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रायपुर : शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से श्री ओमप्रकाश सेन ने की सौजन्य भेंट

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में  स्थित उनके कार्यालय में श्री ओमप्रकाश सेन ने सौजन्य मुलाकात की। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 3 दिवसीय आईडीसी कैम्प में छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिनिधि श्री ओमप्रकाश सेन ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया।            शासकीय कचना धुरवा कॉलेज, छुरा जिला – गरियाबंद में बी कॉम तीसरे सेमेस्टर के छात्र श्री ओमप्रकाश सेन, ग्राम दादरगांव पुराना निवासी हैं। कैम्प से लौटने के उपरांत उन्होंने मंत्री श्री यादव से मुलाकात की। मंत्री श्री यादव ने ओमप्रकाश सेन को राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की भागीदारी हेतु हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही देश का भविष्य है। प्रदेश के छात्र राष्ट्रीय मंचों पर सहभागिता कर समाज और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने श्री ओमप्रकाश सेन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देते हुए आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।

चंद्र ग्रहण 2025 : सूतक काल कब से कब तक, जानिए मान्यताएं और महत्व

7 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा की रात पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा। 2025 में भारत में दिखाई देने वाले ये एक मात्र ग्रहण है। इसके बाद 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण होगा, जो कि भारत में नहीं दिखेगा। उज्जैन की जीवाजी वैधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त के मुताबिक, चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर की दरमियानी रात होगा। इसकी शुरुआत 7 सितंबर की रात 9.56 बजे से होगी। ग्रहण का मध्य रात 11.41 बजे रहेगा। इस समय पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसके बाद 8 सितंबर की रात 1.26 बजे ग्रहण खत्म हो जाएगा। ये पूर्ण चंद्र ग्रहण एशिया, हिन्द महासागर, अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, आस्ट्रेलिया और यूरोप में भी दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण कैसे होता है? चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी लाइन में आ जाते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, तो ये चंद्रमा तक पहुंचने वाले सूर्य के प्रकाश को रोक देती है। इस स्थिति में, चंद्र पर पृथ्वी की छाया पड़ने लगती है। नतीजतन, हमें चंद्र या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से ढंका हुआ दिखाई देने लगता है। तीन प्रकार के होते हैं चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण: चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाता है और लालिमा लिए दिखता है, इसे ब्लड मून भी कहते हैं। आंशिक चंद्र ग्रहण: चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया में आता है। उपछाया चंद्र ग्रहण: चंद्रमा केवल पृथ्वी की हल्की छाया में आता है, जिससे ये थोड़ा-सा धुंधला दिखता है, यह परिवर्तन मुश्किल से नजर आता है। इस ग्रहण की धार्मिक मान्यता नहीं होती है। ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस बार चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर 12.56 बजे से शुरू होगा और ग्रहण खत्म होने के साथ ही खत्म होगा। सूतक के समय में भगवान की पूजा नहीं की जाती है, इसलिए मंदिरों के पट बंद रहते हैं। ग्रहण के सूतक के समय में मंत्रों का मानसिक जप करना चाहिए। मानसिक जप यानी मन ही मन मंत्रों का जप करें। मंत्र बोलना नहीं है। इस समय में दान-पुण्य करना चाहिए। गायों को हरी घास खिलाएं। चंद्र ग्रहण के बाद मंदिरों में सफाई होती है और फिर मंदिर के पट भक्तों के लिए खोले जाते हैं।​​​​​​

जीवन के 5 कड़वे सच: जिन्हें अपनाकर रहेंगे हमेशा खुश और बेफ़िक्र

हर इंसान अपनी लाइफ में खुश रहना चाहता है, लेकिन फिर भी कई बार दुख, परेशानी और तनाव हमें घेर ही लेते हैं। दरअसल, ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि हम जीवन के कुछ बेहद सरल लेकिन गहरे सच को नजरअंदाज कर देते हैं। जो व्यक्ति इन बातों को समझ लेता है, वो छोटी-छोटी बातों में उलझता नहीं और हर हाल में खुश रहना सीख जाता है। जबकि जो इंसान इन सच्चाइयों को नजरअंदाज करके बेवजह की उम्मीद लगाए बैठा रहता है, उसे दुख और परेशानी के सिवा कुछ नहीं मिलता है। यकीन मानिए खुश रहना इतना भी मुश्किल नहीं है। बस जरूरत है तो कुछ चीजों को जानने की और उन्हें एक्सेप्ट करने की। आइए जानते हैं जीवन से जुड़े इसी सच को। हर चीज पर हमारा कंट्रोल नहीं हो सकता हम अक्सर सोचते हैं कि सब कुछ हमारे हिसाब से हो, हर परिस्थिति वैसी बने जैसी हम चाहें। लेकिन सच्चाई तो यही है कि जीवन में बहुत सी चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं, जैसे-पूरी मेहनत के बाद भी फल ना मिलना, किसी दूसरे का आपके साथ बुरा व्यवहार करना या अचानक कोई मुश्किल खड़ी हो जाना। जब हम ये मान लेते हैं कि हर चीज को नियंत्रित करना नामुमकिन है, तो मन को शांति मिलने लगती है। नियंत्रण की जरूरत कम हो जाती है और हम चीजों को स्वीकार करना सीख जाते हैं। यही बात हमारी चिंता को घटाकर खुश रहने की राह खोलती है। परिवर्तन संसार का नियम है कहने को तो ये बात बेहद छोटी है, लेकिन इसमें एक गहरी सच्चाई छुपी हुई है। लोग ये बात सुन तो लेते हैं लेकिन मानने को तैयार नहीं होते कि समय के साथ चीजें बदल जाती हैं। अच्छे दिन आते हैं और चले भी जाते हैं, वैसे ही बुरे वक्त भी हमेशा के लिए नहीं होते। अगर हम इन बातों को समझ लें कि हर चीज बदलने वाली है, तो हम दुख के समय टूटते नहीं और सुख के समय घमंड नहीं करते। परिवर्तन को जीवन का हिस्सा मानना हमें संतुलित बनाए रखता है और लाइफ के इस बैलेंस में ही सच्चा सुख छिपा हुआ है। तुलना करना दुख की सबसे बड़ी जड़ है इंसान के दुख की सबसे बड़ी वजह है कि वह दूसरों से अपनी तुलना करता है। किसी और की जिंदगी को देखकर, खुद को कम आंकने लगता है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में तो ये चीजें और भी बढ़ गई हैं। अगर सुखी जीवन जीना है तो दूसरों से तुलना करना बंद करना होगा। हर इंसान को यह समझना चाहिए कि हर इंसान की जिंदगी का सफर अलग-अलग होता है। जब दो लोगों के चेहरे एक से नहीं होते तो भला दो इंसानों की जिंदगी एक जैसी कैसे हो सकती है। बस ये छोटी सी बात जो समझ जाता है, उसका जीवन बहुत आसान और सुलझा हुआ हो जाता है। सब कुछ हमेशा परफेक्ट नहीं होता जीवन में सब कुछ ठीक हो, हर काम बिना रुकावट के पूरा हो, ऐसी उम्मीद करना भी दुख का एक कारण है। असल जिंदगी में अधूरे काम, अधूरे सपने और उलझने हमेशा रहेंगी। कई बार परफेक्शन का पीछा करना ही दुख का कारण बन जाता है। जब हम लाइफ की इसी अनसर्टेनिटी को अपनाते हैं, तो हम प्रेजेंट में जीना सीखते हैं और यही प्रेजेंट हमें खुश रहने का रास्ता दिखाता है। हर नया दिन ईश्वर का दिया हुआ एक तोहफा है हम अक्सर भविष्य की चिंता में या बीते कल के पछतावे में खो जाते हैं, जो हमारे दुख का एक बड़ा कारण बन जाता है। लेकिन हर किसी को समझना चाहिए कि हर नया दिन, जीवन की नई शुरुआत है। ईश्वर हमें एक नया दिन जीने का मौका दे रहे हैं, इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए और उसे भगवान का एक खूबसूरत तोहफा समझकर नई एनर्जी के साथ जीना चाहिए। जो इंसान हर नए दिन को नई शुरुआत मानकर जीना शुरु कर देता है, उसके जीवन के दुख खुद ब खुद कम हो जाते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे

प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

इन रूटों पर दौड़ेंगी नई मिनी बसें, नोएडा-ग्रेनो के यात्रियों को बड़ी राहत

नोएडा  उत्तर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अब जल्द ही मिनी बसें दौड़ती नजर आएंगी. नोएडा शहर को इसी महीने 10 मिनी बसें मिलने वाली हैं. ये मिनी बसें शहर के 10 रूटों पर चलेंगी. ये बसें जिन रूटों पर चलेंगी उनका निर्धारण किया जा चुका है. इन 10 मिनी बसों के चलने से शहर और गांवों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी. उत्तर प्रदेश परिवाहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इसी महीने में ही 10 मिनी बसें निगम को मिलने जा रही हैं. शहर में कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के मकसद के साथ ये मिनी बसें लाई जा रही हैं, ताकि लास्ट माइल तक कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा सके. इन 10 मिनी बसों के चलने से जिले की करीब दो करोड़ की आबादी को फायदा मिलेगा. मिनी बसों के लिए रूटों का निर्धारण किया जा चुका है. इन रूटों पर चलेंगी मिनी बसें ये 10 मिनी बसें नोएडा-ग्रेटर नोएडा-रुबुरपूरा-झांझर-रन्हैरा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-जेवर कट-जहांगीरपुर-लौदाना, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-बिलासपुर-दनकौर-झाझर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा-परिचौक-जेवर-झुप्पा, नोएडा-परिचौक-रबुपुरा-तिर्थली-कौली-गोविंदगढ़-कोठरा-झुप्पा, नोएडा-खेड़मोड़-तकीपुर-अनवरपुर-चांदपुर-मोहद्दीनपुर, नोएडा-सुरजपुर-दादरी-महावर, नोएडा-बदौली-सुरजपुर-दादरी-कलौंदा, नोएडा-डेहरा-झाल और नोएडा-छायसा तक संचालित की जाएंगी. लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण लोगों की जेबों पर असर बता दें कि लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने के कारण ही ग्रामीण इलाकों के लोग विशेषतौर पर या तो प्राइवेट वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा उनकी निर्भरता ऑनलाइन कैब, बाइक और टैक्सी चालकों पर होती है. ये सब ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए महंगे होते हैं. इसका सीधा असर लोगों की जेबों पर दिखाई देता है. हालांकि इनमें से कुछ रूटों पर निगम अपनी बसें चलाता था. गौरतलब है कि यूपी में कई जिलों में मिनी बसें चल रही हैं.

रेड अलर्ट जारी: हरियाणा में मूसलधार बारिश, अधिकारियों की छुट्टियां रद्द, बच्चों को मिली राहत

चण्डीगढ़/हरियाणा हरियाणा में भारी बारिश ने कहर मचा रखा है। प्रदेश में यमुना, घग्गर, टांगरी सहित अधिकतर नदियां उफान पर है। इसी बीच मौसम विभाग का ताजा अपडेट सामने आया है। IMD ने मंगलवार को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश के तीन जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी रहेगी। इसके अलावा प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। 5 जिलों में स्कूलों की छुट्टी प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को लेकर प्रशासन ने 5 जिलों में यमुनानगर, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, सिरसा और पंचकूला में स्कूलों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा गुरुग्राम में सभी कंपनियों ने बारिश को लेकर अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है।  गुरुग्राम में फ्लाईओवर में रिसाव गुरुग्राम में तेज बारिश के कारण फ्लाईओवर में रिसाव हो गया, जिसमें सिग्नेचर टॉवर चौक अंडरपास पानी से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मंगलवार शाम से पुराने रेलवे पुल को भी बंद कर दिया गया है। 18 जिलों में अलर्ट किया जारी मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पंचकूला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद,करनाल, जींद, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और चरखी दादरी में भारी बारिश हो सकती है। किसानों की फसल हुई तबाह भारी बारिश के कारण प्रदेश में जगह-जगह जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार किसानों की करीब ढाई लाख एकड़ से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस और अधिकारियों को मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश जारी किए है। इसके अलावा 5 सितंबर तक कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिए है।

पलक झपकते 50GB की फ़िल्म डाउनलोड, 6G तकनीक ने बनाया नया रिकॉर्ड

 नई दिल्ली 5जी के बाद दुनिया के प्रमुख देश 6G को डेवलप करने में जुटे हैं। कहा जाता है कि 6जी के आने से दुनिया में इंटरनेट कनेक्‍ट‍िविटी इतनी फास्‍ट हो जाएगी कि चंद सेकंडों में हैवी फाइल्‍स को डाउनलोड किया जा सकेगा। 6G से जुड़ी एक अहम खबर के तहत चीनी वैज्ञानिकों ने दुनिया की पहली ‘ऑल फ्रीक्‍वेंसी’ 6G चिप को डेवलप किया है। इसे 6जी पर बहुत बड़ी खोज के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह चिप 100 जीबीपीएस प्रति सेकंड की स्‍पीड से मोबाइल इंटरनेट स्‍पीड दे सकती है। दावा है कि पलक झपकते ही आपकी डिवाइस में 50 जीबी की फ‍िल्‍म डाउनलाेड की जा सकेगी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी वैज्ञानिकों ने जिस 6जी चिप को डेवलप किया है, उससे भविष्‍य में ग्रामीण और शहरों इलाकों में इंटरनेट स्‍पीड के अंतर को पाटा जा सकेगा यानी ग्रामीण इलाकों में रहकर भी लोग हाईस्‍पीड इंटरनेट इस्‍तेमाल कर पाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, जो च‍िप डेवलप की गई है, वह वायरलेस स्पेक्ट्रम के सभी बैंड पर काम करती है। पेकिंग यूनिवर्सिटी और सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के वैज्ञानिकों ने मिलकर चिप को डेवलप किया है। दावा है कि यह इतनी तेज है कि 50 जीबी की 8K फ‍िल्‍म को सिर्फ कुछ सेकंड में डाउनलोड किया जा सकता है। अभी इस्‍तेमाल होती हैं अलग-अलग फ्रीक्‍वेंसी मौजूदा वक्‍त में जो टेक्‍नॉलजी है, जैसे 5G, उसमें हाईस्‍पीड कनेक्‍ट‍िविटी देने के लिए अलग-अलग फ्रीक्‍वेंसी का इस्‍तेमाल होता है। चीन के संदर्भ में देखें तो रिपोर्ट से पता चलता है कि वहां अलग-अलग फ्रीक्‍वेंसी और डिवाइस इस्‍तेमाल हो रही हैं। कुछ 5जी मोबाइल फोन्‍स 3 गीगाहर्ट्ज पर काम करते हैं, जबकि सैटेलाइट 30GHz का इस्‍तेमाल करते हैं। वैज्ञानिकों ने चिप में किया ये आविष्‍कार पेकिंग यूनिवर्सिटी और सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग के वैज्ञानिकों ने जो 6जी चिप बनाई है, वह अपने आप में खास है। वैज्ञानिकों ने इसमें 0.5 GHz से 115 GHz फ्रीक्‍वेंसी को फ‍िट कर दिया है। पहले यह काम अलग-अलग चिपों के जरिए होता था, लेकिन भविष्‍य में सिर्फ एक चिप से किया जा सकेगा। खास यह भी है कि जिस चिप को डेवलप किया गया है, उसका साइज नाखून जितना है। दावा है कि य‍ह च‍िप अलग-अलग फ्रीक्‍वेंसी के बीच स्विच कर सकती है। चिप की यही खूबियां इसे 6जी नेटवर्क के लिए परफेक्‍ट बनाती हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी सुपरफास्‍ट इंटरनेट चीन में डेवलप की गई 6जी चिप का कमर्शल इस्‍तेमाल कब से शुरू होगा, इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि इसके इस्‍तेमाल से भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी हाईस्‍पीड इंटरनेट चलाया जा सकेगा। खासतौर पर किसी कंसर्ट या स्‍पोर्ट्स इवेंट वाली जगह पर।

एशिया कप 2025: शुरूआत की तारीख, टीम स्क्वॉड और ग्रुप्स का पूरा विवरण

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 की उल्‍टी गिनती जारी है। 9 सितंबर से टूर्नामेंट का आगाज होगा और फाइनल मुकाबला 28 को खेला जाएगा। इस दौरान 8 टीमों के बीच खिताब के लिए टक्‍कर होगी। सभी टीमों को 4-4 के 2 ग्रुप में बांटा गया है। भारत और पाकिस्‍तान टीम एक ही ग्रुप में है। एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। इससे सभी टीम 2026 में होने वाले टी20 विश्‍व कप की तैयारी भी करेंगी। पिछली बार एशिया कप 2023 में खेला गया था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। उस वक्त फाइनल में भारत ने श्रीलंका को हराया था। ऐसे में आज बताते हैं टूर्नामेंट से जुड़ी कुछ अहम बातें। Asia Cup 2025 की डिटेल्स तारीख: 9 से 28 सितंबर 2025 फॉर्मेट: टी20 इंटरनेशनल (T20I) टीमें: भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, UAE, ओमान, हांगकांग ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, UAE, ओमान ग्रुप B: श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हांगकांग वेन्यू: दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दुबई (11 मैच, जिसमें फाइनल भी शामिल है) शेख जायेद क्रिकेट स्टेडियम, अबू धाबी (8 मैच खेले जाएंगे) किस तरह खेला जाएगा टूर्नामेंट? एशिया कप (Asia Cup 2025) में ग्रुप स्टेज के बाद हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सुपर-4 में पहुंचेंगी, जो 20 सितंबर से शुरू होगा। इस टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा। अगर भारत और पाकिस्तान दोनों क्वालिफाई करते हैं, तो क्रिकेट फैंस इस हाई-वोल्टेज मैच का लुत्फ तीन बार उठा सकते हैं।   एशिया कप में भारत का शेड्यूल 10 सितंबर, भारत बनाम यूएई 14 सितंबर, भारत बनाम पाकिस्तान 19 सितंबर, भारत बनाम ओमान सुपर फोर का शेड्यूल 20 सितंबर, B1 बनाम B2 21 सितंबर, A1 बनाम A2 23 सितंबर, A2 बनाम B1 24 सितंबर, A1 बनाम B2 25 सितंबर, A2 बनाम B2 26 सितंबर, A1 बनाम B1 28 सितंबर, फाइनल ये रहेगी भारतीय टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह। स्टैंडबाय प्‍लेयर: प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल।

बिना चीरा, बिना दर्द : एसएमएस मेडिकल कॉलेज में होगा अत्याधुनिक रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट

जयपुर राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज का यूरोलॉजी विभाग एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। यहां जल्द ही रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है।जिसके बाद sms देश के उन चुनिंदा मेडिकल इंस्टीट्यूट में शामिल हो जाएगा जहाँ रोबोट द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट किया जा रहा है, SMS मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शिवम प्रियदर्शी का कहना है की हमारे यहाँ रीनल यानि किडनी  ट्रांसप्लांट हालात पिछले 20-25 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और वर्ष 2015 से कैडेवर ट्रांसप्लांट भी हो रहे हैं, इसी बीच अगले कुछ दिनों बाद में पहला रोबॉटिक किडनी ट्रांसप्लांट करने की भी तैयारी चल रही है, डॉक्टर शिवम का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी तकनीक से मरीजों को और अधिक सुरक्षित, सटीक और कम तकलीफ़देह उपचार मिलेगा। बिना चीरा लगाए किडनी ट्रांसप्लांट डॉ. शिवम के अनुसार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करना राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। उन्होंने बताया कि पहले किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान पेट में बड़ा चीरा लगाया जाता था, लेकिन इस नई तकनीक में बिना बड़े चीरे के किडनी ट्रांसप्लांट किया जाएगा, जिससे मरीज को कम दर्द होगा। इस प्रक्रिया में डॉक्टर सीधे ऑपरेशन नहीं करते, बल्कि रोबोटिक आर्म्स की मदद से 3-डी विजन और हाई-डेफिनिशन कैमरे द्वारा सर्जरी की जाती है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में इसमें केवल छोटे-छोटे चीरे लगते हैं, जिससे रक्तस्राव, दर्द और संक्रमण का खतरा कम होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है। मरीजों के लिए लाभ:     ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर मरीज चल-फिर सकता है।     अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम हो जाती है।     बड़ी सर्जरी के निशान नहीं रहते, जिससे दिखने में भी सुधार होता है।     मरीज जल्द सामान्य जीवन में लौट पाता है।     सटीकता में वृद्धि     डॉ. शिवम के अनुसार, रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट जटिल सर्जरी को भी सुरक्षित और कुशल तरीके से करने में मदद करता है। पारंपरिक ट्रांसप्लांट में नसों और रक्त वाहिकाओं को जोड़ने में अधिक समय और जोखिम रहता है, लेकिन रोबोटिक तकनीक से यह प्रक्रिया अधिक सटीक और सरल हो जाती है। वर्तमान में यह सुविधा देश के कुछ चुनिंदा बड़े निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध है। ऐसे में सरकारी स्तर पर इस तकनीक का आरंभ होना मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।

नई ग्रीनफील्ड सड़क से पटना-देवघर मार्ग पर मिलेगी बड़ी राहत, लागत 481 करोड़

शेखपुरा शेखपुरा जिला मुख्यालय में जाम की समस्या से निजात दिलाने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरमेरा-भदौस-पचना ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। पथ निर्माण विभाग ने बताया कि इसकी निविदा इसी माह प्रकाशित होगी और 21 सितंबर को टेंडर खुलेगा। पथ निर्माण के कार्यपालक अभियंता देवकांत कुमार ने जानकारी दी कि यह सड़क 9.27 किलोमीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी होगी। यह सड़क नालंदा के सरमेरा से शुरू होकर लखीसराय की सीमा से होते हुए शेखपुरा के भदौस और पचना तक पहुंचेगी। इस सड़क से पटना से लखीसराय, जमुई और देवघर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। शेखपुरा नगर के जाम से छुटकारा मिल जाएगा और यात्रा सुगम हो जाएगी। यह सड़क शेखपुरा के डीहकुसुंभा, धाटकुसुंभा, पुरैना, मेहुस, पाली गांवों की सड़कों से जुड़ेगी जिससे घाटकुसुंभा और लखीसराय के बड़हिया टाल क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करेगी।इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान की थी। पथ निर्माण विभाग ने बताया कि जिले में अन्य सड़कों पर भी तेजी से काम चल रहा है। जखराजस्थान से हुसैनाबाद सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है, जबकि शेखपुरा-बरबीघा रोड में नेमदारगंज से रमजानपुर होकर नालंदा के कोनन मोड़ तक सड़क निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सड़क से जुड़ी कुछ अहम बातें     सड़क की लंबाई 9.27 किलोमीटर होगी।     कुल लागत 481 करोड़ रुपये अनुमानित है।     सड़क 10 मीटर चौड़ी बनेगी।     21 सितंबर को टेंडर खुलेगा।