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मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल वल्लभ भवन में मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन की यह सराहनीय पहल है कि वे केवल अपनी मांगों के लिए संघर्ष ही नहीं करते, बल्कि उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को पहचान अवश्य मिलती है। ऐसे कार्यक्रम इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि मेहनत और सकारात्मक कार्य को देखा और सराहा जाता है।

प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से फाइलों पर उत्कृष्ट टीप लिखने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में प्रारंभिक टिप्पणी का अत्यंत महत्व होता है, क्योंकि वही आगे की प्रक्रिया को दिशा देती है। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले कर्मचारियों को निश्चित रूप से सम्मान और पहचान मिलती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने वाले पत्रकार समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। उन्होंने बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित करने की इस परंपरा को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि कार्य को सलीके और कुशलता से करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे आयोजनों से उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन होता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों, बच्चों, आपदा के समय साहस दिखाने वाले कर्मचारियों और अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, संरक्षक राजेश कौल, भगवान सिंह यादव तथा पदाधिकारी राजकुमार पटेल, आलोक वर्मा, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति,मती साधना मिश्रा, सतीश शर्मा, हरिशरण द्विवेदी, दयानंद उपाध्याय, मतीन खान,मती दीप्ति बच्चानी, दिलीप सोनी, प्रियंकवास्तव, प्रहलाद उईके,मती चंदा सल्लाम, श्याम बिहारी दुबे, सुश्री नीलेश पटवा, विकास नोरंग, मंगल सोनवाने, हरीश बाथम, बादामी लाल, विष्णु नाथानी एवं विक्रम बाथम का विशेष योगदान रहा।

 

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