेजुएट्स भी एंट्री ले सकते हैं। आज कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इससे संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। कुछ संस्थानों में फार्मा बिजनेस मार्केटिंग से संबंधित कोर्स भी शुरू हो चुके हैं। डिप्लोमा कोर्स करने के लिए आपको साइंस के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स के पास बीएससी, बीफार्मा की डिग्री होनी चाहिए। 12वीं (मैथ्स और बायोलॉजी) के बाद बीबीए (फार्मा बिजनेस) में दाखिला लिया जा सकता है। तरक्की की संभावनाएं सेल्स परफॉर्मेंस और कस्टमर्स को मैनेज करने का हुनर रखने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव फार्मास्युटिकल मार्केटिंग में शानदार करियर बना सकते हैं। जो लोग कंपनी के टारगेट को समय-समय पर अचीव करते चलते हैं, उन्हें प्रमोशन मिलने में भी देर नहीं लगती है। आप एरिया मैनेजर, रीजनल या जोनल मैनेजर, डिवीजनल सेल्स मैनेजर, डिवीजनल कंट्रोलर, डिप्टी मार्केटिंग मैनेजर के अलावा मार्केटिंग मैनेजर के रूप में प्रमोशन पा सकते हैं। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के अलावा, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, प्रोडक्ट एग्जीक्यूटिव, बिजनेस एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करने का पूरा अवसर है। एमबीए या फार्मेसी की डिग्री रखने वाले एरिया मैनेजर, सर्कल मैनेजर, प्रोडक्ट मैनेजर, ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर, क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर, ब्रांड मैनेजर या मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में दवा कंपनियों के साथ जुड़ सकते हैं। इन कंपनियों में एक-दो साल का अनुभव रखने वाले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को इंटरव्यू के आधार पर नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा, समय-समय पर अखबारों में और वेब साइट्स पर भी विज्ञापन निकलते रहते हैं। सैलरी पैकेज सामान्य तौर पर शुरूआती वेतन 10 से 20 हजार रुपए तक होता है लेकिन अनुभव के आधार पर आमदनी में इजाफा होता रहता है। कुछ अनुभव हासिल करने के बाद 30 से 40 हजार रुपए प्रतिमाह आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। पांच या सात साल के अनुभव के बाद वेतन लाखों में हो सकता है। इसके अलावा, आपके परफॉर्मेंस के आधार पर समय-समय पर इंसेंटिव सहित कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। सेल्स टारगेट अचीव करने वालों को कई बार ब्रांड मैनेजमेंट जैसी जिम्मेदारी तक सौंप दी जाती है। इससे आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ मार्केट में एक अलग पहचान बनती है। प्रमुख संस्थान:- -दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंस एंड रिसर्च, दिल्ली -इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, वर्धा -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर), अहमदाबाद -एनआईपीईआर, मोहाली, चंडीगढ़ -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स, दिल्ली -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मा मार्केटिंग, लखनऊ  

द्रौपदी मुर्मू ने देखी फिल्म तन्वी द ग्रेट, अनुपम खेर ने कहा हमारे लिये गर्व का पल

नई दिल्ली,  बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता और फिल्मकार अनुपम खेर का कहना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का फिल्म तन्वी द ग्रेट देखना उनके लिये गर्व का पल है। फिल्म तन्वी द ग्रेट की खास स्क्रीनिंग शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में हुई। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही फिल्म की स्टारकास्ट भी शामिल हुई, जिनमें अनुपम खेर, बोमन ईरानी, करण टेकर और शुभांगी शामिल थे। अनुपम खेर ने फिल्म तन्वी द ग्रेट का निर्देशन करने के अलावा इसमें अभिनय भी किया है। अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पर स्पेशल स्क्रीनिंग की फोटोज शेयर कीं। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, यह हमारे लिए गर्व का सबसे बड़ा पल था कि देश की राष्ट्रपति और भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर ने हमारी फिल्म देखी और अंत में उसकी सराहना की। यह एक सपना सच होने जैसा था। एक निर्देशक के तौर पर देश के सबसे बड़े पद से ऐसा समर्थन मिलना मेरे लिए सच में कुछ भी हो सकता है वाला पल है। बोमन ईरानी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘तन्वी द ग्रेट’ की टीम के लिए एक गर्वभरा और विनम्र करने वाला लम्हा… जब देश की राष्ट्रपति ने हमारी फिल्म देखी और तारीफ़ की। ये बहुत ही खास और दुर्लभ मौका था ,ऐसा मौका जो याद दिलाता है कि हम ये सब क्यों करते हैं। @अनुपमखेरसर, हमें इस अनमोल सफर का हिस्सा बनाने के लिए धन्यवाद।" फिल्म तन्वी द ग्रेट में शुभांगी दत्त मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अनुपम खेर, जैकी श्रॉफ, बोमन ईरानी, पल्लवी जोशी, करण टैकर और इयान ग्लेन जैसे कलाकार अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं। निर्देशन और कहानी अनुपम खेर की है। इस फिल्म का निर्माण अनुपम खेर स्टूडियोज ने एनएफडीसी (राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम) के साथ मिलकर किया है। यह फिल्म 18 जुलाई को रिलीज होगी।