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किसान भाइयों ध्यान दें: पीएम किसान की 21वीं किस्त पाने के लिए अभी करें ये काम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है, जो ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। अब तक 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान बेसब्री से 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, अगर आपने कुछ जरूरी काम नहीं किए हैं, तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है। ई-केवाईसी (e-KYC) कराना है अनिवार्य यह किस्त पाने की सबसे जरूरी शर्त है। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आपकी किस्त रोकी जा सकती है। ऑनलाइन तरीका: सबसे पहले pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं। 'Farmers Corner' में जाकर ई-केवाईसी ऑप्शन चुनें। अपना आधार नंबर डालें और ओटीपी वेरिफाई करें। चाहें तो पीएम किसान मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीका: अगर इंटरनेट नहीं है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं। वहाँ बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से ई-केवाईसी हो जाएगी। आधार कार्ड साथ ले जाना न भूलें। बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करें आपकी किस्त सीधे आपके बैंक खाते में तभी आएगी जब आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक हो। अगर यह लिंक नहीं है, तो पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (DBT) से नहीं आएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार लिंकिंग कराएं और DBT सुविधा एक्टिव कराएं। भूमि सत्यापन कराएं अपनी किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए अपनी जमीन से जुड़े कागजात का सत्यापन करा लें। अगर आपकी जमीन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो किस्त अटक सकती है। इसके लिए आपको अपने तहसील कार्यालय या राजस्व विभाग से संपर्क करना होगा। आप पीएम किसान पोर्टल पर भी जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपने रजिस्ट्रेशन के दौरान जो भी जानकारी दी है, वह पूरी तरह सही हो। नाम, आधार नंबर, या बैंक डिटेल्स में कोई भी गलती किस्त को रोक सकती है। कब आएगी 21वीं किस्त? रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त नवंबर या दिसंबर 2025 में जारी हो सकती है। सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन आमतौर पर हर चार महीने में एक किस्त जारी होती है। हाल ही में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की शिकायतों के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। अगर आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त न अटके, तो इन तीनों कामों को जल्द से जल्द पूरा कर लें।  

मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक हुई आयोजित, कार्यों की हुई समीक्षा

भोपाल भोपाल स्थित होटल पलाश में मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने की। बैठक में जून 2025 से अगस्त 2025 की अवधि में हुए कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें निम्न प्रमुख बिंदु सामने आए 3500+ नए पंजीयन सफलतापूर्वक पूर्ण हुए। 5800 आवेदन प्रक्रिया में लंबित रहे। 1650 आवेदन निजी विश्वविद्यालयों की सूची उपलब्ध न होने के कारण शेष रहे। परिषद ने बताया कि संपूर्ण कार्यप्रणाली को अब डिजिटल मोड पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसमें समग्र आईडी, डिजिलॉकर, विवाह प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र तथा FDA का एकीकरण किया गया है। नई प्रणाली के माध्यम से  स्लॉट बुकिंग एवं परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने की आवश्यकता समाप्त होगी। सिस्टम आधारित ऑटो वेरिफिकेशन किया जाएगा।पंजीकरण प्रमाणपत्र सीधे डिजिलॉकर पर उपलब्ध होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश फार्मेसी परिषद को डिजिटल गवर्नेंस में देश की अग्रणी परिषद बनाएगी। बैठक में अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष श्री संजय कुमार जैन, सदस्य श्री राजू चतुर्वेदी, श्री गौतमचंद धींग, श्री रामरतन गर्ग, श्री सत्येन्द्र सिंह चौहान, श्री देवेंद्र कुमार बजाजत्य, श्री अशोक जैन तथा डॉ. पवन दुबे उपस्थित रहे। सरकारी पक्ष से श्री दिनेश मौर्य (ड्रग कंट्रोलर, म.प्र.), श्री आत्री (मुख्य विश्लेषक, म.प्र. शासन) तथा चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। परिषद की रजिस्ट्रार श्रीमती भव्या त्रिपाठी ने अब तक हुई प्रगति और आगामी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

बुमराह ने भारत को दिलाई पहली सफलता, हार्दिक ने संभाली अटैक की कमान

नई दिल्ली  आज टी20 एशिया कप 2025 में भारत और यूएई के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। ग्रुप ए का हिस्सा दोनों टीमों की दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टक्कर हो रही है। भारत ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम की टूर्नामेंट में तूफानी आगाज पर नजर है। भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। भारत ने एशिया कप इतिहास में सर्वाधिक आठ खिताब जीते हैं। यह भारत का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यूएई के खिलाफ दूसरा मैच है। भारत के लिए यूएई के खिलाफ मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई वोल्टेज मुकाबले से पहले अभ्यास मैच की तरह है। शुभमन गिल की सबसे छोटे फॉर्मेट में वापसी के बाद विकेटकीपर संजू सैमसन की प्लेइंग इलेवन में जगह को लेकर असमंजस था। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने संजू पर भरोसा बरकरार रखा है। गिल बुधवार को ओपनर के रूप में उतरेंगे जबकि संजू मध्यक्रम में आएंगे। बुमराह ने दिलाई पहली सफलता जसप्रीत बुमराह ने भारत को पहली सफलता दिलाई है। उन्होंने चौथे ओवर की चौथी गेंद पर अलीशान शराफू को बोल्ड किया। शराफू ने 17 गेंदों में तीन 22 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और एक सिक्स शामिल हैं। उन्होंने वसीम के संग 26 रनों की साझेदारी की। हार्दिक ने संभाली अटैक की कमान यूएई की पारी शुरू हो गई है। मुहम्मद वसीम और अलीशान शराफू बैटिंग करने उतरे हैं। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बॉलिंग अटैक की कमान संभाली। उन्होंने पहले ओवर में 10 रन खर्च किए। शराफू ने दो चौके लगाए और डबल निकाला।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। मुख्यमंत्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके। पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात मुख्यमंत्री श्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन,  श्याम बिहारी जायसवाल,  ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा,  गजेंद्र यादव,  गुरु खुशवंत साहेब,  राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव   अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव   ऋचा शर्मा,  मनोज पिंगुआ, प्राधिकरण के सचिव … Read more

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई ज्योति मल्होत्रा की पेशी, जानें अगली तारीख

हिसार  जासूसी के मामले में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा आज हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश चालान कॉपी की डिमांड कर रहे हैं। मगर अब तक उनको चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है। 14 अगस्त को हिसार पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट जमा करवाई थी। अब इस मामले में 16 सितंबर को अगली पेशी होगी। बता दें इस केस की सुनवाई करने वाले जज के छुट्टी पर जाने के कारण ज्योति की वीसी के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आज ज्योति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अगली पेशी पर ज्योति कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होगी। इस दौरान चालान कॉपी की डिमांड की जाएगी। बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में 16 मई को हिसार से गिरफ्तार किया गया था। 

स्वच्छ हवा की लिस्ट में चंडीगढ़ ने मारी बाजी, शहर को मिला यह खास दर्जा

चंडीगढ़ चंडीगढ़ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जो 2024 में 27वें स्थान से एक उल्लेखनीय छलांग है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष स्वच्छ वायु सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। शहरों का मूल्यांकन वायु गुणवत्ता सुधार के निरंतर प्रयासों और प्रगति के आधार पर करता है। चंडीगढ़ की 19 स्थानों की यह प्रगति, इसके सतत शहरी विकास प्रयासों, सक्रिय वायु गुणवत्ता प्रबंधन रणनीतियों और नागरिक सहभागिता का प्रमाण है। नगर निगम चंडीगढ़, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के सामूहिक प्रयासों ने इस उपल्बिध में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनमे निम्नलिखित कदम शामिल है।  इन कदमों से मिली सफलता शहरी जंगल और वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से हरित क्षेत्र का विस्तार। निर्माण स्थलों पर धूल-धक्कड़ कम करने के लिए ज़रूरी नियमों का सख़्ती से पालन। सार्वजनिक परिवहन में ई-वाहनों की शुरुआत और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग ढांचे का विस्तार। पुराने कचरे (legacy waste) का वैज्ञानिक निपटान। पुराने गैर-यांत्रिक परिवहन नेटवर्क का विकास। निर्माण और ध्वस्तीकरण से उत्पन्न मलबे का सही प्रबंधन। भीड़भाड़ और वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना। सड़कों पर धूल को कम करने के लिए स्वचालित सफाई और पानी का छिड़काव। सामाजिक जागरूकता अभियान, जो व्यवहार में बदलाव और नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।

आंखों देखा आतंक: बिहार के गांव में घरों पर आग, बाइकें भी जलाईं गईं

नेपाल  नेपाल में हाल ही में हुए तख्तापलट और उसके बाद भड़के विरोध-प्रदर्शनों का असर अब भारत की सीमाओं तक पहुंचने लगा है। नेपाल की सीमा से सटे बिहार के अररिया जिले के जोगबनी क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। सीमा पार हो रही हिंसा के चलते भारत की ओर अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हो गई हैं। नेपाल में हिंसा, भारत में दहशत नेपाल के रानी भंसार क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन, आगजनी और नारेबाजी की घटनाएं जोगबनी बॉर्डर से महज 400 मीटर की दूरी पर घटीं। स्थानीय निवासी अजय प्रसाद के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रंगेली महानगरपालिका समेत कई सरकारी भवनों और घरों में आग लगा दी। बिराटनगर के टॉवर चौक पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया और करीब 20 बाइकें फूंक दी गईं। इस हिंसा के बाद जोगबनी बाजार की अधिकांश दुकानें स्वतः बंद हो गईं। सीमा सील, आवाजाही पर रोक स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जोगबनी बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है। नेपाल की ओर जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्कूल और कॉलेज भी अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। अररिया और किशनगंज जैसे खुली सीमा वाले जिलों में माइकिंग कर लोगों से नेपाल न जाने की अपील की जा रही है। सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट बिहार के सात नेपाल सीमावर्ती जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज — में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। पुलिस और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की तैनाती बढ़ा दी गई है। जोगबनी बॉर्डर पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। जिलाधिकारी ने स्वयं सीमा का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।   कड़ी निगरानी और तलाशी अभियान किशनगंज जिले में नेपाल और बंगाल से सटे क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। एसपी सागर कुमार लगातार थानों से रिपोर्ट ले रहे हैं। गलगलिया, जियापोखर, सुखानी, फतेहपुर, दिघलबैंक जैसे नेपाल से लगे थानों में विशेष निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वाहनों की डिक्की तक की तलाशी ली जा रही है ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि भारत में प्रवेश न कर सके। हालांकि, इलाज के लिए आने-जाने वाले एम्बुलेंस को सीमा पार जाने की अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा, कोई अन्य आवाजाही अनुमति के बिना नहीं हो रही है। वर्तमान स्थिति फिलहाल जोगबनी और आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जनता से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।  

प्रतिज्ञा ने थामा सपना, CM साय की लगन और आत्मीयता ने किया श्रमिक परिवार को भावुक

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा रायपुर, एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से। नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी। नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है।  बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है। नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा। उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

हर घर तक मदद पहुँची: ऑपरेशन राहत ने बदल दी पंजाब की तस्वीर

पंजाब  पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ ने लोगों के घर, खेत और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया। लेकिन इस संकट की घड़ी में पंजाब सरकार ने “ऑपरेशन राहत” के तहत प्रभावित लोगों को नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में न केवल प्रशासन बल्कि कैबिनेट मंत्री भी खुद गांव-गांव जाकर पीड़ितों के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस “ऑपरेशन राहत” के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में लगातार लगे हुए हैं। उन्होंने न सिर्फ सरकारी स्तर पर राहत कार्यों को तेज़ किया, बल्कि खुद भी आगे आकर लोगों का सहारा बने। अपने परिवार की ओर से 5 लाख रुपये देकर लगभग 50 घरों की मरम्मत करवाई। गांव-गांव जाकर फॉगिंग और दवाइयों की व्यवस्था करवाई, पशुओं के टीके लगवाए और अपने घर को भी 24 घंटे लोगों के लिए खोल दिया। इस वजह से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली। मंत्री बैंस हर रोज़ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़-प्रभावित गांवों की मदद की निगरानी कर रहे हैं। तय किया गया है कि गिरदावरी रिपोर्ट 3 दिनों में, पानी और बिजली 24 घंटों में, और टूटे रास्ते 48 घंटों में बहाल किए जाएँगे। अगले 3 दिन वे खुद रोज़ शाम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो। हाल ही में उनकी इंसानियत का उदाहरण उस समय सामने आया जब कांग्रेस पार्टी ने आनंदपुर साहिब में हाईवे जाम कर दिया। जाम में एक एंबुलेंस फंस गई, जिसमें गंभीर मरीज पीजीआई चंडीगढ़ जा रहा था। यह देखकर बैंस साहिब ने तुरंत अपनी पायलट गाड़ी आगे भेजी और खुद रास्ता साफ करवाया, जिससे एंबुलेंस समय पर निकल गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों ने उनकी तारीफ की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पर सवाल खड़े हुए कि बाढ़ जैसे संकट के समय सड़कें जाम करना न केवल प्रशासनिक काम में बाधा है, बल्कि सीधे-सीधे ज़रूरतमंद लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में सक्रिय हैं। उनके परिवार ने भी राहत कार्यों में योगदान दिया अजनाला हलके के गांव निसोके में उनकी धर्म पत्नी सरदारी सुहिंदर कौर जी ने राहत सामग्री और पशुओं का चारा वितरित किया। मंत्री हरभजन सिंह ने खुद दरियाओं पर जाकर बांध बनाने और प्रभावित लोगों की मदद की। ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोढ़ ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत सामग्री, राशन और पीने योग्य पानी लोगों तक पहुंचाया। बाढ़ के पहले दिन से ही कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। घुल्लेवाला गांव में बांध टूटने का खतरा था, लेकिन मंत्री भुल्लर और स्थानीय लोगों ने मिलकर इसे बचाया और तुरंत राहत सामग्री वितरित की। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भी सीधे गांवों में जाकर राहत कार्यों का जायजा लेते रहे और सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। पंजाब सरकार हर मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़ी है। “राहत” के तहत पटियाला से 16 ट्रक राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजी गई। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने सुनिश्चित किया कि हर जरूरतमंद तक दवाई, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में सक्रिय हैं। उन्होंने डिर्बा कार्यालय में स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत किट तैयार किए और ध्यान रखा कि कोई भी परिवार मदद से पीछे न रह जाए।  

देश में बड़े हमलों की योजना फेल, पुलिस ने पकड़े ISIS के 8 संदिग्ध

नई दिल्ली   दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस ने एक संयुक्त अभियान में ISIS से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के तहत दिल्ली और झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से अब तक 8 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह आतंकी मॉड्यूल पूरे देश में बड़े हमलों की साजिश रच रहा था। कैसे हुआ पर्दाफाश? दिल्ली पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर उन्होंने मुंबई के रहने वाले आफताब नाम के एक संदिग्ध आतंकी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आफताब इस आतंकी मॉड्यूल का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और वह दिल्ली में किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था। उसके पास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद हुए हैं। इसी ऑपरेशन के तहत झारखंड एटीएस और दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रांची के लोअर बाजार स्थित एक लॉज में छापेमारी की। वहां से असहर उर्फ दानिश नाम के एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया है कि दानिश का संपर्क दिल्ली में पकड़े गए आतंकी आफताब से था।   छापेमारी में क्या-क्या मिला? पुलिस ने रांची में जिस लॉज पर छापा मारा वहां से कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं। सूत्रों के अनुसार पुलिस को वहां से हथियार, विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। इसके अलावा कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए हैं जिनकी जांच जारी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने देश के 12 से ज़्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। दिल्ली और झारखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का असली मकसद क्या था और इनके निशाने पर कौन-कौन से स्थान थे। वहीं पुलिस ने बताया कि ISIS के इस मॉड्यूल का उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ना था। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि इनकी साजिशों को पूरी तरह से नाकाम किया जा सके।