samacharsecretary.com

इंदौर-पीथमपुर के बीच दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा; एक और जिला होगा शामिल

इंदौर  मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है। सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है। महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी। इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल  इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी. सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया." 17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था. अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे. जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.  

सीमा पार दोस्ती को मिलेगी रफ्तार: भारत-भूटान के बीच चलेंगी ट्रेनें, दो नई रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली भारत और भूटान के रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए सरकार ने सोमवार को 4,033 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी. इन परियोजनाओं से न सिर्फ दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी. सबसे खास बात, अब आप ट्रेन से सीधे भूटान जा सकेंगे. पश्चिम बंगाल में हासीमारा तक ट्रेन थी, अब यह सीधे भूटान के गालेफू तक चलेगी. अब तक हा पहला प्रोजेक्ट असम के कोकराझार से भूटान के गालेफू तक रेल लाइन बिछाने का है. 69 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दूसरा प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के बनरहाट से भूटान के समत्से को जोड़ने के लिए है। इसकी लंबाई 20 किलोमीटर होगी और इस पर 577 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रेल मंत्री अश्व‍िनी वैष्‍णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, भारत और भूटान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. भारत,भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय बंदरगाह अहम भूमिका निभाते हैं. भूटान के समत्से और गालेफू बड़े एक्सपोर्ट-इंपोर्ट हब हैं,जो भारत-भूटान की करीब 700 किलोमीटर लंबी सीमा को जोड़ते हैं. भारत ने भरोसा दिया है कि भूटान के इन आर्थिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. यह भूटान में बनने वाला पहला रेल प्रोजेक्ट है,जो भारत से सीधा जोड़ेगा. लोगों और सामान की आवाजाही पहले से कहीं आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट से इलाके के लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे. गालेफू को एक माइंडफुलनेस सिटी (शांतिपूर्ण और आधुनिक शहर) के रूप में विकसित किया जा रहा है,जिससे पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. क‍िसी तीसरे देश का दखल नहीं भारत और भूटान के बीच नई रेल लाइन परियोजना पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह पूरी तरह द्विपक्षीय समझौते (MoU) के आधार पर हो रही है और इसमें किसी तीसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं है. उन्होंने साफ किया कि यह कदम चीन को सीधा संदेश है कि भूटान में भारत की साझेदारी मजबूत है और बाहरी दखल की गुंजाइश नहीं है. इस रेल लाइन से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और भरोसा और गहरा होगा, साथ ही व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते भी खुलेंगे। इसे भारत की रणनीतिक पहल माना जा रहा है. आवाजाही आसान होगी विदेश सच‍िव विक्रम मिसरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान यात्रा पर गए थे. भूटान और भारत के बीच आपसी संबंध काफी अच्छे रहे हैं. भारतीय निजी कंपनी भूटान में पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं. कनेक्टिविटी को लेकर रोड कनेक्टिविटी पर काफी काम हुआ है. हम इसे और आगे बढ़ाने की कोश‍िश कर रहे हैं. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही और आसान होगी. पूरा होने में चार साल लगेंगे  भारत और भूटान को जोड़ने वाली कोकराझार (असम) से गालेफू (भूटान) तक नई रेल लाइन बनाने का काम शुरू हो रहा है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा करने में 4 साल लगेंगे. रूट की लंबाई: 69 किलोमीटर भूटान का इलाका: सरपांग जिला भारत का इलाका: असम के कोकराझार और चिरांग जिले कुल स्टेशन: 6 बड़े पुल: 29 छोटे पुल: 65 महत्वपूर्ण ब्रिज: 2 वायडक्ट (लंबा ऊंचा पुल): 2 रूब्स (रेलवे अंडरब्रिज): 39 रोब्स (रेलवे ओवरब्रिज): 1 गुड्स शेड (माल लोडिंग-प्वाइंट): 2 इस रेल लाइन से भारत-भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और सीमा क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा फायदा होगा. सीमावर्ती इलाकों में रोजगार भी बढ़ेगा विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेल कनेक्टिविटी न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को रोजगार और विकास के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी. पर्यटक आसानी से भूटान तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को भी गति मिलेगी. भारत और भूटान लंबे समय से एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स को इस रिश्ते को और गहराई देने वाला कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि जब ये लाइनें तैयार होंगी, तो लोगों की जिंदगी और कारोबार दोनों ही और बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे.

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का वक्त और विधि – जानिए शुभ मुहूर्त

 वैसे तो शारदीय नवरात्र के पूरे 9 दिन बहुत ही खास और विशेष माने जाते हैं, लेकिन महाअष्टमी और महानवमी नवरात्र के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं. इस बार महाअष्टमी 30 सितंबर, आज मंगलवार को मनाई जाएगी और महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन दोनों दिनों पर शारदीय नवरात्र के पारण के लिए कन्या पूजन किया जाता है. कन्या पूजन पर 9 कन्याओं को मां दुर्गा के रूप में पूजकर, उनको हलवा-पूरी का भोग लगाया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि इन दोनों शुभ दिनों पर मां दुर्गा के किन स्वरूपों की पूजा होती है और क्या रहेगा कन्या पूजन का मुहूर्त. महाअष्टमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त महाअष्टमी के पूर्वी भारत में महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. महाअष्टमी दुर्गा पूजा का सबसे खास माना जाता है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि की शुरुआत इस बार 29 सितंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 सितंबर की शाम 6 बजकर 06 मिनट पर होगा.  वहीं, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट दोपहर 12 बजकर 11 मिनट रहेगा. साथ ही, अभिजीत मुहूर्त भी कन्या पूजन जैसे कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, जो कि सुबह 11 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इन तीनों मुहूर्तों में आप कन्या पूजन कर सकते हैं.  महाअष्टमी के दिन किसकी होती है पूजा? शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप माता महागौरी की उपासना की जाती है. माता महागौरी को उज्ज्वलता और पवित्रता की देवी माना गया है. मान्यता है कि मां महागौरी की उपासना से भक्त के जीवन से सभी दुख और कठिनाइयां दूर होती हैं और उसे नई ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.  महानवमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त  इस बार शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन का पारण भी कन्या पूजन से किया जाता है. पंचांग के मुताबिक, महानवमी के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त 1 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 01 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त, दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. महानवमी के दिन किसकी होती है पूजा? महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ये मां दुर्गा का अंतिम स्वरूप है. जैसा की इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां और मनचाही इच्छाएं प्रदान करती हैं. ऐसे करें कन्या पूजन नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कन्याओं को आमंत्रित करें और उनका पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत करें. कन्याओं को बिठाकर उनके पैरों को दूध से धोएं और उनके माथे पर कुमकुम लगाएं. मां भगवती का ध्यान करके कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और उपहार दें. अंत में कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें.