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अनिरुद्धाचार्य पर कानूनी शिकंजा: महिला वकीलों की याचिका में क्या है मांग?

मथुरा अनिरुद्धाचार्य महराज के बयान को लेकर उनका विरोध लगातार जारी है. अब ये मामला कोर्ट पहुंच गया है. महिला अधिवक्ताओं ने इस मामले में एसीजेएम प्रथम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इससे पहले भी महिला वकीलों ने एसएसपी मथुरा को भी एक शिकायती पत्र दिया था. जिस पर एसएसपी ने अनिरुद्धाचार्य पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता कोर्ट की शरण में पहुंच हैं. अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ दायर इस याचिका में बीएनएस की सुसंगत धाराओं में अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अदालत से प्रार्थना की है. बता दें कि बीते 26 जुलाई को अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयान से नाराज महिला वकीलों ने कचहरी परिसर में उनका पुतला दहन किया था. बार एसोसिएशन ने महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया था. फिलहाल उनके बयान को लेकर कानूनी और सामाजिक मोर्चे पर विरोध तेज हो गया है. इसे भी पढ़ें : ‘राखी जिहाद’ या सिर्फ ‘सियासी स्टंट’! चांद-सितारे वाली राखी को लेकर साध्वी प्राची का विवादित बयान, जानिए इस्लाम से जोड़ते हुए क्या कहा? बता दें कि अनिरुद्धाचार्य महाराज ने 25 वर्षीय युवतियों पर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थी. जिसने विवाद को जन्म दे दिया. उन्होंने कहा था कि 25 साल की उम्र तक लड़कियां पूरी तरह परिपक्व हो जाती हैं, जिसके कारण देर से शादी करने पर प्री-मैरिटल रिलेशनशिप की संभावना बढ़ जाती है. इस बयान के चलते उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

राज्यपाल पटेल ने प्रो. मिश्र को महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलगुरू नियुक्त किया

भोपाल राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगुभाई पटेल ने प्रो. शिव शंकर मिश्र को महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन का कुलगुरू नियुक्त किया है। प्रो. मिश्र वर्तमान में श्री लाल बहादुर शास्त्रीय राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं। श्री मिश्र को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 04 वर्ष की कालावधि के लिए कुलगुरू नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम-1 के अनुसार शासित होंगे।  

साध्वी प्रज्ञा से मिल भावुक हुईं उमा भारती, कहा- ये मेरी मसीहा हैं

भोपाल  राजधानी भोपाल में आज बहुत सुखद दृश्य दिखाई दिया, दो साध्वी, दो भगवा वस्त्रधारी बहनों का मिलन मीडिया के कैमरों में कैद हुआ, अवसर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के मिलन का था, उमा भारती प्रज्ञा सिंह ठाकुर से मिलने उनके निवास पर पहुंची थी। मालेगांव बम ब्लास्ट के आरोपी के रूप में 17 साल तक मानसिक, शारीरिक और सामाजिक यातनाएं झेलने के बाद पिछले दिनों जब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को NIA अदालत ने दोषमुक्त किया तो हिन्दू समाज में ख़ुशी की लहर दौड़ गई, सनातन और भगवा में आस्था रखने वालों ने इसे भगवा और हिंदुत्व की जीत बताया। प्रज्ञा सिंह ठाकुर से मिलकर भावुक हुई उमा भारती  जिस दिन प्रज्ञा सिंह ठाकुर को अदालत ने बरी किया उस दिन उमा भारती की आँखों में आंसू थे और आज जब वे उनसे मिलने पहुंची तब भी भावुक थीं, निवास पर पहुँचते ही उमा भारती ने माला पहनाकर साध्वी प्रज्ञा का सम्मान किया और गले लगाकर उनका माथा चूम लिया। मैं साध्वी नहीं, दीदी प्रज्ञा का तप बहुत बड़ा  मीडिया ने जब इस मिलन को दो बहनों, दो साध्वियों का मिलन कहा तो उमा भारती ने टोकते हुए कहा मैं बड़ी बहन जरूर हूँ लेकिन साध्वी नहीं हूँ, मैंने अपने गुरु से सिर्फ सन्यास लिया है लेकिन दीदी प्रज्ञा का तप उनकी तपस्या बहुत बड़ी है वे मेरी मसीहा हैं। साजिश रचने वालों पर चले देशद्रोह का मुकदमा  उमा भारती ने कहा जिस तरह हिंदुत्व को, भगवा को बदनाम करने की साजिश रची गई उसका पर्दाफाश हो गया, मालेगांव बम ब्लास्ट की साजिश बेनकाब हो गई, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा जिन्होंने ये किया साध्वी प्रज्ञा सिंह को यातनाएं दी उन्हें झूठा फंसाया, उनके लिए क्या क़ानूनी प्रक्रिया है ये मैं नहीं जानती लेकिन मेरा मानना है ये साजिश रचने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। उमा दीदी ने मेरे लिए वो किया जो कोई पुरुष नहीं कर सका  साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा मुझे हमेशा एक बड़ी बहन की तरह उमा दीदी का प्यार और स्नेह मिला है , ये हमेशा से भगवा और हिंदुत्व के लिए संघर्ष करती रही है ये मुझसे मिलने एम्स आई थी, नासिक जेल, भोपाल जेल भी आई है, जो कोई पुरुष नहीं कर सका वो इन्होने किया, इनका आशीर्वाद मुझे मिला है मैं कृतज्ञ हूँ।  

घर में फांसी पर लटका मिला आरक्षक, वजह तलाश रही पुलिस

दुर्ग पुलिस आरक्षक ने पुलिस लाइन स्थित अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आरक्षक का नाम सुरेंद्र साहू बताया जा रहा है, जो पुलिस लाइन में पदस्थ था. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही. बता दें कि पिता की मृत्यु के बाद सुरेंद्र साहू को अनुकंपा में पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली थी. इसके बाद से ही वह पुलिस लाइन में कार्यरत था. वहीं आज सुबह सुरेंद्र ने अपने ही घर में पंखे के सहारे से फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतार कर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है. मृतक सुरेंद्र साहू के पास से किसी भी प्रकार का कोई सुसाइडल नोट नहीं मिला है. पुलिस मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालने की तैयारी कर रही है.

सेंट्रल जेल रायपुर: शोएब ढेबर को मुलाकात कक्ष से किया गया प्रतिबंधित, आदेश जारी

रायपुर शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर को सेंट्रल जेल रायपुर के मुलाकात कक्ष से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा डाला था, जिसके चलते यह प्रतिबंध लगाया गया है। जेल अधीक्षक रायपुर की ओर से जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में बाधा उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एमएन प्रधान ने की, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक ने आदेश जारी करते हुए शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने कड़े कदम उठाए जाएंगे।

धोनी से गिल तक हुए फेल, जो रूट का जलवा सब पर पड़ा भारी!

नई दिल्ली जो रूट को भारतीय टीम के खिलाफ खेलना पसंद है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में जो रूट का बल्ला अलग आग उगलता है। हाल ही में खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में जो रूट इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि जो रूट के इस प्रकोप से न एमएस धोनी बच सके, न विराट कोहली और न ही शुभमन गिल। हर किसी की टीम के खिलाफ उन्होंने एक टेस्ट सीरीज में 500+ रन बनाए हैं। हालांकि, एक सीजन वे 400 रन भी एक सीरीज में नहीं बना सके थे। वह भी विराट कोहली की कप्तानी में खेली गई थी, लेकिन कम से कम एक सीरीज में उन्होंने 500 प्लस रन विराट के खिलाफ बनाए हैं। दरअसल, जो रूट ने घर पर एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 2014 में, विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टेस्ट टीम के खिलाफ 2021 में और अब 2025 में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 500+ रन बनाकर करिश्मा कर दिखाया है। हालांकि, 2018 की टेस्ट सीरीज में जो रूट विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 400 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए थे। उस साल 5 मैचों की 9 पारियों में उन्होंने सिर्फ 319 रन बनाए थे। उस सीरीज को 4-1 से इंग्लैंड ने ही जीता था। जो रूट के बल्ले से साल 2014 में एमएस धोनी की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खिलाफ 5 मैचों की 7 पारियों में 518 रन निकले थे, जबकि 2021 में 4 मैचों की 7 पारियों में उन्होंने विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम के खिलाफ 564 रन बनाए थे। 2025 में 5 मैचों की 9 पारियों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खिलाफ 537 रन बनाए हैं। हर एक साल उन्होंने कम से कम 2 शतक 2014, 2021 और 2025 में जड़े हैं। ये दर्शाता है कि वह लंबे समय से भारत के खिलाफ अपना 100 पर्सेंट दे रहे हैं।  

अब दस्तावेज़ बनवाना पड़ेगा भारी, मध्य प्रदेश में स्टांप ड्यूटी में जबरदस्त इजाफा, किराए और प्रॉपर्टी एग्रीमेंट हुए महंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब एग्रीमेंट कराना या एफिडेविट खरीदना अब काफी महंगा होने जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 पास कर दिया, जिसमें सभी न्यायिक और गैर-न्यायिक उद्देश्यों के लिए स्टांप ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इस बदलाव के बाद संपत्ति को लीज पर देने का समझौता या हथियार लाइसेंस और अन्य सेवाओं के नवीनीकरण के लिए नोटरी से एफिडेविट लेना महंगा होने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि एक तरफ तो कहा जाता है कि हम टैक्स नहीं बढ़ा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ शुल्क में ऐसी बढ़ोत्तरी की जा रही है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन का बचाव करते हुए बताया कि स्टांप शुल्क में बढ़ोत्तरी सोच-समझकर ही की गई है। हालांकि शुल्क वृद्धि के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। एमपी में रेंट-प्रॉपर्टी एग्रीमेंट महंगा हो गया है। बुधवार को विधानसभा में 8 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। सदन में पेश किए गए भारतीय स्टांप मध्यप्रदेश संशोधन विधेयक का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया। विपक्षी विधायकों ने स्टांप शुल्क बढ़ाने को अनुचित बताते हुए सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि स्टांप ड्यूटी बढ़ाने से आम लोगों पर बोझ बढ़ेगा। स्टांप संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा कि जो लोग स्टांप ड्यूटी भरते हैं क्या उनसे अभिमत लिया। विधायक बाला बच्चन ने कहा कि इस विधेयक से आम लोगों की जेब खाली हो जाएगी। प्रदेश के वित्त मंत्री व उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संशोधन के बारे में कहा कि शुल्क बहुत सोच-समझकर बढ़ाया गया है। एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए एफिडेविट पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। बिल पास होने से राज्य को लोगों से सालाना 212 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने में मदद मिलने की संभावना है। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने बिल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा। नए बिल से एफिडेविट, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, डेवलपमेंट, कंसट्रक्शन या बॉन्ड एग्रीमेंट, कंसेंट डीड, रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट में सुधार, रिवॉल्वर और पिस्तौल के लाइसेंस का रिन्युअल, पार्टनरशिप डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और ट्रस्ट की संपत्ति के लिए दरों में 100% से 400% की वृद्धि की गई है। कितना पड़ेगा असर न्यूज18एमपी के मुताबिक, मध्य प्रदेश विधानसभा में स्टांप संशोधन बिल पास हो गया है। राज्य में अब एग्रीमेंट 5 गुना तक महंगा हो गया है, जिसके बाद एफिडेविट 50 के बजाय 200 रुपये में बनेगा। रेंट एग्रीमेंट के लिए 500 की जगह 1000 रुपये लगेंगे, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट 1000 से 5000 रुपये हो गया है। कांग्रेस की सरकार से बिल वापस लेने की मांग विधानसभा में बिल पर बहस के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच भारी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पर असर पड़ेगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के विकास की आवश्यकता का हवाला देते हुए बार-बार कर्ज ले रही है, जबकि दूसरी ओर आम आदमी पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने के लिए करीब 11 साल के बाद ये संशोधन प्रस्तावित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस संशोधन का असर केवल लगभग 10% दस्तावेजों की कीमतों पर पड़ेगा। बाकी के लिए स्टांप ड्यूटी अपरिवर्तित रहेगी। 

मंदिर अपमान से भड़के लोग, थाने का किया घेराव, आरोपी गिरफ्त में

 दुर्ग  भिलाई के वार्ड 23 में पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में मुस्लिम युवक ने तोड़फोड़ किया है. इस घटना से लोगों में आक्रोश है. इस मामले को लेकर बजरंग दल के साथ वार्डवासियों ने जामुल थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, अटल आवास में रहने वालों के तुलसी चौरा और पीपल पेड़ के नीचे स्थित मंदिर में अब्दुल सजाद ने शराब के नशे में तोड़फोड़ किया है. इस घटना से आक्रोशित वार्डवासी जामुल थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे. पुलिस की समझाइश के बाद लोग वापस लौटे. पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने बताया कि लोगों की शिकायत के बाद आरोपी अब्दुल सजाद को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

NDA की रणनीति अंतिम दौर में, उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर जल्द मुहर संभव

नई दिल्ली इलेक्शन कमिशन ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। इसी के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने प्रत्याशियों ढूंढ़ने में लग गए हैं। हालांकि इसके लिए अभी किसी भी गठबंधन की ओर से उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया गया है। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर केंद्र सरकार और एनडीए निश्चिंत है और वह उम्मीदवार चयन में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाह रही है। खबर है कि NDA राखी के बाद नाम फाइनल करेगी। साथ ही सरकार उम्मीदवार तय करने से पहले विपक्ष के नेताओं से भी बात करेगी। पहले, उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की कोशिश की जाएगी, इसके लिए विपक्ष के नेताओं से भी बात करने की कोशिश होगी। केंद्र के कुछ बड़े मंत्री विपक्ष के बड़े नेताओं से उपराष्ट्रपति के नाम पर चर्चा करके आम राय बनाने की मुहिम शुरू करेंगे। बातचीत का जिम्मा उन वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपा जाएगा जिनकी विपक्ष के नेताओं से बढ़िया संपर्क और अच्छे संबंध है। सूत्र बताते हैं कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विपक्ष के नेताओं से बात करके उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर आम राय बनाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एनडीए के सहयोगियों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य दूसरे वरिष्ठ मंत्री भी बात कर सकते हैं। बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। 9 सितंबर को कराए जाएंगे चुनाव देश के अगले उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को कराए जाएंगे. कड़ा मुकाबला के आसार लग रहे हैं क्योंकि बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए से मुकाबले के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्ष भी एक साझा उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। ऐसे में कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। पिछले महीने 21 जुलाई को अप्रत्याशित तरीके से जगदीप धनखड़ ने अपना इस्तीफा दे दिया। यह आजाद भारत की पहली ऐसी घटना रही जब किसी उपराष्ट्रपति ने पद पर रहते हुए इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने किसी उच्च पद के लिए दावेदारी नहीं की।

मैट से मंडप तक: रेसलर पूजा की हुई सगाई, बिजनेसमैन से जुड़ा रिश्ता

हिसार  हरियाणा की अंतरराष्ट्रीय रेसलर पूजा ढांडा ने जीवन की एक नई पारी की शुरुआत कर हिसार के बिजनेसमैन अभिषेक बूरा से सगाई कर ली है। गुरुवार को हिसार में आयोजित भव्य समारोह में दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। यह एक अरेंज मैरिज है, जिसका रिश्ता पूजा के पिता अजमेर ढांडा ने तय किया था। अब दोनों 13 नवंबर को शादी के बंधन में बंधेंगे। पूजा ढांडा न केवल एक बेहतरीन रेसलर हैं, बल्कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। रिंग से लेकर सगाई तक का सफर पूजा ढांडा का जन्म हिसार के बुडाना गांव में हुआ था। उनके पिता अजमेर ढांडा पशुपालन विभाग से ड्राइवर के पद से रिटायर हुए। उन्होंने हमेशा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पूजा ने अपने करियर की शुरुआत जूडो से की थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। उनके जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ 2009 में तब आया जब एशियन जूडो चैंपियनशिप के दौरान उनकी मुलाकात रेसलर कृपा शंकर बिश्नोई से हुई। कृपा शंकर ने पूजा को कुश्ती में जाने की सलाह दी। इस सलाह ने पूजा के जीवन की दिशा बदल दी। पूजा ने जूडो छोड़कर कुश्ती में अपना हाथ आजमाया और 2010 के यूथ ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया। असाधारण उपलब्धियां और 'दंगल' का ऑफर पूजा ढांडा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हेलेन मारोलिस को दो बार हराना। यह कारनामा उन्होंने 2018 में प्रो रेसलिंग लीग में किया था। हेलेन को हराने के बाद उन्होंने खुद पूजा की तारीफ करते हुए कहा था मैं तुम्हारी फैन बन गई हूं। पूजा के लिए यह एक सपने के सच होने जैसा था। पूजा को साल 2016 में आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' में बबीता फोगाट का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। लेकिन चोट के कारण उन्होंने यह मौका ठुकरा दिया। पूजा ने पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बबीता फोगाट को हराकर यह खिताब जीता था। पूजा की अन्य उपलब्धियों में 2013 और 2017 में कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल और 2014 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल शामिल हैं। चोट और संघर्ष का दौर पूजा का सफर कभी आसान नहीं रहा, 2016 में लगी एक गंभीर चोट के कारण वह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। इस चोट से उबरने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। सर्जरी के बाद भी मैट पर वापसी करना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2017 में, उन्होंने अपनी चोट को पीछे छोड़ा और नेशनल चैंपियन बनकर वापसी की। उनके इसी जज्बे को देखते हुए भारत सरकार ने 2019 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। आज, पूजा ढांडा न केवल एक इंटरनेशनल रेसलर हैं, बल्कि हिसार के महावीर स्टेडियम में एक सीनियर कुश्ती ट्रेनर के रूप में बच्चों को प्रशिक्षण भी देती हैं। अपनी शादी की तैयारियों के बीच भी वह अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है। नई जिंदगी की शुरुआत पूजा और अभिषेक की सगाई का समारोह उनकी नई जिंदगी की शुरुआत का एक खूबसूरत पल था। यह एक अरेंज मैरिज है, लेकिन दोनों के परिवार में खुशी का माहौल है। 23 फरवरी को हुई रोका सेरेमनी के बाद अब दोनों 13 नवंबर को शादी के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। पूजा के लिए यह एक नई पारी है, जिसमें उन्हें अपने जीवनसाथी अभिषेक का साथ मिलेगा। हम उन्हें उनके आने वाले जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हैं।