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तिरंगा आत्मगौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि “हर घर तिरंगा” केवल सिर्फ एक अभियान नहीं, यह हमारे आत्मगौरव और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर सभी नागरिकों से आग्रह है कि वे अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देशभक्ति की भावना को सशक्त करें। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान हमें हमारी आज़ादी के संघर्ष, बलिदान और समर्पण की याद दिलाता है। तिरंगा केवल तीन रंगों का कपड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, उम्मीदों और संकल्पों का प्रतीक है। हम सब मिलकर तिरंगे के नीचे एकजुट हों और अपने राष्ट्र को समर्पित भाव से प्रगति की ओर अग्रसर करें।  

बैतूल में आईएसबीटी का प्रपोजल भेजने के निर्देश, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने बैतूल में विभागीय योजनाओं की समीक्षा

भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को बैतूल में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बैतूल से नागपुर सहित महाराष्ट्र के अनेक स्थानों के लिये बड़ी संख्या में बसें जाती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां अंतर्राज्यीय बस स्टैंड की आवश्यकता ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राज्यीय बस स्टैंड में सभी आधुनिक व्यवस्थाओं का प्रावधान रखा जाएगा। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं आवास की योजनाओं की समीक्षा की गई। इस मौके पर बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी भी उपस्थित थे। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि बैतूल जिले में निर्धन और मध्यम वर्ग के लोगों के लिये एलआईजी, एमआईजी और ईडब्ल्यूएस आवास के प्रस्ताव नागरिकों से लिये जाएं। एफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट में सब्सिडी एक लाख 80 हजार का देने का प्रावधान है। पर्यावरण को सुरक्षित और मानव अनुकूल बनाने के लिये ई-चार्जिंग व्हीकल स्टेशन बनाने के प्रस्ताव तैयार करने के लिये भी कहा गया। राजस्व वसूली में तेजी लाएं आयुक्त श्री भोंडवे ने बैठक में मौजूद जिले के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निकायों में गुड गवर्नेंस के लिए फेस रीडिंग अटेंडेंस को सुनिश्चित किया जाएं। स्ट्रीट लाइट के बिल कम करने के लिए एलईडी पेटर्न को अधिक से अधिक विकसित किया जाए। बैठक में विधायक एवं सांसद निधि के किये जाने वाले कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने शहरी परियोजना अधिकारी कार्यालय में ई-ऑफिस के संचालन की तारीफ की। बैठक में नवाचार पर चर्चा नगरीय प्रशासन आयुक्त श्री भोंडवे ने छिन्दवाड़ा में शहरी विकास योजनाओं का स्‍‍थल निरीक्षण किया। उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट प्लान्ट और अटल वाटिका का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि आगामी विकास कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जाएं। आयुक्त ने छिन्दवाड़ा एवं पांडुर्णा जिले की 17 नगरीय निकायों की विकास योजना की समीक्षा की।  

मिथिलांचल की संस्कृति भारतीय विरासत का अनन्य गहना, गृह मंत्री अमित शाह का बयान

सीतामढ़ी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सीतामढ़ी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम मंदिर के भूमि पूजन के बाद इस कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए मिथिलांचल की संस्कृति की तारीफ करते हुए कहा कि सही अर्थों में मिथिलांचल की संस्कृति पूरे भारतीय संस्कृति का अनन्य गहना है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लिया और एनडीए सरकार के किए गए विकास कार्यों की तारीफ की। उन्होंने आज के दिन को देश और दुनिया के लिए शुभ बताते हुए कहा कि माता सीता ने एक ही जीवन में आदर्श पत्नी, आदर्श बेटी, आदर्श मां और आदर्श राजमाता के स्वरूपों को चरितार्थ किया है। आज माता जानकी का जहां जन्म हुआ, उस पुनौरा धाम मंदिर के परिसर का समग्र विकास होने की नींव डालने का काम हुआ है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मां जानकी की जन्मस्थली पर जो यह भव्य मंदिर बनने जा रहा है, यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि मिथिलांचल के भाग्योदय की शुरुआत है। उन्होंने मिथिलांचल की संस्कृति के साथ यहां की कला की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर मिथिला की कला को हमेशा आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति को मधुबनी पेंटिंग भेंट की और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति को भी मिथिलांचल की कला का नमूना देकर विदेश में मिथिला की कला का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मिथिला, वाल्मीकि रामायण से लेकर महाभारत और बौद्ध तथा जैन साहित्य तक, हमारी संस्कृति का केंद्र रहा है। धर्मशास्त्र, साहित्य, संगीत, भाषा और तंत्रज्ञान का यह एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। मिथिलांचल, जहां राजा जनक हुए, जहां याज्ञवल्क्य और मैत्रेयी हुए, जहां शंकराचार्य और मंडन मिश्र ने शास्त्रार्थ को चरम सीमा पर पहुंचाया, जहां मुनि अष्टावक्र ने अष्टावक्र गीता का ज्ञान दिया, उसे फिर से विद्या का धाम और संस्कृति का केंद्र बनाने की शुरुआत आज यहां से होगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि आपके माता-पिता की सरकार ने गुंडई करने के अलावा, गैंग चलाने के अलावा, अपहरण-फिरौती के अलावा मिथिलांचल के विकास के लिए क्या किया? आप इसका हिसाब दीजिए। उन्होंने एनडीए सरकार में किए गए कार्यों की गिनती कराते हुए कहा कि हमने पीएम मोदी की तरफ से विकास का सारा हिसाब दे दिया। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भी उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार में एसआईआर का विरोध कर क्या जताना चाहते हैं? इनको बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी हार का अहसास हो गया है, इसलिए ये तमाम बहाने कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग घुसपैठियों को वोट बैंक समझते हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इस साल बिहार में होने वाले चुनाव में भी एनडीए विजयी होगी। 

श्रमायुक्त संगठन एवं श्रम विभाग ई-आफिस पूर्णतः लागू करने वाले अग्रणी विभागों में शामिल

भोपाल राज्य शासन द्वारा सुशासन को सुदृढ करने की दिशा में एक महत्यपूर्ण पहल करते हुए श्रम विभाग में ई-ऑफिस परियोजना द्वारा कार्यप्रणाली को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। यह डिजिटल परिवर्तन विभाग के मंत्रालय के साथ श्रमायुक्त संगठन के सभी संभागीय एवं जिला कार्यालयों, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय एवं उनके जिला स्तरीय कार्यालयों, विभाग के अधीनस्थ मंडल कार्यालयों, संचालनालय कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएँ सहित सभी मैदानी कार्यालयों में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और समयवद्ध बनाना है। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अब विभागीय पत्राचार, फाइलों का संचालन, अनुमोदन एवं निगरानी आदि सभी कार्य डिजिटल माध्यम से संपादित किए जा रहे हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारंपरिक फिजिकल फाइलों की आवश्यकता लगभग समाप्त हो गई है। प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिये सभी मैदानी कार्यालयों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इसके बाद विभाग ने यह अनिवार्य कर दिया कि सभी शासकीय कार्य केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही संचालित किए जाए। इस डिजिटल पहल से कार्यों की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा फाइलों की निगरानी और निपटान की प्रक्रिया अधिक प्रभावशाली बन गई है। विभागीय कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा स्वयं श्रम विभाग के सचिव और श्रमायुक्त स्तर से की जा रही है, जिससे कार्यो की गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। इससे ना केवल अधिकारियों-कर्मचारियों में जवाबदेही की भावना विकसित हुई है, बल्कि सेवाओं की गुणवता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। राज्य शासन की इस पहल से श्रम विभाग डिजिटल गवर्नेस की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जो अन्य विभार्गो के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगा।  

18 अगस्त की परीक्षा रद्द करने के लिए छात्र संगठनों का कॉलेज में विरोध प्रदर्शन

कोटा राजस्थान के कोटा में सरकारी महाविद्यालय की समस्याओं से झूझ रहे छात्रों के समर्थन में एबीवीपी और एनएसयूआई की ओर से प्रदर्शन किया गया। छात्र-छात्राओं ने गेट बंद कर महाविद्यालय प्रशासन को घेरा और मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सैंपा। इसके पहले छात्रों ने काॅलेज परिसर में ही धरना दे दिया और प्रशासन को मौके पर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा। वहीं, महाविद्यालय में प्रदर्शन और हंगामें की आशंका को देखते हुए पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया। छात्र नेताओं का कहना है कि काॅलेज में परीक्षा शुरू हो चुकी है, लेकिन रिजल्ट जारी न होने से स्टूडेंट्स असमंजस में हैं। कोटा विश्वविद्यालय ने यूजी प्रथम, थर्ड पीजी सेमेस्टर के अभी तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए और आगामी सेमेस्टर शुरू कर दिए। जिससे स्टूडेंट्स में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। छात्रों की मांग है कि कोटा विश्वविद्यालय के 18 अगस्त के पेपर को स्थगित किया जाए, क्योंकि 17 तारीख को पटवारी का पेपर है। सभी पीजी स्टूडेंट्स ने पटवारी का एग्जाम देने जाएंगे। मानसिक तनाव में कि हमारा सेंटर दूसरे जिले में आया तो एग्जाम में समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। इस मांग को लेकर पहले भी काॅलेज और यूनिवर्सिटी प्रशासन को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक मांगों को नहीं माना गया है। वहीं, दूसरी तरफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राजकीय महाविद्यालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एबीवीपी से जुड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कालेज प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। जिस पर कॉलेज प्रशासन ने सभी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया। छात्र नेताओं ने बताया कि महाविद्यालय की बिल्डिंग कई जगह से जर्जर हो चुकी है। प्लास्टर गिरने से यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी भी घायल हुए हैं। कई बार कॉलेज प्रशासन को इससे अवगत कराया गया, लेकिन उसके बाद भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। एनसीसी की भी ट्रेनिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ-साथ अन्य की गतिविधि में भाग नहीं ले पा रहे हैं।  

एससीओ शिखर सम्मेलन में चीन ने पीएम मोदी कोशामिल होने का किया स्वागत, जताई मजबूत एकता और सहयोग की भावना

बीजिंग चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन आने का स्वागत करता है, जो इस महीने के अंत में तिआनजिन शहर में आयोजित किया जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "चीन प्रधानमंत्री मोदी का तिआनजिन एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन आने का स्वागत करता है। हमें विश्वास है कि सभी पक्षों के संयुक्त प्रयासों से तिआनजिन शिखर सम्मेलन एकजुटता, मित्रता और सार्थक परिणामों का आयोजन होगा और एससीओ एक नए उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के चरण में प्रवेश करेगा, जिसमें अधिक एकता, समन्वय, गतिशीलता और उत्पादकता होगी।" उन्होंने बताया कि "चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तिआनजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस आयोजन में एससीओ के सभी सदस्य देशों सहित 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे। यह एससीओ के गठन के बाद से अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन होगा।" रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच तिआनजिन में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन यात्रा करेंगे। यह 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा होगी, जिसने भारत-चीन संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 2019 में चीन गए थे। इसके अलावा उन्होंने 2024 में रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। भारत और चीन के बीच चार साल से चले आ रहे सीमा गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति उस समय हुई जब दोनों देशों ने लगभग 3500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त के लिए समझौता किया। जुलाई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तिआनजिन में आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से भी मुलाकात की और साथ ही सभी विदेश मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी भेंट की। जून में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन का दौरा किया था। भारत ने उस बैठक की संयुक्त घोषणा का समर्थन करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उसमें आतंकवाद से संबंधित चिंताओं को शामिल नहीं किया गया था। भारत का कहना था कि दस्तावेज में आतंकवाद के मुद्दे को शामिल किया जाना चाहिए, जो एक विशेष देश को स्वीकार नहीं था, इसलिए संयुक्त वक्तव्य को अपनाया नहीं गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भी बीजिंग में आयोजित एससीओ सदस्य देशों के सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड को समाप्त करने और यूएन द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके नेटवर्क को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। गौरतलब है कि एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में की गई थी। इसके सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं।

आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र का 78वां सब स्टेशन ऊर्जीकृत

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि शासन की महत्वपूर्ण योजना आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र का 78वां सब स्टेशन रतलाम जिले के सांगाखेड़ा (आलोट) में शुक्रवार को ऊर्जीकृत किया गया। इस ग्रिड की लागत लगभग दो करोड़ करोड़ रूपये है। इससे करीब दो हजार घरेलू एवं कृषि क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। आरडीएसएस अंतर्गत रतलाम जिले में सांगाखेड़ा समेत अन्य स्थानों राजाखेड़ी, बरखेड़ी, गुर्जर बर्डिया, आम्बा, बड़ायला माताजी, नायन, भाटखेड़ी मिलाकर कुल 8 सब स्टेशन तैयार हुए हैं। इंदौर और उज्जैन जिले में 11-11 सब स्टेशन तैयार हुए हैं। वहीं अन्य जिलों मंदसौर, आगर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर, आगर, देवास, झाबुआ इत्यादि जिलों में 2 से 8 सब स्टेशन ऊर्जीकृत होकर विद्युत आपूर्ति सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप सिंह ने बताया कि आरडीएसएस अंतर्गत इन 5 एमवीए क्षमता के ग्रिडों से कंपनी क्षेत्र मालवा निमाड़ की विद्युत वितरण क्षमता में 390 एमवीए की बढ़ोत्तरी हुई है।  

आम आदमी के लिए बड़ी परेशानी: हर OTP के साथ देना होगा अतिरिक्त पैसा

नई दिल्ली  ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने और डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) से जुड़ा एक नया मसौदा नियम तैयार किया है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अब मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के लिए सभी संस्थाओं को DoT के प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना होगा और हर वेरिफिकेशन पर शुल्क भी देना होगा।    डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन का यह प्रस्ताव कहता है कि बैंक, फिनटेक और अन्य डिजिटल सेवाएं अब यूजर के मोबाइल नंबर को वेरिफाई करने के लिए केवल DoT के प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगी। बैंकों को प्रति वेरिफिकेशन ₹1.50 और अन्य संस्थाओं को ₹3 खर्च करना होगा। फर्जी या संदिग्ध नंबर को 90 दिनों के लिए बंद भी किया जा सकता है।   विशेषज्ञों के अनुसार, देश के करोड़ों परिवारों के पास एक ही मोबाइल होता है, जिसका उपयोग पूरा परिवार करता है — पेंशन देखने से लेकर डिजिटल शिक्षा और बैंकिंग तक। ऐसे में अगर हर खाते के लिए अलग मोबाइल नंबर की अनिवार्यता होती है, तो ग्रामीण और निम्नवर्ग डिजिटल सेवाओं से कट जाएंगे। 

रक्षाबंधन हमारी संस्कृति, परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त करने वाला त्योहार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सरकार पूरी निष्ठा के साथ भाई की तरह निभा रही है प्रदेश की बहनों और माताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने समस्त प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी हैं। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह पर्व हमारी संस्कृति की आत्मा को अभिव्यक्त करता है। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह पर्व हमें नारी सम्मान, सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ और ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ जैसी योजनाएं बहनों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी द्वारा लाड़ली बहनों को 1500 रूपये राशि दी गई है, यह उनकी मातृशक्ति के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निर्णय बहनों के आर्थिक आत्मबल को बढ़ाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जैसे भाई अपनी बहनों के प्रति जिम्मेदार होता है, वैसे ही सरकार भी प्रदेश की बहनों और माताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों, विशेषकर सभी बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य की कामना की है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तामोट, रायसेन में 416 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार प्रदेश में अब निरंतर हो रहा है उद्योगों का लोकार्पण और भूमिपूजन भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वदेशी अभियान के जरिए हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत और बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायसेन जिले में हो रहा औद्योगिक निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नया आयाम देगा। यह न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा, बल्कि यहां की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और गतिशील भी बनायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रायसेन जिले के ग्राम तामोट में 416 करोड़ रुपये की लागत वाली नवीन औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 300 करोड़ रू लागत से 12 हैक्टेयर में 06 नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हुआ और 116 करोड़ रू लागत की 06 इकाइयों का लोकार्पण हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी औद्योगिक परियोजनाओं से हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य में स्वदेशी अभियान के तहत स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शनिवार को रक्षाबंधन है। हमारी परंपरा "यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे" जैसी है। अब दुनिया रिसर्च करके हमारी परंपराओं को जान रही है। उन्होंने कहा कि जिन अंग्रेजों ने कभी हमारे भारत पर 300 वर्ष तक शासन किया, अब हमारी कंपनियां उन्हीं को नौकरी पर रख रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश-प्रदेश को अनेकों सौगातें मिली हैं। भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश में वंदेभारत ट्रेन और मेट्रो का नेटवर्क बना है। अब भोपाल के पास उमरिया गांव में रेलवे के आधुनिक और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह बीईएमएल रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे, जो मध्य भारत में ट्रेन कोचेस के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 25 अगस्त को पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करने मध्यप्रदेश (धार) आने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 300 करोड़ रुपये की लागत से 12 हेक्टेयर रकबे में 6 नई औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हुआ है, जिसमें जेबीएम ऑटो, बालाजी रोटोमैक आदि शामिल हैं। इनसे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दो नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के आशय पत्र बांटे गए हैं, जिनमें लगभग 150 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश का समय बदला है। पहले जहां नाली-सड़क और बिजली के खंबे जैसे कामों का लोकार्पण होता था, वहीं अब रोजाना नये-नये उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर देश के समक्ष का समय है, परन्तु भारत दुनिया के किसी देश के आगे नहीं झुकेगा। हम सदैव 'भारत प्रथम' की नीति पर चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी अर्थव्यवस्था 15वें नम्बर से अब चौथे नम्बर पर आ गई है। हम भारत की अच्छाई और किसानों की उपज दुनिया को बांटना चाहते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था को नंबर 1 बनाने का यही समय है, सही समय है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बदलते दौर में भारत का विकास परिदृश्य भी बदल रहा है। हम किसी का बुरा नहीं चाहते, लेकिन अपना स्वाभिमान भी बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव कीं। उसके बाद भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री सुंदरलाल पटवा के प्रयासों से मंडीदीप में उद्योगों को बढ़ावा मिला। पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्रीमती सुषमा स्वराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्री अनंत कुमार ने तामोट में प्लास्टिक पार्क विकसित किया। हमारी सरकार ने रायसेन के लोगों को पिछले साल और अधिक सौगातें दीं। यदि कोई उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो रायसेन इसके लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बड़े उद्योगों के साथ स्टार्टअप और छोटे उद्यमों को भी प्रोत्साहित कर रही है। म.प्र. में सर्विस सेक्टर और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन का विकास हो रहा है। टेक्सटाईल इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। मध्यप्रदेश को जल्द ही एयर कार्गो की सुविधा भी मिलेगी। प्रदेश का रोड नेटवर्क पहले ही बेहतर हुआ है। राज्य सरकार रोजगारपरक उद्योग लगाने पर प्रति श्रमिक वेतन में 5000 रुपए का अनुदान उद्योगपतियों को देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि एविएशन कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रदेश की नई नीतियों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए प्रति फ्लाइट 15 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान है। भारत सरकार की उड़ान योजना के अंतर्गत हम प्रदेश की एयर टूरिज्म पॉलिसी पर कार्य कर रहे हैं। जबलपुर, रीवा, सीधी को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से बड़ा है। इसीलिए हमारी सरकार ने गरीब, श्रमिक और जरूरतमंदों को एयर एंबुलेंस की सुविधा दी है। सरकार मानवता के प्रति लोगों को जागरुक करते हुए सड़क हादसे के घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर राहवीर योजना में 25 हजार रुपए का पुरस्कार देगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जो निवेशकों को मेडिकल कॉलेज/अस्पताल खोलने के लिए नगण्य लीज रेंट पर जमीन दे रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति अपने प्रयासों कई लोगों को रोजगार, आवास, भोजन और जरूरत से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। उद्योगपति जरूरतमंदों को रोजगार देकर बड़े पैमाने पर समाजसेवा भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई हो या छोटे उद्योग, जो हमारे प्रदेश के नागरिकों को रोजगार दे, हमारे लिए वे सभी महत्व रखते हैं। भोजपुर विधायक श्री सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश-दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को निवेश करने के लिए मध्यप्रदेश लेकर आ रहे हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र का दिनों-दिन विस्तार हो रहा है। भोपाल के मेट्रोपोलिटन सिटी बनने का लाभ रायसेन के औबेदुल्लागंज और गौहरगंज को भी मिलेगा। … Read more