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मीन राशि वालों के लिए चेतावनी: 2026 में शनि साढ़ेसाती का प्रभाव और सावधानियां

शनि एक ऐसा ग्रह है जो व्यक्ति को उसके कर्मों के मुताबिक परिणाम देने का काम करता है। अगर आपकी राशि मीन है तो जान लीजिए की इस समय शनि की साढ़ेसाती आपके साथ चल रही है। यह फिलहाल इस राशि का साथ नहीं छोड़ेंगे और 2026 में भी इससे मुक्ति नहीं मिलने वाली है। मीन राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण जून 2027 में शुरू होगा। 2019 तक इन्हें इससे मुक्ति मिल जाएगी। चलिए जान लेते हैं कि 2026 में इस राशि में शनि साढ़ेसाती का कौन सा चरण रहने वाला है। इसका कैसा प्रभाव रहने वाला है यह भी जान लेते हैं। कैसे लगती है साढ़ेसाती इस समय शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं। एक राशि में वह ढाई साल तक रहते हैं इसके बाद परिवर्तन करते हैं। यह परिवर्तन लोगों को साढ़ेसाती और ढैया से मुक्ति दिलाता है। एक पर खत्म होने के बाद ये दूसरी राशि पर शुरू होती है। इस समय तीन राशियों पर साढ़ेसाती चल रही है, जिसमें से मीन भी एक है। शनि की साढ़ेसाती का कैसा असर मीन राशि में साल 2026 में साढ़ेसाती का दूसरा चरण रहने वाला है। 2027 में इसका तीसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण की बात करें तो भावनात्मक उथल-पुथल बनी रहेगी लेकिन तीसरा चरण लगते ही बाहरी दुनिया की तरफ आकर्षित होंगे। आंतरिक बोझ कम करने के बाद जीवन में बदलाव लेकर आएंगे। दूसरा चरण जहां आपको सीख देगा तो वहीं तीसरे में इसका लाभ भी होगा। यह नौकरी में प्रमोशन और सम्मान लेकर आने वाला है। 2026 में हेल्थ अच्छी रहेगी। प्रोफेशनल लाइफ पर कैसा होगा असर साल 2026 में मीन राशि के लोगों को जब और करियर में स्थिति अच्छी देखने को मिलेगी। अगर बिजनेस के मामले में आगे बढ़ना चाहते हैं तो जुलाई से अक्टूबर का समय अच्छा है। गुरु आपके लिए अच्छे फल लेकर आएगा लेकिन शनि दिक्कत दे सकता है। इन लोगों को पैसों के मामले में किसी तरह की रिस्क नहीं लेनी चाहिए। इनकम तो बढ़ेगी लेकिन खर्च भी बढ़ेगा। आपको इस समय किसी को उधार देने से बचना होगा। करें ये उपाय अगर मीन राशि के जातक चाहते हैं कि उनके जीवन में शुभ परिणाम आए इसके लिए उन्हें जगत के पालनहार भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। इस राशि के लिए पीला शुभ रंग माना जाता है। पुखराज जिनके लिए बहुत अच्छा होता है इसलिए इन्हें साधारण करने की सलाह दी जाती है। अगर भगवान कृष्ण की पूजा करेंगे तो भी शनि देव प्रसन्न होंगे और अपनी कृपा बरसाएंगे।

छह बार हुई बैठक के बाद, मंत्री ने साफ किया – समझौता होगा बराबरी का

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है. डोनाल्‍ड ट्रंप ने अपने बयान में यहां तक कह दिया है कि जल्‍द ही हम अच्‍छी डील लॉक करने रहे हैं. हालांकि भारत की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया था, लेकिन कमर्शियल और इंडस्‍ट्रीज मिन‍िस्‍टर पीयूष गोयल का बड़ा बयान आया है. जिनके मुताबिक, भारत बराबरी का समझौता करेगा. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर 'आपको अच्छी खबर सुनने को मिलेगी' जब यह समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित होगा. उन्होंने कहा कि भारत इस डील में किसानों और मछुआरों के हितों की भी रक्षा करेगा.  किसानों और मछुआरों के हित में होगी डील उन्होंने इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित भारत-अमेरिका आर्थिक शिखर सम्मेलन में कहा कि व्यापार समझौते के लिए बातचीत एक प्रक्रिया है और एक राष्ट्र के रूप में भारत को किसानों, मछुआरों और लघु उद्योगों के हितों को ध्यान में रखना होगा. गोयल ने कहा कि जब यह समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित हो जाएगा, तो आपको अच्छी खबर सुनने को मिलेगी.  पीयूष गोयल ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका मार्च से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. अब तक छह दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है.  नवंबर में ही हो सकती है डील डेक्कन क्रोनिकल की रविवार को आई एक रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि India-US Trade Deal का ऐलान नवंबर में ही किया जा सकता है. रूसी तेल (Russian Oil) का मुद्दा पूरी तरह से सुलझ चुका है और डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत पर 25 फीसदी तक टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है.  पहला चरण पूरा होने के करीब  रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत–अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा होने के करीब है. भारत और अमेरिका के बीच अब तक 6 दौर की बातचीत हो चुकी है और दोनों देश 2025 तक पहला चरण पूरा करने की योजना बना रहे हैं. हालांकि आगे जटिल मुद्दों पर बातचीतहोती रहेगी. कितना रह सकता है टैरिफ?  अभी भारत पर कुछ टैरिफ 50 फीसदी है, जिसमें से 25 फीसदी टैरिफ भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया है. चूक‍ि अब भारत ने रूसी तेल खरीद को कम किया है, ऐसे में एक्‍सपर्ट मान रहे हैं कि 25 फीसदी तो टैरिफ क होना तय ही है, लेकिन उनका यह भी कहना है कि आगे चलकर भारत पर अमेरिका टैरिफ को 15 फीसदी तक लेकर आएगा.