samacharsecretary.com

हथियारों का जखीरा पकड़ा गया: पुलिस ने 43 पिस्तौल और 2317 कारतूस जब्त किए

फिरोजपुर  पंजाब में बाढ़ की आड़ में पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी की जा रही है। इसी कड़ी में फाजिल्का पुलिस ने लगातार दूसरे दिन पाकिस्तान से हो रही हथियार तस्करी को नाकाम किया है। शुक्रवार को सीआईए स्टाफ ने गश्त के दौरान गांव थेह कलंदर के निकट दो आरोपियों को दबोचकर उनके कब्जे से 16 पिस्तौल, 38 मैगजीन और 1847 जिंदा रौंद बरामद किए। इससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को पुलिस ने 27 पिस्तौल जब्त की थी। आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह निवासी गांव झोक डिपुलाना और सोना सिंह निवासी महातम नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों बाढ़ का फायदा उठाकर पाकिस्तान से अवैध हथियार ला रहे थे। दो दिनों में लगातार दूसरी बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद यह पता लगाया जाएगा कि ये हथियार किन गिरोहों या व्यक्तियों को सप्लाई किए जाने थे और क्या वे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) फिरोजपुर ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) फाजिल्का के साथ संयुक्त ऑपरेशन में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक सीमा पार से चल रहे संगठित हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, जिसमें 27 आधुनिक .30 बोर पिस्टलें और 470 कारतूसों सहित दो हथियार सप्लायर्स को गिरफ्तार किये गये। यह जानकारी पुलिस डायरेक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान मंगल सिंह उर्फ मंगली, निवासी तेजा रहेला, फाजिल्का, और गुरमीत सिंह, निवासी ग्राम मुहार जमशेर, फाजिल्का के रूप में हुई। विदेशी संस्था और इसकी भूमिका की जांच जारी डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हथियारों का यह बड़ा खेप पाकिस्तान से एक विदेशी संस्था के माध्यम से प्राप्त किया गया था और राज्य में आपराधिक गिरोहों द्वारा उपयोग किया जाना था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी इन हथियारों को अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आपराधिक समूहों के संचालकों को पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि इस मॉड्यूल में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने तथा तस्करी किए गए हथियारों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। इस अवसर पर एआईजी सीआई फिरोजपुर गुरसेवक सिंह बराड़ ने भी ऑपरेशन बारे जानकारी दी।

लिवर डैमेज के संकेत छिपे हैं पैरों में! जानें वो 8 लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी

लिवर शरीर का एक बेहद जरूरी अंग है, जो न केवल टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करता है, बल्कि डाइजेशन, हार्मोन बैलेंस और इम्युनिटी में भी अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, जब लिवर में गड़बड़ी या डैमेज होता है, तो इसका असर केवल पेट या स्किन तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि शरीर के अन्य हिस्सों, खासकर पैरों में भी कई संकेत दिखाई देने लगते हैं। ये संकेत समय रहते पहचानना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि अनदेखी करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। तो आइए जानें लिवर खराब होने के वे कुछ लक्षण जो पैरों में महसूस होते हैं- पैरों में सूजन लिवर जब ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में फ्लूइड रिटेंशन होने लगता है, जिससे पैरों, टखनों और पंजों में सूजन आ जाती है। यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है और आराम करने के बाद भी कम नहीं होती। पैरों में खुजली लिवर की बीमारी में बाइल (पित्त) का फ्लो प्रभावित होता है, जिससे शरीर में बाइल साल्ट्स जमा हो जाते हैं और इससे स्किन में खुजली महसूस होती है, जो अक्सर पैरों में अधिक होती है। पैरों में दर्द और भारीपन लिवर डैमेज के कारण टॉक्सिन्स शरीर में जमा हो जाते हैं, जिससे पैरों में भारीपन, सुन्नपन या दर्द महसूस हो सकता है। नसों का उभरना लिवर सिरोसिस की स्थिति में हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे पैरों में नीली नसें उभरने लगती हैं, जिन्हें स्पाइडर वेन्स कहा जाता है। स्किन का पीला पड़ना जब लिवर ठीक से बिलीरुबिन को प्रोसेस नहीं करता, तो शरीर में इसके लेवल बढ़ जाते हैं और इससे स्किन और आंखें पीली हो जाती हैं। पैरों की स्किन में भी पीलापन साफ दिखता है। मांसपेशियों का कमजोर होना लिवर से संबंधित गंभीर बीमारियों में शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे पैरों में कमजोरी और थकावट महसूस होती है। पैरों का रंग बदलना लिवर की गड़बड़ी से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे पैरों का रंग नीला, बैंगनी या गाढ़ा पड़ सकता है। झुनझुनी और सुन्नपन लिवर खराब होने से नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और इससे पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन की शिकायत होती है। पैरों में दिखने वाले ये संकेत लिवर की किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर इनमें से कोई भी लक्षण लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है, जिससे समय रहते इलाज किया जा सके और लिवर की स्थिति को सुधारा जा सके।  

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: अवैध लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई और मांस बिक्री पर कड़े नियम लागू

इंदौर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए कानूनों को लागू करने में तेजी से काम कर रही है और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। लाउडस्पीकर और मांस की बिक्री पर सख्त सरकार मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "सरकार बनते ही हमने लाउडस्पीकर के शोर को नियंत्रित किया। आप अपने धर्म का पालन करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन कानून का पालन तो सबको करना पड़ेगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने प्रदेश भर में 60,000 से अधिक अवैध लाउडस्पीकर हटाने का काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य में मांस बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा, "इस राज्य के अंदर मछली-मांस सबके ठिकाने लगाए गए हैं, अपनी सरकार के माध्यम से। कानून सबके लिए बराबर है।" विहिप की बैठक और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत यह बैठक शहर के एक निजी गार्डन में आयोजित की गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य नेता शामिल हुए। विहिप की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दलाल बाग पहुंचे और श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के 14वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल के लिए रवाना होंगे।  

जीएसटी सुधार को बताया क्रांतिकारी कदम, मुख्यमंत्री साय ने उज्जवल भविष्य की दी उम्मीद

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णणुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जीएसटी में जो सुधार किए गए हैं, वह देश के डेढ़ सौ करोड़ लोगों के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आया है। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद अब जीएसटी के स्लैब का सरलीकरण, इसके रेट में अभूतपूर्व सुधार आम आदमी के जीवन को खुशहाल करने वाले और व्यापार उद्योग को नई गति देने वाले हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इससे न सिर्फ लोगों की बचत में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि जीएसटी कानूनों के सरलीकरण से अब व्यापारी भी अधिक सुगमता के साथ अपना कार्य कर सकेंगे। मां शक्ति की अराधना के पावन पर्व 'नवरात्रि' से लागू होने वाले यह नए प्रावधान देश को आर्थिक रूप से और शक्तिशाली बनाएंगे। कांग्रेस के समय 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने  यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में कहा कि 101 वें संविधान संशोधन द्वारा 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुँच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री किया गया। अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।  90 प्रतिशत सामान सस्ते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएँ जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर व उसके कलपुर्जे व अन्य कृषि उपकरण तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा। प्रत्येक परिवार को कम से कम 50 हजार की बचत होगी एक परिवार जो अपने जीवन यापन के लिए 3 से 3.5 लाख प्रत्येक वर्ष खर्च करता है, उन्हें काम से कम इतना लाभ मिलेगा। इसी तरह यह सुधार कृषि क्षेत्र के लिए वरदान जैसा है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, रोटावेटर में अलग-अलग तरह के जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। यह किसान के लिए लागत सक्षम कृषि में सहायक होगी। जैव-कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों पर जीएसटी दर घटाई गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां की 80 फीसदी आबादी कृषि करती है। जीएसटी की छूट से 25 हजार से 63 हजार तक की बचत केवल एक ट्रैक्टर की खरीदी पर होगी। 9 लाख रु के ट्रैक्टर पर 65 हजार की बचत 35 HP के ट्रैक्टर जिसकी कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार होती थी इस पर 41 हजार रु कम देने होंगे। एक किसान के लिए ये रकम बचना बहुत ज्यादा मायने रखती है। देश भर में एक वर्ष में लगभग 9 लाख ट्रैक्टर बिकते हैं, जिसमें किसानों को सीधे 6 हजार करोड़ की बचत होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 30 से 35 हजार ट्रैक्टर प्रतिवर्ष बिकने का अनुमान है, जिससे यहां के किसानों को लगभग 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत केवल ट्रैक्टर में जीएसटी रेट कम होने से होगी। ट्रैक्टर के टायर में ही 7 हजार रुपये की बचत होगी। कृषि उपकरणों जैसे हार्वेस्टर, ट्रैक्टर टायर, बागवानी मशीन, खाद बनाने की मशीन, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, सिंचाई मशीनों, कृषि मशीनरी, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर एवं अन्य पर अब केवल 5 प्रतिशत टैक्स होने से भी उत्पादन की लागत में कमी आएगी एवं मुनाफा बढ़ेगा। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पूरी तरह टैक्स फ्री मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कर छूट में एक सबसे उल्लेखनीय बिन्दु जो हमारे लिए निजी तौर पर भी संतोष देने वाला है, वह है स्वास्थ्य बीमा में जीएसटी को शून्य कर देना।  स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा उत्पादों पर कर समाप्त करने का लाभ सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। यह कर छूट सभी के लिए बीमा का लक्ष्य पाने में मददगार होगा। सस्ते इलाज के संदर्भ में यह कदम ऐतिहासिक है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसके अलावा तेंदू पत्ता और लघु वनोपजों की प्रोसेसिंग मशीन में जीएसटी दर कम करने से हमारे बस्तर-सरगुजा अञ्चल के संग्राहकों को बड़ा लाभ होगा। जनजातीय क्षेत्र में तेंदू पत्ता जैसे लघु वन्य उत्पार्दों की मांग अधिक बढ़ेगी, इससे प्रदेश को भी काफी लाभ होगा। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष कर महत्वपूर्ण है। इसी तरह कोयले पर सेस हटाना भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और शानदार प्रबंधन के लिए केवल प्रोत्साहन राशि के मद में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। जीएसटी अब गुड एंड सिंपल टैक्स हो गया है मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में बनी यह कौंसिल लोकतंत्रिक संघवाद का एक बेहतरीन मॉडल है। छत्तीसगढ़ से पदेन सदस्य के रूप में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने भी इस सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नया जीएसटी सुधार वास्तव में एक नए क्रांतिकारी आर्थिक युग का सूत्रपात है। इस सुधार से सबसे अधिक लाभान्वित हमारे देश के गरीब और मध्य वर्ग के लोग होंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह एक नए सुनहरे युग में प्रवेश करने जैसा है। किसानों को अधिक सक्षम और देश में रोजी-रोजगार के आधिकाधिक अवसर उपलब्ध होने से प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपनों को साकार करने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी का पूरा प्रदेश अभिनंदन कर रहा है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ.नवीन मार्कण्डेय, भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मौजूद रहे।

बालों की सेहत का राज़: खाएं ये सुपरफूड्स और पाएं घने, मजबूत बाल

खूबसूरत और सुंदर बाल हर किसी की चाहत होते हैं लेकिन आजकल प्रदूषण, पोषक की कमी और कई तरह के फैक्टर्स की वजह से लोगों को हेयरफॉल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. यहां हम आपको कुछ ऐसे ड्राई फ्रूट्स की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें अगर आप हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल के साथ सेवन करते हैं तो इससे आपके बालों को पोषण मिलेगा क्योंकि ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन, विटामिन्स और ढेरों एंटीऑक्सिडेंट्स का रिच सोर्स होते हैं.  अखरोट आपकी बॉडी, दिमाग, स्किन और बालों के लिए भी सुपरफूड है. इसमें प्रोटीन, फैट, फाइबर, मैंगनीज, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और बायोटिन होता है जो बालों को घना, मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही स्कैल्प को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.       किशमिश व्यंजनों को सजाने और स्वाद बढ़ाने के साथ ही स्किन और बालों के लिए भी बहुत अच्छी होती है. इसमें ढेरों एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं और आयरन होता है जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. इससे सिर की त्वचा में ऑक्सिजन पहुंचता है और बाल मजबूत होते हैं. इसमें विटामिन सी भी होता है जो आयरन अवशोषण और कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है.  बादाम बायोटिन और विटामिन ई से भरपूर होते हैं. ये आपकी सिर की त्वचा में ब्लड सर्कुलेशन को सुधारते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. ये बालों के टूटने की प्रक्रिया को भी कम करते हैं. 

अंग्रेजों का जबरदस्त प्रदर्शन, T20 में 304 रन के साथ कीर्तिमान की करीब पहुंच

मैनचेस्टर 18 छक्के और 30 चौके और कुल मिलाकर 20 ओवर में बने 304 रन…  इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच मैनचेस्टर में दूसरा T20I मुकाबला शुक्रवार (13 स‍ितंबर) को खेला गया. जहां अंग्रेजी टीम ने अफ्रीका को 146 रनों से रौंद कर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में मात्र 2 विकेट खोकर 304/2 का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में साउथ अफ्रीका केवल 158 रन ही बना सका. इससे पहले कार्डिफ में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने जीत दर्ज की थी.  इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच फिल सॉल्ट ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 60 गेंदों पर 141* रन की धुआंधार पारी खेली. वहीं उनके साथ ओपन‍िंग करने आए जोस बटलर ने भी जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 83 रन बनाए. 276.66 के स्ट्राइक रेट से खेले बटलर ने अपनी ताबड़तोड़ पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए. वहीं जैकब बेथेल ने 14 गेंदों में 26 रन और कप्तान हैरी ब्रूक 21 गेंदों में 41* रन जड़ दिए.  जवाब में अफ्रीका की टीम की ओर से कप्तान एडेन मार्करम ने 41 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली. अफ्रीकी टीम 23 गेंद पहले ही 158 रनों पर न‍िपट गई. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया. जोफ्रा आर्चर ने  25 रन खर्च कर 3 विकेट लिए. सैम करन और व‍िल जैक्स को भी 2-2 सफलताएं मिलीं.  अब इस मैच र‍िपोर्ट के बाद जान लेते हैं हैं आख‍िर इस मुकाबले में कैसे इस मुकाबले में ज‍िम्बाब्वे का रिकॉर्ड टूटते-टूटते बच गया… T20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ा स्कोर किस टीम ने बनाया?  ओल्ड ट्रैफर्ड में भले ही इंग्लैंड ने टी20 इत‍िहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की. लेकिन इंग्लैंड का यह स्कोर टी20 इंटरनेशनल मैचों में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर नहीं था. क्योंकि यह रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के पास है, ज‍िसने प‍िछले साल अक्टूबर में गाम्बिया के खिलाफ नैरोबी में धमाकेदार 344/4 रन बनाए थे. ज‍िम्बाव्बे ने तब नेपाल का रिकॉर्ड तोड़ा था, नेपाली टीम ने एशियन गेम्स 2023 में मंगोलिया के खिलाफ 314/3 रन बनाए थे.      -जिम्बाब्वे ने गाम्बिया के खिलाफ 23 अक्टूबर 2024 को 344/4 रन (20 ओवर) नैरोबी (Ruaraka) में बनाए थे.      – नेपाल ने मंगोलिया के खिलाफ हांगझोऊ में 27 सितंबर 2023 को 314/3 रन (20 ओवर) एश‍ियन गेम्स के दौरान बनाए.      – इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर में 12 सितंबर 2025 को  304/2 रन (20 ओवर) बनाए.       – भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में 12 अक्टूबर 2024 को 297/6 रन (20 ओवर) बनाए थे.      – जिम्बाब्वे ने सेशेल्स के खिलाफ नैरोबी में 286/5 रन (20 ओवर) 19 अक्टूबर 2024 को बनाए थे.  

कलेक्टर-कमिश्नर को मिले सख्त निर्देश, सीएम मोहन यादव ने जिलों में सफलता सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा

  मंदसौर प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े की जिलों में सफलता के लिए प्रभारी मंत्री, संभागायुक्त व कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। जिलों में कलेक्टरों को इसका नेतृत्व करना होगा, तो प्रभारी मंत्री समय-समय पर मार्गदर्शन करेंगे। जबकि संभागों में संभागायुक्त निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने मंदसौर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभागों के संभागायुक्तों व जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की और उन्हें जिम्मेदारी दी। यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस बार सेवा पखवाड़ा के दौरान जनसामान्य के बीच खादी की ब्रांडिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनकी खरीदी-बिक्री के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार कराना होगा। स्थानीय उत्पादों व स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार की जाने वाली सामग्री के लिए प्रदर्शनी व मेले लगाने होंगे। पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर मंथन पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखने 17 सितंबर को धार के भैंसोला आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को हाई लेवल मीटिंग हुई। गृह विभाग के साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सुरक्षा पर चर्चा की। उन्होंने गृह विभाग के एसीएस शिवशेखर शुक्ला और डीजीपी कैलाश मकवाना को कई बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए। सुरक्षा और आमजन की आवाजाही को लेकर स्थिति साफ करने को कहा। बिंदुवार निगरानी के निर्देश दिए। सेवा पखवाड़े में यह होगा     रक्तदान शिविर लगेंगे, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा, जिसके लिए एलइडी लगाने होंगे, स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, नगरीय निकायों व पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलेगा। एक पेड़ मां के नाम, एक बगिया मां के नाम के तहत वृक्षारोपण करना होगा।     भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, सागर में नमो मैराथन होगी।     27 व 28 सितंबर को कलेक्टर सामाजिक न्याय विभाग को कलेक्टर की निगरानी में दिव्यांगजनों के लिए जिले के स्तर पर शिविर लगाने होंगे।

सामाजिक चुनौतियों का डटकर सामना करने पर जोर: डॉ. ज़ोरा सिंह

समराला देश भगत विश्वविद्यालय गोबिंदगढ़ में कार्यक्रम के दौरान देश और विदेश से आए करीब 100 पीएचडी स्कॉलर्स का स्वागत किया। शुरुआती भाषण चांसलर प्रो. हर्ष सदावर्ती ने कहा कि यह यात्रा न सिर्फ डिग्री हासिल करने के लिए है बल्कि यह ज्ञान की सीमाओं से आगे जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए है। उद्घाटन समारोह में कुलाधिपति डॉ. ज़ोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ. तजिंदर कौर उपस्थित थीं। डॉ. ज़ोरा सिंह ने अपने उद्बोधन में सभी विद्वानों का स्वागत करते हुए उनसे सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश भगत विश्वविद्यालय शैक्षणिक आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने का संस्थान है। डॉ. तजिंदर कौर ने अकादमिक उत्कृष्टता और विद्वत्तापूर्ण गतिविधियों के प्रति विश्वविद्यालय के समर्पण को दोहराया। इस अवसर पर प्रो-वाइस-चांसलर प्रो. अमरजीत सिंह और निदेशक अनुसंधान प्रो अजय गुप्ता ने भी संबोधित किया। शैक्षणिक चर्चाओं के अलावा, कार्यक्रम में आने वाले समूह की विविध प्रतिभाओं का भी जश्न मनाया गया। नव नामांकित पीएचडी स्कॉलर्स गुंजन चन्ना, मनीषा और रश्मि ने प्रभावशाली संगीत और नृत्य प्रदर्शनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे ओरिएंटेशन में एक जीवंत सांस्कृतिक स्पर्श जुड़ गया। डीन रिसर्च प्रो. हरप्रीत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया।

मिजोरम और मणिपुर में PM मोदी का हमला: कहा- वोट बैंक की राजनीति ने पूर्वोत्तर की प्रगति रोकी

इंफाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्थईस्ट में मिजोरम और मणिपुर के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सबसे पहले मिजोरम पहुंचे, जहां उन्होंने मिजोरम को को दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन नयी एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री मोदी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग लाइन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिजोरम के लोगों ने काफी योगदान दिया है। मिजोरम के लिए ऐतिहासिक दिन, आइजोल अब रेल मानचित्र पर आ गया है। बैराबी-सैरांग रेल लाइन से मिजोरम की जनता के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे क्षेत्र में शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, रोजगार सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पीएम ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण पूर्वोत्तर को बहुत नुकसान हुआ। जो पहले उपेक्षित थे वे अब सबसे आगे हैं, जो पहले हाशिये पर थे वे आज मुख्यधारा में हैं। पीएम ने कहा कि केंद्र पिछले 11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहा है, यह क्षेत्र अब भारत का विकास इंजन है। मिजोरम 'एक्ट ईस्ट' नीति में प्रमुख भूमिका निभाएगा; कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना, रेल लाइन राज्य को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर का भी दौरा करेंगे। मणिपुर में वह चूड़ाचांदपुर एवं इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे। मणिपुर में दो वर्ष पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद मोदी का यह राज्य का पहला दौरा होगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। मोदी के दौरे के मद्देनजर इंफाल और चूड़ाचांदपुर जिला मुख्यालय शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के सभा स्थलों इंफाल में लगभग 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड तथा उसके आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।'' इसमें कहा गया कि मोदी इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की शुक्रवार को पुष्टि की। राज्य का मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब विपक्षी दल कुकी और मेइती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री द्वारा मणिपुर का दौरा नहीं करने के लिए कई बार आलोचना कर चुके हैं। मई 2023 से हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए। गोयल ने प्रधानमंत्री के दौरे की जानकारी देते हुए बताया, ‘‘दोपहर करीब 12:15 बजे चूड़ाचांदपुर पहुंचने पर वह सबसे पहले जिले के आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से बातचीत करेंगे। वह राज्य में शुरू की जाने वाली विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘इसके बाद, वह अपराह्न लगभग 2:30 बजे कांगला पहुंचकर सबसे पहले आंतरिक रूप से विस्थापित कुछ लोगों से बातचीत करेंगे। वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कांगला में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।'' परियोजनाओं में, प्रधानमंत्री इंफाल के मंत्रिपुखरी में 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए मणिपुर पुलिस मुख्यालय और उसी इलाके में 538 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक नागरिक सचिवालय का उद्घाटन करेंगे। चूड़ाचांदपुर से मोदी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें 3,647 करोड़ रुपये की जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना और 550 करोड़ रुपये की मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (एमआईएनडी) परियोजना शामिल है। यद्यपि मोदी के दौरे की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को ही की गई थी, लेकिन इसके बारे में लगभग दो सप्ताह से चर्चा जारी थी और मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को एक बड़ा सूचना-पट्ट लगाया था। इसमें शनिवार को चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड और इंफाल के कांगला किले में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की घोषणा की गई थी।

लेबर रूम में तनावपूर्ण स्थिति, बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टरों में बहस हुई

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल में स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस लेबर रूम में प्रसव पीड़ा से कराहती महिलाएं सुरक्षित इलाज की उम्मीद से आती हैं, वहां इंटर्न लेडी डॉक्टरों ने जमकर उत्पात मचाया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के सामने डॉक्टरों के बीच हाथापाई और मारपीट हुई, जिसने भर्ती महिलाओं को दहशत में डाल दिया। इस मामले में शिवानी लाखिया नामक एक महिला डॉक्टर ने लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि, उसकी सहपाठी इंटर्न डॉक्टर ने बाल पकड़कर न सिर्फ जमीन पर पटककर उसके साथ मारपीट की है, बल्कि उसके कपड़े तक फाड़ दिए। यही नहीं, शिकायतकर्ता डॉक्टर ने पिटाई करने वाली इंटर्न डॉक्टर पर जान मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस पूरे घटनाक्रम को नर्सिंग स्टाफ, गार्ड और अन्य मेडिकल कर्मियों ने देखा, जिनके नाम गवाहों में दर्ज किए गए हैं। इस मामले का खुलासा लेबर रूम से सामने आई सीसीटीवी फुटेज से भी हुआ, जिसमें मारपीट और बदसलूकी का घटनाक्रम कैद है। यही नहीं, इस घटना का एक फोन से रिकॉर्ड किया वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने कॉलेज प्रबंधन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक में हड़कंप मचा दिया है। पहले भी आ चुका है विवादों में नाम सूत्रों की मानें तो मेडिकल अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर का ये कोई पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वह नफीस बस विवाद और महादेव प्रकरण जैसी कई घटनाओं में सुर्खियों में रह चुकी है। अब एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रसव कराते समय डॉक्टर पर हमला करते हुए कैमरा तक छीनने की बात सामने आ रही है। कार्रवाई की मांग पीड़िता और स्टाफ ने आरोपी इंटर्न डॉक्टर के निलंबन के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन और पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप भी लग रहे हैं। इस मारपीट कांड ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में इलाज कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों का कहना है कि जिस जगह पर जीवन बचाने की जिम्मेदारी है, वहां खुद डॉक्टर ही हिंसक हो जाएं तो भरोसा कैसे कायम रहेगा। अब मामले की जांच और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है।