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वायु प्रदूषण से राहत का देसी उपाय, इंदौर की छात्राओं ने खोजा 11 औषधियों का धूपन फार्मूला

इंदौर वर्तमान समय में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग इन बीमारियों से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। इंदौर के अष्टांग आयुर्वेदिक कालेज की छात्राओं ने एक शोध में यह पाया है कि 11 औषधियों के धूपन से वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। छात्रा हिमानी सोनी ने 11 औषधियों का किया उल्लेख यह शोध केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद की स्पार्क (स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फार आयुर्वेदा रिसर्च केन) योजना के अंतर्गत किया गया है। इसमें कालेज की दो छात्राओं का शोध चयनित हुआ है। तृतीय वर्ष की छात्रा हिमानी सोनी ने आचार्य सुश्रुत द्वारा बताए गए तरीकों पर शोध किया। हिमानी ने बताया कि आचार्य सुश्रुत ने दो श्लोकों में 11 औषधियों का उल्लेख किया है।   शोध में यह जानने का प्रयास किया गया कि इन औषधियों को हजारों वर्ष पहले क्यों शामिल किया गया था। शोध से यह स्पष्ट हुआ कि ये औषधियां कृमिनाशक और विषनाशक हैं। यदि वायु में सूक्ष्म जीव या विष मौजूद हैं, तो ये औषधियां उनका नाश करती हैं। इस शोध को आज के संदर्भ में जोड़ते हुए बताया गया कि प्रदूषित वायु के सेवन से लंग्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब इन औषधियों का धूपन (एक आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रिया) किया जाता है, तो यह बाहरी प्रदूषण के साथ-साथ हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले सूक्ष्म जीवों से भी लड़ती हैं। इसमें लाक्षा, हल्दी, अतीस, हरितकी, नागरमोथा, हरेणु, एला, तेजपत्र, वक्र, कुष्ठ और प्रियंगु जैसी औषधियां शामिल हैं। शोध में कुछ व्यक्तियों को एक माह तक 15 मिनट तक धूपन दिया गया, जिससे उनकी ब्रेथ होल्डिंग केपेसिटी में वृद्धि हुई। इससे यह सिद्ध होता है कि प्रदूषित वायु के स्थान पर हम शुद्ध वायु ग्रहण कर सकते हैं और यह प्रक्रिया हम अपने घर के कक्ष में भी कर सकते हैं। अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध दूसरी ओर, कालेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा अंशिका तोमर ने अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध किया। अंशिका ने बताया कि आयुर्वेद में अनुवांशिक मधुमेह का कारण सात प्रकृति को माना जाता है। शोध में यह पाया गया कि टाइप 2 डायबिटीज एक सामान्य जीवनशैली विकार है, जिसके मुख्य कारण अनुचित आहार-विहार, चयापचय की गड़बड़ी, हार्मोन असंतुलन, मानसिक तनाव और आनुवांशिक कारक हैं। इन कारणों का निदान पंचक के माध्यम से किया जा सकता है। आयुर्वेद में आचार्यों द्वारा बताया गया है कि संतुलित आहार और जीवनशैली का पालन स्वास्थ्य बनाए रखने और रोगों की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। शोध में यह भी ज्ञात हुआ कि जो व्यक्ति अपनी प्रकृति के अनुसार पथ्य-अपथ्य का पालन करते हैं, उनमें मधुमेह होने की आशंका कम हो जाती है। यह सिद्ध करता है कि प्रकृति भले ही स्थिर हो, लेकिन जीवनशैली में सुधार कर रोगों की आशंका को कम किया जा सकता है। देशभर के 300 विद्यार्थियों का हुआ चयन  इन शोधों पर अब राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय स्पार्क योजना के तहत शोध के लिए देशभर के करीब 300 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। देशभर के 539 आयुर्वेदिक कालेजों से हजारों विद्यार्थियों ने शोध के विषय भेजे थे और इन्हें शोध पूरा करने के लिए दो माह का समय दिया गया था। 

योगी सरकार की अनोखी पहल: पोषण पाठशाला से बच्चों की सेहत में सुधार

  – सतत विकास के लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करने के लिए योगी सरकार का संकल्प – पोषण पाठशाला के माध्यम से माता-पिता को जागरूक कर रही योगी सरकार – प्रदेश में स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही प्रदेश सरकार – 75 जिलों में 9.80 लाख से अधिक माप, स्टंटिंग उन्मूलन की दिशा में बड़ी शुरुआत लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बच्चों में स्टंटिंग (नाटापन) और कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार 'संभव अभियान 5.0' के माध्यम से 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के तहत स्टंटिंग को कम करने का संकल्प लिया है। इस बार इस अभियान का केंद्र बिंदु स्टंटिंग के उन्मूलन को बनाया गया है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधक है। बीते जुलाई माह से शुरू हुए इस अभियान ने पिछले एक माह में राज्यव्यापी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। साथ ही, 'पोषण पाठशाला' कार्यक्रम ने विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) की थीम 'स्तनपान में निवेश, भविष्य में निवेश' को साकार करते हुए माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। स्टंटिंग के खिलाफ खास रणनीति पर काम कर रही योगी सरकार योगी सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों के तहत स्टंटिंग को कम करना है, जिसके लिए ठोस नीतियां बनाई जा रही हैं। पोषण पाठशाला के माध्यम से योगी सरकार माता-पिता और अन्य अभिभावकों को जागरुक कर रही है। बच्चों के जीवन के पहले 1000 दिनों में अपर्याप्त पोषण के कारण स्टेंटिंग की समस्या होती है। इसे कम करने के लिए योगी सरकार ने 'छह माह, सात बार' रणनीति अपनाई है। इसके तहत छह माह से कम आयु के शिशुओं की नियमित निगरानी, बीमारी प्रबंधन, और माताओं को स्तनपान सहायता प्रदान की जा रही है। पहले छह माह में केवल स्तनपान और बाद में संतुलित आहार बच्चों के विकास को मजबूत करता है। इस दिशा में, 75 जिलों के 7,500 आंगनबाड़ी केंद्रों में 0-5 वर्ष की आयु के अविकसित बच्चों की माप के लिए कुल 9.80 लाख से अधिक कार्य किए गए हैं। प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया इन केंद्रों में अविकसित बच्चों की निगरानी के लिए 7,500 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो सघन ग्रोथ मॉनिटरिंग और न्यूट्रिशन ट्रैकिंग सुनिश्चित कर रहे हैं। बीते 14-15 जुलाई को पूरे प्रदेश में पहली बार एक साथ स्टंटिंग मापन अभियान चलाया गया, जिसमें नोडल अधिकारियों ने बच्चों के एंथ्रोपोमेट्रिक माप (लंबाई, वजन) का सत्यापन किया। स्टंटिंग की वास्तविक स्थिति को समझने और डेटा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए राज्यव्यापी स्टंटिंग वैलिडेशन अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में सभी विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल विकास सेवा के संयुक्त प्रयासों से चयनित गांवों में बच्चों की निगरानी की गई हैं। यह पहल समय रहते हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। बीते वर्षों में स्टंटिंग के आंकड़ों में सुधार दर्ज हुआ है। 'पोषण पाठशाला' के माध्यम से मिला प्रशिक्षण विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के अवसर पर शुरू की गई 'पोषण पाठशाला' ने माताओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों ने माताओं को स्तनपान और पोषक आहार के बारे में प्रशिक्षित किया। बताया गया कि पहले 1000 दिन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं संतुलित पोषण से स्टंटिंग को रोका जा सकता है। सघन निगरानी से संभव हो रहा स्टंटिंग की स्थिति का आकलन प्रत्येक जनपद में ब्लॉक और जनपद स्तर के 100 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आंगनबाड़ी केंद्रों की सघन निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित कर रहे हैं, जिसमें स्टंटिंग की स्थिति का आकलन किया जाता है। 'संभव अभियान 5.0' का मुख्य उद्देश्य पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों में अतिगंभीर कुपोषण का चिन्हांकन, चिकित्सीय उपचार, और स्टंटिंग में कमी लाना है। इस अभियान ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।

क्रेटा को टक्कर देने आई मारुति की स्पेशल एडिशन एसयूवी, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी ने अपने नेक्सा रिटेल चैनल के 10 साल पूरे होने के अवसर पर Maruti Suzuki Grand Vitara Phantom Blaq Edition को लॉन्च किया है। नेक्सा की प्रमुख SUV होने के नाते, इस लिमिटेड एडिशन को प्रीमियम स्टाइलिंग और स्पेशल डिजाइन के साथ पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह वेरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जो हर ड्राइव में स्टाइल और शानदार लुक्स चाहते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि ग्रैंड विटारा को ग्राहकों ने बेहद पसंद किया है, जिससे इसने मात्र 32 महीनों में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन हासिल किया है। यह लिमिटेड एडिशन भी इसी सफलता को और बढ़ावा देगा। डिजाइन यह मॉडल Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट पर आधारित है, जिसमें मिड-साइज़ SUV का मूल डिजाइन बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नया मैट ब्लैक एक्सटीरियर पेंट, स्टैंडर्ड ग्रैंड विटारा जैसा ऑल-ब्लैक इंटीरियर, फॉक्स लेदर की सीटें और शैंपेन गोल्ड एक्सेंट शामिल हैं, जो इसे एक खास लुक देते हैं। फीचर्स Grand Vitara Phantom Blaq Edition में वही फीचर्स मिलते हैं जो Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट में उपलब्ध हैं। इसमें वेंटिलेटेड फॉक्स लेदर फ्रंट सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, 9 इंच का स्मार्टप्ले प्रो+ इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी शामिल हैं। इसके अलावा क्लेरियन साउंड सिस्टम भी दिया गया है। सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए, इस वेरिएंट में 360 डिग्री व्यू कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले (HUD), सुजुकी कनेक्ट के जरिए रिमोट एक्सेस, 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD), हिल होल्ड कंट्रोल, रिवर्स पार्किंग सेंसर और 3-पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंजन और प्रदर्शन ग्रैंड विटारा फैंटम ब्लैक में 1.5 लीटर का सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड पावरट्रेन लगा है, जिसे ‘इंटेलिजेंट हाइब्रिड सिस्टम’ कहा जाता है। इसे ई-सीवीटी गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इस पावरट्रेन का कुल आउटपुट 114 बीएचपी है, जिसमें इंजन 91 बीएचपी और 122 एनएम टॉर्क प्रदान करता है, जबकि मोटर 79 बीएचपी पावर और 141 एनएम टॉर्क जनरेट करती है। मारुति सुजुकी का दावा है कि इस स्ट्रॉंग हाइब्रिड वर्जन का माइलेज 27.97 किमी/लीटर तक है।

सिर्फ 12 महीनों में भारत बना डिफेंस पॉवरहाउस, चीन-पाकिस्तान के लिए बनी सिरदर्द कहानी

नई दिल्ली भारत अब सिर्फ सीमाओं की रक्षा करने वाला देश नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। 2024-25 में देश का डिफेंस प्रोडक्शन ₹1.50 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है – जो न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत की बड़ी छलांग है, बल्कि चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब रणनीति, तकनीक और ताकत में किसी से पीछे नहीं। तेज़ी से बढ़ती सैन्य क्षमता और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस भारत अब ‘निर्माण से निर्यात’ की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। बीते 5 वर्षों में लगभग दोगुनी हुई डिफेंस उत्पादन क्षमता राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर इस प्रगति को साझा करते हुए बताया कि 2019-20 में रक्षा उत्पादन जहां ₹79,071 करोड़ पर था, वहीं अब इसमें 90% की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इस सफलता के लिए डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन, सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनियों और निजी रक्षा उद्योग के समन्वित प्रयासों को श्रेय दिया। उन्होंने लिखा, “इस शानदार उपलब्धि में भारत की आत्मनिर्भरता की झलक है। सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र और निजी कंपनियों ने मिलकर जिस तरह डिफेंस इकोसिस्टम को खड़ा किया है, वह प्रशंसनीय है।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ – आधुनिक रक्षा टेक्नोलॉजी की झलक जहां एक ओर भारत का रक्षा उत्पादन ग्राफ ऊंचाई छू रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत की सैन्य क्षमताओं का दम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में साफ झलका। 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस जवाबी ऑपरेशन की शुरुआत की थी, जिसमें पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया गया।    DRDO ने दिखाई तकनीकी बढ़त DRDO प्रमुख समीर कामत ने इस ऑपरेशन में इस्तेमाल हुई भारत की रक्षा तकनीकों को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस सैन्य कार्रवाई में जिन अत्याधुनिक प्रणालियों का उपयोग किया गया, उनमें शामिल थीं: -ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, जो उच्च गति और सटीकता के साथ लक्ष्य को ध्वस्त करती है। -AI-आधारित डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, जिसने रीयल टाइम में रणनीतिक निर्णय लेने में सेना की मदद की। -एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणाली, जिसने हवाई क्षेत्रों में दुश्मन की हरकतों पर सटीक प्रहार किया। समीर कामत ने इसे भारत की रक्षा टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति का स्पष्ट संकेत बताया और कहा कि “अब भारत किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि दूसरों को तकनीक मुहैया कराने वाला देश बनता जा रहा है।” आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी छलांग भारत का डिफेंस सेक्टर अब सिर्फ हथियार निर्माण तक सीमित नहीं है। यह रिसर्च, इनोवेशन, एक्सपोर्ट और तकनीकी आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तीव्र गति से अग्रसर है। 2024-25 में इस सेक्टर में न केवल रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की क्षमताओं को मान्यता मिली है।    

अमेरिका-भारत में तनाव बढ़ाने की कोशिश! असीम मुनीर के गुप्त नेटवर्क का खुलासा

वाशिंगटन  पाकिस्तान एक बार फिर अपनी चालबाज़ी से न सिर्फ भारत के खिलाफ, बल्कि अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। ताज़ा खुलासे में सामने आया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी अरबपति परिवार से रिश्ते मजबूत कर, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को भारत-विरोधी मोड़ देने की साजिश रची। इस नेटवर्क के केंद्र में है एक शख्स  जैकरी विटकॉफ जो ट्रंप के बेहद करीबी और उनके कारोबारी सर्कल का अहम चेहरा है।   सूत्रों के मुताबिक, जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था, तभी जैकरी विटकॉफ इस्लामाबाद पहुंचे। वहां उनका स्वागत सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक-पॉलिटिकल डील का हिस्सा था। दरअसल, पाकिस्तान ने हाल ही में  वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (WLF) नामक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर के साथ करार किया, जिसमें ट्रंप परिवार की 60% हिस्सेदारी बताई जा रही है। यही नहीं, इस सौदे से पहले WLF के शीर्ष प्रतिनिधि के तौर पर जैकरी विटकॉफ ने इस्लामाबाद में असीम मुनीर और शहबाज शरीफ से मुलाकात की। यह डील पाकिस्तानी "क्रिप्टो काउंसिल" के जरिए हुई, जिसे अप्रैल में जल्दबाजी में लॉन्च किया गया और जिसमें Binance के फाउंडर चांगपेंग झाओ (CZ) को सलाहकार बनाया गया। दावा है कि पाकिस्तान इस सौदे के जरिए खुद को "साउथ एशिया की क्रिप्टो कैपिटल" के रूप में स्थापित करना चाहता है, जबकि असली मकसद है अमेरिकी सत्ता के गलियारों में अपनी पकड़ मजबूत करना। खास बात यह है कि WLF में डोनाल्ड ट्रंप के दोनों बेटे  एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ उनके दामाद जैरेड कुश्नर भी हिस्सेदार हैं। यानी पाकिस्तान ने जैकरी विटकॉफ को मोहरा बनाकर सीधे ट्रंप परिवार तक पहुंच बनाई और अब इसी नेटवर्क के जरिए अमेरिकी विदेश नीति में भारत-विरोधी झुकाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के प्रवेश द्वार के नए गुंबद का किया लोकार्पण

– सीएम ने विधान भवन के नये सभा मंडप, सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपानगृह का किया उद्धाटन – सीएम योगी ने मानूसन सत्र से पहले की सर्वदलीय बैठक, बैठक में सभी दल के विधायक रहे मौजूद – बैठक में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, बसपा और कांग्रेस विधायक समेत कई लोग रहे उपस्थित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले रविवार को विधान भवन के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण किया। इसके अलावा नवीनीकृत सभा कक्ष संख्या-15 और अतिविशिष्ट जलपान गृह भी का उद्धाटन किया। साथ ही उन्होंने मानसून सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधान सभा अध्यक्ष ने सतीश महाना ने रविवार को मानूसन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ पक्ष और विपक्ष के तमाम नेता उपस्थित थे। इस दौरान कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री संजय निषाद, आेम प्रकाश राजभर, कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" आदि मौजूद रहे।

जंगल से गांव तक… कूनो के चीते पहुंचे मानपुर, कुत्ते और लोगों ने किया पीछा

श्योपुर मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा।   ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं। चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।  

क्रेटा को टक्कर देने आई मारुति की स्पेशल एडिशन एसयूवी, फीचर्स जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी ने अपने नेक्सा रिटेल चैनल के 10 साल पूरे होने के अवसर पर Maruti Suzuki Grand Vitara Phantom Blaq Edition को लॉन्च किया है। नेक्सा की प्रमुख SUV होने के नाते, इस लिमिटेड एडिशन को प्रीमियम स्टाइलिंग और स्पेशल डिजाइन के साथ पेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह वेरिएंट खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए बनाया गया है जो हर ड्राइव में स्टाइल और शानदार लुक्स चाहते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि ग्रैंड विटारा को ग्राहकों ने बेहद पसंद किया है, जिससे इसने मात्र 32 महीनों में 3 लाख यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन हासिल किया है। यह लिमिटेड एडिशन भी इसी सफलता को और बढ़ावा देगा। डिजाइन यह मॉडल Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट पर आधारित है, जिसमें मिड-साइज़ SUV का मूल डिजाइन बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें नया मैट ब्लैक एक्सटीरियर पेंट, स्टैंडर्ड ग्रैंड विटारा जैसा ऑल-ब्लैक इंटीरियर, फॉक्स लेदर की सीटें और शैंपेन गोल्ड एक्सेंट शामिल हैं, जो इसे एक खास लुक देते हैं। फीचर्स Grand Vitara Phantom Blaq Edition में वही फीचर्स मिलते हैं जो Alpha Plus स्ट्रॉंग हाइब्रिड वेरिएंट में उपलब्ध हैं। इसमें वेंटिलेटेड फॉक्स लेदर फ्रंट सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, 9 इंच का स्मार्टप्ले प्रो+ इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले कनेक्टिविटी शामिल हैं। इसके अलावा क्लेरियन साउंड सिस्टम भी दिया गया है। सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए, इस वेरिएंट में 360 डिग्री व्यू कैमरा, हेड-अप डिस्प्ले (HUD), सुजुकी कनेक्ट के जरिए रिमोट एक्सेस, 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन (EBD), हिल होल्ड कंट्रोल, रिवर्स पार्किंग सेंसर और 3-पॉइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इंजन और प्रदर्शन ग्रैंड विटारा फैंटम ब्लैक में 1.5 लीटर का सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड पावरट्रेन लगा है, जिसे ‘इंटेलिजेंट हाइब्रिड सिस्टम’ कहा जाता है। इसे ई-सीवीटी गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। इस पावरट्रेन का कुल आउटपुट 114 बीएचपी है, जिसमें इंजन 91 बीएचपी और 122 एनएम टॉर्क प्रदान करता है, जबकि मोटर 79 बीएचपी पावर और 141 एनएम टॉर्क जनरेट करती है। मारुति सुजुकी का दावा है कि इस स्ट्रॉंग हाइब्रिड वर्जन का माइलेज 27.97 किमी/लीटर तक है।

वीआईपी के लिए रोके गए दर्शन, कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन पर लगाया ₹55 हजार का जुर्माना

भोपाल वीआईपी की वजह से भोपाल के एक परिवार को मध्य प्रदेश के मैहर में स्थित प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर में दर्शन नहीं हो पाए थे। उन्होंने आवाज उठाई तो कर्मचारियों ने उन्हें अपमानित किया। इस परिवार ने मंदिर प्रबंधन की ओर से तय शुल्क देकर वाहन पार्किंग की थी। रोपवे का शुल्क दिया था। अब भोपाल के जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को इस परिवार के लिए 55 हजार रुपये का हर्जाना अदा करने का निर्णय दिया है। भोपाल के बागमुगालिया स्थित अरविंद विहार निवासी ललित कुमार गुप्ता पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ चार साल पहले 2021 में मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करने गए थे। वहां उन्होंने 50 रुपये पार्किंग शुल्क दिया। मंदिर तक जाने के लिए रोपवे के लिए पांच टिकटों के लिए 130 रुपये प्रति टिकट की दर से 650 रुपये का भुगतान किया। उनका समूह लाइन में लगा रहा, लेकिन उनको दो घंटों के बाद भी दर्शन नहीं हो पाए।   पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी थी इस बीच रोपवे प्रणाली के कर्मचारी बिना टिकट वाले वीआईपी लोगों को शीघ्र दर्शन कराकर ले आए। इस परिवार ने इस पर आपत्ति जताई तो उनके साथ रोपवे प्रणाली के कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया। इससे आहत होकर उन्होंने 2022 में मां शारदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर करके पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मांगी। भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह, सदस्य अंजुम फिरोज व प्रीति मुद्गल की बैंच ने सुनवाई में इसे सेवा में कमी मानते हुए मंदिर प्रबंधन समिति और रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी को परिवार को दर्शन से वंचित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने कहा- मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआईपी नहीं होता उपभोक्ता मामलों की अधिवक्ता संभावना राजपूत ने बताया कि प्रकरण में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था ही आधार बनी है। जिला उपभोक्ता आयोग ने निर्णय में कहा कि किसी भी मंदिर में कोई भी भक्त खास या वीआइपी नहीं होता है। सभी को एक ही श्रेणी में रखकर लाइन में लगाकर मां शारदा का दर्शन कराने का नियम होना चाहिए। यदि कोई भक्त रोपवे से टिकट लेकर लाइन में लगा और दो घंटे बाद भी दर्शन नहीं हो पाए, वहीं दूसरों को विशेष श्रेणी का दर्जा देकर दर्शन कराया गया तो यह सेवा में कमी है। कलेक्टर ने खड़े कर दिए हाथ मामले में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में कलेक्टर को प्रतिवादी बनाया गया था। कलेक्टर का कहना था कि मंदिर प्रबंध समिति में दर्शन के काम के लिए दूसरे लोग तैनात हैं। वहीं रोपवे संचालक कंपनी ने अत्यधिक भीड़ को इसकी वजह बताई।

आज और कल MP के 22 जिलों में बारिश, 13 अगस्त से फिर तेज बरसात के संकेत

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक दमोह में 92, पचमढ़ी में 29, रीवा में 15, खजुराहो में पांच, सिवनी में तीन, जबलपुर एवं सीधी में दो, छिंदवाड़ा में एक मिलीमीटर बारिश हुई। आज और कल भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, गुना, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना, श्योपुर, भिंड, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सागर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके असर से एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं। रविवार, सोमवार को सागर, नर्मदापुरम, भोपाल, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है।   यहां बना हुआ है चक्रवात मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि मानसून द्रोणिका वर्तमान में भटिंडा, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, बाराबंकी, देहरी, बांकुरा, कोंटाई से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर झारखंड तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी चक्रवात से एक अन्य द्रोणिका गुजरात तक बनी हुई है, जो पश्चिमी मध्य प्रदेश से होकर जा रही है। मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी अच्छी बारिश 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश में एक बार फिर अच्छी बारिश का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मानसून द्रोणिका नीचे आने लगी है। पश्चमी मध्य प्रदेश से होकर द्रोणिका भी गुजर रही है। इस वजह से रुक-रुककर बारिश होने लगी है। 13 अगस्त को कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।