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सूर्यकुमार यादव की फॉर्म बनी चर्चा का विषय, कप्तान बोले– कोई चिंता नहीं!

नई दिल्ली  पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुधवार को केनबरा में होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में फॉर्म में लौटने की कोशिश करेंगे। हालांकि खुद कप्तान सूर्यकुमार अपनी फॉर्म को लेकर बेफिक्र हैं। कोच गौतम गंभीर भी कह रहे कि चिंता की कोई बात नहीं। सूर्या ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत की है और वह अच्छी स्थिति में हैं। दोनों टीम ने अपने पिछले 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से आठ जीते हैं और एक-एक मैच हारे हैं, इसलिए मुकाबला बराबरी का होने की उम्मीद है। भारत का एक मैच टाई रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। सूर्यकुमार का रन नहीं बना पाना टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है लेकिन अन्य खिलाड़ियों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी बेहतर खेल दिखाने के लिए वह प्रतिबद्ध होंगे। सूर्य कुमार के कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम ने निर्भीक क्रिकेट खेलने को प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि उनकी कप्तानी में भारत ने अब तक जो 29 मैच खेले हैं उनमें से 23 में उसे जीत मिली है। किसी भी कीमत पर आक्रामकता बनाए रखना और सूर्या के नेतृत्व कौशल के दम पर भारत ने सभी द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में जीत हासिल की है और वह हाल में एशिया कप जीतने में भी सफल रहा था। ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला अगले साल की शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए भारत की वास्तविक तैयारी की शुरुआत है, जिसमें उसे 15 मैच खेलने हैं। लेकिन यह कहा जा सकता है कि इस श्रृंखला के परिणाम का कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ अगले 10 मैच घरेलू परिस्थितियों में खेले जाएंगे। अच्छी बात यह है कि विश्व कप भी इसी तरह की परिस्थितियों में आयोजित किया जाएगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सूर्या का खुलकर समर्थन किया और उनका मानना ​​है कि कप्तान का लगातार कम स्कोर पर आउट होना चिंता का विषय नहीं है। सूर्यकुमार हालांकि बड़ी पारी खेलने के लिए बेताब होंगे। सूर्यकुमार यादव ने 2023 में 18 पारियों में लगभग 156 के स्ट्राइक रेट से 733 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने 2024 में 151 के स्ट्राइक रेट से 450 से थोड़ा कम रन बनाए, लेकिन 2025 में अब तक भारतीय कप्तान 10 पारियों में 11 रन प्रति मैच की औसत से केवल 100 रन ही बना पाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 105 से अधिक है जिससे यह पता चलता है कि भले ही उन्हें रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने अपनी आक्रामक रणनीति को पूरी तरह से नहीं छोड़ा है। सूर्यकुमार ने मनुका ओवल में श्रृंखला से पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं सचमुच कड़ी मेहनत कर रहा हूं। ऐसा नहीं है कि मैं पहले कड़ी मेहनत नहीं कर रहा था। मैंने स्वदेश में अच्छा अभ्यास किया और इसलिए मैं अब अच्छी स्थिति में हूं। टीम अलग-अलग परिस्थितियों में आपसे क्या उम्मीद रखती है यह अधिक महत्वपूर्ण है।’’ एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर अतिरिक्त उछाल से निपटना एक नई चुनौती होगी और इसलिए कप्तान का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मनुका ओवल की पिच पर उछाल होने के कारण सूर्य कुमार को अधिकतम लाभ हासिल करने का मौका मिलेगा, लेकिन जोश हेजलवुड उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। भारत के गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी और वरुण चक्रवर्ती की चतुराई महत्वपूर्ण कारक होंगे। वरुण, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के 12 ओवर के साथ-साथ बुमराह और अर्शदीप के शुरुआती स्पेल ट्रेविस हेड और खतरनाक मिशेल मार्श के खिलाफ काफी महत्वपूर्ण होंगे। सभी की निगाहें ऑस्ट्रेलिया के नए टी20 स्टार मिशेल ओवेन पर भी होंगी, जिन्होंने पिछले साल पंजाब किंग्स के लिए एक मैच खेला था। ओवेन ने हाल ही में एडिलेड में भारत के खिलाफ एकदिवसीय मैच में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन स्पिन गेंदबाजों के सामने उनकी कड़ी परीक्षा होगी। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल (उपकप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर। ऑस्ट्रेलिया: मिशेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, टिम डेविड, बेन ड्वार्शिस, नाथन एलिस, जोश हेज़लवुड, ग्लेन मैक्सवेल, ट्रैविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुहनेमन, मिशेल ओवेन, जोश फिलिप, तनवीर संघा, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस। मैच शुरू: दोपहर 1:45 बजे  

10 नवंबर को राहुल गांधी पहुंचेंगे पचमढ़ी, जिला अध्यक्षों से करेंगे चर्चा — MP में पहली बार करेंगे नाइट स्टे

भोपाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 10 नवंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। वे पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों और पदाधिकारी से चर्चा करेंगे। राहुल गांधी पहली बार प्रदेश में रात बिताएंगे। राहुल गांधी के पचमढ़ी दौरे को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बैठक जारी है। बैठक में राहुल गांधी के दौरे को लेकर रोड मैप बन रहा है। बता दें कि 2 नवंबर से 11 नवंबर तक पचमढ़ी में ट्रेनिंग होनी है। प्रदेश के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। राहुल गांधी पचमढ़ी जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग में शामिल होंगे।   30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- राहुल गांधी अपनी जिंदगी में पहली बार मध्यप्रदेश की धरती पर रात बिताने आ रहे हैं। 60 – 65 साल के राहुल गांधी 30- 32 साल से कांग्रेस को निपटा रहे हैं। 30-32 साल में मध्यप्रदेश में कभी नहीं रुके, पचमढ़ी है इसलिए रुक रहे हैं और कहीं होता तो रुकते भी नहीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका यह फुरफुर वाले नेता है। यही बोलने आते हैं लंगड़ा है यह घोड़ा है, कौन से कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका है। नियुक्ति से लेकर दायित्वों में कांग्रेसी ठगे गए। ना राजनीतिक भविष्य है ना व्यक्तिगत उद्धार हो रहा है, न ही पद मिल रही ना ही प्रतिष्ठा, ऐसे में राहुल गांधी का आना व्यर्थ है।

गुजरात में चमकेगा मध्य प्रदेश पुलिस का जलवा, राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में 334 जवान होंगे शामिल

भोपाल गुजरात में मध्य प्रदेश पुलिस का तराना गूंज रहा है। दरअसल, गुजरात के गांधीनगर एवं केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2025 में एमपी पुलिस के कुल 334 जवान भाग लेंगे। यह दल अदम्य उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। मध्यप्रदेश पुलिस का कॉन्टिजेंट गांधीनगर और केवड़िया में रहकर प्रशिक्षण, रिहर्सल और परेड अभ्यास में संलग्न है। जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियां एवं गहन अभ्यास कार्यक्रमों के बावजूद अथक परिश्रम और एकजुटता के साथ अपने प्रदर्शन की तैयारी की है। दल गुजरात पहुंच गया है। 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित एकता दिवस परेड के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्टिजेंट अपनी अनुशासित चाल, सटीक कमांड तथा उत्कृष्ट तालमेल से सभी को प्रभावित करेगा। परेड दल का नेतृत्व परेड कमाण्डर उपुअ अन्नपूर्णा सिरसाम, सहायक कमाण्डर के रूप में उपनिरीक्षक संजय चौहान एवं उपनिरीक्षक चंचल रोमड़े दायित्व संभालेंगे। सहयोगार्थ उपुअ निति दण्डोत्या, उपनिरीक्षक राजवीर विक्रम और उपनिरीक्षक रितेश सिसौदिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कॉन्टिजेंट में प्लाटून संख्या 144 एवं बैण्ड बल 72 का संयोजन रहेगा।

गंगा महोत्सव 2025: योगी सरकार के प्रयास से काशी के घाटों पर बजेगा सुर-ताल का संगम

वाराणसी देव दीपावली से पहले काशी के घाटों पर संगीत, नृत्य व लोक कलाओं की संगीतमय सरिता बहेगी। माँ जान्हवी के पावन तट पर इस वर्ष गंगा महोत्सव का आयोजन 1 से 4 नवम्बर तक किया जाएगा। योगी सरकार के प्रयास से राजघाट पर देशभर के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काशी की इस सांस्कृतिक परंपरा को और भव्य बनाएंगे जिनमें शास्त्रीय, भक्ति तथा लोक संगीत का अद्भुत संगम दिखाई देगा। इस महोत्सव में गायक हंसराज रघुवंशी अपने भजनों से श्रोताओं को भक्ति रस से ओत-प्रोत करेंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपने लोक गायन से उत्तर भारत की लोक परंपराओं को जीवंत करेंगी। पद्मश्री गीता चन्द्रन का भरतनाट्यम नृत्य भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहेगा। वहीं, नमो घाट पर काशी सांसद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता के प्रमुख कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। कई मायनों में विशिष्ट होगा आयोजन संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि चार दिवसीय इस उत्सव में गीत, संगीत, नृत्य और वादन की गंगा बहेगी। गंगा महोत्सव के मंच पर लोक और शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियां गूंजेंगी तो साथ ही पारंपरिक नृत्य शैलियों की झलक भी देखने को मिलेगी। महोत्सव में विशेष रूप से गायक हंसराज रघुवंशी आयोजन के अंतिम दिन अपने भजनों से श्रद्धा और भक्ति का भाव जगाएंगे। वहीं, पद्मश्री मालिनी अवस्थी 3 अक्टूबर को लोक गायन से काशी की धरती पर उत्तर भारत की लोक परंपराओं को सजीव करेंगी। इसके अतिरिक्त, 2 अक्टूबर को पद्मश्री गीता चंद्रन भरतनाट्यम की प्रस्तुति देंगी। गंगा महोत्सव के अंतर्गत होने वाली प्रस्तुतियां शाम 4 बजे से शुरू होंगी। READ MORE: CM योगी ने किया चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा का स्वागत, कहा- गुरु परंपरा ने भारत को केवल आस्था नहीं, बल्कि… काशी गंगा महोत्सव ये प्रमुख कलाकार देंगे प्रस्तुति प्रथम दिन, 1 नवंबर पं० माता प्रसाद मिश्र एवं पं० रविशंकर मिश्र–कथक युगल नृत्य कविता मोहन्ती–ओडिसी नृत्य विदुषी श्वेता दुबे–गायन विदुषी कमला शंकर–स्लाइड गिटार डॉ० रिपि मिश्र–शास्त्रीय गायन डॉ० दिवाकर कश्यप एवं डॉ० प्रभाकर कश्यप–उपशास्त्रीय गायन रवि शर्मा एवं समूह–ब्रज लोक नृत्य एवं संगीत पं० नवल किशोर मल्लिक–शास्त्रीय गायन READ MORE: CM योगी के विजन को मिल रही उड़ान, उत्तरप्रदेश के हवाई अड्डों से 60 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर दूसरा दिन, 2 नवंबर शिवानी शुक्ला–गायन प्रवीण उद्भव–तालयात्रा राजकुमार तिवारी उर्फ राजन तिवारी–गायन डॉ० अर्चना आदित्य महास्कर–गायन सवीर, साकार कलाकृति–पारम्परिक लोक नृत्य वन्दना मिश्रा–गायन प्रो० पं० साहित्य नाहर एवं डॉ० पं० संतोष नाहर–सितार एवं वायलिन जुगलबन्दी ओम प्रकाश–भजन गायन पद्मश्री गीता चन्द्रन–भरतनाट्यम तीसरा दिन 3 नवंबर मीना मिश्रा–गायन विशाल कृष्ण–कथक नृत्य दिव्या शर्मा–हिन्दुस्तानी खयाल गायकी राकेश कुमार–जनजातीय लोक नृत्य इन्दु गुप्ता–लोक गायन चेतन जोशी–बांसुरी वादन विदुषी कविता द्विवेदी–ओडिसी नृत्य पद्मश्री मालिनी अवस्थी–लोक गायन चौथा दिन, 4 नवंबर डॉ० शुभांकर डे–गायन डॉ० प्रेम किशोर मिश्र एवं साथी-सितार, सरोद जुगलबन्दी व गायन राहुल रोहित मिश्र–शास्त्रीय गायन रूपन सरकार समन्ता–शास्त्रीय गायन वासुमती बद्रीनाथन–शास्त्रीय गायन शिवानी मिश्रा–कथक समूह नृत्य मानसी रघुवंशी–गायन हंसराज रघुवंशी–भजन गायन

बिहार विधानसभा चुनाव: NDA 30 अक्टूबर को करेगा घोषणा पत्र जारी, फोकस रहेगा युवाओं और रोजगार पर

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नीत एनडीए का घोषणापत्र 30 अक्टूबर को जारी किया जा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए राज्य में घोषणापत्र को 'विकसित बिहार' शीर्षक के साथ जारी करेगा। बिहार में एनडीए के घोषणापत्र में छात्र, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर अधिक फोकस किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 25 अक्टूबर को खगड़िया में रैली के दौरान इसके संकेत दिए गए थे। उन्होंने कहा था, "बिहार डबल इंजन से लैस होकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चला है। एनडीए सरकार बिहार को आगे ले जाने के लिए तैयार है। हमारी स्पष्ट नीति है, स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, टाइम पर दवाई, खेतों में सिंचाई और हर घर में पानी की सप्लाई।" अमित शाह ने कहा था, "इन चार सूत्रों पर हमारा बिहार अब आगे बढ़ने वाला है।" बिहार में एनडीए के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। 2025 के बिहार चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन के बीच है। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, भाकपा, भाकपा-माले, माकपा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। हालांकि, बिहार में महागठबंधन मंगलवार शाम को अपना घोषणापत्र जारी करेगा। तेजस्वी यादव पहले ही नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार, माली और मोची जैसी मेहनतकश जातियों के स्वरोजगार, आर्थिक उत्थान और उन्नति के लिए 5 साल के लिए 5 लाख की एकमुश्त ब्याज रहित राशि देने की घोषणा कर चुके हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि उनकी सरकार आने पर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्राम कचहरी सदस्यों को पेंशन दी जाएगी। ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख रुपये तक का बीमा कराया जाएगा। सरकार 'जन वितरण प्रणाली' के तहत वित्तीय सहायता भी बढ़ाएगी और प्रति क्विंटल भुगतान की दर भी बढ़ाएगी।

विशेष आर्टिकल :विकसित भारत @2047 की ओर: उत्तर प्रदेश का समर्थ और स्वावलंबी सफर

विशेष आर्टिकल : विकसित भारत @2047: समर्थ और विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी परिव' अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान न केवल राज्य को 2047 तक विकसित बनाने का ब्लूप्रिंट है, बल्कि एक जन आंदोलन के रूप में उभर चुका है, जिसमें 57 लाख से अधिक नागरिकों ने सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह अभियान तीन मुख्य थीम्स – आर्थिक शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति – पर आधारित है, जो 12 क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) को कवर करता है। आइए, जानें कैसे यह अभियान उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहा है, लोगों की जिंदगियां बदल रहा है, और भाजपा सरकार का यह कदम लाखों को लाभ पहुंचा रहा है। अभियान का ब्लूप्रिंट: एक नजर में 'विकसित भारत @2047' उत्तर प्रदेश के संदर्भ में 'विकसित यूपी @2047' के रूप में लागू हो रहा है, जिसका लक्ष्य है राज्य की जीडीपी को 9.3% से बढ़ाकर 16% करना, और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना। अभियान की शुरुआत 3 सितंबर 2025 को लोक भवन में हुई, जहां 400 से अधिक विशेषज्ञों ने कार्यशाला में भाग लिया। मुख्य घटक: थीम फोकस क्षेत्र लक्ष्य 2047 तक आर्थिक शक्ति कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन 16% वार्षिक विकास दर, 20% रोजगार वृद्धि सृजन शक्ति आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास विश्व स्तरीय सड़कें, सोलर सिटी, AI-आधारित स्मार्ट गांव जीवन शक्ति स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा जीरो पॉवर्टी, 100% साक्षरता, डिजिटल स्वास्थ्य कवरेज अभियान के तहत 75 जिलों में नोडल अधिकारी, बुद्धिजीवी और जनप्रतिनिधियों ने सुझाव एकत्र किए, जो अब विजन डॉक्यूमेंट का आधार बनेंगे। अभियान से प्रदेश में विकास: आंकड़ों की चमकती तस्वीर 2017 से पहले 'बीमारू' राज्य के रूप में जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज विकास का इंजन बन चुका है। 'विकसित यूपी @2047' अभियान ने इस गति को और तेज किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: • आर्थिक वृद्धि: 2017-25 में जीडीपी 2.5 गुना बढ़ी, 2025-47 के लिए 16% विकास दर का लक्ष्य। राज्य 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनेगा। • रोजगार सृजन: 40 लाख+ नई नौकरियां, ग्रामीण युवाओं के लिए 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित। • इंफ्रास्ट्रक्चर: 95+ संस्थानों को NAAC मान्यता, 67 को राष्ट्रीय रैंकिंग। ग्रामीण सड़कें दोगुनी, 240 करोड़ पौधे लगाए गए। • सामाजिक विकास: शून्य गरीबी का लक्ष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा में 100% कवरेज। 24-घंटे विधानसभा बहस में सभी विभागों ने 2025-47 का रोडमैप पेश किया। यह अभियान न केवल सरकारी प्रयास है, बल्कि जन भागीदारी का प्रतीक है – 57 लाख सुझावों से विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है। अभियान से बदली जिंदगियां: प्रेरक सफलता कहानियां 'विकसित यूपी @2047' ने साधारण लोगों को सशक्त बनाया है। यहां कुछ चुनिंदा कहानियां हैं: • अयोध्या की मेयर गिरीश पति त्रिपाठी: अभियान के तहत अयोध्या को सोलर सिटी बनाने पर फोकस। नॉन-टैक्स रेवेन्यू दोगुना, करोड़ों पर्यटकों के लिए स्वच्छ पर्यावरण। "अभियान ने हमें तकनीक-आधारित विकास का रोडमैप दिया," वे कहती हैं। • मथुरा के महावन नगर पंचायत अध्यक्ष मंजू देवी: 10,000 की आबादी वाले क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति। ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि। "अभियान ने हमारे छोटे गांव को वैश्विक सपनों से जोड़ा," मंजू बताती हैं। • ग्रामीण युवा उद्यमी रामू (फर्जाबाद): अभियान के सुझावों से कृषि-आधारित स्टार्टअप शुरू, 20 युवाओं को रोजगार। पहले मजदूरी, अब मासिक ₹50,000 आय। "विकसित यूपी ने मेरी किस्मत पलट दी," रामू कहते हैं। ये कहानियां दर्शाती हैं कि अभियान ने ग्रामीण से शहरी तक, हर स्तर पर बदलाव लाया – जीरो पॉवर्टी से लेकर डिजिटल इंडिया तक। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक भाषण: अभियान को जन आंदोलन बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान को बार-बार 'समृद्धि का शताब्दी परिव' बताया है। उनके प्रमुख भाषण: • 3 सितंबर 2025 (लॉन्च पर, लोक भवन): "यदि उत्तर प्रदेश 8 वर्षों में बीमारू से विकास इंजन बन सकता है, तो 2047 तक विकसित राज्य बनना संभव है। यह अभियान हर नागरिक को विकास का साझेदार बनाएगा।" उन्होंने IIT कानपुर की चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य फिर से ज्ञान और उद्योग का केंद्र बनेगा। • 14 अगस्त 2025 (24-घंटे विधानसभा बहस समापन): "विकसित भारत तभी संभव जब हर राज्य अपनी जिम्मेदारी निभाए। उत्तर प्रदेश इस मिशन का अग्रदूत बनेगा। विजन-2047 दस्तावेज 25 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का आईना है।" उन्होंने 1947-2017 की समीक्षा और 2017-2047 का रोडमैप पेश किया। • 26 सितंबर 2025 (57,000 ग्राम प्रधानों को संबोधन): "ग्राम प्रधान अभियान के सच्चे वास्तुकार हैं। ग्रामोदय से राष्ट्रोदय तक की यात्रा में गांव-गांव सुझाव लाएं।" ये उद्गार योगी जी की दृष्टि को दर्शाते हैं, जहां विकास समावेशी और जन-केंद्रित है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: लाखों लाभार्थी, राष्ट्रीय मॉडल भाजपा सरकार का यह अभियान लाखों लोगों का सहारा बन चुका है। 53 लाख+ सुझाव, 57,000 ग्राम प्रधानों की भागीदारी, और 400+ विशेषज्ञों की कार्यशालाएं – ये आंकड़े साबित करते हैं कि बड़े पैमाने पर लाभ हो रहा है। 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा, सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, और 36 करोड़ पौधरोपण जैसे कदम पर्यावरणीय विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश को मजबूत कर रही, बल्कि विकसित भारत के लिए मॉडल भी बन रही है – पारदर्शी, डिजिटल और जन-भागीदारी आधारित। निष्कर्ष: विकसित यूपी @2047 – सपनों का साकार रूप 'समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान उत्तर प्रदेश को वैश्विक नेता बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। 57 लाख सुझावों से तैयार विजन डॉक्यूमेंट न केवल विकास का रोडमैप है, बल्कि लाखों लोगों की बदली किस्मत का प्रमाण। योगी सरकार ने साबित किया कि जब जनता साझेदार बने, तो असंभव भी संभव हो जाता है। आइए, हम सब मिलकर इस शताब्दी संकल्प को साकार करें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी! 30 अक्टूबर को मिल सकती है सरकारी नौकरी

गुड़गांव जिले के युवा बेरोजगारों की मौज होने वाली है। मंडल रोजगार कार्यालय की तरफ से युवाओं को नौकरी के लिए सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। मंडल रोजागार कार्यालय की तरफ से अपने कार्यालय में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से एक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी प्राप्त करने का सुनहरा अवसर दिया जाएगा। मंडल रोजगार अधिकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को प्रातः 9.30 बजे लघु सचिवालय स्थित पांचवी मंजिल पर कमरा नम्बर 513-514 में रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां भाग ले रही है, जिनमें 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट पास बेरोजगार प्रार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।   मेले में लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी रोजगार कार्यालय का पहचान पत्र, योग्यता के दस्तावेज तथा बायोडाटा साथ लेकर आएं। जिन प्रार्थियो का पंजीकरण रोजगार कार्यालय में नहीं है वह भी रोजगार विभाग के पोर्टल HREX.GOV.IN पर पंजीकरण करने उपरांत भाग ले सकते है। पंजीकरण कार्य रोजगार कार्यालय में भी किया जा रहा है।  

देश-समाज पर चिंतन: जबलपुर में RSS का अभियान और शताब्दी वर्ष हिंदू सम्मेलन

जबलपुर   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि बैठक में देश की सामाजिक हालातों पर चिंतन होगा। इसमें बस्ती-मंडल स्तर पर होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना पर बात होगी। इसके अलावा शताब्दी वर्ष पर प्रारंभ होने वाले सघन गृह संपर्क अभियान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरसंघचालक समेत सरकार्यवाह, सहकार्यवाह के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारी और प्रांत के पदाधिकारियों समेत 407 लोग इस बैठक में शामिल होंगे। 30 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच तीन दिवीसीय यह बैठक होगी। पत्रकारवार्ता संघ की बैठक स्थल कचनार क्लब में हुई। सुनील आंबेकर ने कहा कि गृह संपर्क अभियान में विशिष्टजनों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा हिंदू धर्म के लिए त्याग बलिदान देने वाले गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहीदी वर्ष पर विशेष साहित्य और कार्यक्रम तय होंगे। इसी तरह भगवान बिरसा मुंडा की भी 15 नवंबर को 150वीं जयंती है इन पर भी विशेष साहित्य और कार्यक्रम पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को संघ से विशेषरूप से जोड़ने के लिए विशेष आयोजन होंगे। पंच परिवर्तन के कार्यक्रम से प्रेरित संस्था,व्यक्तियों, मठ, मंदिरों, सामाजिक शैक्षणिक संस्था से शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क किया जाएगा। यह व्यापक अभियान होगा इसके लिए स्तर पर संपर्क किया जाएगा। इसमें ऐसी महिला,माताओं से भी संपर्क होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय बैठक में समाज जीवन पर होने वाली बातों के अलावा देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चिंतन किया जाएगा। इसके अलावा शताब्दी वर्ष को लेकर देश में जहां-जहां भी जो कार्यक्रम हुए उस पर बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष पर देशभर में सरसंघचालक डा.भागवत और सरकार्यवाह, सह सरकार्यवाह का प्रवास है। इस दौरान कई कार्यक्रम बन रहे हैं जिसमें वे सार्वजनिक रूप से भी कई स्थानो पर संवाद करेंगे।

टीम इंडिया में बड़ा बदलाव: प्रतिका रावल बाहर, शेफाली वर्मा को मिला सुनहरा मौका

नवीं मुंबई चोटिल सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल की शेफाली वर्मा को भारतीय महिला टीम में शामिल किया गया है। 21 वर्षीय शेफाली अब 30 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगी। शेफाली ने भारत के लिए आखिरी एकदिवसीय मैच अक्टूबर 2024 में खेला था, लेकिन वह भारत ए टीम के साथ 50 ओवर के प्रारूप में जुड़ी रही हैं। उन्होंने अगस्त में ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 52 रन और सितंबर में बेंगलुरु में न्यूज़ीलैंड ए के खिलाफ 70 रन बनाए थे। दिसंबर 2024 में शेफाली ने हरियाणा के लिए घरेलू वनडे टूर्नामेंट में 75.28 की औसत और 152.31 के स्ट्राइक रेट से कुल 527 रन बनाए थे। इसमें बंगाल के खिलाफ 115 गेंदों पर 197 रन की शानदार पारी भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने WPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया, जहां वह सीज़न की चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। 152.76 के स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाकर वह भारतीयों में सबसे आगे रही थीं। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में रविवार को बारिश से प्रभावित मैच में बाउंड्री रोप के पास क्षेत्ररक्षण करते समय रावल फिसल कर गिरने के बाद चोटिल हो गईं थी। उन्हें टीम के सपोर्ट स्टाफ की मैदान से बाहर ले जाया गया था। मैच रद्द होने के बाद 25 वर्षीय का रावल का स्कैन हुआ था। गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भारत के लिए यह एक बड़ा झटका है। रावल ने दिसंबर 2024 में भारतीय टीम में पर्दापण किया था। उन्होंने पिछले मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उसी जगह पर अपना पहला वर्ल्ड कप शतक बनाया था। इस दौरान, वह महिला वनडे में 1000 रन बनाने वाली संयुक्त रूप से सबसे तेज़ खिलाड़ी भी बन गईं और एक कैलेंडर वर्ष में 1000 रन बनाने वाली दूसरी खिलाड़ी बनने की कगार पर थीं। उल्लेखनीय है कि बंगलादेश के खिलाफ बारिश के कारण मैच रद्द होने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका की चोट पर कहा था कि चिकित्सा दल उनकी जांच कर रहा है। उम्मीद है कि वह जल्द ठीक हो जाएंगी।  

दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ा अलर्ट: इन वाहनों की एंट्री पर लगा बैन, 1 नवंबर से लागू नियम

चंडीगढ़  हरियाणा से दिल्ली जाने वाले पहले ही अलर्ट हो जाएं। दरअसल दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 नवंबर से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत दिल्ली में अब BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकेंगी। इसके अलावा अन्य गाड़ियों पर बैन रहेगा।  इसको लेकर दिल्ली के ट्रांसपोर्ट विभाग ने एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में लिखा गया है कि 1 नवंबर से दिल्ली के अंदर और बाहर BS-6 इंजन की रजिस्टर्ड गाड़िया नहीं आ सकेंगी। दिल्ली में केवल BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही आ सकती हैं । वहीं, 31 अक्टूबर 2026 तक BS-4 इंजन की गाड़ियों की एंट्री हो सकती हैं। वहीं, दिल्ली में रजिस्टर्ड कॉमर्शियल गाड़ियां ही दिल्ली में चल सकती हैं। बता दें CAQM की बैठक में 1 नवंबर से प्रदूषण फैलाने वाले कॉमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी गई थी। ये है बैन वाली गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर-BS-VI डीजल मालवाहक वाहन BS-4 श्रेणी के वाहन पुरानी EoL श्रेणी के वाहन, जिनका रजिस्ट्रेशन खत्म हो चुका है।   इन वाहनों को मिलेगी छूट  BS-VI, सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, BS-IV श्रेणी के हल्के मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को 31 अक्टूबर 2026 तक संचालन की अनुमति दी गई है। इसके बाद इन पर भी रोक लगा दी जाएगी।   गौर रहे कि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजधानी की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच जाती है। इसी के चलते सरकार की कदम उठाया गया है जो दिल्ली के साथ एनसीआर के 5 बड़े जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी लागू किया जाएगा।