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पूजा की अनोखी खोज से दुनिया में बजा भारत का डंका, किसानों को मिलेगा धूल से राहत

बाराबंकी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के छोटे से गांव डलइपुरवा, अगेहरा की 17 वर्षीय पूजा पाल ने अपनी प्रतिभा और जज्बे से न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच, पूजा ने एक ऐसा धूल रहित थ्रेशर मॉडल बनाया, जो किसानों को धूल, बीमारी और परेशानी से बचाने का वादा करता है। इस नवाचार ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया और जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका प्रदान किया। उनकी कहानी प्रेरणा का प्रतीक है, जो यह साबित करती है कि सपने और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती। पूजा पाल का जन्म बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के अगेहरा गांव में हुआ। उनके पिता पुत्तीलाल दिहाड़ी मजदूर हैं, और मां सुनीला देवी एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। पांच भाई-बहनों के साथ एक छप्परनुमा घर में रहने वाली पूजा की जिंदगी चुनौतियों से भरी रही। घर में बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं, और पढ़ाई के लिए उन्हें दीये की रोशनी का सहारा लेना पड़ता था। फिर भी, पूजा ने कभी अपने सपनों को सीमाओं में नहीं बांधा। वह न केवल एक मेधावी छात्रा हैं, बल्कि घरेलू कामों में भी परिवार का सहारा बनी। पूजा की प्रतिभा तब सामने आई, जब वह कक्षा 8 में पढ़ रही थीं। उनके स्कूल, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अगेहरा के पास खेतों में थ्रेशर मशीन से गेहूं की मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल बच्चों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती थी। धूल से होने वाली सांस की तकलीफ और पर्यावरण प्रदूषण को देखकर पूजा के मन में एक विचार आया—क्यों न ऐसा थ्रेशर बनाया जाए, जो धूल न फैलाए? अपने विज्ञान शिक्षक राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, पूजा ने सिर्फ 3,000 रुपये की लागत से टिन, पंखे, लकड़ी और पानी के टैंक का उपयोग कर एक धूल रहित थ्रेशर का मॉडल तैयार किया। इस मॉडल में एक पंखा और जाली के साथ पानी का टैंक लगाया गया, जो धूल को थैले या टैंक में इकट्ठा कर लेता है, जिससे वातावरण स्वच्छ रहता है और किसानों को स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। पूजा के इस नवाचार को सबसे पहले 2020 में जिला स्तर पर मान्यता मिली। इसके बाद, यह मॉडल मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में सराहा गया। दिसंबर 2020 में लखनऊ की राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में इस मॉडल को खूब प्रशंसा मिली। 2023 में, पूजा का मॉडल भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड MANAK योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चुना गया, जिसमें पूरे भारत से केवल 60 प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया था। पूजा उत्तर प्रदेश से एकमात्र विजेता थीं। इस उपलब्धि ने उन्हें भारत सरकार के साकुरा हाई स्कूल प्रोग्राम के तहत जापान यात्रा का मौका दिलाया, जहां उन्होंने टोक्यो के विश्वविद्यालयों और विज्ञान प्रयोगशालाओं का दौरा किया। उनके मॉडल को अब भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पेटेंट कराया जा रहा है, जो उनके आविष्कार की उपयोगिता और मौलिकता को रेखांकित करता है। पूजा अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षक राजीव श्रीवास्तव और माता-पिता को देती हैं। राजीव श्रीवास्तव ने न केवल पूजा के विचार को प्रोत्साहित किया, बल्कि उनके मॉडल को इंस्पायर अवार्ड के लिए नामांकित भी किया। पूजा के माता-पिता, जो स्वयं आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, ने अपनी बेटी की पढ़ाई और सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी। पूजा ने बताया, “मेरे माता-पिता ने मजदूरी करके भी मुझे पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरे शिक्षक राजीव सर ने मुझे हर कदम पर मार्गदर्शन दिया। पूजा की कहानी केवल एक आविष्कार की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी बेटी की कहानी है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उनके घर में आज भी बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अब इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने का वादा किया है। पूजा का सपना है कि वह अपने गांव के गरीब बच्चों को पढ़ाए और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाए। उनकी उपलब्धियां न केवल बाराबंकी, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय हैं।

अब नहीं बच पाएंगे फरहान और साहिल! भोपाल लव जिहाद केस में पॉक्सो के तहत कार्रवाई तय

भोपाल राजधानी भोपाल के एक निजी कॉलेज की छात्राओं को दोस्ती के नाम पर जाल में फंसाकर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के संगीन मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड फरहान और उसके साथी साहिल के खिलाफ भोपाल जिला अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। आरोपियों पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप है। अदालत में पेश चालान के अनुसार, पीड़िता ने अपनी नाबालिग बहन को आरोपियों से बचाने के लिए इंदौर भेजा था। इसके बावजूद फरहान इंदौर पहुंच गया और किराए के कमरे में घुसकर उसके साथ मारपीट और दुष्कर्म किया। प्रेम-प्रसंग का दिखावा कर रहा था आरोपी मामले की जांच में यह भी सामने आया कि फरहान पीड़िता से प्रेम-प्रसंग का नाटक कर उसे अपने साथ रखने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उसे और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई। इंदौर में हुई घटना की शिकायत पीड़िता की नाबालिग बहन ने पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह भोपाल में अपनी बड़ी बहन के पास आई और दोनों बहनों ने अप्रैल 2025 में इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसी के बाद फरहान और उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आए।  विज्ञापन 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश होगी पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत की न्यायाधीश नीलम मिश्रा ने फरहान और साहिल के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चालान प्रस्तुत कर चुकी है। साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है। 25 जुलाई को गवाहों की सूची पेश की जाएगी। कानूनी जानकारों के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़िता के बयान और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों को सजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है, भले ही कुछ गवाह अदालत में उपस्थित न हों। आधा दर्जन छात्राएं बनीं थीं शिकार इस साल अप्रैल में भोपाल के बागसेवनिया, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन थानों में फरहान, साहिल, अबरार, नबील और साद सहित कई अन्य आरोपियों के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप है कि इन युवकों ने पहले दोस्ती की, फिर विश्वास जीतकर दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाए और फिर धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाया।भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। इसके अलावा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और राज्य सरकार को सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपी है। आयोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने इस गंभीर मामले में शुरुआत में लापरवाही बरती। दीदी के दोस्त ने किया नाबालिग से दुष्कर्म पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि फरहान उसकी बड़ी बहन का कॉलेज मित्र था और बहाने से उसके कमरे पर आता-जाता था। एक दिन वह बहन के कॉलेज चले जाने के बाद आया और उसे घुमाने के बहाने बाहर ले गया। वहीं अशोका गार्डन क्षेत्र में उसने जबरन दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद जब पीड़िता भोपाल से बाहर गई, तो वहां भी फरहान पहुंच गया और धमकाकर वीडियो दिखाते हुए दबाव बनाया। साहिल ने भी उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर दुष्कर्म किया। फरहान ने माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर कर दिया। जब अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया, तब उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भोपाल लव जिहाद केस tit  कॉलेज मामले में अब तक क्या हुआ   चालान में मुख्य आरोपी के रूप में फरहान खान का नाम सामने आया है, जो छोटा चंबल इलाके का निवासी है। फरहान को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके साथ साहिल खान, सैयद अली अहमद, साद उर्फ शम्सउद्दीन, मोहम्मद नबील और अबरार को भी आरोपी बनाया गया है। सभी पर छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाकर नशीली चीजें पिलाकर गैंगरेप, मारपीट, वीडियो रिकॉर्डिंग और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के संगीन आरोप हैं। कॉलेज में प्रेमजाल और दरिंदगी की शुरुआत चालान में बताया गया है कि फरहान वर्ष 2017 में कोकता क्षेत्र के एक निजी कॉलेज में एमबीए की पढ़ाई के लिए दाखिल हुआ था। यहीं से उसने कॉलेज में पढ़ने वाली बाहर से आई गरीब हिंदू छात्राओं को टारगेट करना शुरू किया। जो लड़कियां अकेली रहती थीं या किराये पर दूसरे छात्रों के साथ रहती थीं, उन्हें गिरोह के सदस्य प्रेमजाल में फंसाते और फिर नशा देकर शारीरिक शोषण करते। चालान में यह भी उल्लेख है कि फरहान और उसके साथी पीड़िताओं के साथ यौन शोषण की रिकॉर्डिंग करते और फिर वीडियो के जरिए उन्हें धमकाते थे। आरोपी ये कहते थे कि यदि वे चुप नहीं रहीं या धर्मांतरण के लिए राजी नहीं हुईं तो उनके जीवन को बर्बाद कर दिया जाएगा।   पीड़िताओं के साथ अमानवीय बर्ताव पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने कई युवतियों के साथ ऐसी दरिंदगी की जिसकी कल्पना तक मुश्किल है। एक मामला ऐसा भी सामने आया है जहां फरहान तीन युवतियों को एक साथ निर्वस्त्र कर शारीरिक शोषण करते हुए न केवल उन्हें पीट रहा था, बल्कि हिंदू धर्म के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां भी कर रहा था। फरहान के मोबाइल से यह वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत पुलिस ने जब्त कर कोर्ट में चालान के साथ पेश किए हैं।   वीडियो बना कर बनाया जाता था दबाव फरहान और उसके गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे पहले युवतियों को प्रेमजाल में फंसाते, फिर उन्हें नशे में धुत कर यौन शोषण करते और वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। किसी भी पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उन्हें वीडियो वायरल करने और उनके करियर व सामाजिक जीवन को तबाह कर देने की धमकी दी जाती थी।   एक पीड़िता ने बताया कि जब उसकी छोटी बहन पर भी फरहान बुरी नजर रखने लगा तो उसने उसे इंदौर भेज दिया। लेकिन फरहान वहां भी पहुंच गया और उसे कमरे में बंद कर बुरी तरह से पीटा।    आरोपियों की वीसी के जरिए पेशी मामले की गंभीरता … 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देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति! चुनाव आयोग ने शुरू की प्रक्रिया, अधिसूचना शीघ्र

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने देश का नया उपराष्ट्रपति चुनने के लिए इलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग की ओर से इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया गया है। आयोग का कहना है कि गृह मंत्रालय से जानकारी मिली है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया है। अब इस पद पर चुनाव के लिए हमारी ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी ही चुनाव की तारीख भी घोषित कर दी जाएगी। होम मिनिस्ट्री की ओर से 22 जुलाई यानी सोमवार को ही उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार यानी 21 जुलाई 2025 को अचानक इस्तीफा दिया था. उनके इस्तीफे से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी. किसी को भी भनक नहीं लगी थी कि ऐसा भी कुछ होगा. खुद राष्ट्रपति भवन के स्टाफ हैरान थे कि जगदीप धनखड़ अचानक राष्ट्रपति से मिलने क्यों पहुंचे थे. जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह सेहत को प्राथमिकता देने के चलते इस्तीफा दे रहे हैं, मगर कांग्रेस को इस फैसले में कुछ दाला में काला जैसा दिख रहा है. चुनाव आयोग ने लिखा, 'आर्टिकल 324 के तहत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का कार्य चुनाव आयोग करता है। इसका निर्देशन राष्ट्रपति की ओर से किया जाता है। चुनाव आयोग ने अब उपराष्ट्रपति के इलेक्शन की तैयारी शुरू कर दी है। अभी इसकी तैयारी चल रही है और उसे पूरा करने के बाद जल्दी ही इलेक्शन की डेट का ऐलान किया जाएगा।' आयोग ने कहा कि इलेक्शन की तारीख का ऐलान करने से पहले हम कुछ चीजों पर काम कर रहे हैं। इनमें से एक है- इलेक्टोरल कॉलेज तैयार करना। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मिलाकर एक वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के नामित सदस्यों को भी वोटिंग का अधिकार होता है। अगर राष्ट्रपति के चुनाव में सभी सांसदों के साथ देशभर के विधानसभाओं के विधायक वोट डालते हैं तो उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने का काम केवल सांसद करते हैं. चूंकि ये पद 21 जुलाई को धनखड़ के इस्तीफे से खाली हो चुका है, लिहाजा देश को 21 जनवरी तक नया उप राष्ट्रपति मिल जाना चाहिए. उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी करके इसकी प्रक्रिया शुरू करेगा. हालांकि अक्टूबर – नवंबरतक देश में बिहार में भी विधानसभा चुनाव होने हें. बैलेट बॉक्स से होता है ये चुनाव उपराष्ट्रपति का चुनाव सीक्रेट बैलेट बॉक्स के जरिए ही होता है. वोटिंग के बाद इसके वोटों की काउंटिंग होती है. उसी दिन रिजल्ट घोषित हो जाता है. उपराष्ट्रपति के चुनाव में रिटर्निंग अफसर की भूमिका लोकसभा के महासचिव निभाते हैं. पहली बार कब हुआ था उप राष्ट्रपति का चुनाव देश में पहली बार उपराष्ट्रपति का चुनाव 1952 में राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही शुरू हुआ था. सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के पहले उपराष्ट्रपति बने थे. वो दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे. उप राष्ट्रपति का कार्यकाल भी पांच साल का ही होता है. ये चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि उप राष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति भी होता है. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद से ही उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल यानी इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होता है. संसद के दोनों सदनों के सदस्य इसमें हिस्सा लेते हैं और हर सदस्य केवल एक वोट ही डाल सकता है. राष्ट्रपति चुनाव में चुने हुए सांसदों के साथ विधायक भी मतदान करते हैं लेकिन उप राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद ही वोट डाल सकते है. क्या मनोनीत सदस्य कर सकते हैं वोट दोनों सदनों के लिए मनोनीत सांसद राष्ट्रपति चुनाव में मतदान नहीं कर सकते लेकिन वे उप राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग कर सकते हैं. इस तरह से देखा जाए तो उप राष्ट्रपति चुनाव में दोनों सदनों के 790 निर्वाचक हिस्सा लेंगे. राज्यसभा – चुने हुए सदस्य: 233, मनोनीत सदस्य: 12 लोक सभा – चुने हुए सदस्य: 543, मनोनीत सदस्य: 2 कुल निर्वाचक: 790 तो इस बार क्या है वोट समीकरण लोकसभा में मौजूदा समय में 542 सांसद हैं तो राज्यसभा में 240 यानि कुल वोट 782 होंगे. इसमें मेजोरिटी मार्क 392 का होगा. एनडीए के पास 427 सांसद (लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 134) हैं, जिसमें 10 नोमिनेटेड सदस्य भी हैं. विपक्ष के पास दोनों सदनों में 355 सांसद हैं (249 लोकसभा में और 106 राज्यसभा में). इसका मतलब ये हुआ कि एनडीए से इस पद के लिए खड़ा किया गया कोई भी उम्मीदवार आराम से जीत जाएगा. मौजूदा स्थिति राज्यसभा – सदस्य: 240 मनोनीत सदस्य: 10 लोक सभा – सदस्य: 542 कुल निर्वाचक सदस्य : 782 जीतने के लिए मेजोरिटी – 392 वोटिंग में अनुपातिक पद्धति क्या होती है उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव इलेक्शन अनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति (proportional representation) से किया जाता है. इसमें वोटिंग खास तरीके से होती है जिसे सिंगल ट्रांसफ़रेबल वोट सिस्टम कहते हैं. – इसमें मतदाता को वोट तो एक ही देना होता है मगर उसे अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकता तय करनी होती है. – वह बैलट पेपर पर मौजूद उम्मीदवारों में अपनी पहली पसंद को 1, दूसरी पसंद को 2 और इसी तरह से आगे की प्राथमिकता देता है. प्रत्याशी के पास कितने प्रस्तावक और समर्थक – चुनाव में खड़े होने के लिए किसी भी व्यक्ति को कम से कम 20 संसद सदस्यों को प्रस्तावक और कम से कम 20 संसद सदस्यों को समर्थक के रूप में नामित कराना होता है – उपराष्ट्रपति के रूप में प्रत्याशी बनने वाले 15,000 रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है. – नामांकन के बाद फिर निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच करता है और योग्य उम्मीदवारों के नाम बैलट में शामिल किए जाते हैं. उप राष्ट्रपति पद के लिए पात्रता कोई व्यक्ति उपराष्ट्रपति होने का पात्र तभी होगा, अगर   1. भारत का नागरिक हो 2. 35 साल वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो 3. वह राज्यसभा के लिए चुने जाने की योग्यताओं को पूरा करता हो. 4. उसे उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए 5. कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार के या किसी राज्य सरकार के अधीन … Read more

हीरे ने चमकाई किस्मत: छतरपुर के मजदूर को एक साथ मिले 8 हीरे, बना लखपति

छतरपुर  कहते हैं जब किस्मत खराब होती है तो ऊट पर बैठे इंसान को भी कुत्ता काट लेता है और जब किस्मत अच्छी होती है तो पत्थर भी हीरे बन जाते हैं. ऐसा ही कुछ किस्मत का खेल छतरपुर जिले के रहने वाले मजबूर यादव परिवार के साथ हुआ है. लगातार मेहनत ने ऐसा भाग्य का ताला खोला की मजदूर परिवार को एक साथ 8 हीरे मिल गए हैं. अब इस परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. परिवार को ये हीरे खुदाई के दौरान मिले हैं. मजदूर दंपति को एक साथ मिले 8 हीरे दरअसल यह मामला छतरपुर जिले की तिलवा पंचायत के कटिया गांव का है. यहां रहने वाले मजदूर दंपति हरगोविंद यादव और उनकी पत्नी पवन देवी यादव पन्ना की उथली खदान में पिछले 5 सालों से हीरा खदान पर खुदाई कर रहे थे. दोनों पति पत्नी पूरी मेहनत और लगन से हीरे की खोज में लगे रहे और जब किस्मत पलटी तो एक साथ 8 हीरे निकले, जिसमें कुछ कच्चे कुछ पक्के हैं. जिसकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख बताई जा रही है. मजदूर दंपति द्वारा आठों हीरों को पन्ना के हीरा संग्रहालय में जमा करा दिया जाएगा. इसके बाद हीरो की कीमत का आकलन होगा और नीलामी के बाद टैक्स काटकर मजदूर को पैसे दे दिए जाएंगे. पिछले साल भी मजदूर को मिला था हीरा पिछले साल भी पन्ना जिले की हीरा खदान में 19.22 कैरेट का हीरा एक मजदूर को मिला था, जिसकी कीमत 80 लाख थी. पन्ना जिले के अहिरगंवा गांव में रहने वाले चुनवादा गौंड ने सिर्फ 200 रुपये की रसीद कटवा कर हीरा कार्यालय से 20 मई 2024 को कृष्ण कल्याणपुर के पटी क्षेत्र में हीरा खदान ली. पट्टा बनवाया उसे 8×8 मीटर की जगह उत्खनन के लिए दी गई थी. चुनवादा ने पत्नी और बच्चों के साथ मिलकर खदान में हीरा तलाशना शुरू किया. करीब 2 महीने की मेहनत के बाद उसे 19.22 कैरेट का हीरा मिला, जिसकी कीमत करीब 80 लाख थी. पिछली बार वाली गलती अब नहीं करेंगे मजदूर हरगोविंद यादव ने बताया, "हम पिछले 5 सालों से हीरे के लिए खुदाई कर रहे थे. इस बार भगवान ने सुन ली और एक साथ 8 कच्चे पक्के हीरे मिले हैं. जिनकी कीमत लगभग 10 से 12 लाख है. पिछली बार भी हीरा मिला था, लेकिन जानकारी के अभाव के कारण उस हीरे की कीमत मात्र एक लाख रुपए मिली थी. इस बार ये गलती नहीं करेंगे और इन हीरों को विधिवत जमा करेंगे, ताकि उन्हें हीरों की सही कीमत मिल सके.

आशुतोष राणा से मुलाकात में क्या हुआ खुलासा? ओपी चौधरी और पत्नी अदिति ने खोले राज

रायपुर Rise & Shine कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अभिनेता और मोटिवेशनल स्पीकर आशुतोष राणा से प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उनकी पत्नी अदिति पटेल चौधरी ने होटल में मुलाकात की. इस दौरान होटल की लिफ्ट से नीचे उतरने के दौरान आशुतोष राणा ने अपना एक राज मंत्री ओपी चौधरी के सामने खोला. ओपी चौधरी की मुलाकात से पहले आशुतोष राणा के फैन्स और रोटरी कॉस्मो डीवाज़ क्लब की अध्यक्ष और सदस्यों ने भी उनसे मुलाकात की और उन्होंने खूब सारे सवाल उनसे पूछे. कुछ सवाल आशुतोष और उनकी पत्नी से जुड़े हुए भी थे. आशुतोष राणा, मंत्री ओपी चौधरी, उनकी पत्नी अदिति पटेल जब लिफ्ट से उनके साथ नीचे उतर रहे थे, तब उनकी मैनेजर ने मंत्री को बताया कि ‘सर ने जितनी भी किताबें लिखी है वो ज्यादातर रात में ही लिखी गई है’. इसके बाद आशुतोष ने हंसते हुए कहा कि- हां, मुझे देर रात तक जागने की आदत हो गई है… फिर उन्होंने हंसते हुए मंत्री से कहा कि- ओपी जी… हमने ‘फिट रहने के लिए नींद जरूरी’ के फार्मूला को फेल कर दिया है, जिसमें ये कहा जाता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है. आशुतोष राणा ने बताया कि वो मात्र 4-5 घंटे की रोजाना नींद लेते है और फिर भी वे पूरी तरह से फीट है. इसके बाद मंत्री ओपी चौधरी की पत्नी अदिति पटेल को भी ये कहना पड़ा कि जब से वे मंत्री बने है, तब से उनकी भी नींद चंद घंटे की ही रह गई है. इस दौरान मंत्री और उनकी पत्नी ने आशुतोष राणा को अगली बार छत्तीसगढ़ दौरे में आने के दौरान अपने घर आने का न्योता भी दिया.

मुख्यमंत्री ने दिवंगत निखिल कश्यप को किया नमन, परिजनों के दुःख में हुए सहभागी

रायपुर,    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

MP पुलिस ट्रेनिंग में धार्मिक अनुशासन की पहल, रामचरित मानस का हर रात होगा सामूहिक पाठ

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स में जवानों को अब प्रतिदिन बैरक में रामचरित मानस की चौपाइयों का सामूहिक पाठ करना होगा। मंगलवार को एडीजी प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने सभी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स के एसपी की बैठक में यह निर्देश दिए। कहा गया कि ट्रेनिंग करने वाले पुलिस के जवान प्रतिदिन रात में सोने से पहले अपनी बैरक में साथ बैठकर चौपाइयों का सामूहिक पाठ करेंगे, ताकि चौपाइयों के अर्थ को अपने असल जीवन में उतार सकें। ट्रेनिंग सेंटर्स के जिला अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि सेंटर में मानस की एक-एक प्रति रावाई जाए। भगवान राम ने सीखीं कई कलाएं एडीजी राजाबाबू सिंह ने  बताया कि कई रंगरुट नौ माह की ट्रेनिंग भी नहीं कर पा रहे। वे घर के नजदीक वाला पीटीएस चाह रहे हैं। उनसे प्रत्यक्ष रूप से बात कर मानस की चौपाइयों के सामूहिक पाठ के लिए कहा गया है, क्योंकि भगवान राम 14 वर्ष वनवास में रहे, उसी दौरान उन्होंने जंगल में जीवित रहने की कला, अपरिचित वातावरण में ढलना और दुश्मन को परास्त करने की कला सीखी थी। 

अंतरराष्ट्रीय मंच पर टीकाराम जूली की भागीदारी, अमेरिका में होगा विधायक सम्मेलन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से अमेरिका के लिए रवाना होंगे। वे अमेरिका के बॉस्टन शहर में आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन विश्व के अनेक देशों के विधायकों को एक मंच पर लाने का कार्य करता है, जहां लोकतंत्र, नीति-निर्माण और जनप्रतिनिधित्व से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान होता है। जूली इस मंच पर भारत, विशेष रूप से राजस्थान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, विधानसभा की कार्यशैली और जनसेवा से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इस वैश्विक आयोजन में भारत से चुनिंदा विधायकों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष जूली की भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अपनी यात्रा के दौरान जूली वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस भी जाएंगे, जहां वे प्रवासी भारतीयों और राजस्थान मूल के नागरिकों से संवाद करेंगे। यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकतांत्रिक छवि को सुदृढ़ करेगा।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर टीकाराम जूली की भागीदारी, अमेरिका में होगा विधायक सम्मेलन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से अमेरिका के लिए रवाना होंगे। वे अमेरिका के बॉस्टन शहर में आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन विश्व के अनेक देशों के विधायकों को एक मंच पर लाने का कार्य करता है, जहां लोकतंत्र, नीति-निर्माण और जनप्रतिनिधित्व से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान होता है। जूली इस मंच पर भारत, विशेष रूप से राजस्थान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, विधानसभा की कार्यशैली और जनसेवा से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इस वैश्विक आयोजन में भारत से चुनिंदा विधायकों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष जूली की भागीदारी राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अपनी यात्रा के दौरान जूली वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस भी जाएंगे, जहां वे प्रवासी भारतीयों और राजस्थान मूल के नागरिकों से संवाद करेंगे। यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकतांत्रिक छवि को सुदृढ़ करेगा।

मानसून की बेरुखी: बड़ा तालाब अधूरा, कलियासोत को चाहिए आधे से ज्यादा पानी

भोपाल  भोपाल में अब तक 15.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो अब तक की औसत बारिश 13 इंच से पौने तीन इंच ज्यादा है। बावजूद अब तक डैम या तालाब नहीं छलके हैं। बड़ा तालाब 6.6 फीट है। कलियासोत डैम को पूरा भरने में साढ़े 10 फीट पानी की जरूरत है। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है। सीहोर में भी तेज बारिश की दरकार सीहोर में तेज बारिश होने से कोलांस नदी उफान पर आएगी, जिससे बड़ा तालाब में पानी और बढ़ेगा। यहां भी तेज बारिश की दरकार है। सीहोर में अब तक औसत साढ़े 17 इंच पानी गिर चुका है। बड़ा तालाब: इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है। अभी इसमें 1660.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने में अभी 6.60 फीट पानी की और जरूरत है। पिछली बार बड़ा तालाब जुलाई में ही भर गया था, लेकिन इस बार अभी भी खाली है। बड़ा तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खुलते हैं। इस बार कैचमेंट एरिया में कम बारिश हुई है। जिससे कोलांस नदी लबालब होकर नहीं कही। कोलार डैम: इसका वॉटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1490.74 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। कोलार डैम से ही भोपाल शहर के 40% हिस्से में पानी की सप्लाई की जाती है। पिछली बार जुलाई में इसके गेट खोलने पड़े थे। केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक 1653.08 फीट पानी आ चुका है। बारिश नहीं होने से आवक फिलहाल थमी हुई है। कलियासोत डैम: डैम का वॉटर लेवल 1648.62 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी साढ़े 10 फीट खाली है। बड़ा तालाब के गेट खुलने पर कलियासोत डैम में पानी आएगा और गेट खुल जाएंगे। पिछले साल जुलाई में ही 3 डैम- कोलार, भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए थे। वहीं, बड़ा तालाब भी लबालब भर गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भोपाल में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम की एक्टिविटी कम रही है। इस वजह से तालाब और डैम में ज्यादा पानी नहीं बढ़ा, लेकिन अगले सप्ताह से फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। जिससे अगस्त के पहले सप्ताह तक अच्छा पानी आ सकता है।