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साउथ अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान की टेस्ट टीम घोषित, बाबर आजम की वापसी

लाहौर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान ने अपनी 18 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की टीम में वापसी हुई है। दोनों देशों के बीच 12 अक्टूबर से आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र की शुरुआत होगी, जिसमें दो मुकाबले खेले जाने हैं। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को एशिया कप में स्थान नहीं मिल सका था, लेकिन अब शान मसूद की कप्तानी में इन अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हुई है। बाबर की वापसी से पाकिस्तान के मध्य क्रम को मजबूती मिली है। एशिया कप से बाहर बैठने वाले मोहम्मद रिजवान इस सीरीज में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रमुख गेंदबाज शाहीन अफरीदी, हसन अली और अबरार अहमद भी टीम में शामिल हैं। इमाम-उल-हक और अब्दुल्ला शफीक के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है, जबकि सऊद शकील और सलमान अली आगा बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। पाकिस्तान की इस टीम में अनुभवी और नए चेहरों का मिश्रण है। तीन नए खिलाड़ियों में बाएं हाथ के स्पिनर आसिफ अफरीदी, कलाई के स्पिनर फैसल अकरम और विकेटकीपर-बल्लेबाज रोहेल नजीर के पास डेब्यू का मौका होगा। पाकिस्तानी खिलाड़ी हेड कोच अजहर महमूद और एनसीए के कोचों के मार्गदर्शन में 8 अक्टूबर तक ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेंगे। हाल ही में संपन्न एसीसी पुरुष टी20 एशिया कप में भाग लेने वाले क्रिकेटर 4 अक्टूबर को शिविर में शामिल होंगे। पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका की टीमें 12-16 अक्टूबर के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेलेंगी, जिसके बाद 20-24 अक्टूबर के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। दोनों देश 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज खेलेंगे, जबकि 4-8 अक्टूबर के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। पाकिस्तान की टीम: शान मसूद (कप्तान), आमिर जमाल, अब्दुल्ला शफीक, अबरार अहमद, आसिफ अफरीदी, बाबर आजम, फैसल अकरम, हसन अली, इमाम-उल-हक, कामरान गुलाम, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद रिजवान (विकेट कीपर), नोमान अली, रोहेल नजीर (विकेटकीपर), साजिद खान, सलमान अली आगा, सऊद शकील और शाहीन शाह अफरीदी।  

संपत्ति देख उड़ जाएंगे होश! कानपुर के कानूनगो को योगी सरकार ने डिमोट कर लेखपाल बनाया

कानपुर  उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में राजस्व विभाग के एक अधिकारी आलोक दुबे के खिलाफ बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आमतौर पर कानूनगो पद पर काम करने वाले अधिकारी की सैलरी कम होती है और जीवन साधारण होता है, लेकिन जांच में पता चला कि आलोक दुबे करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। योगी सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे कानूनगो पद से डिमोट कर लेखपाल बना दिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। कैसे हुआ करोड़पति कानूनगो का खुलासा? मिली जानकारी के मुताबिक, आलोक दुबे का नाम लंबे समय से कानपुर के जमीन कारोबार में विवादित जमीनों पर वारासत और बैनामा करने के मामले में सुर्खियों में था। शिकायतें मिलीं कि वह गैरकानूनी तरीके से जमीनों पर कब्जा कर रहा है। इस मामले में प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए। एडीएम (न्यायिक), एसडीएम सदर और एसीपी कोतवाली की संयुक्त टीम ने जांच की तो पाया कि दुबे ने कानूनी रोक लगे हुए जमीनों पर फर्जी वारासत और बैनामा कर दिया था। इन जमीनों में से एक जमीन को एक निजी कंपनी को भी बेच दिया गया था, जिससे भ्रष्टाचार का खेल सामने आया। 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का मालिक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आलोक दुबे, उसकी पत्नी और बच्चों के नाम कानपुर, दिल्ली और नोएडा में करीब 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियां हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या और भी ज्यादा हो सकती है। दुबे ने रिंग रोड परियोजना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद-फरोख्त की। अनुमान है कि उसने 56 संपत्तियों में निवेश किया है। सरकारी पद का दुरुपयोग कर उसने अपनी संपत्ति में भारी वृद्धि की। विभागीय जांच और डिमोशन मार्च 2025 में दुबे के खिलाफ कानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। विभागीय जांच में उसे चार गंभीर आरोपों में दोषी पाया गया। अगस्त 2025 में उसकी व्यक्तिगत सुनवाई भी हुई। जांच अधिकारी ने साफ कहा कि दुबे ने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति भूमि खरीदी और बेच दी। इसके बाद डीएम ने आदेश जारी कर उसे कानूनगो पद से घटाकर लेखपाल बना दिया। प्रशासन ने कहा कि अब भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   संदिग्ध साथियों की भी जांच जारी जांच में दुबे के साथ काम करने वाले कुछ अन्य राजस्व कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। विशेष रूप से क्षेत्रीय लेखपाल अरुणा द्विवेदी का नाम सामने आया है। प्रशासन ने कहा है कि उनकी संलिप्तता पाए जाने पर उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी। जनता का भरोसा और प्रशासन की सख्ती डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों का काम जनता के अधिकार और जमीन की सुरक्षा से जुड़ा होता है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी जनता का विश्वास टूटने का कारण बनते हैं। योगी सरकार ने साफ कहा है कि जमीन माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों पर कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी। जमीन माफिया के साथ सांठगांठ का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि आलोक दुबे सिर्फ सरकारी अधिकारी नहीं, बल्कि जमीन माफिया के लिए भी ‘सेटिंग मास्टर’ था। आरोप है कि वह माफिया को पहले से सूचना देता था कि कौन से इलाके में सड़क या रिंग रोड बन रही है, जिससे माफिया उस इलाके में जमीन खरीदकर भारी मुनाफा कमाते थे। बदले में दुबे को भी हिस्सा मिलता था। कानूनगो और लेखपाल पद की जानकारी राजस्व विभाग में लेखपाल सबसे निचले स्तर का अधिकारी होता है, जो ग्राम स्तर पर भूमि के रिकॉर्ड रखता है और छोटे विवाद सुलझाता है। वहीं कानूनगो लेखपालों की देखरेख करता है और उससे ऊपर का पद होता है। आलोक दुबे के डिमोशन से साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।  

दिव्यांग बच्चों की जिंदगी में नई उम्मीद, मान सरकार ने खोले अवसरों के दरवाजे

पंजाब  पंजाब की मान सरकार ने दिव्यांग बच्चों को सशक्त बनाने और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। अगस्त 2025 में, पंजाब ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत सांकेतिक भाषा के दुभाषियों, अनुवादकों और विशेष शिक्षकों को नियुक्त करने वाला भारत का पहला राज्य बनकर एक मिसाल कायम की है। यह फैसला उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगा, जिन्हें सुनने या बोलने में परेशानी होती है और जिन्हें अक्सर कानूनी और शैक्षिक प्रक्रियाओं में अनदेखा कर दिया जाता है। यह सिर्फ एक सरकारी फैसला नहीं, बल्कि एक बच्चे की खामोश दुनिया में गूंजती हुई उम्मीद की कहानी है। जब कोई बच्चा जन्म से ही सुनने और बोलने में अक्षम होता है, तो उसका संसार शब्दों के शोर से दूर, एक शांत और सीमित दायरे में सिमट जाता है। उसकी आँखों में अनगिनत सवाल होते हैं, मन में बहुत कुछ कहने की चाह होती है, लेकिन जुबान खामोश रहती है। न्याय के गलियारों में, जहाँ शब्दों का ही राज चलता है, ऐसे बच्चों के लिए अपनी बात रखना किसी पहाड़ से कम नहीं होता। लेकिन पंजाब की मान सरकार ने इन बच्चों की खामोशी को अपनी आवाज बना दिया। यह सिर्फ एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक बच्चे के दिल से निकली दुआ का परिणाम है। यह पहल केवल कानूनी और राजनीतिक तक सीमित नहीं है। पटियाला में एक तकनीकी समाधान “साइन लिंगुआ फ्रैंका” ‘sign lingua franca’ को विकसित करने का फैसला लिया गया है, जो बोले गए शब्दों को सांकेतिक भाषा में बदल देता है। यह तकनीक उन लाखों लोगों के जीवन को बदल सकती है जो सुनने में असमर्थ है। मान सरकार केवल योजनाओं की घोषणा नहीं कर रही, बल्कि तकनीक और मानवीय संवेदना का संगम करके वास्तविक बदलाव ला रही है। मान सरकार की पहल यह दर्शाती है कि शासन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि दिल से चलता है। यह सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है—एक ऐसी यात्रा जो एक खामोश बच्चे को उम्मीद की राह दिखाती है। इस कदम से पंजाब ने न केवल एक मिसाल कायम की है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि जब संवेदना और इच्छाशक्ति एक साथ मिलती है, तो बड़े से बड़े अवरोध भी दूर हो जाते हैं। मान सरकार का यह हर दिव्यांग बच्चे के लिए एक मुस्कान और एक नए, सशक्त भविष्य का वादा है।   यह पहल लाखों मूक-बधिर बच्चों और उनके परिवारों के लिए सम्मान और उम्मीद की किरण है। जब एक बच्चा अपनी बात कह पाता है और उसे समझा जाता है, तो यह उसके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। यह फैसला इन बच्चों को यह महसूस कराता है कि वे भी समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी आवाज़ भी मायने रखती है, भले ही वह आवाज़ शब्दों में न हो। मान सरकार का यह कदम एक मानवीय पहल है। यह दिखाता है कि एक संवेदनशील सरकार कैसे समाज के सबसे कमजोर तबके के लिए बदलाव ला सकती है। पंजाब, दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए अपनी विधानसभा में सांकेतिक भाषा लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने दिव्यांगजनों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह अनूठी पहल की है। जिसने दिव्यांगों को यह अहसास कराया कि वे भी इस समाज का अभिन्न अंग हैं। इससे उन्हें सरकार की नीतियों को समझने और अपनी राय रखने का मौका मिला। डॉ. बलजीत कौर ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 40 के तहत, दिव्यांगजनों को उनके मानवाधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए संचार प्रणालियों को सुलभ बनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण, बजट सत्र और अन्य महत्वपूर्ण चर्चाओं का प्रसारण भी सांकेतिक भाषा में किया गया | यह फैसला भारत के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा बनेगा। मान सरकार की अगवाई मे पंजाब ने एक ऐसा रास्ता दिखाया है, जहाँ हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि हमारे समाज का कोई भी हिस्सा पीछे न छूटे। यह एक ऐसी कहानी है, जो दिलों को छू लेती है और हमें यह याद दिलाती है कि जब हम सब मिलकर चलते हैं, तो कोई भी दूरी असंभव नहीं होती। पंजाब मे मान सरकार ने दिखा दिया कि एक छोटी सी शुरुआत कैसे एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की नींव रख सकती है। यह केवल एक ‘काम’ नहीं, बल्कि एक ‘क्रांति’ है। “मान सरकार ने साबित किया – सच्चा विकास तब होता है जब समाज का हर वर्ग अपनी ‘भाषा’ में खुद को व्यक्त कर सके।”  

इस जिले की मंडियों में सबसे अधिक धान की खरीद, अब तक 1.87 लाख टन पार

चंडीगढ़ खरीफ खरीद सीजन-2025 के दौरान हरियाणा की मंडियों से 187743.49 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इसमें से 25000 मीट्रिक टन धान का उठान भी मंडियों/खरीद केंद्रों से हो चुका है। हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अब तक राज्य भर के लगभग 20147 किसानों से धान की खरीद की गई है। यह सभी किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान हैं। हरियाणा की मंडियों में अब तक कुल 317881.56 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है।  उल्लेखनीय है कि हरियाणा राज्य में भारत सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद 22 सितम्बर 2025 से आरम्भहो चुकी है। अब तक सबसे अधिक धान खरीद कुरुक्षेत्र जिले में हुई है। कुरुक्षेत्र में 82760.48 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। कुरुक्षेत्र में अब तक 113582.72 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अंबाला जिले की मंडियों में 67660.73 मीट्रिक टन धान की आवक हुई और कुल 45605.76 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसी प्रकार यमुनानगर जिले की मंडियों में अब तक 42301.91 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है और कुल 22942.57 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। मंडियों/खरीद केंद्रों से धान की खरीद खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा की जा रही।  

गत विजेता गॉफ चाइना ओपन के क्वार्टर फाइनल में

बीजिंग दूसरी वरीयता प्राप्त कोको गॉफ ने एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंसिक को 4-6, 7-6(4), 6-2 से हराकर मंगलवार को चाइना ओपन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। 15वीं वरीयता प्राप्त और टोक्यो ओलंपिक चैंपियन बेंसिक ने डायमंड कोर्ट पर पहले सेट के आखिर में ब्रेक लगाकर पहला सेट 6-4 से जीत लिया। विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी गॉफ ने दूसरे सेट में भी वापसी की, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के ब्रेक का सामना किया, जिसके बाद अमेरिकी खिलाड़ी ने टाईब्रेकर के लिए मजबूर किया, जिसे उन्होंने 7-4 से जीतकर मैच बराबर कर दिया। एक समय तो बेंसिक ने अपना रैकेट तोड़ दिया और चेयर अंपायर से गॉफ के टीम बॉक्स से ध्यान भटकाने की शिकायत की। 20 वर्षीय गत चैंपियन ने निर्णायक गेम में पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया, दो बार ब्रेक लेकर 5-1 की बढ़त बना ली और फिर आत्मविश्वास से भरी सर्विस होल्ड के साथ मुकाबला जीत लिया। यह उनके करियर का छठा मुकाबला था, जिसमें गॉफ ने अपनी बढ़त को 4-2 तक पहुँचाया। गॉफ अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए जर्मनी की ईवा लिस या अमेरिकी मैककार्टनी केसलर में से किसी एक से भिड़ेंगी। इस बीच चाइना ओपन में सोमवार को कई खिलाड़ियों के रिटायरमेंट की खबर आई, जिसमें पांच खिलाड़ियों को मैच के बीच में ही हटना पड़ा। फिर भी, शीर्ष वरीयता प्राप्त जैनिक सिनर और इगा स्वियाटेक आगे बढ़े, जबकि दानिल मेदवेदेव ने उभरते हुए अमेरिकी खिलाड़ी टिएन के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। चीन की झेंग किनवेन भी चोट की लहर का शिकार हुईं, जब डायमंड कोर्ट पर रात के सत्र में चेक खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा के खिलाफ तीसरे दौर के मैच से 6-4, 3-6, 3-0 से पिछड़ने के बाद उन्होंने मैच से हटना पड़ा। इससे पहले, जैकब मेन्सिक, कैमिला ओसोरियो, लोइस बोइसन और लोरेंजो मुसेट्टी भी मैच के बीच में ही रिटायर हो गए, जिससे पुरुष और महिला वर्ग में कुल पाँच खिलाड़ी हट गए। शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी, इटली के जैनिक सिनर ने हंगरी के फैबियन मारोजसन को 6-1, 7-5 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 24 वर्षीय चार बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने शुरुआती सेट में तीन बार सर्विस तोड़ी और दूसरे सेट में कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार दो लव गेम्स के साथ मैच अपने नाम कर लिया। सिनर का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर से होगा, जिन्होंने चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी मेन्सिक के पहले सेट में 4-1 से पिछड़ने के बाद रिटायर होने के बाद आगे कदम बढ़ाया। मियामी में खिताबी जीत सहित एक शानदार सीजन के बाद 19वें स्थान पर रहे 20 वर्षीय मेन्सिक आगे नहीं खेल पाए, जिससे तीसरे वरीय खिलाड़ी को आगे बढ़ना पड़ा। पुरुषों के ड्रॉ के दूसरे भाग में, मेदवेदेव ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-3, 6-3 से हराया। 2021 यूएस ओपन चैंपियन का सामना अब 19 वर्षीय टिएन से होगा, जो मुसेट्टी के रिटायर होने के बाद आगे बढ़े थे। महिलाओं के ड्रॉ में, दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्वियाटेक ने बीजिंग में अपना बेदाग रिकॉर्ड बरकरार रखा। उन्होंने ओसोरियो के खिलाफ पहला सेट 6-0 से जीता, लेकिन कोलंबियाई खिलाड़ी चोट लगने के कारण मैच से हट गईं। यह जीत स्वियाटेक के करियर की 400वीं मैच जीत थी और चीनी राजधानी में उनके अपराजित रहने के सिलसिले को और आगे बढ़ाया। स्वियाटेक का अगला मुकाबला 16वीं वरीयता प्राप्त एम्मा नवारो से होगा, जो फ्रांस की बोइसन के 6-2, 1-0 से पिछड़ने के बाद मैच से हट जाने के बाद आगे बढ़ीं। चीन की झेंग का अभियान निराशाजनक रहा। ओलंपिक चैंपियन ने नोस्कोवा के खिलाफ तीसरे दौर का मैच दूसरा सेट जीतकर बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक सेट में 3-0 से पिछड़ने के बाद, उन्होंने कोर्ट के बाहर मेडिकल स्टाफ से सलाह लेने के बाद मैच छोड़ दिया। नोस्कोवा, जिन्होंने पिछले दौर में वांग शियायू को हराया था, अंतिम 16 में पहुंचकर रूस की अनास्तासिया पोटापोवा से भिड़ेंगी, जिन्होंने तुर्की की ज़ेनेप सोनमेज को 6-3, 7-5 से हराया। अन्य मुकाबलों में, चौथी वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा ने स्पेन की जेसिका बूज़ास मानेरो को 6-4, 6-1 से हराया, जबकि मार्टा कोस्त्युक ने अलियाक्सांद्रा सासनोविच को 6-4, 6-2 से हराकर अंतिम 16 में प्रवेश किया।  

फाइनल वोटर लिस्ट हुई जारी, बिहार में चुनावी माहौल गहराया – तारीख का बेसब्री से इंतजार

पटना भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। हाल ही में कराए गए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद यह अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई है। फाइनल वोटर लिस्ट को आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया है। इसी के आधार पर बिहार में विधानसभा चुनाव होंगे। आयोग 6 अक्टूबर के बाद कभी भी बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से कहा गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। कोई भी मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर मतदाता सूची में अपने नाम का विवरण देख सकताे हैं। बताया जा रहा है कि प्रकाशित मतदाता सूची में बिहार के 7.24 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इतने मतदाताओं की ओर से अपना गणना फॉर्म भरकर जमा किया गया था। वहीं, दावा-आपत्ति के दौरान 16 लाख 58 हजार 886 पात्र नागरिकों ने फॉर्म-6 भरकर जमा कराया। चुनाव आयोग के अनुसार 36,475 मतदाताओं ने नाम जोड़ने के लिए दावा पेश किया जबकि 2,17,049 मतदाताओं ने नाम हटाने के लिए आवेदन किए। हालांकि, फाइनल वोटर लिस्ट में मतदाताओं की कुल संख्या की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं, राज्य के करीब तीन लाख मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए जाने को लेकर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची में एसआईआर के दौरान मृतक, स्थानांतरित एवं दोहरी प्रवृष्टि वाले मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। बिहार चुनाव का ऐलान अगले सप्ताह संभव फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब चुनाव आयोग बिहार में तैयारियों का जायजा लेने के लिए 4 और 5 अक्टूबर को पटना का दौरा करेगा। इसके बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। अगले सप्ताह बिहार विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। संभावना है कि पहले चरण का मतदान दिवाली और छठ महापर्व के बाद अक्टूबर महीने के अंत में या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में होगा। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है। इससे पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पिछली बार की तरह इस बार भी 3 चरणों में मतदान होने की संभावना जताई जा रही है।  

‘लोकल टू वोकल’ को नई उड़ान: यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वदेशी मेले, कारीगरों की चमक बढ़ेगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इस दीपावली कुछ खास होने वाला है। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत इस साल दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'स्वदेशी मेला' लगाया जाएगा। इन मेलों में स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी और छोटे उद्यमी अपने उत्पादों को सीधे जनता के सामने पेश कर सकेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के बैनर तले होगा, जिसकी थीम “स्वदेशी उत्पाद और लोकल से वोकल” होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को हरी झंडी दे दी है। सभी जिलों में 9-10 दिन तक चलेगा मेला MSME मंत्री राकेश सचान ने बताया कि पहले यह मेला सिर्फ 18 मंडलों में ही लगता था, लेकिन अब इसे पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है। प्रत्येक जिले में यह मेला करीब 9 से 10 दिनों तक चलेगा और इसका उद्घाटन स्थानीय मंत्री या विधायक करेंगे। कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच इस पहल का मकसद है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा बाजार मिले, ताकि वे अपने सामान बेचकर अच्छी कमाई कर सकें। खास बात ये है कि इन मेलों में हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को अपने जिले के उत्पादों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अन्य जिलों और राज्यों के खास उत्पाद भी देख और खरीद सकेंगे। उपभोक्ताओं को मिलेगा सही दाम पर गुणवत्तापूर्ण सामान मेले में बिक्री होने वाले सभी उत्पादों की कीमतों में पारदर्शिता होगी। GST सुधारों की वजह से ग्राहक सही दाम में सामान खरीद पाएंगे। मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल कारीगरों की आय तो बढ़ाएगी ही, साथ ही उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण और सस्ते उत्पाद मिलेंगे।   हर जिले में खुलेंगे 'यूनिटी मॉल' सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जल्द ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'यूनिटी मॉल' बनाए जाएंगे। फिलहाल लखनऊ, वाराणसी और आगरा में केंद्र सरकार की मदद से यूनिटी मॉल की स्थापना शुरू हो चुकी है। इन मॉल्स में हर जिले के खास उत्पादों के साथ-साथ देशभर के ODOP उत्पाद भी मिलेंगे। इसका मकसद है कि एक ही जगह पर देशी और विविधता भरे उत्पाद उपलब्ध हों, जिससे न सिर्फ बिक्री बढ़े बल्कि स्थानीय कारीगरों को पहचान भी मिले। 'वोकल फॉर लोकल' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा मंत्री सचान ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'लोकल टू वोकल' अभियान को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी और लोगों को भी भारतीय उत्पादों के प्रति ज्यादा रुझान और भरोसा बनेगा। डिजिटल और सोशल मीडिया से होगा प्रचार इस बार मेलों के प्रचार-प्रसार में डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया जाएगा। इससे न केवल यूपी बल्कि पूरे देश के लोग इन मेलों के बारे में जान पाएंगे और ऑनलाइन खरीदारी का भी विकल्प उपलब्ध होगा। यह पहल छोटे और मध्यम व्यवसायियों को राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार तक पहुंचने में मदद करेगी। अगले साल और भी भव्य होगा आयोजन UPITS 2025 का तीसरा संस्करण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसकी अगली कड़ी 25 से 29 सितंबर 2026 तक और भी बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस बार जो कमियाँ देखी गईं, उन्हें सुधार कर अगले आयोजन को और बेहतर और व्यवस्थित बनाया जाएगा।  

एमसीबी: जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा

एमसीबी : जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की पहली बैठक हुई संपन्न, जिले में औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा एमसीबी  जिले में आयोजित  "जिला निवेश प्रोत्साहन समिति"  की प्रथम बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता एवं महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र टी. आर. कश्यप के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे जिनमें जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, वनमंडल अधिकारी, कार्यपालन यंत्री राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपसंचालक कृषि विभाग, श्रम पदाधिकारी, जिला खनिज अधिकारी एवं सहायक संचालक नगर ग्राम तथा निवेश मनेन्द्रगढ़ शामिल थे। बैठक की शुरुआत समिति के अध्यक्ष कलेक्टर के निर्देश से की गई। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा निर्धारित एजेंडा में औद्योगिक परियोजनाओं के लिये पहचाने गये औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटित करना, विद्युत शक्ति, जल स्त्रोतों तथा अन्य उपयोगिताओं की पहचान कर उनका आबंटन एवं सुविधापूर्वक उपलब्ध कराना, स्थानीय प्रशासन से परियोजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों के संबंध में अनुमोदन तथा श्रम कल्याण से संबंधित मामलों में अनुमोदन लेने जैसे मुद्दों पर समिति को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ शासन राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा 18 सितम्बर 2025 को जारी एजेंडा 1 से 13 तक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एजेंडा के अनुसार समिति के विभागीय सदस्यों से जिले में औद्योगिक विकास के लिये आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। जिला पंचायत से औद्योगिक गतिविधियों में संलग्न स्वयंसहायता समूहों की जानकारी, वन विभाग से वनोपज एवं वनोपज प्रसंस्करण का विवरण, विद्युत विभाग से विद्युत उपलब्धता तथा निम्न दाब एवं उच्च दाब केन्द्रों की स्थापना से संबंधित जानकारी, जल संसाधन विभाग से जिले में स्थित जलाशयों की संरचना, जल भराव क्षेत्र तथा क्षमता का विवरण, लोक निर्माण विभाग से जिले में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा अंतर्जिला सम्पर्क सड़क मार्गों की जानकारी, कृषि विभाग से क्षेत्रवार उत्पादकता एवं उत्पादन मात्रा सहित सिंचित व असिंचित क्षेत्र की जानकारी, खनिज विभाग से खनिज उत्पादन एवं गौण खनिज का विवरण तथा क्रेशर उद्योग की संभावनाओं की जानकारी, श्रम विभाग से श्रम कल्याण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने हेतु कहा गया। कलेक्टर ने औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के संबंध में औद्योगिक नीति पर चर्चा एवं मार्गदर्शन दिया तथा समिति के विभागीय सदस्यों को निर्देशित किया कि औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक तथ्यात्मक जानकारी एक सप्ताह के भीतर जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को उपलब्ध कराई जाए। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर द्वारा जारी एजेंडा में सिंगल विंडो सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा, जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस की समीक्षा, लैण्ड बैंक हेतु भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, औद्योगिक भूमि हेतु लंबित संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा, शासकीय भूमि हस्तांतरण प्रकरणों की समीक्षा, औद्योगिक विकास हेतु लंबित निजी भूमि अर्जन प्रकरणों की समीक्षा, जिले के विशिष्ट उत्पादों (ODOP) के निर्यात संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा, औद्योगिक नीति/नियमों में सुधार हेतु सुझाव, जिले में नवीन निवेश एवं स्टार्टअप की समीक्षा, विभागीय योजनाओं  PMEGP/ PMFME की समीक्षा, रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे के निकट भूमि चिन्हांकन की समीक्षा, लैण्ड बैंक/औद्योगिक पार्क की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने संबंधी समीक्षा तथा एमओयू/अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आने वाली कठिनाइयों का जिला स्तर पर निराकरण हेतु समीक्षा शामिल रही। उक्त सभी एजेंडा पर चर्चा एवं समीक्षा की गई तथा उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को औद्योगिक क्षेत्र हेतु भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिये गये। कलेक्टर ने एजेंडा अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सर्व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागीय समिति सदस्यों को समन्वय एवं सहयोग से कार्य करने हेतु कहा ताकि जिले में औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके। अंत में समिति के अध्यक्ष कलेक्टर की अनुमति से महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री टी. आर. कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया। इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, शशि शेखर मिश्रा, विजयेन्द्र सारथी, समस्त जनपद सीईओ के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।

मध्य प्रदेश के भिंड में भीषण दुर्घटना, ट्रक-बाइक भिड़ंत में 5 की जान गई

भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार सुबह एक कैंटर-ट्रक के हाईवे पर दो मोटरसाइकिलों से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह घटना फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिंड-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के पास हुई। फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि टेढ़ी पुलिया के पास ट्रक और मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में एक महिला और एक बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और घटना की जांच जारी है।  

कलेक्टर ने 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की तैयारी एवं चल रहे रजत जयंती महोत्सव के बारे में दिए अहम दिशा निर्देश

एमसीबी : कलेक्टर की समय-सीमा बैठक में सभी विभागीय कार्यों का किया समीक्षा कलेक्टर ने 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा की तैयारी एवं चल रहे रजत जयंती महोत्सव के बारे में दिए अहम दिशा निर्देश एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने सभी विभागों की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए विभागीय पत्रों, शिविरों के लंबित मुद्दों, डीएमएफ कार्यों की प्रगति और आगामी बैठक में शामिल होने वाले प्रस्तावों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही जन शिकायतों, जनदर्शन, सीएम पोर्टल और पीएम पोर्टल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने परसगढ़ी, अमृतधारा, चिरमिरी, खड़गवां और भरतपुर में उद्योग हेतु जमीन सर्वे के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत हेतु एस्टीमेट भेजने के लिए कहा गया है । जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने जानकारी दी कि 02 अक्टूबर 2025 को जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं आश्रित ग्रामों में ग्रामसभा बैठक आयोजित होगी। इसके प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक ग्रामसभा में पोस्टर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। और ग्राम सभा  कार्यवाही में पंचायत की आय-व्यय समीक्षा, योजनाओं की प्रगति, मनरेगा कार्यों की स्थिति, सामाजिक अंकेक्षण, खाद्यान्न वितरण, जन्म-मृत्यु पंजीयन, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, पंचायत कर निर्धारण, आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) स्कोर सहित अनेक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही एचआईवी/एड्स जागरूकता, धान उपार्जन हेतु  Agristack Portal पंजीयन, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 और अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने आगे बताया कि ग्रामसभा की कार्यवाही के दौरान 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर GS NIRNAY ऐप एवं  GPDP पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। भारत सरकार के नए “सभासार पोर्टल” पर चयनित पंचायतों की कार्यवाही का एआई आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। सभी ग्राम सभाओं में आरआई की अनिवार्य उपस्थिति रहेगी। जल जीवन मिशन, खाद्य, गिदावरी, धान खरीदी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। जिन किसानों का पंजीयन छूट गया है, उन्हें पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के 40 विभागों ने जीएसटी फाइल नहीं भरी है, इसलिए प्रत्येक माह समय पर जीएसटी फाइल अपडेट करने के निर्देश दिए गए है । महिला एवं बाल विकास विभाग के रिक्त पदों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। ई-ऑफिस की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागीय पत्रों का संधारण ई-ऑफिस पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सहकारी समिति को निर्देशित किया गया कि केल्हारी में पाए गए 27 फर्जी वन अधिकार मान्यता पत्र धारकों को किसी भी प्रकार से टोकन और धान खरीदी की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि अब तक जिले में अब तक 55 रजत जयंती महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं। जिन विभागों में आयोजन हो चुका है और जिनका होना शेष है, इसकी जानकारी जिला पंचायत सीईओ को भेजने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पंचभूमि हेतु भूमि आवंटन, स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय शिक्षा नीति अंतर्गत  FLN कार्यक्रम तथा 6, 7 एवं 8 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसमें सभी जिला अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बीडीसी प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करने को कहा गया। नवोदय विद्यालय का प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही प्राथमिक शालाओं को पीएम श्री स्कूल में तब्दील करने हेतु प्रस्ताव भेजने, जर्जर स्कूलों की मरम्मत, शौचालय और भवन निर्माण कार्यों के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत पंचायतों में आयोजित सभी कार्यक्रमों की अलग-अलग पीडीएफ फाइल तैयार करने को कहा गया है।  FRA 3/2 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई, जिसमें खड़गवां आयुष, लावलीहुड़ कॉलेज,  PHE,  मेंटल हॉस्पिटल, डीएम स्कूल और पोल्ट्री फार्म हेतु भूमि आवंटन एवं चल रहे कामों की समीक्षा की गई । इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी ली और सभी ग्राम पंचायतों को नियमित रूप से खोलने के निर्देश दिए। पंचायत भवनों की साफ-सफाई, श्रमवीर पंजीयन, जेम्स पोर्टल प्रशिक्षण, बैंक सखियों की बैंकों में नियमित उपस्थिति और बीसी सखियों को पंचायत भवनों में बैठने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नाबार्ड प्रेजेंटेशन कराने, सीएम घोषणाओं के लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने,  BSNL  टावरों की स्थिति की जानकारी, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं अन्य योजनाओं की समीक्षा की। वहीं अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे ने सभी विभागों को अपनी योजनाओं की सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  DMF से स्वीकृत लंबित कार्यों में PWD के कार्य, कलेक्टर कार्यालय में शौचालय, रिकॉर्ड रूम, सेट निर्माण और साइकिल स्टैंड निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। बैठक में बीपीटी पंजीयन, वृक्षारोपण, केल्हारी व बहरासी में बैंक शाखाओं हेतु आवास एवं भूमि आवंटन, माड़ीसरई में सामुदायिक भवन, फिजियोथैरिपी हॉस्पिटल, अतिक्रमण हटाने, हॉस्टल निर्माण, पीएम जनमन, बैगा आवास निर्माण, असंगठित श्रमिक, हाईमास्ट लाइट सहित अन्य मुद्दों की भी समीक्षा हुई। वहीं खाद्य विभाग ने बताया कि अब तक जिले में 53,000 लोगों का राशन कार्ड ई-केवाईसी नहीं हो पाया है। इसकी अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025 निर्धारित है। अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं होने पर लाभार्थी राशन से वंचित हो जाएंगे। अब ई-केवाईसी सुविधा अब मोबाइल ऐप के माध्यम से घर पर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन होने पर तत्काल कलेक्टर को सूचित करने के निर्देश दिए गए। मत्स्य पालन विभाग से विज वितरण, अमृत सरोवर की जानकारी और योजना एवं सांख्यिकी विभाग से 2025-26 के नगरीय निकायों के बजट की जानकारी ली गई। इस बैठक में पीएम जनमन आवास, ग्रामीण आजीविका मिशन, ई-कोष, आदि कर्मयोगी अभियान, श्रमवीरों का पंजीयन, रजत जयंती महोत्सव, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण आहार कार्यक्रम, हाट-बाजारों में दीवाल लेखन, कुपोषित बच्चों की जानकारी, ट्राइबल विभाग के कार्य, ई-ऑफिस, लंबित फाइलों के निपटान, पेंशन प्रकरण, आयुष विभाग हेतु भूमि आवंटन, 220 बेड के अस्पताल निर्माण, डंगौरा मेंटल हॉस्पिटल, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, सर्किट हाउस … Read more