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कृषि एवं विज्ञान में नवाचार विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कृषि महाविद्यालय रीवा में विकसित भारत 2047 के लिए विज्ञान और कृषि में नवाचार विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हम वर्तमान में विपुल अन्न और फल सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए हमने खाद और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग किया है, जिसके कारण धरती माता बीमार हो गई हैं। धरती माता को स्वस्थ रखना और भावी पीढ़ी को स्वस्थ जीवन देने के लिए प्राकृतिक खेती इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है । गोपालन पर आधारित प्राकृतिक खेती से ही हमें अच्छे स्वास्थ्य की नेमत मिलेगी। हर किसान अपनी कुल जमीन के दस प्रतिशत भाग पर प्राकृतिक विधि से अनाज फल और सब्जी का उत्पादन करें जिससे कम से कम उसके परिवार को रसायन रहित पौष्टिक आहार मिल सके। सेमिनार का आयोजन कृषि महाविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर, एकेएस यूनिवर्सिटी तथा श्याम दुलारे तिवारी शिक्षा एवं शोध संस्थान द्वारा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही देश के गृहमंत्री  अमित शाह जी ने बसामन मामा गौ अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लिए किया जा रहे प्रयासों की सराहना की। कृषि वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अन्न उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ऐसी किस्म का विकास करें जिससे माटी की उर्वरा शक्ति बनी रहे, धरती बीमार न हो और पौष्टिक अनाज से हम सब भी स्वस्थ रहें। समारोह में सांसद  जनार्दन मिश्र ने कहा कि वर्ष 2047 की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखकर प्राकृतिक खेती तथा अनाज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करना होगा। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के स्थान पर जैविक विधि से बनाई गई खाद तथा कीटनाशकों का उपयोग करना होगा, जिससे धरती का स्वास्थ्य और मानव के लिए हितकारी जीवाणु, कीट और पक्षी रह सकें। सेमिनार में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर पी.के. मिश्रा ने कहा कि कोरोना काल ने हमें प्रकृति की ओर लौटने और प्राकृतिक खेती को अपनाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। हमारा अस्तित्व तभी तक है जब तक हम प्रकृति के अनुसार आचरण करेंगे। निर्माण कार्यों, बड़े बांध, खनन परियोजनाओं से वनों का विनाश होने के साथ-साथ खेती की जमीन घट रही है। साथ ही पूरी दुनिया में जल संकट की आहट है। युवा, कृषि वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं के कंधों पर इन संकटों को दूर करने की जिम्मेदारी है। हमारे पूर्वजों ने बहुत सोच समझकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती के साथ गोपालन को जोड़ा और धरती तथा गौ को माता के समान आदर दिया। हमें पुन: उसी तरफ चलने की आवश्यकता है। सेमिनार में उप मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालय की पत्रिका हरियाली, प्राकृतिक खेती की पुस्तिका तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं 17 शोध पत्रों के संकलन का विमोचन किया। सेमिनार में एकेएस विश्वविद्यालय के चांसलर  अनंत सोनी ने ऊर्जा संरक्षण तथा खेती में नवाचार के संबंध में विचार व्यक्त किए। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. एसके त्रिपाठी ने प्राकृतिक खेती के लिए महाविद्यालय में किए जा रहे शोध की जानकारी दी। सेमिनार में प्रोफेसर डॉ. आरके तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सेमिनार में  एके जैन, डॉ. एसके पाण्डेय, प्रोफेसर एके शर्मा तथा वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता शामिल हुए। सेमिनार में आठ राज्यों के कृषि वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने न्यू सर्किट हाउस रीवा में हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गौ शेड के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन गेस्ट हाउस के शेष कार्य आगामी 3 दिनों में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यो के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की सौजन्य भेंट

भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का होगा महत्वपूर्ण अवसर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से निवास कार्यालय, भोपाल में थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सौजन्य भेंट की। जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आगामी वर्ष में भोपाल में आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सेना एवं राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ देशभक्ति, सैन्य सम्मान और जन-भागीदारी की भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे प्रदेश के युवाओं में सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करने की प्रेरणा भी मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को भी सुदृढ़ करेंगे। थल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने बताया कि 15 जनवरी 2027 को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी, जिसकी भव्यता और स्वरूप नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के समान होगा। इस आयोजन के अंतर्गत परेड के साथ सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास, शौर्य संध्या और विभिन्न आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से ‘मेरी माटी अभियान’ के अंतर्गत की जाएगी। जनवरी 2027 में 7 से 12 जनवरी तक सैन्य प्रदर्शनी, 9, 11 एवं 13 जनवरी को परेड अभ्यास, 11 एवं 13 जनवरी को शौर्य संध्या अभ्यास तथा 11-12 जनवरी को बड़े तालाब में सैन्य गतिविधियां आयोजित होंगी। मुख्य परेड 15 जनवरी को प्रस्तावित मार्गों पर आयोजित की जाएगी, जबकि शौर्य संध्या और अन्य कार्यक्रम शहर के विभिन्न स्थलों पर संपन्न होंगे। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंडियन हैबिटैट सेंटर का किया अवलोकन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में इंडियन हैबिटेट सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सेंटर के निदेशक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु श्री के.जी. सुरेश भी उपस्थित रहे। उन्होंने परिसर के संचालन और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा में टेक फेस्ट का किया शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इंजीनियरिंग कालेज रीवा में टेक फेस्ट का शुभारंभ किया। रीवा इंजीनियरिंग कालेज के 62वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में कालेज के पूर्व छात्र उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अपने स्थापना की 62वीं वर्षगांठ मना रहा इंजीनियरिंग कालेज, रीवा तकनीक और विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। इंजीनियरिंग कालेज के विकास में इसके पूर्व छात्रों का सराहनीय योगदान है। इंजीनियरिंग कालेज, रीवा ने विन्ध्य की कई प्रतिभाओं को तराशा है जो देश-विदेश के बड़े संस्थानों में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रही हैं। इंजीनियरिंग कालेज के विकास के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। पूर्व छात्रों के सहयोग से आज इंडस्ट्री इंस्टीट्यूट इंट्रैक्शन सेंटर की आधारशिला रखी गई है। यह सेंटर कालेज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, प्रोफेसरों का बड़े औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद का केन्द्र बनेगा। उन्होंने सेंटर के निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। उप मुख्यमन्त्री  शुक्ल ने कहा कि भारत में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में तेजी से विकास हो रहा है। भारत विश्वगुरू बनने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। खाड़ी में अशांति के कारण होर्मूज स्टेट से किसी भी देश के जल जहाज पार नहीं हो रहे हैं, लेकिन ईरान ने भारत के जहाजों को जाने की अनुमति दी है। यह हमारे देश के कुशल नेतृत्व की विश्व में अच्छी साख का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा बहुत तेजी से विकास कर रहा है। पेरिस सम्मेलन के बाद हमने सबसे पहले गुढ़ में 750 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया। इसकी बिजली से दिल्ली की मेट्रो चल रही है। रीवा से इंदौर, भोपाल और दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा है। रीवा से 17 मार्च को रायपुर और 15 अप्रैल से कोलकाता के लिए भी हवाई सेवा शुरू हो रही है। अब बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों तथा विशेषज्ञों को रीवा आने में किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी। इंजीनियरिंग कालेज में रिसर्च और इनोवेशन की दिशा में लगातार अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने एलपीजी गैस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यहाँ प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बड़े प्लेटफार्म का अवसर मिलने पर विन्ध्य की प्रतिभाएं आसमान तक तिरंगा फहरा सकती हैं। उप मुख्यमंत्री ने समारोह के पूर्व ट्रिपल आई सेंटर का भूमिपूजन किया और विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई टेक फेस्ट प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में कॉलेज के पूर्व छात्र एवं एनटीपीसी के सेवानिवृत्त सीएमडी  आरएस शर्मा, अडानी उद्योग समूह के रिन्यूअल एनर्जी के मैनेजिंग डायरेक्टर  चैतन्य साहू ने भी विचार व्यक्त किये। समारोह में कालेज के प्राचार्य  आर.पी. तिवारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कालेज की विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कालेज में 1964 में तीन कोर्स शुरू किए गए। वर्तमान में पाँच कोर्स, पीजी कोर्स और पीएचडी की सुविधा है। कालेज में 9 यूजी कोर्स तथा 10 पीजी कोर्स शुरू करने के लिए 175 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। नगर निगम के अध्यक्ष  व्यंकटेश पाण्डेय, अल्ट्राटेक सीमेंट मैहर के प्रेसिडेंट तथा प्लांट हेड  विजनेश्वर मोहंती, टोंस हाइड्रल पावर के असिस्टेंट चीफ इंजीनियर  पुरूषोत्तम गुप्ता, बीएसएनएल के पीजीएम  यतीश कठेरिया, कालेज के प्रथम बैच के छात्र सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर  अनुपम वास्तव, अन्य पूर्व छात्र, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला रीवा का भ्रमण किया तथा वहाँ की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने गौमाताओं को गौग्रास खिलाया। उन्होंने गौशाला के संचालन और चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने लक्ष्मणबाग स्थित हनुमान मंदिर में हनुमान जी के दर्शन किए तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।  

डेंटल सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत, दुनिया में सेवाएं देने को तैयार विशेषज्ञ : शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दंत चिकित्सा स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। अच्छा मौखिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रशिक्षित दंत चिकित्सक दंत चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल एलएन मेडिकल कॉलेज भोपाल में "इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्लोबल डेंटिस्ट्री–2026" के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि यह पहल "ब्रेन ड्रेन" नहीं बल्कि "ग्लोबल गेन" का उदाहरण है। सही मार्गदर्शन , पारदर्शी प्रक्रिया और नैतिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारतीय डेंटिस्ट वैश्विक मंच पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं तथा देश की प्रतिष्ठा को सशक्त बना सकते हैं। सम्मेलन में पहली बार भारत में यूके डेंटल भर्ती एवं प्लेसमेंट पर संरचित मंच प्रस्तुत किया गया। ओआरई, एलडीसी, एमएफडीएस परीक्षाओं, जनरल डेंटल काउंसिल (जीडीसी) रजिस्ट्रेशन, वीज़ा/स्पॉन्सरशिप प्रक्रिया, यूके क्लिनिकल स्टैंडर्ड्स, रोगी सुरक्षा और प्रोफेशनल एथिक्स पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को गलत सूचना और फर्जी एजेंसियों से बचने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया समझाई गई। सम्मेलन में भारत एवं यूके की आय संभावनाओं की तुलनात्मक जानकारी भी प्रस्तुत की गई। यूके से आए विशेषज्ञों द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन, पैनल डिस्कशन और दो दिवसीय सीपीडी एवं पर्सनलाइज्ड क्लिनिक का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम में डेंटल सर्जन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला, डॉ. अनुपम चौकसे,  धर्मेन्द्र गुप्ता, सहित दंत चिकित्सा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। लंदन से आए विशेषज्ञ डॉ. रूथ चेसमोर-होस्कर, डॉ. गौरी प्रधान, डॉ. शिवानी भंडारी, डॉ. दलिप कुमार,  विलियम नील कार्माइकल एवं डॉ. टिमोथी ओ’ब्रायन ने प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दंत छात्र-छात्राओं, इंटर्न्स, प्रैक्टिसिंग दंत चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने कैरियर संबंधी प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए।

सीएचसी को एफआरयू के रूप में उन्नत करने के लिए मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में उन्नत करने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन इकाइयों में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एफआरयू का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है। चयनित मैनपावर की समयबद्ध जॉइनिंग के निर्देश उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चयनित हो चुके स्टाफ की जॉइनिंग प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।बैठक में स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेश की टेस्टिंग लैब्स के सुदृढ़ीकरण कार्यों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल, आयुक्त धनराजू एस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गौ कथा का दिव्य समापन, धर्म व गौ संरक्षण का लिया संकल्प

भोपाल . बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में स्थित  रेवासा धाम एवं  वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर परम पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का तीसरा एवं अंतिम दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के साथ कथा श्रवण किया। महाराज  ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पृथ्वी सात स्तंभों पर आधारित है। प्रथम स्तंभ गौ माता हैं, द्वितीय ब्राह्मण, तृतीय वेद, चतुर्थ सती-सावित्री पतिवृता नारियां, पंचम सत्यवादी पुरुष, षष्ठम लोभरहित पुरुष और सप्तम दानशील पुरुष। इन सातों तत्वों के संरक्षण से ही समाज और सृष्टि का संतुलन बना रहता है। चित्रकूट के संत शिरोमणि संकादिक महाराज भी गोकथा में शामिल हुए। मलूक पीठाधीश्वर  राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में बसामन मामा गौधाम परिसर में ऋषिकुलम आवास गृह का भूमिपूजन किया एवं पीपल का पौधा रोपण किया। महाराज  ने कहा कि युग निर्माता ब्राह्मण होता है। जो संपूर्ण समाज की पीड़ा को अनुभव करे, वही सच्चा ब्राह्मण है। धर्माचरण से ही अर्थ और काम रूपी पुरुषार्थ की सिद्धि संभव है। जब अर्थ की प्राप्ति धर्म के अनुशासन और नियंत्रण में होती है, तब वह अर्थ अनर्थ का कारण नहीं बनता, बल्कि लोक कल्याण का साधन बनता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपवित्र धन कभी पवित्र कार्यों में नहीं लगता और जो धन धर्मकार्य में समर्पित होता है, वह स्वयं पवित्र हो जाता है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हम सबके लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि पूज्य  राजेंद्रदास जी महाराज के मुखारविंद से अमृतवाणी श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। एक ओर बसामन मामा की पुण्यभूमि, जहाँ दस हजार गौ माताओं के संरक्षण एवं संवर्धन का विशाल प्रकल्प संचालित है, और दूसरी ओर पूज्य महाराज  का दिव्य प्रवचन यह संगम सचमुच त्रिवेणी के समान है, जो दीर्घकाल तक समाज का कल्याण करता रहेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि गौ माता का सम्मान ही मानवता का सम्मान है। यदि गौ माता का अपमान होगा तो मानव जाति का कल्याण संभव नहीं। उन्होंने कहा कि महाराज  के प्रवचनों से उन्हें गौ संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में और अधिक ऊर्जा एवं संकल्प प्राप्त हुआ है। उन्होंने भावुकता से कहा कि कभी-कभी जब वे किसी कठिन कार्य का दायित्व लेते हैं और वह सहज ही पूर्ण हो जाता है, तो उन्हें अनुभव होता है कि यह सब गौ माता की कृपा और उनकी प्रसन्नता का ही परिणाम है। कार्यक्रम का समापन भक्ति, भाव और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें गौ सेवा, धर्माचरण और समाज कल्याण के लिए कार्य करने का संदेश प्रमुख रहा। कथा समापन के बाद बसामन मामा में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कथा के समापन दिवस पर सांसद  जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर  दिव्यराज सिंह, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, विधायक सिहावल  विश्वामित्र पाठक, पूर्व मंत्री  पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक  केपी त्रिपाठी और बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने शिव बाबा रथयात्रा का किया शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा रीवा में शिव बाबा रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रजापिता ब्राम्हकुमारी विश्वविद्यालय आश्रम से आरंभ हुई। शिव बाबा रथयात्रा को हरी झण्डी दिखाई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव संहार से साथ-साथ कल्याण के देवता हैं। भक्तों की भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान शिव कालों के महाकाल हैं। प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिव चेतना को जगाने के लिए किये जाने वाले प्रयास सराहनीय हैं। इस संस्थान ने सामाजिक क्षेत्र में भी बढ़चढ़ कर योगदान दिया है। इस अवसर पर प्रजापिता ब्राम्हकुमारी संस्थान द्वारा उप मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।  

किसानों की सहमति से होगा सड़क चौड़ीकरण, भूमि अधिग्रहण पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान

भोपाल . गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सड़क रीवा एयरपोर्ट को सिलपरा-बेला रिंग रोड से जोड़ेगी। सड़क चौड़ीकरण में आने वाली जमीनों के लिए चोरहटा, रघुनाथपुर व खैरा गांव के किसानों ने अपनी सहमति दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के बन जाने से किसानों की शेष जमीनों का भी मूल्य बढ़ेगा। कलेक्ट्रेट रीवा के सभागार में बैठक में किसानों ने कहा कि हम सब रीवा के विकास में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के साथ हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाएगी और किसानों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा भी शीघ्र मिल जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर अतिशीघ्र प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिलपरा-बेला रिंग रोड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। आगामी अप्रैल माह में इसका लोकार्पण हो जाएगा। रिंग रोड के लोकार्पण से पूर्व ही गुरूकुल से खैरा होकर बनने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी पूरा करा लिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा शहर के उत्तरी छोर में निर्माणाधीन चोरहटा-रतहरा बायपास के सिक्स लेन चौड़ीकरण मार्ग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा का संभागीय मुख्यालय प्रदेश का पहला संभागीय मुख्यालय होगा जहाँ आगामी माह में शहर के चारों तरफ बायपास या रिंगरोड का निर्माण हो जाएगा। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 एवं 10 फरवरी को शिविर आयोजित कर किसानों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं जिससे शीघ्र ही जमीन का अधिग्रहण किया जाकर नियत समय में चौड़ीकरण कार्य किया जा सके। बैठक में ढेकहा तिराहा के चौड़ीकरण तथा एयरपोर्ट विस्तार कार्य पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर मती सपना त्रिपाठी सहित राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा संबंधित गांवों के किसान उपस्थित रहे।