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उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: जीएमसी भोपाल का प्लेटिनम जुबिली कार्यक्रम हो गरिमामय

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) भोपाल देश की गौरवशाली धरोहर है। अब तक हजारों डॉक्टर और विशेषज्ञ तैयार हुए हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कॉलेज की प्लेटिनम जुबिली एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसका सुव्यवस्थित और गरिमामय आयोजन होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्थाओं में हर स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल से मंत्रालय में जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने उप मुख्यमंत्री शुक्ल को प्लेटिनम जुबिली समारोह में आमंत्रित किया और इस अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र संस्थान की परिस्थितियों और जरूरतों से भली-भांति परिचित होते हैं, उनके सुझाव सशक्तिकरण में अत्यंत सहायक होंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि को सामान्य सभा की बैठकों में शामिल किया जाए, जिससे उनके अनुभव और सुझावों का लाभ कॉलेज प्रशासन को निरंतर मिलता रहे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जीएमसी भोपाल की प्लेटिनम जुबिली के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश और देश भर के पूर्व छात्रों को जोड़ने का एक अवसर बनेगा और संस्थान की गौरवशाली परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कॉलेज परिसर में पूर्व छात्रों द्वारा किए जा रहे विकास कार्य और अन्य गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं के उन्नयन, अधोसंरचना और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी रखे तथा शासन से सहयोग की अपेक्षा की। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, एम.डी. एम.पी. पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड मयंक अग्रवाल सहित जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- सुमन सखी चैटबॉट नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम

प्रारंभिक चरण में फोकस मातृ स्वास्थ्य पर अगले चरण में समस्त स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश में जल्द ही सुमन सखी चैटबॉट सेवा प्रारंभ की जा रही है। सुमन सखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट होगा, जो नागरिकों को गर्भावस्था के दौरान देखभाल, उच्च जोखिम कारकों की जानकारी, तथा महिलाओं से संबंधित सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह सेवा न केवल योजनाओं की जानकारी और सेवाओं तक त्वरित पहुँच उपलब्ध कराएगी, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जनविश्वास को भी मज़बूत करेगी। मिशन डायरेक्टर एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि सुमन सखी चैटबॉट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के सहयोग से विकसित किया गया है। सुमन सखी चैटबॉट 24×7 उपलब्ध रहेगा और हिंदी भाषा में होगा, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएँ भाषा की किसी भी बाधा के बिना इसका लाभ उठा सकें। प्रारंभिक चरण में इसका फोकस मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर होगा और धीरे-धीरे अन्य प्रमुख योजनाएँ भी इसमें शामिल की जाएँगी। नागरिक इसे व्हाट्सएप के माध्यम से उपयोग कर सकेंगे।  

रीवा में खाद वितरण व्यवस्था को बनायें सुविधाजनक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

3 दिवसों में पहुंचेगी ढाई रैक रीवा जिले में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा ज़िले की खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में सिंचाई साधनों की सतत वृद्धि से खाद की मांग भी लगातार बढ़ी है। कई जागरूक कृषक वर्ष में तीन फसलें ले रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि किसानों को सही समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने खाद के स्टॉक और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टोकन वितरण व्यवस्था सुचारू रहे और किसानों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि 3 दिवस के अंदर रीवा में 2 फुल और 1 हाफ रैक यूरिया पहुंचेगी। एनएफएल की 1 हज़ार 900 मे.टन की रैक रात तक जिले में पहुंचने की संभावना है। इफको की फूलपुर प्लांट से 2 हज़ार 700 मे. टन की रैक रवाना की गई है, जो कल शाम तक जिले में पहुंच जाएगी। वहीं चंबल फ़र्टिलाइज़र की आधी रैक कल लोडिंग में आएगी, जो 6 सितम्बर की शाम तक जिले में पहुंचने की संभावना है। एमडी एमपी मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह ने बताया कि रीवा जिले में गत वर्ष 1 अप्रैल से 1 सितम्बर 2024 तक 23 हज़ार मे. टन यूरिया का विक्रय हुआ था। इसके विरुद्ध इस वर्ष 1 सितम्बर तक 26 हज़ार 860 मे. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 23 हज़ार 360 मे. टन यूरिया का विक्रय हो चुका है एवं 1 हज़ार 500 मे. टन शेष है। 1 हज़ार 300 मे.टन की आधी रैक 31 अगस्त की रात को जिले में पहुंच चुकी है। बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस प्लानिंग की गई है। गत वर्ष 30 सितम्बर 2024 तक 18 हज़ार 674 मे. टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हुआ था, जबकि इस वर्ष 23 हज़ार मे. टन उपलब्धता है। इसमें से 16 हज़ार 544 मे. टन का विक्रय किया जा चुका है और 6 हज़ार 463 मे. टन अभी उपलब्ध है। बैठक में संचालक कृषि श्री अजय गुप्ता सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – साहित्यकार ही संस्कृति और परंपरा के असली संरक्षक

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के साहित्यकारों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि साहित्य समाज का आईना होता है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से संस्कृति, परंपरा, संवेदना और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। विंध्य की यह गौरवशाली परंपरा है कि यहां के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि विंध्य की साहित्यिक धरती की सामूहिक उपलब्धि है। यह गौरव पूरे प्रदेश का है और साहित्यकारों के इस योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों को मंत्रालय भोपाल में सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र, डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ एवं डॉ. विवेक द्विवेदी का शॉल और श्रीफल प्रदान कर अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि विंध्य क्षेत्र के 6 साहित्यकार/लेखकों को प्रतिष्ठित मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र के 6 लेखकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनमें से 4 लेखक रीवा के निवासी हैं। डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र को ‘रिश्तन केर निबाह’ बघेली कहानी संकलन के लिए विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार वर्ष-2023 से सम्मानित किया गया है। डॉ. चंद्र ने 8 निबंध संग्रह, 1 कविता संग्रह और 2 बघेली कहानी संकलन की रचना की है। डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को ‘मेरा परिचय-मेरी कविता’ गीत संग्रह के लिए वर्ष-2023 का वीरेन्द्र कुमार मिश्र साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डॉ. विवेक द्विवेदी को ‘सुनो कावेरी’ कहानी संकलन पर सुभद्रा कुमारी चौहान साहित्य एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉ. द्विवेदी ने 9 उपन्यास और 10 कहानी संग्रह लिखे हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. प्रमोद जैन को लघु कथा संग्रह ‘सेल्फी’ पर जैनेन्द्र कुमार पुरस्कार और मैहर निवासी सीताशरण गुप्त को बघेली कविता संग्रह ‘जगन्नाथ केर प्रसाद’ के लिए वर्ष-2022 का विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बाल साहित्य पर पाणि पंकज पांडे को वर्ष-2022 का हरिकृष्ण देवसरे मध्यप्रदेश साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा में दो दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कृष्णाराज कपूर आडिटोरियम रीवा में दो दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। रक्त फैक्ट्री में नहीं बनता उसका निर्माण मानव शरीर में ही संभव है जब हम रक्तदान करते हैं तो उससे पीड़ित को जीवनदान मिलता है। स्वयं के स्वस्थ के लिए भी रक्तदान लाभकारी होता है। हर स्वस्थ्य व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में जो पुण्य के कार्य किये हैं उनमें रक्तदान सर्वोंपरी है। रीवा में अब रक्त को संधारित करने की पर्याप्त सुविधा हो गयी है। सभी नागरिक समय-समय पर रक्तदान करके पीड़ितों की जान बचाने में सहयोग दें। रक्तदान शिविर का आयोजन जिला प्रशासन और प्रजापिता ब्राम्हकुमारी ईश्वरी संस्थान द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रजा पिता ब्राम्हकुमारी संस्थान देश में आध्यात्मिक चेतना के विकास और समाज सेवा में सराहनीय कार्य कर रहा है। संस्थान का माउंटआबू मुख्यालय आध्यात्मिक ऊर्जा का केन्द्र है। संस्थान की दादी प्रकाशमणि भौतिक रूप से हमारे बीच अब नहीं हैं लेकिन उनका स्नेह आशीर्वाद और आध्यात्मिक चेतना हमेशा सदैव प्रेरणा देती रहेगी। अपने लिए तो सभी जीते हैं ब्राम्हकुमारी संस्थान ने हमें दूसरों के लिए जीना सिखाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी ने जबलपुर में विभिन्न निर्माण कार्यों के साथ रीवा को भी सिरमौर डभौरा रोड तथा रीवा बाईपास 8 लेन निर्माण का शिलान्यास करके बड़ी सौगात दी है। बाईपास और बेला सिलपरा रिंग रोड का निर्माण आगामी मार्च माह तक पूरा हो जायेगा। इससे रीवा रिंग रोड की सुविधा वाला प्रदेश का पहला शहर बन जायेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रक्तदान करने वाले नागरिकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्व. प्रकाशमणि को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आयुक्त नगर निगम डॉ. सौरभ सोनवणे, जिला रेडक्रास समिति के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. आरपी सिंह, ब्राम्हकुमारी संस्थान के श्री बी.के. प्रकाश एवं बड़ी संख्या में संस्थान पदाधिकारी तथा रक्तदान करने वाले उपस्थित रहे।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति चरित्र निर्माण व व्यक्तित्व विकास में सहायक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि चरित्र निर्माण व व्यक्तित्व विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहायक है। संस्कारित शिक्षा परोपकर का मार्ग प्रशस्ति करती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के संयोजकत्व में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत भारतीय ज्ञान परंपरा है, जिसके पुनरूत्थान का कार्य करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समावेश किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास कार्यों के साथ सांस्कृतिक व देशहित के महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समग्र विकास के आयाम निर्धारित किये गये हैं, जो चरित्र निर्माण में अपनी भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरू बनने के मार्ग पर अग्रसर हैं। तीन दिवसीय कार्यशाला में नैतिक आधार के समावेश के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा के गहन चिंतन का लाभ रीवा के विद्यार्थी व प्रबुद्धजन ले पायेंगे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयोजक अतुल कोठारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं पंचकोष के सिद्धांत का समावेश किया गया है, जिससे समग्र विकास संभव हो सके। जरूरत है कि विद्यार्थी इसका अध्ययन करें और अपनी भूमिका तय करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल आधार एकाग्रता है। नवीन शिक्षा नीति में समग्र विकास के आयाम, निर्धारित किये गये हैं। कुलगुरू प्रो. राजेन्द्र कुमार कुड़रिया ने कहा कि राष्ट्रीय संस्कृति उत्थान न्यास शिक्षा बचाओ अभियान का नेतृत्व करता है। कार्यशाला में स्मारिका एवं संकल्प पत्र का विमोचन किया गया। विधायक मनगवां इंजी. श्री नरेन्द्र प्रजापति, श्री ओम शर्मा, प्रो. सुनील तिवारी, कुल सचिव श्री सुरेन्द्र सिंह परिहार, श्री अजय तिवारी विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी तथा प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।  

विकास के साथ कला और संस्कृति का समानांतर उत्थान आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक अधोसंरचना के साथ-साथ कला और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रीवा स्थित राजकपूर ऑडिटोरियम जैसे मंचों पर स्थानीय एवं राष्ट्रीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलना एक सकारात्मक पहल है, जिससे समाज में ऊर्जा और जीवंतता का संचार होता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शान-ए-विन्ध्य सम्मान समारोह में यह बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हंसाने वाले लोग समाज में विरले होते हैं। श्री एहसान कुरैशी ने अपनी कला से लोगों को गुदगुदाया, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि युवाओं में भी रचनात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। उन्होंने समारोह के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि शान-ए-विन्ध्य जैसे आयोजन कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी समृद्ध करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों एवं कलाकारों को सम्मानित भी किया। समारोह में देश के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री एहसान कुरैशी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से उपस्थितों को आनंदित किया। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, आज यह संख्या बढ़कर 17 हो गई

मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल एमपी तक ‘बैठक’ कार्यक्रम में हुए शामिल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, आज यह संख्या बढ़कर 17 हो गई  भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे। आज यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इस वर्ष दो और मेडिकल कॉलेज शुरू हो रहे हैं और आगामी वर्ष में छह नए कॉलेजों की शुरुआत प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं दोनों स्तरों पर सशक्त हो सकें। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ हो और इसके लिए हर संभव संसाधन पर कार्य किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल के एक निजी होटल में एमपी तक के विशेष कार्यक्रम "बैठक" में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य व्यवस्था के सशक्तीकरण, विंध्य क्षेत्र के विकास और अन्य समसामयिक विषयों पर विस्तार से संवाद किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ गति से विकास करने वाले राज्यों में शुमार है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट, रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं और निवेश के अवसरों को रेखांकित किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में पूरे प्रदेश में व्यापक और समग्र विकास हो रहा है। टेलीमेडिसिन से गांवों तक पहुँच रही विशेषज्ञ सेवा उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को जिला अस्पताल तक बार-बार न जाना पड़े और उन्हें वहीं इलाज मिल जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक तीनों स्तरों की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत तकनीकों और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित करने की दिशा में तेज़ी से कार्य किया है। अंगदान-देहदान को किया जा रहा है प्रोत्साहित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन किया गया है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल है। इसके अलावा उन्होंने अंगदान और देहदान की समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अंगदाताओं और देहदाताओं को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर श्रद्धांजलि दी जाएगी और परिजन को स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित भी किया जाएगा। यह एक मानवीय पहल है जो समाज में सेवा की भावना को बढ़ाएगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो रहा है। विंध्य क्षेत्र में प्राकृतिक क्षमता और अपार संभावनाएं रही हैं। राजनीतिक इच्छाशक्ति से संसाधनों को सुदृढ़ करने और समुचित उपयोग से क्षेत्र का तेज गति से विकास हुआ है। विंध्य क्षेत्र में चिकित्सा, शिक्षा, पर्यटन, उद्योग और अधोसंरचना सभी क्षेत्रों में सशक्त प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विंध्य क्षेत्र भारत के विकसित क्षेत्रों में अग्रणी हो, इसके लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।