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गणेश प्रतिमा हादसा बुरहानपुर में, युवक की मौत और 1 करोड़ मुआवजे की मांग

बुरहानपुर  बुरहानपुर में सड़कों पर गड्डों की वजह गणेश प्रतिमा के नीचे दबकर युवक की मौत हो गई। इस घटना ने अब सियासी रंग ले लिया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को इसका जिम्मेदार ठहराया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जीतू पटवारी ने लिखा कि, 'बुरहानपुर में 12 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा ले जाते समय सड़कों पर गड्डों की वजह से प्रतिमा गिर गई। प्रतिमा के नीचे दबने से खंडवा निवासी शशांक जोशी (26) की मौत हो गई। मुख्यमंत्री जी, यह भी "सरकारी-हत्या" है। दोषी पूरी सरकार और भाजपा द्वारा बनाया सिस्टम है।' 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग जीतू पटवारी ने आगे लिखा कि, इस अक्षम्य अपराध के जिम्मेदारों पर तत्काल हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाए। पीड़ित परिवार को न्यूनतम 1 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि भी तत्काल दी जाए। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात 9:30 बजे खंडवा से गणेशोत्सव समिति के युवा गणेशजी की बड़ी प्रतिमा लेने के लिए बुरहानपुर के लालबाग आए थे। ट्रॉली से प्रतिमा ले जाते समय लालबाग रोड तुलसी मॉल के सामने ट्रॉली से प्रतिमा अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में शशांक जोशी निवासी हरीगंज खंडवा प्रतिमा के नीचे दब गया। शोर मचने पर स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिमा के नीचे से युवक को निकाल कर निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद लालबाग रोड सहित अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। दो दिन में दूसरी घटना महाराष्ट्र सहित आसपास के जिलों से समितियों के लोग बड़ी प्रतिमाएं लेने बुरहानपुर आ रहे है। दो दिन पहले गुरुवार को भी इंदौर इच्छापुर हाइवे पर दापोरा के पास प्रतिमा भी ट्रॉली से गिरकर खंड़ित हुई थी। लालबाग रोड पर शनिवार रात को यह घटना हो गई। दोनों ही घटनाओं के पीछे रोड खराब होने एवं गड्ढों के कारण प्रतिमा अनियंत्रित होकर गिरने की बात कही जा रही है।

सड़क पर कहर बरपाते आवारा कुत्ते, 10 साल की मासूम पर झुंड ने किया हमला

करही देश के कई शहरों में आवारा कुत्तों का कहर देखने को मिला है। तीन अलग-अलग राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से सामने आए खौफनाक वीडियो रूह कंपा देने वाले हैं। नगर में श्वानों का आतंक बढ़ गया है। शुक्रवार की शाम को भी 10 श्वानों के झुंड ने एक 10 वर्षीय बालिका के ऊपर हमला बोल दिया। वहीं नगर परिषद अभी तक भी नींद में सोई हुई है। 10 कुत्तों ने बच्ची पर किया हमला जानकारी अनुसार नगर के डाक बंगले (विश्राम गृह) में कार्यरत हीरालाल भाई की 10 वर्षीय पोती शाम को अपने घर से किराना का सामान लेने के लिए बाजार जा रही थी। तभी डाक बंगले के सामने पहले तो चार श्वानों ने उसे गिरा दिया। फिर बाकी के छह श्वानों ने भी बच्ची के ऊपर हमला कर दिया। वहीं स्थित दुकानदारों और राहगीरों ने तत्काल उन्हें भगाया। अन्यथा श्वान बच्ची की अधिक घायल कर देते। घटना के कारण बच्ची बुरी तरह घबरा गई थी। इस तरह की घटना आए दिन नगर के घटती रहती है। आये दिन दो सांड और श्वान से परेशान होते रहते है। लोग कई बार घायल भी हो जाते है, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ अध्यक्ष व पार्षदों ने भी आज तक इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया। परिषद शायद कोई बड़ी घटना घटने के इंतजार कर रही है। कुत्ते लोगों को कर रहे घायल, अधिकारी मौन नगर में पिछले कुछ महीनों में डॉग बाइट की अनेक घटनाएं हो चुकी है। जब कोई मामला हाई लाइट हो जाता है। उसके बाद नगरीय प्रशासन कुछ हरकत में आता है, कुछ गतिविधियां दिखाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। गर्मी बढ़ने से श्वानों चिड़चिड़े होकर लोगों को काटना शुरू कर देते है। यह सिलसिला चलता रहता है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो जुलाई अगस्त के महीने में ही आंकड़ा पचास को पार कर चुका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंडलेश्वर के डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया जुलाई में 48 और 18 अगस्त तक 26 प्रकरण हो चुके है। प्रतिदिन दो-चार मामले आ ही रहे है। नगर परिषद द्वारा गत माह कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाकर लगभग 120 कुत्ते पकड़कर नगर सीमा से बाहर छोड़े गए। उनको टीका लगवाने और नसबंदी जैसी कोई योजना परिषद के पास नहीं है। गत दिनों एक रिटायर्ड रेंजर को श्वानों ने घायल कर दिया। उन्हें जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा था। कई बच्चे भी श्वानों के काटने से घायल हो चुके हैं। पालतू जानवर भी इन श्वानों का शिकार बनते रहे है। लेकिन प्रशासन इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। बदलते मानव व्यवहार से भी कुत्ते हुए हिंसक पशु प्रेमी संस्था थैंक यू नेचर के रेस्क्यू स्पेशलिस्ट अरुण केवट का कहना है कि आज विदेशी नस्ल के श्वानों पाले जा रहे है, जिन पर होने वाले खर्च से कई स्ट्रीट डॉग पाले जा सकते है। हम बाहर श्वान के लिए रोटी नहीं डालते पहले घर की झूठन से श्वान बिल्ली पल जाया करते थे। अब जूठन कचरा गाड़ी में डाल दी जाती है। इसलिए श्वान भुखमरी का शिकार होने से पहले खुद शिकार करने लगे है वे गाय भैंस के छोटे बछड़ों और बकरी के मेमनों को शिकार बनाने लगे है। इसके लिए वे समूह बनाकर हमला करते है। ऐसे होगा समाधान गाय और श्वानों की रोटी हर घर में बनाना शुरू करना चाहिए। परिषद उनको गलत तरीके से पकड़कर गांव से बाहर छोड़ देती है वे दूसरे नगर में जाकर ज्यादा हिंसक हो जाते है। यह समस्या का हल नहीं है। इसके लिए नगर परिषद को वन विभाग पशु चिकित्सालय विभाग के साथ मिलकर योजना बनानी चाहिए, जिसमें पहले पागल और घायल श्वानों को चिह्नित कर एक शेल्टर हाउस में रखकर उनका उपचार किया जाए। एंटी रेबीज के साथ ही नसबंदी की जा सकती है।  

राज्यपाल शामिल हुए सहकार भारती बुनकर के राष्ट्रीय अधिवेशन में

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका रविवार को रायपुर में आयोजित दो दिवसीय सहकार राष्ट्रीय बुनकर अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बुनकरों से आव्हान किया कि वे समयानुसार उत्पादों में नवीन तकनीकों को अपनाएं। मांग के अनुसार उत्पादों के डिजाइन में बदलाव लाएं। राज्यपाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य केवल सहकारिता को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक समृद्ध, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर विश्व की नींव रखना है। यही भावना हमें प्रेरित करती है कि हम ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ें और इस अभियान को हर घर, हर व्यक्ति तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार कर देश को एक नया दृष्टिकोण दिया है। पैक्स समितियों को बहुउद्देशीय बनाने का कार्य इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य में अब तक 2058 पैक्स समितियों को एम-पैक्स में परिवर्तित किया गया है और इनमें कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही 532 नई बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की प्रक्रिया जारी है। मत्स्य, दुग्ध और लघु वनोपज क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो सहकारिता के विस्तार की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्यपाल ने कहा कि हाथकरघा और बुनकरी का कार्य हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान और स्वदेशी गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के साथ मार्केटिंग के लिए नवीन माध्यमों और तकनीकों को जोडे़, इससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कई उदाहरण देकर बताया कि समय पर नवीन तकनीकों को नहीं अपनाने और डिजाइन में बदलाव नहीं करने पर कई कंपनियों और वस्तुओं को मार्केेट से बाहर होना पड़ है। उन्होंने कहा कि बुनकरों को अपने उत्पाद की लोकप्रियता और ब्रिकी के लिए ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेट फॉर्म की तरफ बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर सहकार भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षक पर हमला सार्वजनिक जगह पर शराब पीने को रोकने पर, बंगाल में दो गिरफ्तार

नई दिल्ली बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बेलघरिया में एक शिक्षक की पिटाई की घटना में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार तड़के सार्वजनिक रूप से शराब पीने का विरोध करने पर कुछ युवकों के समूह ने कथित रूप से शिक्षक को पीट दिया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।कमरहाटी नगरपालिका वार्ड संख्या 31 के अंतर्गत नंदनगर इलाके में यह घटना हुई। पीडि़त शिक्षक का नाम निरुपम पाल है, जो सुबह करीब छह बजे काली पूजा में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी उन्होंने सडक़ किनारे चार युवकों और एक महिला को शराब पीते देखा।   हमलावरों ने बेरहमी से पीटा शिकायत के मुताबिक, जब पाल ने उन लोगों को ऐसा नहीं करने को कहा तो उन्होंने कथित तौर पर उन (शिक्षक) पर हमला कर दिया। पाल के चेहरे, आंख और छाती पर चोट पहुंची है। पाल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर कई युवक शिक्षक पर बार-बार हमला करते और लात-घूंसा चलाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि शिक्षक खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। पाल ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है, क्योंकि उन्हें डर है कि वे उन्हें फिर से निशाना बना सकते हैं।

पांच दिवसीय दौरे पर झारखंड आएंगे कांग्रेस प्रभारी के. राजू, कार्यकर्ताओं से करेंगे मुलाकात

रांची  झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू का राज्य में पांच दिवसीय दौरा आगामी 26 अगस्त से लेकर 31 अगस्त तक होगा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने यह जानकारी दी। कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने बताया कि राजू एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश 26 अगस्त को रांची के चटवल लोहरदगा के कुडू प्रखंड के ककरगढ, सुंदरू पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे। 27 अगस्त को पुराने विधानसभा भवन में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के चयन के लिए नियुक्त पीसीसी पर्यवेक्षको, जिला अध्यक्षों की बैठक में भाग लेंगे। 28 अगस्त को गुमला जिला के सिसई प्रखंड के भदौली, भरनो प्रखंड के तुरीअम्बा और उटारी, 29 अगस्त को रांची के नामकुम प्रखंड के रामपुर खूंटी प्रखंड के मुरही पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा दिवंगत मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन के घोड़ाबांधा स्थित आवास पर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। 30 अगस्त को जमशेदपुर के बनकटी पंचायत शंकरदह पंचायत केरूया डूंगरी पंचायत कांग्रेस कमेटी की बैठक में भाग लेंगे।  

बिजली दुरुस्त करने की कोशिश में बड़ा हादसा, करंट लगने से शहडोल में दो भाइयों की जान गई

शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र के धनगवां गांव में करंट की चपेट में आने से दो भाईयों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार घर की बिजली सुधारने के दौरान घटना घटी है । पहला भाई जब करंट की चपेट में आया तो दूसरे ने उसे बचाने का प्रयास किया और दोनों गंभीर घायल हो गए, जिसके बाद स्वजन दोनों को अस्पताल ले कर पहुंचे और दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। दोनों की उपचार के दौरान मौत पुलिस ने बताया कि धनगवां का पी के सिंह घर की लाइट सुधार रहा था, तभी वह बिजली की तार की चपेट में आ गया। बगल में मौजूद बड़े भाई राकेश सिंह ने देखा कि छोटे भाई को करंट लग गया है। जिसे बचाने वह दौड़ा और दोनों को बिजली के करंट ने अपने चपेट में ले लिया, तभी दोनों को करंट की चपेट में देख परिजनों ने बिजली का पावर बंद किया और आनन-फानन में दोनों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। जहां दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है।   पुलिस के अनुसार इस घटना में राकेश सिंह (40) एवं पी के सिंह (26) की मौत हो गई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों चचेरे भाई है। दोनों ही आजू-बाजू रहते है। छोटे भाई को बचाने में बड़ा भाई भी करंट की चपेट में आ गया। दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। पुलिस ने कहा, घटना के बाद हमें जानकारी नहीं मिली थी, उपचार के दौरान दोनों की मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है। डायरी मेडिकल कॉलेज से आई है । हमने कायमी कर आगे की जांच के लिए विवेचना अधिकारियों को मौके पर भेजा है।

विकास की नई सौगात: मंत्री सुदिव्य कुमार ने रखी 2 करोड़ की योजनाओं की नींव

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में 2 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने बीते शनिवार को विधिवत शिलान्यास किया तथा शहर के स्टेशन रोड स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से जरूरत के आधार पर 14 योजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है जिससे आने वाले दुर्गा पूजा में लोगों को परेशानी नहीं हो। मंत्री ने पुराने शहरी पेयजल आपूर्ति योजनाओं को बढ़ती जनसंख्या के लिए नाकाफी बताते हुए कहा कि अब एक नई योजना की जरूरत महसूस होने लगी है। ऐसे में जल्द ही गिरिडीह शहरी क्षेत्र को नए पेयजलापूर्ति योजना का सौगात देने के उद्देश्य से डीपीआर तैयार करने पर विचार चल रहा है।  

200 एकड़ में बने इसे रेल कारखाने में तैयार हो रहे मेक इन इंडिया वाले शक्तिशाली रेल इंजन

गिनी भेजे जाने वाले नीले रंग के इन इंजनों का नाम रखा गया है कोमो, 140 का होगा निर्यात  पटना राज्य के मढ़ौरा में मौजूद रेल इंजन कारखाना ने नई इबारत लिख दी है। यहां तैयार हो रहा इंजन अफ्रीकी देश गिनी की पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है। चार इंजन की पहली खेप वहां के लिए रवाना हो गई है। मेक इन इंडिया की अवधारणा को सार्थक बनाते हुए निर्यात किए जाने वाले इन इंजनों का नाम ‘कोमो’ रखा गया है। गिनी देश का एक प्रतिनिधि मंडल इस वर्ष मई-जून में यहां आया हुआ था। इस दौरान 140 लोकोमोटिव इंजन के निर्यात का 3 हजार करोड़ रुपये एकरारनामा इस कंपनी के साथ हुआ था। इसके तहत दो महीने बाद ही पहली खेप रवाना हो रही है। जल्द ही ‘कोमो’ की अन्य खेपें रवाना की जाएगी। 4500 हार्स पॉवर है इन इंजनों की क्षमता गिनी देश के लिए निर्यात होने वाले इन रेल इंजनों की क्षमता 4500 हार्स पॉवर है। 200 एकड़ में फैला मढ़ौरा रेल कारखाने के निर्माण की प्रक्रिया अक्टूबर 2015 से शुरू हुई थी। यहां से निर्माण का कार्य 2018 से शुरू हुआ था और अब यहां जून 2025 से निर्यात की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां औसतन दो दिन में एक लोको इंजन तैयार किया जाता है। इस फैक्ट्री में दो हजार से अधिक पिलर हैं। इसकी चहारदिवारी 4.6 किमी है और इसकी आधारभूत संरचना को तैयार करने में 4500 मीट्रिक टन स्टील लगा है। फैक्ट्री के अंदर 4.8 किमी सड़क और 1.8 किमी रेल पटरी का निर्माण किया गया है। 10 हजार से अधिक मजदूर यहां काम करते हैं। निर्यात होने वाले इंजन का रंग रखा गया नीला इस रेल इंजन कारखाने से अभी 4500 हार्स पॉवर की क्षमता वाले इंजन का निर्माण हो रहा है। आने वाले समय में 6 हजार हार्स पॉवर तक की क्षमता वाले रेल इंजन का निर्माण करने की योजना है। भारत में सप्लाई होने वाले रेल इंजन का रंग लाल और पीला होता है। वहीं, गिनी निर्यात होने वाले रेल इंजन का रंग नीला रखा गया है। सभी इंजन का कैब पूरी तरह से एयरकंडीशन है। विदेश भेजे जाने वाले इन इंजनों में इवेंट रिकॉर्डर, लोको कंट्रोल, खास तरह का ब्रेक सिस्टम एएआर समेत अन्य कई खास तरह के उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी उपयोगिता अलग-अलग तरह से है। इस कारखाने में 1528 कर्मचारी काम करते हैं, जिसमें 99 फीसकी कर्मी बिहार के रहने वाले हैं। साथ ही महिला कर्मियों की संख्या भी काफी है और वे कई बेहद महत्वपूर्ण कार्य मसलन वेल्डिंग, क्रेन संचारन, एसेंबली, टेस्टिंग में लगी हुई हैं। कर्मियों की औसतन उम्र 24 वर्ष है। बिहार के 17 अलग-अलग तकनीकी संस्थानों से यहां कर्मियों की नियुक्ति की जाती है। 700 इंजन का हो चुका निर्माण मढ़ौरा रेल इंजन कारखाना से 2018 से अब तक 700 इंजन का निर्माण हो चुका है। औसतन 100 रेल इंजनों का निर्माण प्रतिवर्ष किया जाता है। इसके अलावा पिछले नौ वर्षों में यहां 250 से अधिक रेल इंजन का मेंटेनेंस किया जा चुका है, जो गांधीधाम (गुजरात) स्थित रेल इंजन कारखाना से कहीं अधिक है। यहां पिछले 4 वर्षों में 500 रेल इंजनों को मेंटेन किया गया है। यह रेल कारखाना बिहार में निजी निवेश का सबसे बड़ा उदाहरण है। रेल मंत्रालय का इस कारखाना में सिर्फ 24 फीसदी की हिस्सेदारी है। जबकि, 76 फीसदी की हिस्सेदारी इस कारखाना को संचालित करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी वेबटेक की है। इस प्लांट में 800 करोड़ का निवेश है, जिसके आने वाले कुछ वर्षों में बढ़कर 3 हजार करोड़ रुपये होने की संभावना है।  बिहार को मिलती 900 करोड़ की जीएसटी इस रेल इंजन कारखाने से प्रति वर्ष बिहार को 900 करोड़ रुपये की जीएसटी प्राप्त होती है। इतनी ही जीएसटी केंद्र सरकार के खाते में भी जाती है। ऊर्जा का सालाना बिल सिर्फ 50 करोड़ रुपये से अधिक की आदायती यह कंपनी करती है। इस कंपनी के खुलने से आसपास के इलाके में आर्थिक गतिविधि कई तरह से बढ़ी है। 3 होटल, 7 रेस्टुरेंट, 6 स्कूल, 3 बैंक, 6 एटीएम समेत अन्य सुविधाएं यहां विकसित हुई हैं। वाराणसी रेल इंजन कारखाना से पिछले 50 वर्षों में 15 से 20 इंजन का निर्यात किया गया है। जबकि, मढ़ौरा के इस कंपनी से अकेले गिनी को 140इंजन निर्यात किए जा रहे हैं।

मनीष वर्मा का विपक्ष पर वार जो परिवार नहीं संभाल सके, बिहार क्या संभालेगा?”

दरभंगा जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने दरभंगा के बेनीपुर में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो अपने परिवार को एकजुट नहीं रख पाए, वो बिहार को एक कैसे रख पाएंगे?”। मनीष वर्मा ने तेजस्वी यादव को "केवल मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखने वाला युवराज" बताया और कहा कि उन्हें बिहार से कोई लेना-देना नहीं है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बोले कि वे देश को समझ ही नहीं पाए और विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार के बाद अब राज्य औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है। आने वाले 5 वर्षों में बिहार बड़े बदलाव का गवाह बनेगा।

मेंढक के बाद अब दाल में इल्ली! MP की आंगनबाड़ी पर बवाल

शिवपुरी करैरा कस्बे में शनिवार को बच्चों के पोषण आहार की दाल में महिलाओं ने इल्ली देखीं तो वार्ड में हंगामा खड़ा हो गया। महिलाओं ने मामले की शिकायत वार्ड में रहने वाली एक भाजपा नेत्री को दर्ज कराई। भाजपा नेत्री ने पूरे मामले से विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। अधिकारियों ने मामले में नोटिस देने की बात कही है। शिकायतों की नहीं हुई सुनवाई जानकारी के अनुसार शनिवार को करैरा के वार्ड क्रमांक-4 की कुछ महिलाएं वार्ड क्रमांक-4 में रहने वाली भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष संगीता खत्री के पास पहुंचीं। उनका कहना था कि वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र पर आए दिन पोषण आहार कभी कीड़े तो कभी इल्ली निकलती हैं। कई बार शिकायत कर चुके हैं, कोई सुधार नहीं हो रहा। महिलाएं संगीता खत्री को अपने साथ आंगनबाड़ी केंद्र पर लेकर पहुंचीं।   महिलाओं ने आंगनबाडी केंद्र पर मचाया हंगामा वहां देखा तो दाल में इल्ली तैर रही थीं। इस पर महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्र पर हंगामा कर दिया। मौके पर आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण आहार सप्लाई करने वाले समूह के कर्ताधर्ता तऊज खान भी पहुंच गए। संगीता खत्री के अनुसार उन्होंने इल्ली युक्त दाल को फिकवाया और बच्चों को खाने से रोका। महिलाओं ने आंगनबाडी केंद्र पर अक्सर ऐसा खाना मिलने के आरोप लगाए। इसके बाद मामले की शिकायत अधिकारियों को दर्ज कराई गई, जिस पर वह लोग भी केंद्र पर पहुंच गए। संगीता खत्री, कोषाध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा ने कहा मैं जब आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची तो वहां दाल में इल्ली थीं। मैंने वह खाना बच्चों को नहीं खाने दिया। पूरा खाना फिकवा दिया, ऐसा खाना खाने से तो बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। तऊज खान ने बताया कि वह 5 केंद्रों पर पोषण आहार भेजते हैं। ऐसे में निश्चित ही यह खाना अन्य केंद्र के बच्चों ने तो खा ही लिया होगा।