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भोपाल विमानतल पर यात्री सेवा दिवस का आयोजन

भोपाल  भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण मुख्यालय द्वारा 17 सितम्बर 2025 को “यात्री सेवा दिवस” के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर यात्रियों की सुविधा एवं सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से भाविप्रा के सभी विमानतलों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजा भोज विमानतल, भोपाल पर 17 सितम्बर 2025, “यात्री सेवा दिवस” पर आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है: 17 सितम्बर – यात्री सेवा दिवस 1-    यात्रियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया जाएगा तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा मध्य प्रदेश के लोकनृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। 2-    विमानतल पर बच्चों के लिए देशभक्ति एवं स्वच्छता पर आधारित क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 3-    यात्रियों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट स्थापित किया जाएगा। 4-    विमानतल के रिटेल कन्सेशनर्स द्वारा इस अवसर पर रिटेल दुकानों पर यात्रियों को विशेष डिस्काउंट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। 5-    विमानतल पर यात्रियों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप कैंप लगाया जाएगा, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ब्लड प्रेशर, शुगर, ECG , BMI आदि की जाँच होगी और आहार संबंधित सलाह भी दी जाएगी। 6-    विमानतल पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा जिसमें यात्री और स्टाफ अपनी स्वेच्छा से हिस्सा लेंगे। 7-    विमानतल के टैक्सी ड्राइवर्स तथा अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा। 8-    “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। 9-    स्थानीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एविएशन करियर हेतु मार्गदर्शन दिया जाएगा तथा एम पी फ्लाइंग क्लब की विजिट भी कराई जाएगी। 10- विमानतल स्टाफ द्वारा यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा, जिससे यात्री सेवाओं तथा सुविधाओं में और वृद्धि की जा सकेगी।  यह आयोजन यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं हवाई यात्रा को और अधिक सहज एवं सुखद बनाने की दिशा में कदम होगा।

कचहरी में हंगामा, पुलिस-वकील भिड़ंत में दरोगा समेत चार सिपाही घायल

वाराणसी वाराणसी जिले में अधिवक्ताओं द्वारा पुलिस की पिटाई का मामला सामने आया है। यहां मंगलवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने बड़ागांव थाने पर तैनात दरोगा मिथिलेश समेत चार पुलिसकर्मियों को दौड़ा- दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। मामले को लेकर मौके पर हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में दरोगा को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है। चिकित्सकों ने हालत नाजुक बताई है।    जानकारी के मुताबिक, शनिवार को बड़ागांव थाने में जमीन के प्रकरण में विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर मंगलवार को भी दरोगा और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हुआ। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दरोगा समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। घटनास्थल पर डीएम सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरि मीणा बार के पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर रहे हैं। पूरी कचहरी को छावनी में तब्दील किया गया है। कमिश्नरेट की पांच थानों की फोर्स मौके पर तैनात है।

अस्पतालों में 17 सितम्बर से चलेगा साफ-सफाई का विशेष अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनप्रतिनिधि और आमजन की भागीदारी की जाए सुनिश्चित जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं से की सहयोग की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिलों में स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में सेवा पर्व और सेवा पखवाड़े के तहत 17 सितम्बर से साफ-सफाई का व्यापक अभियान चलाने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। अभियान के तहत कचरे और अनुपयोगी सामग्री को भी प्राथमिकता से हटाया जायेगा। सेवा पर्व को सार्थक बनाने के लिए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संभागीय कमिश्नर को भी निर्देशित किया है कि वे सफाई अभियान का निरीक्षण और निगरानी करें। मंत्री, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया है कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साफ-सफाई के अभियान में आम जनता, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपेक्षा की है। प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे रोगी कल्याण समिति को सशक्त कर साफ-सफाई अभियान में जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है‍कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में "स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार" अभियान का संचालन भी किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। विभिन्न रोगों की जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य संबंधी शिक्षा प्रदान करने का कार्य भी किया जाएगा।  

विश्व ओज़ोन दिवस पर प्रदेशवासी लें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व ओज़ोन दिवस प्रदेशवासियों से पर्यावरण-संरक्षण की राह पर चलने का संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओज़ोन परत हमारे लिए वायुमंडल का वह अदृश्य कवच है, जो सूर्य की हानिकारक किरणों को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है। इससे धरती पर जीवन सुरक्षित और सम्भव हो पाता है। प्रदूषण के स्तर को कम करना और अधिक से अधिक पौधरोपण करना, ओज़ोन परत की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।  

मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में पहली बार हुआ स्वर्ण ब्लॉक के खनन पट्टे का निष्पादन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के आहवान पर मध्यप्रदेश ने खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। मध्यप्रदेश मिनरल प्रदेश ऑफ इंडिया बनने की दिशा में अग्रसर है। प्रदेश में पहली बार सिंगरौली स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक के स्वर्ण खनन पट्टे का निष्पादन किया गया है, जिसने मध्यप्रदेश को सीधे वैश्विक स्वर्ण खनन मानचित्र पर प्रतिष्ठित कर दिया है। चकरिया में 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडारण का अनुमान खनिज नीलामी में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिये चकरिया गोल्ड ब्लॉक का निष्पादन ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया। चकरिया गोल्ड ब्लॉक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस ब्लॉक में लगभग 1,33,785 टन स्वर्ण अयस्क भंडार होने का अनुमान है, जिसमें 1,76,600 ग्राम सोने की रिकवरी संभावित है। विभाग द्वारा इसके लिये सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। औद्योगिक ढांचे को मिलेगी मजबूती – रोजगार होंगे सृजित प्रदेश में चकरिया गोल्ड खनन पट्टे के संचालन से बहुआयामी लाभ होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही रिफाइनिंग, लॉजिस्टिक एवं विभिन्न सेवाओं जैसे संबद्ध उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलेगी। अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का बनेगा राष्ट्रीय केन्द्र मध्यप्रदेश में स्वर्ण एवं सहायक खनिजों की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अन्वेषण गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण खोज हुई हैं। कटनी और सिंगरौली के हालिया अन्वेषण ने सकारात्मक संकेत दिये हैं। राज्य में अब तक 4 अन्य गोल्ड ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन ऑफ सोनकुरवा और अम्लीयवाह शामिल हैं। राज्य सरकार इनके संचालन के लिये लगातार निगरानी और सहयोग कर रही है। इन पहलों से मध्यप्रदेश तीव्र गति से खनिज अन्वेषण और खनन उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केन्द्र बनकर उभर रहा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान आकर्षित हो रहा है। यह उपलब्धि केवल एक गोल्ड ब्लॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की शुरूआत है, जहां सतत् खनन, आर्थिक सशक्तिकरण और वैश्विक पहचान एकसाथ मिलते हैं।  

औद्योगिक कचरे से जोजरी नदी प्रदूषित: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी

जयपुर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक कचरे के गिराए जाने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह न्यायालय जोजरी नदी के मामले में स्वतः संज्ञान ले रहा है, जहां कपड़े और टाइल फैक्ट्रियों से निकलने वाला भारी मात्रा में औद्योगिक कचरा नदी में गिराया जा रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं और इंसानों व जानवरों के लिए पीने का पानी अनुपयोगी हो गया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने इसे लेकर कहा कि वस्त्र और अन्य कारखानों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में गिर रहा है, जिससे सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। पीठ ने बताया कि इस हानिकारक कचरे के कारण वहां का पीने का पानी न केवल इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी पीने लायक नहीं है। अदालत ने कहा कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर असर डाल रही है। पीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए। गौरतलब है कि जोजरी एक मौसमी नदी है जो कि नागौर के पास पंडालू से निकलकर जोधपुर से होते हुए लूणी नदी में मिलती है। बीते कई साल से जोधपुर, बालोतरा, जालौर और पाली जिलों में स्थित टैक्सटाइल कंपनियों का दूषित पानी जोजरी में छोड़ा जा रहा है, जिससे इसके आसपास के 50 से ज्यादा गांव इससे प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में बालोतरा के डोली गांव से शुरू हुए जोजरी बचाओ आंदोलन में पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने भी हालातों पर चिंता जताते हुए कहा था कि जोधपुर और पाली की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला रासायनिक पानी पिछले डेढ़-दो दशकों से डोली, अराबा, कल्याणपुर समेत लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं, पेयजल दूषित हो गया है, लेकिन हालात जस के तस हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जोजरी नदी को लेकर आए ये आदेश जोजरी नदी बचाने के लिए संघर्षरत लोगों के लिए राहत लेकर आए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- इंदौर की सड़क दुर्घटना बेहद दुखद, घटना की पुर्नरावृति रोकने के होंगे पुख्ता प्रबंध

दोषियों के विरूद्ध की सख्त कार्रवाई पुलिस उपायुक्त यातायात को हटाया, आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को किया निलंबित मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की दी जाएगी आर्थिक सहायता घायलों के उपचार का संपूर्ण खर्च राज्य शासन करेगा वहन घटना की जांच करेंगे अपर मुख्य सचिव गृह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में सोमवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना बेहद दुखद है। राज्य शासन ने घटना को पूरी गंभीरता के साथ लिया है। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। घटना की पुर्नरावृति भविष्य में न हो, इसके पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। घटना की जांच अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही घायलों को एक-एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। घटना के दौरान बचाव कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में पहुँचकर घायलों से मिलने के बाद कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह घटना विचलित करने वाली बेहद दु:खद है। मैं इस घटना से स्वयं व्यथित हूं। मुझे रातभर बैचेनी रही, मैं ठीक से सो भी नहीं पाया। आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर सीधे इंदौर पहुँचा और घायलों से मिलने विभिन्न अस्पतालों में गया। उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही उपचार व्यवस्थाओं को भी देखा। घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए। घायलों के इलाज में कोई कमीं नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार घटना को लेकर अत्यंत गंभीर है। घटना की पुनर्रावृति नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला को इस संबंध में परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है। उन्हें इस संबंध में आवश्यक प्रबंधन जैसे ड्रोन, अनियंत्रित वाहनों को रोकने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण आदि के बारे में भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। एलिवेटेड ब्रिज सहित अन्य निर्माण की संभावनाएं भी पता करने के निर्देश दिए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुझाव देने के लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम आदि की संयुक्त बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए। मृतकों के परिजन और घायलों को मिलेगी आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये तथा घायलों को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की है। पुलिस उपायुक्त यातयात श्री अरविन्द तिवारी को हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच करने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर आठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। श्री सुदेश सिंह (सहायक पुलिस आयुक्त), श्री प्रेम सिंह (प्रभारी एएसआई बिजासन प्रभारी), श्री चन्द्रेश मरावी (प्रभारी सूबेदार सुपर कोरिडोर चौराहा प्रभारी), श्री दीपक यादव (निरीक्षक सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी) तथा ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल निलंबित किए गए हैं। मदद करने वाले होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कान्सटेबल श्री पंकज यादव और आटो रिक्शा चालक श्री अनिल पिता लाल सिंह कोठारी सहित अन्य को पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने जैसे अच्छा काम करने के लिये सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को घटना की विस्तृत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता तथा श्री आकाश विजयवर्गीय, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री सावन सोनकर, सफाई कामगार आयोग के अध्यक्ष श्री प्रताप करोसिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

टेस्ट के पहले दिन सैम कोंस्टास का धमाल, अय्यर ब्रिगेड की पकड़ ढीली

लखनऊ  सैम कोंस्टास की शतकीय पारी और पहले विकेट के लिए कैंपबेल केलावे के साथ 198 रन की साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ए ने पहले अनौपचारिक टेस्ट के शुरुआती दिन भारत ए के खिलाफ मंगलवार को लखनऊ में पांच विकेट पर 337 रन बना लिए। हर्ष दुबे ने तीन विकेट लेकर मैच में भारत ए की कुछ हद तक वापसी कराई। दुबे ने 21 ओवर में 88 रन देकर तीन विकेट झटके। कोंस्टास ने भारतीय टीम के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पदार्पण मैच में आक्रामक पारी से प्रभावित किया था। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के रिकार्डधारी दुबे की गेंद पर आउट होने से पहले परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए 144 गेंद की पारी में 10 चौके और तीन छक्कों की मदद से 109 रन बनाए।   प्रसिद्ध कृष्णाके खिलाफ आक्रामक तेवर इस 19 साल के खिलाड़ी को केलावे का शानदार साथ मिला, जिन्होंने 97 गेंद में 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 88 रन बनाए। कोंस्टास और केलावे की जोड़ी ने भारतीय टेस्ट गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सहित अन्य गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखा कर टीम को 38वें ओवर में 200 रन के करीब पहुंचा दिया। इस साझेदारी को गुरनूर बरार (47 रन पर एक विकेट) ने केलावे तनुष कोटियान के हाथों कैच कराकर तोड़ा। इस साझेदारी के टूटने के बाद क्रीज पर आए कप्तान नाथन मैकस्वीनी (एक) कुछ खास नहीं कर सके और दुबे का पहला शिकार बने। दुबे ने दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को एलबीडब्ल्यू करने के बाद कोंस्टास को भी बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। भारत ने पकड़ बनाने का मौका गंवाया बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद (46 रन पर एक विकेट) ने ज्यादा समय गंवाए बिना ऑलिवर पिक (दो) को एलबीडब्ल्यू किया तब लगा कि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारत ए की टीम अब मैच पर पकड़ बना लेगी। कूपर कॉनली (70) और लियन स्कॉट (नाबाद 47) ने पांचवें विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी कर एक बार फिर से मैच पर ऑस्ट्रेलिया ए का दबदबा कायम कर दिया। इस साझेदारी को दुबे ने कॉनली को देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच कराकर तोड़ा। कॉनली ने 84 गेंद की पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। स्टंप्स के समय स्कॉट के साथ जॉश फिलिप (नाबाद तीन) क्रीज पर मौजूद थे। प्रसिद्ध कृष्णा और तनुष कोटियान को कोई सफलता नहीं मिली। कृष्णा ने 11 ओवर में 47 जबकि कोटियान ने 19 ओवर में 92 रन दिए।  

कांग्रेस ने घोषित की प्रदेश चुनाव समिति, अखिलेश सिंह को नहीं मिली जगह

पटना बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। कांग्रेस ने इस बार पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को इसमें जगह दी है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति के गठन को मंज़ूरी दी है। नई समिति का गठन तत्काल प्रभाव से किया गया है। हम सब मिलकर बिहार में कांग्रेस पार्टी के संगठन और जनआंदोलन को और मजबूत बनाएंगे। इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान और मदन मोहन झा प्रमुख रूप से शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगी। कुल 39 सदस्य, कई पदाधिकारी स्थायी आमंत्रित समिति में कुल 39 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार से कांग्रेस के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद, एआईसीसी सचिव, सीडब्ल्यूसी सदस्य और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख इस समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य होंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस समिति में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को जगह नहीं दी गई है। जानिए, किन नेताओं को मिली बिहार प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति में जगह     राजेश कुमार राम     शकील अहमद खान     मदन मोहन झा     जितेन्द्र गुप्ता     शकील-उल-जमां अंसारी     संजीव प्रसाद टोनी     मोतीलाल शर्मा     कपिल देव प्रसाद यादव     अंशुल अविजीत     ब्रजेश कुमार पांडेय     जमाल अहमद भल्लू     मंजू राम     अजमी बारी     नागेन्द्र कुमार विकल     कैलाश पाल     राजेश राठौर     निर्मलेन्दु वर्मा     कैसर अली खान     प्रभात कुमार सिंह     कमल देव नारायण शुक्ला     कुमार आशीष     जमोतरी ममता निषाद     शकील-उर-रहमान     संतोष कुमार श्रीवास्तव     विश्वनाथ सर्राफ     रमेश प्रसाद यादव     शशि रंजन     सुबोध मंडल     नदीम अख्तर अंसारी     नीतू निषाद     फौजिया राणा     रामशंकर कुमार पान     उदय मांझी     रेखा सोरेन     तारक चौधरी     विश्वनाथ बैथा     सुनील कुमार पटेल     साधना राजक     खुशबू कुमारी

शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, एआई आदि पर जनता दे रही सुझाव

ग्रामीण क्षेत्रों से 1.35 लाख और नगरीय क्षेत्रों से करीब 65 हजार सुझाव प्राप्त शिक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक राय हुई दर्ज, देवरिया, कानपुर देहात, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, प्रतापगढ़, गोरखपुर आदि जनपदों से सर्वाधिक फीडबैक जनता का कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष जोर लखनऊ योगी सरकार द्वारा संचालित 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान निरंतर जनभागीदारी और सुझावों के साथ आगे बढ़ रहा है। मंगलवार तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्धजनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यावसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संगठनों, मीडिया और आम जनमानस से संवाद किया। इस संवाद में न केवल विगत आठ वर्षों की विकास यात्रा साझा की गई, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने हेतु रोडमैप पर चर्चा और फीडबैक भी प्राप्त किया गया। करीब दो लाख से अधिक फीडबैक दर्ज सरकार द्वारा विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब दो लाख फीडबैक दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1.35 लाख और नगरीय क्षेत्रों में करीब 65 हजार फीडबैक प्राप्त हुए। आयु वर्ग के अनुसार करीब 75 हजार सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 1 लाख से अधिक सुझाव 31-60 वर्ग से और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से करीब 25 हजार से अधिक सुझाव आए हैं। शिक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक राय जनता के बीच शिक्षा अब भी सबसे बड़ा मुद्दा है। करीब 70 हजार से अधिक सुझाव शिक्षा से जुड़े मिले। इसके अलावा नगरीय एवं ग्रामीण विकास से जुड़े करीब 40हजार, स्वास्थ्य पर 15 हजार से अधिक, समाज कल्याण पर करीब 16 हजार और कृषि क्षेत्र से संबंधित 27 हजार से अधिक सुझाव दर्ज किए गए। इन जिलों से मिल रही भागीदारी देवरिया, कानपुर देहात, हरदोई,  जौनपुर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, प्रतापगढ़ और गोरखपुर जैसे जनपदों से सबसे अधिक भागीदारी रही। इन जिलों से कुल69,670 से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए, जो दर्शाता है कि जनता इस अभियान को गंभीरता से ले रही है। समाज कल्य़ाण क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता आगरा की चित्रा पारिख, सचिन भारद्वाज ने समाज कल्याण क्षेत्र में सुधार का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि विधायकों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कम से कम स्नातक अनिवार्य की जाए। गौशाला समितियों में 50% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। छात्रावासों में स्वच्छता, पौष्टिक भोजन, चिकित्सकीय सुविधा तथा खेल-कूद के लिए उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। लखनऊ में फिनटेक एंड एनालिटिक्स सिटी विकसित की जानी चाहिए लखनऊ के कुंवर उर्जस्वित सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक वितरित डेटा सेंटर ग्रिड तथा लखनऊ में एक फिनटेक-एंड-एनालिटिक्स सिटी विकसित की जानी चाहिए, जिससे राज्य की वैश्विक सेवा-क्षमता और डेटा सुरक्षा सशक्त हो सके। स्थानीय शासन में एआई-को पायलट और एकीकृत नागरिक पोर्टल लागू कर वास्तविक समय में निर्णय प्रक्रिया और सेवाओं की दक्षता बढ़ाई जा सकती है। दूरगामी परिकल्पना के अंतर्गत स्पेस-टेक नीति तैयार की जाए तथा रक्षा-सम्बद्ध अंतरिक्ष तकनीक में स्वायत्ता प्राप्त करने हेतु उच्चस्तरीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव शामिल किया गया है। पशुओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा, रोक लगाने के लिए स्कैनर ऐप विकसित किया जाए कृषि कार्य से जुड़े अधिकांश किसान पशुपालन भी करते हैं, किंतु बीते कुछ वर्षों में पशु आहार बनाने वाले फैक्ट्री संचालक महंगाई से बचने अथवा अधिक लाभ कमाने की दृष्टि से पशु आहार में मिलावट करने लगे हैं। इसके कारण पशुओं का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए एक ऐसा स्कैनर ऐप विकसित किया जाए, जो न केवल पशु आहार की शुद्धता की पहचान कर सके, बल्कि पशु को स्कैन करते ही उसकी नस्ल, दूध उत्पादन क्षमता तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करा सके। साथ ही, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों को बीमा के दायरे में लाया जाए, क्योंकि मधुमक्खी पालकों को बॉक्स चोरी होने तथा मछली पालकों को तालाब में अराजक तत्वों द्वारा विष डालकर मछलियों को मार देने या चोरी होने का खतरा बना रहता है।