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विश्व बाजार में गूंजेगी पन्ना की चमक: मुख्यमंत्री ने किया रोडमैप साझा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हीरा नगरी 'पन्ना जिले' के हीरे को भारत सरकार द्वारा जीआई (ज्योग्रोफिकल इंडिकेशन) टैग मिलना सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इससे पन्ना डायमंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा और पन्ना के युवाओं तथा कारीगरों को स्थानीय स्तर पर नए अवसर मिलेंगे। पन्ना जिले के हीरे सर्टिफाइड और प्रीमियम प्राकृतिक उत्पाद के रूप में विश्व बाजार में उपलब्ध होंगे और पन्ना के इन प्राकृतिक हीरों को ही पन्ना डायमंड के नाम से बेचा जा सकेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।  

यूपी में रबी की तैयारी पूरी: किसानों के लिए 11 लाख क्विंटल बीज व पर्याप्त खाद उपलब्ध

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2025–26 के लिए किसानों को बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल की है। कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष 11.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों में वितरित किए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, सरसों, राई और अलसी सहित प्रमुख फसलों के लिए 81% बीज उपलब्ध हो चुका है, जबकि 69% बीज किसानों तक पहुंच भी चुका है। दलहन और तिलहन फसलों को प्रोत्साहन दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 92,518 मिनीकिट बांटने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 76,258 मिनीकिट खेतों तक पहुंच चुके हैं। केंद्र सरकार से प्राप्त 2,26,400 मिनीकिट में से 1,14,697 मिनीकिट की आपूर्ति हो चुकी है। तिलहनी फसलों- खासकर सरसों और राई के लिए निर्धारित 4.96 लाख मिनीकिट में से 4.92 लाख उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें से 3.94 लाख किसानों को मिल चुके हैं। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स के तहत क्लस्टर आधारित खेती और गन्ने के साथ मिश्रित फसल प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए 5,700 क्विंटल सरसों का बीज किसानों को पूर्णत: नि:शुल्क दिया जा रहा है। राज्य में खाद का संतोषजनक भंडार 1 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 तक यूपी में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है-     यूरिया: 17.41 लाख टन     डीएपी: 10 लाख टन     एनपीके: 7.56 लाख टन     एसएसपी: 4.09 लाख टन     एमओपी: 1.51 लाख टन इसी अवधि में लाखों टन उर्वरक किसानों को वितरित भी किए गए हैं। 14 नवंबर 2025 को उपलब्धता इस प्रकार रही-     12.59 लाख टन यूरिया     3.76 लाख टन डीएपी     3.94 लाख टन एनपीके     2.65 लाख टन एसएसपी     0.81 लाख टन एमओपी सहकारिता क्षेत्र और निजी विक्रेताओं दोनों के पास पर्याप्त स्टॉक है, जिससे रबी सीजन में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। POS मशीनों से पारदर्शिता बढ़ी 1 अक्टूबर से 13 नवंबर के बीच 1.02 करोड़ किसानों ने POS मशीनों के माध्यम से कुल 16.82 लाख टन उर्वरक खरीदे, जिससे वितरण प्रणाली और निगरानी को मजबूत करने में मदद मिली है। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है-     27,315 छापे     5,291 नमूने जांच हेतु भेजे     1,005 लाइसेंस निलंबित     1,314 लाइसेंस निरस्त     62 दुकानें सील     192 FIR दर्ज सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 

ऊर्जा मंत्री तोमर ने जनसुनवाई में किया समस्याओं का निराकरण

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान समस्याओं का त्वरित निराकरण किया। उन्होंने कहा कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। इसकी पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश दिये। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने जनसुनवाई में आई जरुरतमंद महिलाओं को तत्काल राशन दिलाने के निर्देश के साथ ही वृद्धजनों की वृद्धावस्था पेंशन तथा मुफ्त इलाज के लिये आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने की योजना बनाई है। इस दिशा में सरकार सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने दोहराया कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विकास का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना ही शासन की प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने आहवान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाएंगे और एक नया स्वस्थ, हरा-भरा, नशा मुक्त समाज बनाएंगे।  

साइबर फ्रॉड में अटका पैसा तुरंत रिलीज होगा, ऐसे करें तुरंत रिकवरी

चंडीगढ हरियाणा पुलिस ने राज्य में साइबर ठगी के शिकार हुए नागरिकों को तत्काल और आसान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओ पी सिंह के नेतृत्व में प्रदेश पुलिस ने कानूनी सेवा प्राधिकरणों (Legal Services Authorities) के साथ मिलकर एक नई व्यवस्था लागू करवाई है, जिसके तहत ठगी की गई और बैंक खातों में 'ब्लॉक' (Freezed) की गई राशि अब बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया या वकील की आवश्यकता के, सीधे लोक अदालत के माध्यम से पीड़ितों को वापस दिलाई जाएगी। उक्त व्यवस्था विशेष रूप से उन मामलों के लिए लागू की गई है, जहाँ ठगी के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराकर ठगों के खाते में पैसा ब्लॉक करवा दिया गया है, लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हुई है। हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ओ पी सिंह ने कहा, “साइबर अपराधों में सबसे बड़ी समस्या यही सामने आती थी कि पीड़ित का पैसा ब्लॉक होने के बावजूद, उसे वापस पाने के लिए उसे कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ते थे। हरियाणा पुलिस ने इस मानवीय पहलू को समझते हुए, सरकार और न्यायपालिका के समक्ष यह सरल और प्रभावी मॉडल पेश किया। अब हरियाणा में साइबर ठगी का शिकार हुआ कोई भी व्यक्ति अपने पैसे और हक को सिर्फ किस्मत समझकर नहीं छोड़ेगा। हमने मिलकर यह सुनिश्चित किया है कि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत और न्याय मिले।” पुलिस महानिदेशक ने बताया कि हम सभी नागरिकों से अपील करते है कि ठगी होने पर बिना किसी देरी के 'गोल्डन ऑवर ' में 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि पुलिस आपकी मेहनत के रुपयों को बचा सके। इस व्यवस्था को लागू करवाने में हरियाणा पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। पुलिस ने राज्य सरकार और हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) से अनुरोध किया था कि साइबर अपराधों से संबंधित 'पैसे जारी करने/डी-फ्रीज' करने के आवेदनों को स्थायी लोक अदालतों की सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं (Public Utility Services) की सूची में शामिल किया जाए। इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए, हरियाणा सरकार के न्याय प्रशासन विभाग ने एक आधिकारिक अधिसूचना औपचारिक रूप से जारी की जिसने उन साइबर आवेदनों को स्थायी लोक अदालत के दायरे में ला दिया, जिनमें FIR दर्ज नहीं हुई है। इस कदम से अब इन मामलों को 'मुकदमे से पहले के मामले' (Pre-Litigation Cases – PLCs) के रूप में देखा जाएगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की गति कई गुना बढ़ जाएगी। पीड़ितों के लिए सरल और समयबद्ध रिफंड प्रक्रिया हरियाणा पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के साथ मिलकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की है, जो पीड़ितों को बिना किसी परेशानी के पैसा वापस पाने में मदद करेगी। रिफंड की प्रक्रिया चार आसान चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले, शिकायत दर्ज करनी होगी—पीड़ित को तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी होगी, जिस पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करके ठग के खाते को तुरंत ब्लॉक (फ्रीज) कराएगी। इसके बाद, DLSA में आवेदन करना होगा, जहाँ शिकायतकर्ता/पीड़ित अपने जिले की डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी में एक सरल फॉर्म भरकर रिफंड की माँग कर सकता है। इस चरण में पुलिस का अनुसंधान अधिकारी (IO) पीड़ित को आवश्यक दस्तावेज़ और बैंक रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करेगा। आवेदन की जांच के बाद, लोक अदालत सुनवाई होगी, जिसके तहत DLSA आवेदन को लोक अदालत/स्थायी लोक अदालत में भेजेगी। लोक अदालत सभी पक्षों को सुनने के बाद, एक सप्ताह के भीतर सुलह की कार्यवाही पूरी करेगी और रिफंड का आदेश पारित करेगी। अंत में, रिफंड की प्रक्रिया होगी, जहाँ अदालत का आदेश मिलते ही संबंधित बैंक ब्लॉक की गई राशि तुरंत पीड़ित के खाते में जारी कर देगा। पुलिस व DLSA यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश तुरंत बैंक और पीड़ित तक इलेक्ट्रॉनिक रूप से पहुँचे। विदित है कि इस पूरी प्रक्रिया में अब पीड़ित को वकील रखने की कोई ज़रूरत नहीं है। वह स्वयं DLSA के सहयोग से अपना आवेदन जमा कर सकता है। विदेशी नौकरी ठगी से सावधान: हरियाणा पुलिस की नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह हरियाणा पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह: थाईलैंड में साइबर ठगी ऑपरेशनों में फँसे भारतीयों की लगातार वापसी जारी है, जिनमें हरियाणा के कई नागरिक भी शामिल हैं। सभी हरियाणा निवासी अपने विदेश में कार्यरत परिजनों, विशेषकर दक्षिण-पूर्व एशिया में, से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि वे किसी साइबर जॉब स्कैम या साइबर स्लेवरी में फँसे न हों। विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले किसी भी ऑफर, कंपनी और भर्ती एजेंट की पूरी तरह से जांच और सत्यापन अवश्य करें। ध्यान रखें कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए थाईलैंड का वीज़ा-फ़्री प्रवेश केवल पर्यटन और छोटे व्यापारिक दौरे के लिए है, नौकरी के लिए नहीं। गलत उपयोग की स्थिति में हिरासत या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सतर्क रहें और अपने प्रियजनों को धोखाधड़ी व शोषण से सुरक्षित रखें।

कूनो में प्रकृति, रोमांच और संस्कृति का उत्सव: कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट के द्वितीय संस्करण का भव्य शुभारंभ

संस्कृति, प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम है "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट": राज्य मंत्री श्री लोधी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल; इको-टूरिज्म और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा ऑल सीजन लग्जरी टेंट सिटी में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों का आनंद भोपाल मध्यप्रदेश की धरती, जिसे 70 वर्षों बाद चीतों की वापसी का गौरव प्राप्त हुआ है, अब प्रकृति, रोमांच और संस्कृति के एक अनूठे उत्सव का साक्षी बन रही है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के सुरम्य वातावरण में 14 नवंबर 2025 को "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" के द्वितीय संस्करण का भव्य आगाज़ हुआ। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित "कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट" का उद्देश्य पर्यटन, वन्यजीव और संस्कृति का एक ऐसा अनूठा संगम प्रस्तुत करना है, जो पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय हो। यह आयोजन वैश्विक मानचित्र पर चीतों के घर कूनो को एक प्रमुख 'सस्टेनेबल टूरिज्म' गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा और स्थानीय कला, शिल्प व व्यंजनों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को मज़बूत करेगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित उत्सव का औपचारिक शुभारंभ सहरिया विकास अभिकरण के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री सीताराम आदिवासी ने दीप प्रज्वलित कर किया।  'कूनो' बनेगा इको-टूरिज़्म का राष्ट्रीय गंतव्य अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा म.प्र. टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला ने इस आयोजन को प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, वन्यजीव संरक्षण और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक पटल पर सराही जा रही चीता पुनर्वास परियोजना का उत्सव भी है। हमारा उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ना, स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर देना और मध्य प्रदेश को इको-टूरिज़्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। प्रकृति की गोद में अविस्मरणीय अनुभव इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित यह फॉरेस्ट रिट्रीट आगंतुकों के लिए अनुभवों का एक खजाना लेकर आया है। कूनो के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच 25 लग्ज़री ऑल सीजन ग्लैंपिंग टेंट स्थापित किए गए हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति की गोद में रहने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। इस रिट्रीट में जंगल सफारी के साथ-साथ थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, योग व ध्यान सत्र, विलेज टूर और वेलनेस गतिविधियों को भी सम्मिलित किया गया है। सांस्कृतिक संध्या ने मोहा मन उद्घाटन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक बधाई नृत्य ने भगवान राम और कृष्ण के जन्म प्रसंगों को जीवंत किया, वहीं बुंदेलखंड के प्रसिद्ध नौरता नृत्य ने प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं से परिचय कराया। इन प्रस्तुतियों के साथ ही, उत्सव में स्थानीय हस्तकला और जनजातीय कला का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जो पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से गहराई से जोड़ेगा। इस अवसर पर पर्यटन बोर्ड, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

महापुरूषों के स्मरण से मन में देश प्रेम की भावना जागृत होती है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

कन्या महाविद्यालय में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महापुरूषों के स्मरण से मन में देशप्रेम की भावना जागृत होती है। महापुरूषों की जयंती मनाने का उद्देश्य है कि उनके जीवन चरित्र का आत्मावलोकन किया जाए। श्री शुक्ल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा में आयोजित भगवान बिरसा मुण्डा जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबका सिर गर्व से ऊंचा करने वाला दिन है क्योंकि आज वीर नायक भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुण्डा ने अपने जीवनकाल के मात्र 25 वर्षों में आजादी की लड़ाई में जो अहम भूमिका निभाई थी, जिसके फलस्वरूप हम सब आज खुले में सांस ले रहे हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लोगों ने देश को स्वतंत्र कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भगवान बिरसा मुण्डा एवं स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरूषों के आदर्श जीवन को आत्मसात करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर ही देश को विश्वगुरू बनाया जा सकता है। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि महापुरूषों के आदर्श जीवन के संस्कार अपने जीवन में उतारें और अपने साथ अपने परिवार व समाज के लिए परोपकार के कार्य करें। उप मुख्यमंत्री ने युवाओं से समाज में व्याप्त विकृतियों, नशे तथा मानवीय अवगुणों के विरूद्ध लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित रीवा के साथ क्लीन रीवा व ग्रीन रीवा बनाने में सहभागी बनने का आह्वान भी किया। स्वागत उद्बोधन प्राचार्य श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने दिया। उप मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन चरित्र पर आधारित निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष गौसंवर्धन बोर्ड राजेश पाण्डेय, केके गर्ग, महाविद्यालय के कार्यालय प्रभारी पुनीत मिश्रा सहित प्राध्यापक तथा छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरोज गोस्वामी ने किया।

Jalandhar की हवा खतरे की सीमा पर! स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी बड़ी चेतावनी

जालंधर  जालंधर शहर की हवा इन दिनों जहरीली होती जा रही है। सड़कों से उड़ रही मिट्टी और उसके बारीक कणों ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पूरे दिन हवा में तैरते धूल के कणों के कारण शहरवासियों में आंखों में जलन, गले में खराश, बलगम, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और दवा दुकानों पर मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। अनुमान है कि शहर के हज़ारों लोग फिलहाल एलर्जी से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो चुके हैं। शहर में लंबे समय से सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का काम जारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 60 किलोमीटर सड़कों को खोदा गया था। पाइप डालने के बाद भी कई जगहों पर मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर पड़े हुए हैं। वाहनों के गुजरने पर यही मिट्टी उड़कर हवा में घुल जाती है और आसपास के इलाकों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। स्थानीय निवासी शिकायत कर रहे हैं कि नगर निगम और प्रोजेक्ट संभाल रही कंपनियों ने धूल रोकने के लिए कोई इंतज़ाम नहीं किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी इस बढ़ते संकट के आगे बेबस नजऱ आ रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर के कई इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़कों की बहाली और धूल रोकने के उपाय नहीं किए गए तो हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं और बढ़ेंगी।  जितना हो सके घर के अंदर रहें जब एयर क्वालिटी इंडेक्स  "बहुत खराब" या "गंभीर" स्तर पर हो, तो दमा के मरीजों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह और शाम प्रदूषण का स्तर सबसे ज़्यादा होता है, इसलिए इन समयों पर बाहर निकलने या टहलने से परहेज़ करें। अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो N95 या N99 मास्क पहनें जिससे प्रदूषण के कण फेफड़ों तक न पहुँच सकें। घर की हवा को साफ़ रखें घर के अंदर प्रदूषण कम करने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। अगर उपलब्ध न हो, तो घी या नारियल के तेल का छोटा दीया जलाकर हल्की नमी बनाए रख सकते हैं। दिन में कुछ देर के लिए दरवाज़े-खिड़कियाँ खोलें ताकि बासी हवा निकल सके, लेकिन जब बाहर धूल या धुआँ ज़्यादा हो तो तुरंत बंद कर दें। हर्बल स्टीम और भाप लें गले में खराश, नाक बंद या सांस लेने में परेशानी होने पर दिन में दो बार भाप लें। भाप में पुदीना, अजवाइन या यूक्लिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालें। यह गले को आराम देता है और सांस की नलियों को खोलता है। इनहेलर और दवाइयों का सही उपयोग दमा के मरीज अपनी दवाएँ समय पर लें। इन्हेलर या नेबुलाइजऱ हमेशा अपने साथ रखें। अगर सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन या बेचैनी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कभी भी दवाइयों में खुद से बदलाव न करें। योग और श्वास क्रियाएँ प्रदूषण के बीच भी फेफड़ों को मजबूत रखने के लिए घर में प्राणायाम, अनुलोम-विलोम जैसी कसरतें करें। ये फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं और सांस लेने की प्रक्रिया सुधारती हैं। यह केवल साफ़ हवा वाले कमरे में ही करें। धुएं और धूल से बचाव दमा के मरीज किसी भी तरह के धुएँ से दूर रहें— जैसे सिगरेट का धुआँ, खाना पकाने की गैस का धुआँ, अगरबत्ती या धूप का धुआँ। घर की सफ़ाई करते समय भी मास्क पहनें ताकि धूल के कण फेफड़ों को नुकसान न पहुँचा सकें। कब लें डॉक्टर की सलाह अगर रात को सांस लेने में दिक्कत हो, छाती में जकडऩ महसूस हो या बार-बार खांसी आए, तो इसे नजऱअंदाज़ न करें। यह संकेत हैं कि प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।  

उप मुख्यमंत्री ने सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का किया निरीक्षण

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से किया संवाद भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कन्या महाविद्यालय रीवा परिसर में गोकुलदास एक्सपोर्ट द्वारा दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से संवाद करते हुए कहा कि आप सब प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर उपलब्ध कराया जाए। सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र में निर्धन वर्ग की लड़कियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे प्रशिक्षण प्राप्त कर लड़कियाँ अतंर्राष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल को बताया गया कि अभी तक केन्द्र से 30 प्रशिक्षण प्राप्त कर बालिकाओं को बैंगलोर में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रीवा से बैंगलोर जाना आसान हो जाएगा। आगामी 22 दिसम्बर से रीवा से इंदौर के लिए वायु सेवा प्रारंभ हो जाएगी और इंदौर से लोगों को सीधे बैंगलोर की कनेक्टिंग फ्लाइट मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इस केन्द्र के माध्यम से अधिक से अधिक लड़कियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगी तो गोकुलदास कंपनी की इकाई रीवा में स्थापित करने के प्रयास होंगे। प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षणार्थियों को आवास व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी यूके तिवारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय कंपनी के कपड़े पूरे विश्व में निर्यात किए जाते हैं, जहाँ रीवा से प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 लड़कियों को रोजगार के अवसर मिले हैं। निरीक्षण के समय जनभागीदारी समिति के विधायक प्रतिनिधि विवेक दुबे, गौसंवर्धन बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय, केके गर्ग सहित प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी बालिकाएं उपस्थित रहीं।

देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज सबसे आगे रहा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री ने कोल सामुदायिक भवन का किया लोकार्पण भोपाल  भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में रीवा में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रीवा जिले में कोल भवन परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि देश के सम्मान के लिए आदिवासी समाज हमेशा आगे रहा है। गुलामी की जंजीर में जकड़े हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुण्डा का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्हें 'धरती आबा' कहा गया। वह हमारे प्रेरणास्रोत हैं। देश उनकी 150वीं जयंती धूमधाम से मनाकर अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे महापुरूष प्रेरणास्रोत हैं। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से ही हम स्वतंत्रता प्राप्त कर खुले में सांस ले पा रहे हैं। आदिवासी समाज ने शौर्य और पराक्रम का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। जल, जमीन और जंगल के बिना भारत की कल्पना असंभव है। देश में यदि जंगल बचा है तो वह सिर्फ आदिवासी समाज के कारण ही बचा है। आदिवासी समाज के हमारे भाई गंगा नदी के समान पवित्र और निश्छल हैं। उनमें वीरता के साथ धैर्यशीलता भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के लोगों को जमीन का पट्टा देने तथा पक्के मकान बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पूरा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा में कोल समाज के लिए समर्पित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल ने कहा कि गुरूओं व बड़ों के आशीर्वाद से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। कोल सामुदायिक भवन की जो सौगात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल द्वारा मिली है, उसे समाज के लोग हमेशा याद रखेंगे। विधायक मनगवां इंजीनियर नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति ही भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। आदिवासी समाज जल, जंगल व जमीन के लिए ही जीता है। विधायक व्यौहारी श्री शरद कोल ने कहा कि आज हम ऐसे महापुरूष को याद कर रहे हैं जिन्होंने बिना संसाधन के अपनी अस्मिता की पहचान को बनाए रखने का कार्य किया तथा भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कोल समाज अपनी संस्कृति व इतिहास को बचाए हुए है। शासन के सहयोग से समाज के लोगों के विकास के कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने 93.49 लाख रुपए से निर्मित कोल सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने जनजातीय देवी-देवताओं का पूजन कर जनजातीय धर्मगुरूओं का सम्मान किया। कार्यक्रम में आदिवासी लोकनृत्य एवं अन्य आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ हुईं। जिला स्तरीय आयोजन में गौरव रथयात्रा का समापन हुआ और ग्राम उत्कर्ष योजना से निर्मित आवासों के गृह प्रवेश के स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। आयोजन में हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद, नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन जिला संयोजक कमलेश्वर सिंह द्वारा किया गया।  

सरकार का बड़ा फैसला: सोयाबीन का भावांतर मॉडल रेट अब 4225 रुपये

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए शनिवार 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए और 14 नवंबर को 4184 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ।