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लखनऊ की मेहमाननवाज़ी के साथ वैश्विक मंच पर ‘ग्रीन और क्लीन जम्बूरी’ का अभिनव आयोजन

लखनऊ,  "विकसित युवा, विकसित भारत" की थीम के साथ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 23 से 29 नवम्बर 2025 तक एक ऐतिहासिक आयोजन की मेज़बानी के लिए तैयार है। अपनी तहज़ीब और शानदार मेहमाननवाज़ी के लिए मशहूर यह शहर, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी के भव्य हीरक जयंती समारोह का गवाह बनेगा। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में आयोजित इस वैश्विक मंच पर देश-विदेश से 30,000 से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स कैडेट्स एक साथ आएंगे। लखनऊ की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार की विरासत इन हजारों युवाओं को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी। यह आयोजन न केवल युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन का उत्सव होगा, बल्कि भारत के विकास, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव का भी जीवंत प्रतीक बनेगा। पहली बार आयोजित हो रहे ड्रोन शो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब, और ग्लोबल विलेज के रूप में स्थापित यह मिनी सिटी इसे एक आधुनिक रूप देंगी। कैडेट्स लखनऊ के मशहूर खानपान के साथ बनारस, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के मशहूर पकवानों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे । करीब 32,000 भारतीय और 1500 विदेशी प्रतिभागी इस जम्बूरी में शामिल होंगे। 300 एकड़ में फैले इस आयोजन स्थल पर 3,500 से अधिक टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 स्नानघर और 100 से अधिक रसोई की व्यवस्था की गई है। 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला विशाल स्टेडियम, 12 प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन और जर्मन हैंगर से सुसज्जित वीवीआईपी गैलरी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप देती है। सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष, फायर स्टेशन, 100-बेड का अस्पताल और 16 डिस्पेंसरी उपलब्ध होंगी। साथ ही, ओवरसीज़ कैफेटेरिया, प्रशासनिक कार्यालय, कॉन्फ्रेंस हॉल और प्रदर्शनी क्षेत्र प्रतिभागियों को वैश्विक अनुभव प्रदान करेंगे। जम्बूरी में प्रदर्शनी और नवाचार का विशेष आकर्षण होगा। ग्लोबल विलेज, आर्मी प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, यूपी का ओडीओपी (ODOP) एक्सपो, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रदर्शनी जैसी पहल युवाओं को प्रेरित करेंगी। इसके अलावा, पहली बार आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब स्थापित किया जा रहा है, जहाँ युवा नेतृत्व, नवाचार और डिजिटल इंडिया की झलक पाएंगे। युवाओं के लिए रोमांच और मनोरंजन की भरपूर गतिविधियाँ होंगी। हाई रोप एडवेंचर, स्काई साइकिल, ज़िपलाइन, वॉल क्लाइम्बिंग, कमांडो ब्रिज, आर्चरी, शूटिंग, ज़ॉर्बिंग और सेल्फी पॉइंट्स जैसी गतिविधियाँ न केवल अनुशासन और टीमवर्क सिखाएंगी बल्कि मनोरंजन और आत्मविश्वास भी बढ़ाएंगी। इस बार जम्बूरी को ग्रीन और क्लीन जम्बूरी का रूप दिया गया है। प्लास्टिक और गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, ई-कार्ट्स, ग्रीन वॉरियर्स प्रोग्राम और ग्रीन प्लेज वॉल जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। यह आयोजन सतत विकास की दिशा में एक प्रेरक कदम होगा। पहली बार कई विशेष पहल भी की जा रही हैं। दो दिवसीय ड्रोन शो 75 वर्षों की स्काउटिंग यात्रा को रोशनी और अनुशासन की कहानी में बदल देगा। RFID स्मार्ट आईडी कार्ड प्रतिभागियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। व्हाट्सएप नेटवर्क सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचना उपलब्ध कराएगा। ई-मैगज़ीन "युवाम्बरी" पेपरलेस और पर्यावरण-अनुकूल संचार की दिशा में कदम है। साथ ही, स्किल वर्कशॉप्स एआई, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व पर आधारित प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी निगरानी उन्नत कैमरों से सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन व्यय की प्रतिपूर्ति की घोषणा की है, जिससे यह आयोजन और भी समावेशी और प्रेरणादायी बन गया है। 19वाँ राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “विकसित युवा – विकसित भारत” के संकल्प का जीवंत रूप है। यह मंच युवाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ते हुए भारत को एक नई दिशा देगा।

फिजूल कॉल से हैं परेशान तो मोबाइल से इस तरह कर सकते है उन्हें ब्लॉक

आजकल टेलीमार्केटिंग का चलन जोरों पर है, हालांकि इसके लिए सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां ही जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए आप और हम भी जिम्मेदार हैं। आपमे से कई लोगों ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना मोबाइल नंबर दे रखा होगा। साथ ही कई बार हम नौकरी की तलाश में सोशल मीडिया पर आए किसी पोस्ट पर कॉमेंट में अपना मोबाइल नंबर दे देते हैं। इसके बाद टेलीमार्केटिंग कंपनियां आपका मोबाइल नंबर इकट्ठा करती हैं और फिर खेल शुरू होता है। तो अब सवाल यह है कि इससे कैसे बचा जाए? जियो, एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के किसी भी नंबर पर स्पैम कॉल ब्लॉक करने के दो तरीके हैं जिनमें से पहला एसएमएस का तरीका है और दूसरा कॉलिंग का है। यदि आप अपने मोबाइल नंबर पर आने वाले फालतू के फोन से परेशान हैं तो सबसे पहले अपने फोन के मैसेजिंग ऐप में जाएं। इसके बाद एक मैसेज में स्टार्ट 0 टाइप करके 1909 पर सेंड कर दें। इसके बाद आपके फोन पर किसी प्रकार के फालतू और परेशान करने वाले स्पैम कॉल नहीं आएंगे। फोन करके ब्लॉक कराएं स्पैम कॉल : यदि आप फोन करके अपने नंबर पर आने वाले स्पैम कॉल को ब्लॉक कराना चाहते हैं तो अपने फोन में डायलर ऐप में जाएं और 1909 पर कॉल करें। इसके बाद फोन पर मिलने वाले निर्देशों का पालन करें और डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सेवा को एक्टिव करें।  

मैनेजर की हरकतों से चर्चा में आया सतना का क्राइस्ट ज्योति स्कूल

सतना  जिले में कई शैक्षणिक संस्थाओं में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के आचरण पर इन दिनों गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं या यूं कहें कि अब लोग मुखर होकर इस पर उंगली उठाने लगे हैं।जिले के सबसे बड़े कॉलेज के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोपों का मामला तूल। पकड़ने के बाद अब उच्च स्तरीय जांच तक पहुंच गया है वहीं अब ऐसा ही एक वाक्या जिले के एक बड़े मिशनरी स्कूल क्राइस्ट ज्योति हायर सेकंडरी स्कूल में सामने आ रहा है जहां स्कूल के नए मैनेजर अनिल वी.जे की हरकतों से स्कूल में माहौल खराब हो रहा है। एक तरफ जहां महिला शिक्षकों के स्टाफ रूम में कैमरे लगा कर उसकी मॉनिटरिंग मैनेजर द्वारा स्वयं अपने रूम से की जाती है जिस पर लगातार महिला शिक्षक अपना विरोध दर्ज करवा रही हैं लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं।महिला शिक्षकों की निजता पर हमला का यह अत्यंत गंभीर मामला है।क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना जिले की एक अत्यंत सम्मानजनक संस्था और तमाम संभ्रांत परिवारों के बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं।इस स्कूल में पूर्व में पदस्थ रहे  सभी प्रिंसिपलों और मैनेजरों का स्वभाव बहुत अच्छा रहा है और स्कूल का वातावरण सदैव छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद अनुकूल रहा है लेकिन जब से इन नए मैनेजर अनिल वी.जे ने स्कूल में बतौर मैनेजर कमान संभाली है तब से स्थितियां अच्छी नहीं हैं। मैनेजर का प्रिंसिपल के कार्य और कमरे में जरूरत से ज्यादा दखल स्कूल प्रबंधन की दृष्टि से प्रिंसिपल के अतिरिक्त मैनेजर का पद है।दोनों पदों के लोग आपसी सामंजस्य कर अलग अलग  कमरों में बैठते थे लेकिन जबसे अनिल वी.जे ने मैनेजर का पदभार संभाला है ,वो ज्यादातर समय अपने कमरे की जगह प्रिंसिपल कक्ष में ही पाए जाते हैं।एक नन सिस्टर प्रिंसिपल की निजता इनकी कार्यशैली के चलते अनावश्यक सवालों में है।प्रिंसिपल कक्ष में प्रिंसिपल के बगल में मैनेजर की कुर्सी क्राइस्ट ज्योति स्कूल के इतिहास में पहली बार लगी है जो अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रही है।मामले की सत्यता के लिए स्कूल के हर कोने में लगे सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त बिन कही बातों की गवाही दे सकते हैं लेकिन दुर्भाग्य से उन सभी कैमरों की निगरानी उसी व्यक्ति द्वारा की जाती है जिस पर तमाम गंभीर आरोप लग रहे हैं। प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर  शिक्षकों और शिक्षिकाओं को किया जा रहा है टारगेट   मैनेजर अनिल वी.जे ने प्रोफिशिएंसी टेस्ट के नाम पर स्कूल के पुराने शिक्षकों और खास तौर पर  शिक्षिकाओं को टारगेट करने का एक नया शिगूफा छोड़ा है।जानकार बताते हैं कि ये पूरी कवायद शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाने की है। मैनेजर अनिल वी.जे के पूर्व में इस स्कूल में पदस्थ रहे किसी भी मैनेजर पर ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगे हैं।अगर जल्द ही क्राइस्ट ज्योति स्कूल प्रबंधन ने अनिल वी.जे की हरकतों पर लगाम नहीं लगाई तो वो दिन दूर नहीं जब क्राइस्ट ज्योति स्कूल अपनी शिक्षा से ज्यादा इनकी हरकतों और अराजकता के लिए जाना जाएगा

सबा करीम ने बताया बुमराह का असली असर, कोलकाता में मिली शिकस्त के बाद जायसवाल से की अनोखी अपील

नई दिल्ली  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट ने कई सवाल खड़े किए खासकर भारत की बैटिंग असफलता और साउथ अफ्रीका के प्रभावशाली गेंदबाजों को लेकर। हालांकि इस लो-स्कोरिंग मुकाबले में एक बार फिर जसप्रीत बुमराह ने साबित किया कि वह किसी भी कंडीशन, किसी भी सिचुएशन में भारत के सबसे भरोसेमंद बॉलर हैं। पूर्व भारतीय विकेटकीपर सबा करीम ने उनके स्वभाव, फिटनेस और मैच-इंटेलिजेंस की खुलकर तारीफ़ करते हुए कहा कि बुमराह उन गेंदबाजों में से हैं जो सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं और मुश्किल पलों में टीम की ढाल बनते हैं।  बुमराह: हर कंडीशन में भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज  सबा करीम का मानना है कि जसप्रीत बुमराह केवल उन चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिन पर उनका नियंत्रण होता है। चाहे विकेट बल्लेबाज़ों के लिए कितना भी मुश्किल या आसान क्यों न हो, बुमराह अपने नैचुरल स्किल और वेरिएशन्स से असर डालना जानते हैं। करीम के मुताबिक, "बुमराह के लिए पिच कम मायने रखती है। उनके पास वो खासियत है जिससे वे पार्टनरशिप तोड़ते हैं और टीम को सही समय पर सफलता दिलाते हैं। पहली और दूसरी—दोनों इनिंग्स में वो कप्तान के सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं।" उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि बुमराह ने ईडन टेस्ट में लंबे स्पेल डाले, फिट नजर आए और विकेट लेने की भूख भी साफ दिखाई दी।  पहले टेस्ट की हार, पर बुमराह बने भारत के मजबूत स्तंभ  ईडन गार्डन्स टेस्ट तीन दिनों में समाप्त हो गया जहां दोनों टीमों के बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। भारत 124 रन के छोटे टारगेट तक नहीं पहुंच पाया और 30 रन से हार गया। इसके बावजूद, बुमराह पूरे मैच में लगातार साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों पर दबाव बनाते रहे। करीम ने कहा कि इंडियन मैनेजमेंट ने उनका उपयोग सही तरीके से किया, हालांकि अंतिम दिन उन्हें थोड़ा देर से अटैक पर लाया गया।  यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी पर सबा करीम की सलाह  सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, सबा करीम ने टीम के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल के एप्रोच पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जायसवाल का अटैकिंग माइंडसेट अच्छी बात है, लेकिन शॉट सिलेक्शन परिस्थिति के अनुसार होना चाहिए। करीम के अनुसार, "अप्रोच आक्रामक हो सकता है, लेकिन शॉट चुनने में मैच सिचुएशन और पिच की भूमिका अहम होती है। पहली इनिंग में जायसवाल अधीर दिखे और कंडीशन्स के मुताबिक अप्रोच एडजस्ट नहीं किया।" उन्होंने यह भी कहा कि आगे बढ़ते हुए जायसवाल को अपने स्कोरिंग पैटर्न में लचीलापन लाना होगा। बड़े रन बनाने के लिए कई बार शुरुआत धीमी रखकर इनिंग को सेट करना पड़ता है।  भारत अब गुवाहाटी में वापसी की कोशिश करेगा  पहला टेस्ट गंवाने के बाद भारत की नजर अब गुवाहाटी में होने वाले दूसरे मुकाबले पर है। यह दो मैचों की सीरीज को बराबर करने का आखिरी मौका होगा। साउथ अफ्रीका 2010 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट जीत चुका है और आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है।   

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी लोक सेवा आयोग परीक्षा-2024 के सफल प्रतिभागियों को बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा-2024 में सफलता प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि युवा शक्ति की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर तैयारी और समर्पित प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश की सेवा में एक नई शुरुआत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी ने हमेशा उत्कृष्टता, साहस और लगन का परिचय दिया है। इस परीक्षा में सफल हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता  से यह सिद्ध किया है कि प्रदेश की नई पीढ़ी प्रशासनिक सेवाओं में एक सशक्त स्थान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और दृढ़ निश्चय से प्राप्त यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये नवचयनित अधिकारी सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन की नई ऊँचाइयों को स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुखी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन नई नियुक्तियों से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  सभी युवा अधिकारी छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, सामाजिक न्याय, गरीबी उन्मूलन, महिला-शिक्षा सशक्तिकरण और ग्रामीण उन्नति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि इन सफल प्रतिभागियों की उपलब्धि प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और अनुशासन के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निरंतर सीखते रहें, स्वयं को बेहतर बनाते रहें और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल, सुखद एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है और हर स्तर पर एक संवेदनशील, पारदर्शी और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में उनका सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

साय सरकार की बड़ी पहल: धर्मांतरण रोकने को विधानसभा में आएगा विधेयक

रायपुर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार आ रही धर्मांतरण की खबरों के बीच साय सरकार आखिरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि दिसंबर महीने में आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार धर्मांतरण पर कानून लाने जा रही है. उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में नक्सली कमांडर हिडमा की मौत पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्ट पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो आज यह कह रहे हैं, वे ताड़मेटला के शहीद जवानों पर क्यों कुछ नहीं कहते. बस्तर में आठ महीने के बच्चे को मार दिया गया, उस पर क्यों नहीं कहते. झीरम में शीर्ष नेतृत्व को समाप्त कर दिया गया, उस पर क्यों कुछ नहीं कहते. ऐसा कहने वाले लोगों शर्म आना चाहिए. ऐसे लोगों को हाथ जोड़कर नक्सल प्रभावित परिवारों से माफी मांगना चाहिए. विजय शर्मा ने इस महीने में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह अच्छा है. भाग्य का विषय है. प्रधानमंत्री ने राज्योत्सव के लिए समय दिया. प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का दौरा हो चुका है. छत्तीसगढ़ के शासन-प्रशासन को प्रमोशन मिलता है. वहीं डीजीपी कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह हर वर्ष होता है. नवाचार की सभी को जानकारी हो. नवाचार के आधार पर पुलिसिंग मजबूत करे. इसे लेकर डीजीपी कॉन्फ्रेंस हो रही है.

HTET में पास उम्मीदवार अचानक कैसे बढ़े? चेयरमैन के जवाब से खुली जांच की मांग

हरियाणा  10 अक्तूबर को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था। इस पर कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद 1284 अभ्यर्थी कैसे बढ़ गए? जब परीक्षार्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था तो इनकी संख्या करीब 46,094 थी लेकिन जब 10 नवंबर को परिणाम जारी हुआ तो इनकी संख्या 47,378 हो गई। बोर्ड चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार का कहना है कि कुछ अभ्यर्थियों को हल्के डार्क बिंदु के कारण बेनिफिट ऑफ डाउट मिले तो पास होने वालों की संख्या बढ़ी है। परिणाम में देरी का कारण चौथी फर्म से ऑडिट और बोर्ड सचिव का तबादला रहा। पहले चरण की वैरिफिकेशन में काफी डाउन थे। पहली फर्म ने 40 हजार ओएमआर सीट को दोबारा स्केन किया। सीसीटीवी कैमरा, फेसिंग, बायोमेट्रिक पर संशय हुआ। जिस कारण चौथी फर्म से ऑडिट करवाना पड़ा। चौथी फर्म पी सेक्टर यूनिट से थी। बता दें कि जो पहले वेरिफिकेशन के लिए करीब 46 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, उनमें से करीब 40 हजार ही पहुंचे। जो रह गए, उन्हें ही बुलाया गया था। जो नए पास हुए है, उनके लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी की जाएगी, उसके बाद उन्हें जांच के लिए बुलाया जाएगा।

डॉ. मीनेष शाह, चेयरमेन, एनडीडीबी ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का किया दौरा

भोपाल राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भोपाल दुग्ध संघ संयंत्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर के अध्यक्ष, एनडीडीबी ने एनडीडीबी तथा एमपीसीडीएफ के बीच हुए सहकार्यता अनुबंध के बाद अप्रैल, 2025 से वर्तमान तक भोपाल दुग्ध संघ की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्यों के अनुरूप दुग्ध संकलन एवं नवीन दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया तथा दुग्ध संघ की विभिन्न योजनाओं के द्वारा दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य के अतिरिक्त अन्य लाभ देने पर भी जोर दिया, जिससे कि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ हो सके और सहकारी ढांचा मजबूत हो सके। इस अवसर पर डॉ. संजय गोवाणी, प्रबंध निदेशक, एमपीसीडीएफ , श्री प्रीतेश जोशी, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ सहित एमपीसीडीएफ और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ के अधिकारीगण उपस्थित रहे। दूध का दूध पानी का पानी अभियान को सराहा डॉ. शाह ने दुग्ध संघ द्वारा विपणन गतिविधियों के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘‘दूध का दूध, पानी का पानी अभियान’’ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के नवाचारों से उपभोक्ताओं में सांची ब्राण्ड (सांची डेयरी) के प्रति विश्वसनीयता बढी है। डॉ. शाह ने दुग्ध संघ मुख्य गेट पर निर्माणाधीन सांची पार्लर का भी निरीक्षण किया। उन्होने भोपाल डेयरी संयंत्र में चल रहे निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों के प्रसंकरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा डेयरी संयंत्र के आधारभूत ढांचे में विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही डेयरी संयंत्र परिसर में नवीन आइसक्रीम संयंत्र की स्थापना के लिए सुझाव भी दिए, जिससे उपभोक्ताओं को आइसक्रीम सुगमता से उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव से भी की मुलाकात डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, एनडीडीबी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन से मुलाकात कर अप्रैल 2025 से एनडीडीबी द्वारा संचालित डच्ब्क्थ् ैंदबीप क्ंपतल तथा उससे संबद्ध दुग्ध संघों की प्रमुख गतिविधियों एवं प्रगति से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने राज्य में डेयरी सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और दुग्ध उत्पादक किसानों के कल्याण हेतु एनडीडीबी के प्रयासों की सराहना करते हुए वर्तमान एवं भविष्य की पहलों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एनडीडीबी के कार्यपालक निदेशक श्री एस. रघुपति, डच्ब्क्थ् के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय गोवानी तथा संबंधित दुग्ध संघों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों को तोहफ़ा: अब रोटी-कपड़ा-मकान के साथ डिजिटल खर्च भी होगा न्यूनतम वेतन में शामिल

नई दिल्ली  सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का आधार अब बदल सकता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी यूनियनों ने एक अहम मांग रखी है। न्यूनतम वेतन तय करते समय मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट डेटा और वाई-फाई जैसे डिजिटल खर्च अपनी गणना में शामिल किए जाएं। उनका कहना है कि आज के समय में डिजिटल सेवाएं जरूरत बन चुकी हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। यूनियनों की दलील रोटी, कपड़ा, मकान काफी नहीं डिजिटल खर्च भी जरूरी कर्मचारी संगठनों ने आयोग को भेजे सुझाव में कहा कि आज सरकारी दफ्तरों से लेकर घर के काम तक सब मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भर हैं। सरकारी ऐप्स, ऑनलाइन फॉर्म, डिजिटल पेमेंट, ई-ऑफिस इन सबके लिए डेटा और फोन अनिवार्य हो चुके हैं। अब तक न्यूनतम वेतन की गणना में सिर्फ ये चीजें शामिल होती थीं: भोजन  कपड़े मकान बिजली-पानी बच्चों की शिक्षा साधारण मनोरंजन लेकिन यूनियनों का दावा है डिजिटल भारत के दौर में मोबाइल, डेटा पैक और इंटरनेट भी बुनियादी जरूरतों की लिस्ट में शामिल होना चाहिए। नया प्रस्ताव परिवार की पूरी जरूरत के आधार पर सैलरी तय हो राष्ट्रीय परिषद–जेसीएम (स्टाफ साइड) ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम वेतन तय करते समय यह देखा जाए कि: एक वयस्क को रोज कितनी कैलोरी की जरूरत होती है पति-पत्नी और दो बच्चों के परिवार के खर्च पूरे हों कपड़ों, जूतों-चप्पलों और त्योहार/सामाजिक अवसरों पर होने वाले खर्च का भी हिसाब जोड़ा जाए  सबसे ज़रूरी मोबाइल बिल, इंटरनेट सब्सक्रिप्शन, डेटा पैक और ओटीटी जैसी डिजिटल सेवाओं को भी लागत में शामिल किया जाए उनका कहना है कि यह आज की वास्तविक जीवन लागत का हिस्सा है, इसलिए इसे नज़रअंदाज़ करना गलत होगा। 7वें वेतन आयोग से क्या है फर्क? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये तय किया गया था। यह 1957 के पुराने भारतीय श्रम सम्मेलन के फॉर्मूले पर आधारित था, जिसमें डिजिटल खर्चों का कोई उल्लेख नहीं था। उस समय मोबाइल और इंटरनेट आम जरूरत नहीं थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है— ऑनलाइन क्लासेज़ डिजिटल पेमेंट सरकारी ऐप स्मार्टफोन पर आधारित दफ्तर का काम इन सबने मोबाइल और इंटरनेट को दैनिक जरूरत बना दिया है। यूनियन का कहना है कि अगर इन खर्चों को शामिल किया गया तो न्यूनतम सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। 8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है सैलरी? जानकारों के मुताबिक, डिजिटल खर्च जुड़ने पर न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी संभव है। फिटमेंट फैक्टर भी बढ़ सकता है, जिससे बेसिक और कुल सैलरी दोनों पर असर पड़ेगा।  8वां वेतन आयोग बना चुकी है। यह अपनी विस्तृत रिपोर्ट 2026–27 तक पेश करेगा। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार आयोग आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई गणना प्रणाली बनाएगा।  

एशेज ड्रामा: स्टोक्स और स्टार्क की घातक गेंदबाज़ी, 1 दिन में गिरे 19 विकेट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज 2025-26 की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। मुकाबले के पहले ही दिन 19 विकेट गिरे। इंग्लैंड को 172 रन पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने महज 123 रन तक अपने 9 विकेट गंवा दिए हैं। फिलहाल मेजबान टीम इंग्लैंड से 49 रन पीछे है। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने सात विकेट हासिल किए, जिसके बाद 5 विकेट के साथ इंग्लिश कप्तान बेन स्टोक्स ने करारा जवाब दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम इस तेज पिच पर महज 32.5 ओवरों का ही सामना कर सकी। मेहमान टीम ने पहली पारी में सिर्फ 172 रन बनाए। इस टीम को छठी गेंद पर जैक क्रॉली (0) के रूप में बड़ा झटका लगा। उस समय तक इंग्लैंड का खाता भी नहीं खुल सका था। इसके बाद टीम ने 39 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा दिए। यहां से ओली पोप ने हैरी ब्रूक के साथ चौथे विकेट के लिए 67 गेंदों में 55 रन की पारी खेली। पोप 46 रन बनाकर आउट हुए। ब्रूक ने बेन स्टोक्स के साथ पांचवें विकेट के लिए 21 रन जुटाए, जबकि जेमी स्मिथ के साथ 45 रन की साझेदारी की। इंग्लैंड की इस पारी में हैरी ब्रूक अर्धशतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज रहे। उन्होंने 61 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 52 रन की पारी खेली, जबकि जेमी स्मिथ ने टीम के खाते में 33 रन जोड़े। मेजबान टीम की ओर से मिचेल स्टार्क ने 12.5 ओवरों में 58 रन देकर 7 विकेट हासिल किए, जबकि ब्रेंडन डोगेट ने 2 विकेट अपने नाम किए। शेष एक विकेट कैमरून ग्रीन ने निकाला। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले दिन की समाप्ति तक 39 ओवरों में 9 विकेट खोकर 123 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से ऑस्ट्रेलिया ने भी खाता खुलने से पहले ही सलामी बल्लेबाज का विकेट गंवा दिया था। डेब्यूटेंट जैक वेदरलैंड शून्य पर पवेलियन लौटे। कप्तान स्टीव स्मिथ ने मार्नस लाबुशेन के साथ दूसरे विकेट के लिए 28 रन की साझेदारी की। लाबुशेन महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद टीम ने 31 के स्कोर तक 4 विकेट गंवा दिए। यहां से ट्रेविस हेड ने कैमरून ग्रीन के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। हेड टीम के खाते में 21 रन जोड़कर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में एलेक्स कैरी ने सर्वाधिक 26 रन बनाए, जबकि कैमरून ग्रीन ने 24 रन जुटाए। दिन की समाप्ति तक नाथन लियोन (3) और ब्रेंडन डोगेट (0) अंतिम जोड़ी के रूप में नाबाद रहे। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान बेन स्टोक्स ने 6 ओवरों में 23 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं, जोफ्रा आर्चर और ब्रायडेन कार्स 2-2 विकेट निकाल चुके हैं।