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प्रधानमंत्री मोदी की अपील के अनुक्रम में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने काफिले से हटाई फॉलो एवं पायलट सुविधा

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और पेट्रोलियम ईंधनों के किफायती एवं विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में की गई अपील के अनुक्रम में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उनके काफिले के लिये उपलब्ध कराई गई फॉलो एवं पायलट वाहन सुविधा, संबंधित स्टाफ सहित, वापस कर दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने ऊर्जा संरक्षण एवं सुरक्षा के दृष्टिगत नागरिकों से ईंधन की बचत को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम ईंधनों की बचत केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के हित, पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। सरकार जनहित में संसाधनों के सर्वोत्तम एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए सतत प्रतिबद्ध है।  

प मुख्यमंत्री शुक्ल ने पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को दी बधाई

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने आज कोलकाता में पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री  सुवेन्दु अधिकारी से भेंट कर उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक जनादेश प्रदेश में विकास, सुशासन, सुरक्षा एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति जनता के अटूट विश्वास को नई मजबूती देगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री  अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर होगा और राज्य प्रगति एवं समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित करेगा।  

नर्सिंग कॉलेजों की छात्राओं की नियुक्ति में उपलब्ध सभी जिलों का विकल्प करें प्रदान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रस्तावों एवं आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाहियों की प्रगति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के साथ समय पर पूर्ण किया जाए, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बुधनी, दमोह एवं छतरपुर मेडिकल कॉलेजों में टीचर्स के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थाओं में लंबित आउटसोर्स पदों पर भर्ती के लिए सभी जिलों में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा। उन्होंने नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 59 राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए मांग पत्र लोक सेवा आयोग को शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला चिकित्सालय राजगढ़ में रैन बसेरे के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की स्वीकृति की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित नर्सिंग कॉलेजों की उत्तीर्ण छात्राओं को नियुक्ति में सभी जिलों का विकल्प प्रदान करने संबंधी कार्यवाही भी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने परियोजना परीक्षण समिति एवं व्यय वित्त समिति को भेजे जाने वाले प्रस्तावों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वीकृति एवं उन्नयन, सागर में कैंसर अस्पताल और सिंगरौली में अस्पताल उन्नयन के प्रस्ताव के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की पूर्ति के निर्देश दिए। कैबिनेट अनुमोदन के लिए एयर एम्बुलेंस संचालन में नई शर्तों का समावेश, शव वाहन के संभागीय संचालन की अनुमति, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती, 16 जिला अस्पतालों में नए पदों का सृजन, सी.सी.एच.बी. अंतर्गत पदों की स्वीकृति के प्रस्तावों को आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र अग्रेषित करने के लिए कहा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिकित्सकों की पदोन्नति के लिए लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 से छूट, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती के लिए अनुमति, नर्सिंग ऑफिसर एवं ट्यूटर के 2 हजार 317 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने और अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित करने हेतु आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज रीवा एवं सतना के भ्रमण के दौरान आए विषयों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान को तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला चिकित्सालय मैहर के लिए भूमि चिन्हांकन प्रक्रिया पूर्ण कर आगामी कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए कहा। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन  संजय कुमार शुक्ल उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वयं अपना स्वगणना फॉर्म भरा

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जनगणना–2027 अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए स्वयं कंप्यूटर के माध्यम से स्व-गणना फॉर्म भरकर नागरिकों को प्रेरित किया और यह संदेश दिया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सहज है। उप मुख्यमंत्री ने समस्त नागरिकों से इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह आधुनिक डिजिटल सुविधा नागरिकों को घर बैठे सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से जनगणना में भाग लेने का अवसर प्रदान करती है। कोई भी नागरिक पोर्टल पर लॉगिन कर कुछ आसान प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकता है। उप मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। सभी स्व-गणना करें और सशक्त, पारदर्शी एवं डेटा-संपन्न भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। उल्लेखनीय है कि जनगणना–2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य एक मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके पूर्व 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना हेतु पोर्टल पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस अवधि में नागरिक अपनी स्व-गणना समय रहते पूर्ण कर सकते हैं, जिससे आगामी प्रक्रिया और अधिक सुगम हो सके। इससे नागरिकों को घर, कार्यालय अथवा किसी भी स्थान से मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से सुरक्षित रूप से जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलती है। यह न केवल समय की बचत करता है, बल्कि डेटा संग्रहण को अधिक सटीक एवं प्रभावी भी बनाता है। जनगणना–2027 में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया गया है, जो एक आधुनिक, तकनीकी रूप से सशक्त एवं समावेशी प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और देश के विकास के लिए आवश्यक आंकड़ों का संकलन अधिक सुगमता से किया जा सकेगा। जनगणना का द्वितीय चरण, जिसमें जनसंख्या गणना की जाएगी, फरवरी 2027 में पूरे देश में संपन्न होगा। इस दृष्टि से वर्तमान स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को प्रारंभिक चरण में ही जुड़ने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा, जिला प्रभारी जनगणना अधिकारी शशिकांत शुक्ला उपस्थित रहे।  

बेटियों की पूजा व नारियों के सम्मान से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बेटियों की पूजा व नारियों के सम्मान से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के संबंध में जो विधेयक प्रस्तुत किया गया है। उससे भारत की आधी आवादी को देश हित के निर्णय में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। शुक्ल ने नारी शक्ति पथ संचलन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री जी ने स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने के उपरांत अब संसद में भी प्रतिनिधित्व देने का जो संकल्प लिया है वह अभिनंदनीय है जिसके माध्यम से नारी शक्ति को समुचित सम्मान मिलेगा। शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में अनेक योजनाएँ व कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं जिसके माध्यम से महिलाएँ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ नारी की पूजा व सम्मान होता है वहां देवता भी वास करते हैं अत: नारी शक्ति का सम्मान करते हुए मजबूत इच्छा शक्ति के साथ उनके हक के लिये कार्य किये जा रहे हैं। शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य की महिलाएँ किसी से पीछे नहीं हैं देश की पहली महिला फाइटर पायलट हमारे यहाँ की हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हम महिलाओं के हित में हमेशा ही कार्य किया है। उनका संकल्प है कि हर घर की महिला जागरूक हो, आगे आये और बराबरी के साथ चले। लखपती दीदी, स्वसहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी के साथ ही स्थानीय निकायों में हमें प्रतिनिधित्व मिला और अब नई राह खुल रही है। कार्यक्रम में महिला विदुषी ज्ञानवती अवस्थी ने कहा कि हमारी संस्कृति में मातृ वंदना होती है। मातृ शक्ति को ही सृष्टि की रचना का श्रेय दिया गया है इसलिए वह वंदनीय है। नारी अपने चरित्र से पुरूषों को प्रेरणा देती है इस लिए उसका स्थान सर्वोपरी हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा में 10 से 25 अप्रैल तक महिलाओं के सम्मान में अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में संभाग स्तर का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने मोबाइल फोन से मिस्डकाल कर महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया। अवसर पर मातृ शक्तियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक पन्नाबाई प्रजापति, जिला पंचायत सदस्य पूर्णिमा तिवारी, गीता माझी, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र कुमार प्रजापति, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शशिश्याम उइके, दर्शना वाकड़े, आशीष द्विवेदी, जीवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी व मातृ शक्तियाँ उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती तिवारी ने किया।

दीर्घकालिक उपयोगिता और समग्र विकास को ध्यान में रखकर करें विकास कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (एमपीएचआईडीसी) के प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा जिले में पुनर्घनत्वीकरण योजना में केंद्रीय जेल रीवा, बीहर रिवर फ्रंट, वॉटर स्पोर्ट्स सुविधाएं और बोट क्लब सहित अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय भविष्य की आवश्यकताओं, नागरिकों की सुविधा तथा आधुनिक अधोसंरचना को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाएं दीर्घकालिक उपयोगिता और शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की बाधा या विलंब को तत्काल दूर करते हुए परियोजनाओं को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि रीवा को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल वल्लभ भवन में मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन की यह सराहनीय पहल है कि वे केवल अपनी मांगों के लिए संघर्ष ही नहीं करते, बल्कि उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पहचान अवश्य मिलती है। ऐसे कार्यक्रम इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि मेहनत और सकारात्मक कार्य को देखा और सराहा जाता है। प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी का अत्यंत महत्व होता है, क्योंकि वही आगे की प्रक्रिया को दिशा देती है। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों को निश्चित रूप से सम्मान और पहचान मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने वाले पत्रकार समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करने की इस परंपरा को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि कार्य को सलीके और कुशलता से करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे आयोजनों से उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों, बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, संरक्षक राजेश कौल, भगवान सिंह यादव तथा पदाधिकारी राजकुमार पटेल, आलोक वर्मा, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति,मती साधना मिश्रा, सतीश शर्मा, हरिशरण द्विवेदी, दयानंद उपाध्याय, मतीन खान,मती दीप्ति बच्चानी, दिलीप सोनी, प्रियंकवास्तव, प्रहलाद उईके,मती चंदा सल्लाम, श्याम बिहारी दुबे, सुश्री नीलेश पटवा, विकास नोरंग, मंगल सोनवाने, हरीश बाथम, बादामी लाल, विष्णु नाथानी एवं विक्रम बाथम का विशेष योगदान रहा।  

कृषि एवं विज्ञान में नवाचार विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कृषि महाविद्यालय रीवा में विकसित भारत 2047 के लिए विज्ञान और कृषि में नवाचार विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हम वर्तमान में विपुल अन्न और फल सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए हमने खाद और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग किया है, जिसके कारण धरती माता बीमार हो गई हैं। धरती माता को स्वस्थ रखना और भावी पीढ़ी को स्वस्थ जीवन देने के लिए प्राकृतिक खेती इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है । गोपालन पर आधारित प्राकृतिक खेती से ही हमें अच्छे स्वास्थ्य की नेमत मिलेगी। हर किसान अपनी कुल जमीन के दस प्रतिशत भाग पर प्राकृतिक विधि से अनाज फल और सब्जी का उत्पादन करें जिससे कम से कम उसके परिवार को रसायन रहित पौष्टिक आहार मिल सके। सेमिनार का आयोजन कृषि महाविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, एकेएस यूनिवर्सिटी तथा श्याम दुलारे तिवारी शिक्षा एवं शोध संस्थान द्वारा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही देश के गृहमंत्री  अमित शाह जी ने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लिए किया जा रहे प्रयासों की सराहना की। कृषि वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अन्न उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ऐसी किस्म का विकास करें जिससे माटी की उर्वरा शक्ति बनी रहे, धरती बीमार न हो और पौष्टिक अनाज से हम सब भी स्वस्थ रहें। समारोह में सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि वर्ष 2047 की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखकर प्राकृतिक खेती तथा अनाज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करना होगा। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के स्थान पर जैविक विधि से बनाई गई खाद तथा कीटनाशकों का उपयोग करना होगा, जिससे धरती का स्वास्थ्य और मानव के लिए हितकारी जीवाणु, कीट और पक्षी रह सकें। सेमिनार में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर पी.के. मिश्रा ने कहा कि कोरोना काल ने हमें प्रकृति की ओर लौटने और प्राकृतिक खेती को अपनाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। हमारा अस्तित्व तभी तक है जब तक हम प्रकृति के अनुसार आचरण करेंगे। निर्माण कार्यों, बड़े बांध, खनन परियोजनाओं से वनों का विनाश होने के साथ-साथ खेती की जमीन घट रही है। साथ ही पूरी दुनिया में जल संकट की आहट है। युवा, कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं के कंधों पर इन संकटों को दूर करने की जिम्मेदारी है। हमारे पूर्वजों ने बहुत सोच समझकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती के साथ गोपालन को जोड़ा और धरती तथा गौ को माता के समान आदर दिया। हमें पुन: उसी तरफ चलने की आवश्यकता है। सेमिनार में उप मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालय की पत्रिका हरियाली, प्राकृतिक खेती की पुस्तिका तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं 17 शोध पत्रों के संकलन का विमोचन किया। सेमिनार में एकेएस विश्वविद्यालय के चांसलर  अनंत सोनी ने ऊर्जा संरक्षण तथा खेती में नवाचार के संबंध में विचार व्यक्त किए। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एसके त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती के लिए महाविद्यालय में किए जा रहे शोध की जानकारी दी। सेमिनार में प्रोफेसर डॉ. आरके तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सेमिनार में  एके जैन, डॉ. एसके पाण्डेय, प्रोफेसर एके शर्मा तथा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता शामिल हुए। सेमिनार में आठ राज्यों के कृषि वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने न्यू सर्किट हाउस रीवा में हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गौ शेड के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन गेस्ट हाउस के शेष कार्य आगामी 3 दिनों में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यो के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की सौजन्य भेंट

भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का होगा महत्वपूर्ण अवसर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से निवास कार्यालय, भोपाल में थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सौजन्य भेंट की। जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आगामी वर्ष में भोपाल में आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सेना एवं राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ देशभक्ति, सैन्य सम्मान और जन-भागीदारी की भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे प्रदेश के युवाओं में सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करने की प्रेरणा भी मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को भी सुदृढ़ करेंगे। थल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने बताया कि 15 जनवरी 2027 को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी, जिसकी भव्यता और स्वरूप नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के समान होगा। इस आयोजन के अंतर्गत परेड के साथ सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास, शौर्य संध्या और विभिन्न आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से ‘मेरी माटी अभियान’ के अंतर्गत की जाएगी। जनवरी 2027 में 7 से 12 जनवरी तक सैन्य प्रदर्शनी, 9, 11 एवं 13 जनवरी को परेड अभ्यास, 11 एवं 13 जनवरी को शौर्य संध्या अभ्यास तथा 11-12 जनवरी को बड़े तालाब में सैन्य गतिविधियां आयोजित होंगी। मुख्य परेड 15 जनवरी को प्रस्तावित मार्गों पर आयोजित की जाएगी, जबकि शौर्य संध्या और अन्य कार्यक्रम शहर के विभिन्न स्थलों पर संपन्न होंगे। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।