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MP शिक्षक भर्ती 2025: TET पास उम्मीदवारों के लिए 10 हजार से ज्यादा पद खाली, जल्द करें अप्लाई

भोपाल  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुनहरा मौका है.  अगर आप प्राइमरी स्कूल में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. MPESB (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) ने तृतीय श्रेणी के प्राथमिक शिक्षक पदों पर 10,150 वैकेंसी निकाली हैं. आवेदन की लास्ट डेट 1 अगस्त 2025 है. अगर आप इस पोस्ट के लिए आवेदन करना चाहता हैं तो आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाना होगा.  कौन कर सकता है आवेदन?  प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास TET परीक्षा पास (साल 2020 या 2024 में) की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से D.El.Ed.की डिग्री हो. इसके साथ ही ग्रेजुएट डिग्री भी ज़रूरी है यहां चेक करें आयु सीमा प्राइमरी टीचर के लिए आवेदन करने वाले सामान्य पुरुष की उम्र 21 साल से लेकर 40 साल के बीच होनी चाहिए. वहीं, सामान्य महिला की उम्र 21 साल से लेकर 45 साल के बीच होनी चाहिए. दिव्यांग कैंडिडेट्स (PWD) के लिए उम्र सीमा 21 साल से लेकर 45 साल तक है.  कैसे होगा सेलेक्शन प्राइमरी टीचर का सेलेक्शन TET एग्जाम की मेरिट लिस्ट और रिटन एग्जाम के आधार पर होगा.  कितनी मिलेगी सैलरी  "मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्ते एवं भर्ती नियम 2018 तथा समय-समय पर किए गए संशोधनों और अधिसूचना दिनांक 24.12.2019 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार यह भर्ती की जाएगी. प्राथमिक शिक्षक को न्यूनतम वेतन ₹25,300 के साथ महंगाई भत्ता दिया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को प्रोबेशन अवधि के दौरान भर्ती नियम 2018 के उपनियम 13 के अनुसार वेतन प्रदान किया जाएगा. कितना लगेगा फीस प्राइमरी टीचर आवेदन के लिए  जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपए लगेंगे. वहीं, मध्य प्रदेश के SC, ST, EWS, OBC, दिव्यांग कैटेगरी के उम्मीदवारों को 250 रुपए देने होंगे.  कैसे करना होगा आवेदन ऐसे करें आवेदन : आवेदन करने के लिए आपको ऑफिशियल वेबसाइट esb.mponline.gov.in पर जाएं. इसके बाद आपको होम पेज पर जाकर “Apply Online” लिंक पर क्लिक करना होगा. वहां आपको “New Registration” का ऑप्शन दिखेगा, उसपर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें. वहां मांगी गई सभी जानकारी भरें. सबसे लास्ट में फॉर्म चेक कर पेमेंट कर दें और फॉर्म का प्रिंट आउट रख लें. 

रूल चेंज अलर्ट: क्रेडिट कार्ड, UPI और गैस पर 1 अगस्त से आएंगे बड़े बदलाव, जानिए असर

नई दिल्ली  हर महीने की तरह अगस्त 2025 में भी कई वित्तीय नियमों में बदलाव हो रहे हैं, जो आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड, LPG सिलेंडर, UPI पेमेंट्स, और अन्य जरूरी खर्चों से जुड़ी नई नीतियों की वजह से आपका बजट प्रभावित हो सकता है. इन बदलावों के बारे में आपको पहले से जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आप सही फैसले ले सकें. आइए जानते हैं अगस्त में होने वाले इन छह अहम बदलावों के बारे में.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.   क्रेडिट कार्ड से कैसे करें UPI पेमेंट क्रेडिट कार्ड से यूपीआई पेमेंट करने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा। स्टेप 1 – सबसे पहले यूपीआई ऐप से पेमेंट किए जाने वाला QR कोड स्कैन करें। स्टेप 2- अब Pay phone Number या Pay Contact ऑप्शन का चयन करें। स्टेप 3- इसके बाद यूपीआई नंबर दर्ज करें या अन्य पेमेंट ऑप्शन पर जाएं। स्टेप 4- आप सेल्फ ट्रांसफर का भी ऑप्शन चुन सकते हैं। स्टेप 5- अब क्यूआर कोड और फोन नंबर वेरिफाई हो जाने के बाद आप अमाउंट दर्ज करें। स्टेप 6- फिर आपको पेमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का ऑप्शन सिलेक्ट करना होगा। स्टेप 7- अंत में पिन कोड दर्ज करें, जिसके बाद आपका पेमेंट पूर्ण हो जाएगा।

FTA से भारत को मिलेगा फायदा! केसर से लेकर चावल तक UK में जमाएंगे धाक

नई दिल्ली भारत-यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK Free Trade Agreement) हो चुका है, जिसके तहत भारत, ब्रिटेन में अपने प्रोडक्‍ट्स '0' या कम टैक्‍स बेचेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की करीब 99 फीसदी चीजें ब्रिटेन में कम टैक्‍स पर बिकेंगी. वहीं UK की 90 फीसदी चीजें भारत में कम टैरिफ पर बिकेंगी. FTA दस्‍तावेज पर साइन दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में गुरुवार को हुई थी.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस डील को लेकर कहा था कि इससे ग्‍लोबल स्‍तर पर भारत को और मजबूती मिलेगी. साथ ही दोनों देशों के बीच सालाना व्‍यापार 34 अरब डॉलर बढ़ेगा. इस डील के तहत 2030 तक व्‍यापार को  120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है. इससे आम लोगों को भी फायदा होगा, जिसमें ब्रिटेन से आने वाले कुछ चीजों के रेट घट जाएंगे.  क्‍या चीजें हो जाएंगी सस्‍ती?  अगर आप वाइन के शौकीन हैं तो स्‍कॉच व्हिस्‍की के रेट में करीब 20 से 50 फीसदी की गिरावट आ सकती है. वहीं इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, कपड़े, चमड़े के प्रोडक्‍ट्स और दवाइंया,  मेटल और ज्‍वेलरी सस्‍ती हो सकती हैं. जबकि एग्रीकल्‍चर प्रोडक्‍ट्स, कार और बाइक जैसे ऑटो और स्‍टील की चीजें महंगी हो सकती हैं.  ब्रिटेन में खूब बिकेंगे ये प्रोडक्‍ट्स FTA से यूनाइटेड किंगडम (UK) में इम्‍पोर्ट होन वाली चीजें भी सस्‍ती हो जाएंगी, जिससे इसका प्रोडक्‍शन तेजी से बढ़ेगा. लोग भारतीय प्रोडक्‍ट को ज्‍यादा खरीदेंगे. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इमेज शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत किस राज्‍य से कौन-कौन से प्रोडक्‍ट्स ब्रिटेन में इम्‍पोर्ट होंगे, जो मेड इन इंडिया की छाप छोड़ेंगी.  दोनों देशों के बीच व्यापार टारगेट बता दें, दोनों देशों के बीच साल 2023-24 में व्यापार 4.74 लाख करोड़ रुपये (लगभग 60 अरब डॉलर) का था, और इस समझौते से भारत का निर्यात 60% तक बढ़ सकता है. अनुमान है कि अगले 5 साल में भारतीय गारमेंट्स, चमड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद और ऑटोमोबाइल पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में ब्रिटेन को निर्यात में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.  ब्रिटेन में खूब बिकेंगे ये प्रोडक्ट्स इस समझौते से 95% से अधिक कृषि और इससे जुड़े खाद्य प्रोडक्ट्स पर शून्य शुल्क लगेगा, जिससे कृषि निर्यात बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी. अगले तीन वर्षों में कृषि निर्यात में 20% से अधिक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो 2030 तक भारत के 100 अरब डालर के कृषि-निर्यात के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान देगा. ब्रिटेन के 90% उत्पादों पर भारत में शुल्क हटाया जाएगा या कम किया जाएगा. ब्रिटेन में भारतीय मसाले, फल-सब्जियां, और हस्तशिल्प सस्ते और अधिक उपलब्ध होंगे. स्कॉच व्हिस्की (150% से 75%, फिर 10 वर्षों में 40%), कारें (100% से 10%), कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट, बिस्किट, सैल्मन मछली, और मेडिकल डिवाइसेज जैसे उत्पाद भारत में सस्ते होंगे.   किसान के लिए बड़े मौके इससे भारतीय किसानों के लिए प्रीमियम ब्रिटिश बाजार के दरवाजे खुलेंगे, जो जर्मनी, नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय संघ के देशों को मिलने वाले फायदे के बराबर या उससे भी अधिक होगा. हल्दी, काली मिर्च, इलायची, अचार और दालों को भी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी. जबकि ब्रिटेन का भारत को निर्यात (व्हिस्की, कारें, मेडिकल उपकरण) भी 60% तक बढ़ सकता है. लक्ष्य ये भी है कि दोनों देशों के बीच व्यापार प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाए, जिससे व्यापार लागत कम होगी. इस डील एक हिस्सा ये भी है कि भारत में कपड़ा, चमड़ा, और रत्न-आभूषण जैसे उद्योगों नौकरिकों के अवसर बढ़ेंगे. MSME सेक्टर विशेष रूप से क्षेत्रीय हस्तशिल्प जैसे कोल्हापुरी चप्पल और बनारसी साड़ी, को ब्रिटेन के बाजार में बढ़त मिलेगी. ब्रिटेन में भी हजारों नौकरियां पैदा होंगी, खासकर व्हिस्की, ऑटोमोबाइल, और चिकित्सा उपकरण सेक्टर में.  भारत के 99% निर्यात पर ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिसपर फिलहाल 4-16% शुल्क लिए जाते हैं. इससे वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा. विशेष रूप से कृषि और समुद्री उत्पादों (जैसे झींगा, टूना, मसाले, हल्दी, कटहल, बाजरा) पर 95% से अधिक शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे अगले 5 वर्षों में कृषि निर्यात में 20% की वृद्धि की उम्मीद है.  मेक इन इंडिया की ताकत उम्मीद की जा रही है कि 5 साल के बाद यह समझौता भारत में 'मेक इन इंडिया' और महिला उद्यमिता को मजबूती देगा, क्योंकि समझौते में लैंगिक समानता और श्रम अधिकारों पर जोर दिया गया है. डील के तहत भारतीय प्रोफेशनल (जैसे आईटी, हेल्थ, योग प्रशिक्षक) को ब्रिटेन में अस्थायी वीजा और सामाजिक सुरक्षा अंशदान में तीन साल की छूट से लाभ होगा. जबकि 5 साल के बाद करीब 100 अतिरिक्त वार्षिक वीजा और बढ़ी हुई श्रम गतिशीलता से भारतीय युवाओं को ब्रिटेन में अधिक अवसर मिलेंगे. 60,000 से अधिक आईटी पेशेवरों को ब्रिटेन में अस्थायी वीजा के माध्यम से काम करने में आसानी होगी. आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी का विस्तार यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा. साल 2030 तक यानी 5 साल के बाद भारत और ब्रिटेन 'UK-India Vision 2035' के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, जलवायु, और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे. हालांकि फिलहाल ये यह कहना कि किसे ज्यादा फायदा होगा, ये जटिल है, क्योंकि दोनों देशों को अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे.  जम्‍मू-कश्‍मीर: पश्‍मीना शॉल, बासमती चावल, कश्‍मीरी केसर और कश्‍मीरी विलो बैट्स  हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: बासमती चावल  पंजाब- जलंधर स्‍पोर्ट्स गूड्स, बासमती राइस  दिल्‍ली- बासमती राइस  राजस्‍थान- जयपुर जेमस्‍टोन और ज्‍वेलरी  गुजरात– सूरत टेक्‍सटाइल, मोरबी में बने मिट्टी के वर्तन और सूरत के डायमंड  महाराष्‍ट्र– कोल्‍हापुरी फूटवीयर, आईटी सर्विसेज  कर्नाटक– चन्‍नापाटन के खिलौने केरल– रबर और हल्‍दी उत्तर प्रदेश– खुर्जा में बने मिट्टी के बर्तन, मेरठ के स्‍पोर्ट्स प्रोडक्‍ट, बासमती चावल और आगरा-कानपुर के लेदर  तेलंगाना– आईटी सर्विस आंध्र प्रदेश– कॉफी और हल्‍दी  तमिलनाडु– कांचीपूरम साड़ी, हल्‍दी, गुड़‍िया, स्‍लीपर और आईटी सर्विस  बिहार- सिक्‍की ग्रॉस टॉय, भागलपुर सिल्‍क, मखाना और लिच्ची त्रिपुरा– नेचुरल और प्रोड्यूस्‍ड रबर  वेस्‍ट बंगाल- साड़ी, दाजर्लिंग टी, गुड़‍िया और शांतिनिकेतन लेदर