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इंसाफ की लंबी राह: 62 साल बाद अदालत ने 80 साल के बुजुर्ग को दिलाया अधिकार

फरीदाबाद लंबे समय से चल रहा जमीन से जुड़ा एक कानूनी विवाद आखिरकार 62 साल बाद अपने अंजाम तक पहुंच गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदाबाद में छह दशक पुराने इस संपत्ति विवाद पर अंतिम फैसला सुनाते हुए निजी डेवलपर के खिलाफ मूल अलॉटी के अधिकारों को पूरी तरह बरकरार रखा है।   जमीन की मौजूदा कीमत  7 करोड़ रुपये  दरअसल फरीदाबाद जिले में 5,103 वर्गफुट की वह ज़मीन, जिसे 62 साल पहले 14,000 रुपये से भी कम में खरीदा गया था, अब मौजूदा बाजार कीमत करीब 7 करोड़ रुपये होने के बावजूद केवल 25% अतिरिक्त नाममात्र राशि पर सौंपे जाने का आदेश दिया गया है. इस संपत्ति के एकमात्र वारिस सी. के. आनंद की उम्र 80 वर्ष से अधिक है. जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने अपने हालिया आदेश में कहा, ‘जो पक्ष दशकों तक अपने दायित्वों के पालन को टालता रहा हो, वह बाजार कीमतों में बढ़ोतरी को ढाल बनाकर नहीं अपना सकता।’   आधी रकम जमा कर दी  गई थी  मामला 1963 का है, जब एम/एस आरसी सूद एंड कंपनी लिमिटेड ने फरीदाबाद के सूरजकुंड के पास ईरोस गार्डन्स कॉलोनी शुरू की और खरीदार नांकी देवी (आनंद की मां) से अग्रिम राशि ली. कंपनी ने प्लॉट नंबर 26-ए (350 वर्ग गज) और प्लॉट नंबर बी-57 (217 वर्ग गज) क्रमशः 24 और 25 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से बेचने का समझौता किया। नांकी देवी ने लगभग आधी रकम जमा कर दी थी। पीढ़ियों तक चली कानूनी लड़ाई इसके बाद वैधानिक अड़चनों, प्रशासनिक देरी और पीढ़ियों तक चली कानूनी लड़ाइयों का सिलसिला शुरू हुआ। 1963 का पंजाब शेड्यूल्ड रोड्स एंड कंट्रोल्ड एरियाज एक्ट और 1975 का हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट लागू होने के बाद डेवलपर ने इन्हें कब्जा न देने का कारण बताया। 1980 के दशक के मध्य में, तीसरे पक्ष को प्लॉट बेचे जाने की आशंका पर अलॉटियों ने केवल बिक्री रोकने के लिए अदालत का रुख किया। तब भी हाईकोर्ट ने माना कि अलॉटमेंट वैध हैं और कंपनी उन्हें एकतरफा रद्द नहीं कर सकती. इसके बावजूद कब्जा नहीं मिला।   2002 में मुकदमेबाजी का नया दौर शुरू हुआ. निचली अदालतों ने अलॉटियों के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन डेवलपर हाईकोर्ट पहुंचा और समय-सीमा, 1964 में कथित रद्दीकरण और छह दशक पुराने सौदे को आज के बाजार में लागू करना अनुचित होने जैसे तर्क दिए. जस्टिस गुप्ता ने शनिवार को जारी 22 पन्नों के फैसले में इन सभी दलीलों को खारिज कर दिया।  

भारतीय जनता पार्टी उप्र के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में बोले मुख्यमंत्री

प्रदेश के मुखिया ने एसआईआर को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा, बोले-हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही लाएगी परिणाम  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरीः मुख्यमंत्री   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि अनुभवी कार्यकर्ता को यूपी के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला। उन्होंने कहाकि पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप नई गति के साथ सरकार व संगठन मिलकर यूपी के संकल्प को बढ़ाएगा। पंकज जी यूपी की नई यात्रा के लिए कैप्टन के रूप में आ गए हैं। प्रदेश के मुखिया के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं को सहेजा।  मुख्यमंत्री ने राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के निर्वाचन समारोह में भूपेंद्र चौधरी के कार्यकाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में साढ़े तीन वर्ष से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए हर कार्यक्रम को गति प्रदान करने में योगदान दिया।  सीएम की अपील-12 दिन का बेहतर उपयोग कीजिए  सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अबसे 12 दिन का बेहतर उपयोग करिए। चुनाव का परिणाम विधानसभा व लोकसभा में आता है, लेकिन चुनाव लड़ा जाता है बूथ पर। पीएम मोदी कहते हैं कि ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ यानी लड़ाई बूथ पर होती है, इसलिए वह सबसे मजबूत होना चाहिए। सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ पर औसतन पौने दो सौ से ढाई सौ घर होंगे। राष्ट्रीय पदाधिकारी से लेकर शक्ति केंद्र के पदाधिकारी एक साथ मिलकर अपने बूथ पर मतदाता सूची, ड्राफ्ट सूची के साथ ही छूटे, फर्जी, मृतक, अनलैपिंग, अब्सेंट व शिफ्ट करने वालों के नाम का अवलोकन कर लें।  हर बूथ से फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराइए सीएम ने एक जनपद के दौरे का वृत्तांत सुनाते हुए विरोधियों द्वारा भरे गए मतदाता सूची का जिक्र किया। बोले कि उसमें कुछ बांग्लादेशियों के भी नाम हैं। सीएम ने चिंता भी व्यक्त की, बोले कि एक जनपद में ऐसा फॉर्म भरा गया, जहां मतदाता की आयु 20, पिता की 30 व बाबा की आयु 40 साल है। सीएम ने फर्जी नाम का उदाहरण दिया और बताया कि मतदाता असम के हैं, लेकिन बने हैं संभल में। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर बूथ से फर्जी नाम पर आपत्ति दर्ज कराइए। नाम जोड़ने व काटने के लिए समय है। सीएम ने मेहनत करने पर जोर देते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से आपकी तीन चौथाई मेहनत अभी हो जाएगी तो विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक चौथाई मेहनत ही करनी पड़ेगी, फिर यूपी में तीन चौथाई सीट भाजपा व गठबंधन प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपने बूथ को सबसे मजबूत कीजिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि एसआईआर के जो प्रपत्र जमा नहीं हो पाए, युद्ध स्तर पर लगकर उन्हें जमा कराइए। सीएम ने अलग-अलग फॉर्म संख्या व उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताते हुए कार्यकर्ताओं को मंत्र दिया कि हर बूथ की समीक्षा व मेहनत ही परिणाम लाएगी।  आज भारत के अंदर लोगों को नजर आता है वैश्विक नेतृत्व  सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति आज नए भारत का दर्शन कर रहा है। 11 वर्ष में भारत व भारतवासियों के प्रति दुनिया का नजरिया बदला है। 11 वर्ष पहले जो लोग भारत को कमतर आंकते थे, उन्हें भारत में वैश्विक नेतृत्व नजर आता है। भारत अब बिना रुके, डिगे व झुके अपनी यात्रा को बढ़ा रहा है। हमारा सौभाग्य है कि दुनिया के सबसे यशस्वी नेता नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में 11 वर्ष से अधिक समय से नए भारत को नेतृत्व प्राप्त हो रहा है।   सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया परिवर्तन का श्रेय  सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष में यूपी में हम जो भी परिवर्तन करने में सफल हुए हैं, वह पीएम मोदी के मार्गदर्शन-नेतृत्व, डबल इंजन सरकार की डबल स्पीड की ताकत, एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। यूपी के बारे में जो धारणा थी, उसे हमने दूर किया। बीमारू राज्य के धब्बे से मुक्त करके यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया। आज यूपी दंगा, माफिया व अपराधमुक्त होकर पर्यटन, निवेश के लिए देश के बेहतरीन राज्यों में शामिल है।  साढ़े 8 वर्ष में पौने नौ लाख नौजवानों को मिली सरकारी नौकरी  सीएम योगी ने कहा कि यूपी में साढ़े 8 वर्ष में बिना भेदभाव पौने नौ लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई। डेढ़ करोड़ से अधिक नौजवानों को परंपरागत उद्यम में नौकरी व रोजगार से जोड़ा गया। निवेश, सुरक्षा, कानून के राज में बेहतर तरीके से जो कार्य बढ़ा, उसकी वजह से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजनाएं धरातल पर उतरीं। सरकार छह लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी कर रही है।  सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री के प्रति जताया आभार  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का आभार जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि पीएम, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्य़क्ष के नेतृत्व में प्रदेश के विकास योजनाओं को बढ़ाने के लिए जब भी पीयूष गोयल से सहयोग मांगा, तब उन्होंने यूपी के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ओडीओपी के लिए हमने पैकेजिंग इंस्टीटयूट मांगा तो लखनऊ में भारत सरकार ने इसे स्वीकृति दी। इसका सत्र भी प्रारंभ हो गया है। यूपी उद्यमियों के प्रोडक्ट को दुनिया के बाजार में पहुंचा सके और शोकेस कर सकें, इसके लिए कोई ट्रेड शो ऐसा हो। इस पर जब पीय़ूष जी से चर्चा की, उन्होंने पहले वर्ष ही कहा कि कम से कम 500 फॉरेन बायर्स यूपी भेज रहा हूं। इसे दुनिया के मार्केट में पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है।  

पंकज चौधरी बोलेः लखनऊ को माना जाता है भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु

यह भाजपा में ही संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिले: पंकज चौधरी लखनऊ ‘संगठन मेरे लिए सर्वोपरि है और संगठन का हर आदेश मेरे लिए सर्वमान्य होगा।’ इस सूत्रवाक्य के साथ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा भी की गई। इस अवसर पर नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश भर के देवतुल्य कार्यकर्ताओं से प्राप्त अपूर्व स्नेह से वे गदगद और अभिभूत हैं। गोमती नदी के तट पर स्थित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सभी के स्नेह, उत्साह और आत्मीय स्वागत से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ को भारत की राजनीति का केंद्र बिंदु भी माना जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का दायित्व संभालते समय वे रोमांचित, उत्साहित और गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के इस महासंगम के अवसर पर वे प्रेमपूर्ण भावना से स्वयं को जोड़ रहे हैं। यह भाव तब और प्रबल हुआ जब केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा संघ परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह महान दायित्व उन्हें सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जैसी लोकतांत्रिक पार्टी में ही यह संभव है कि मुझ जैसे सामान्य कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाए। पार्टी में नहीं चलता कोई भी वाद पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा में परिवारवाद और जातिवाद नहीं चलता। पार्टी का नेतृत्व न किसी विशेष परिवार को मिलता है और न ही किसी खास जाति को। यहां कोई भी सक्रिय कार्यकर्ता बड़े से बड़ा दायित्व निभा सकता है। इसी कारण हम सभी को अपनी पार्टी पर गर्व है। सुनियोजित नहीं था राजनीतिक जीवन का आरंभ नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का आरंभ सुनियोजित नहीं था। गलत के सामने हार न मानने की जिद ने उन्हें राजनीति में प्रवेश कराया। उन्होंने बताया कि सभासद बनने के बाद डिप्टी मेयर के चुनाव में कुछ अनुचित कानूनी बाधाएं डाली गईं। इसके विरोध में समर्थकों के साथ सिविल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया और सात महीने में न्याय मिला, जिसके बाद वे गोरखपुर के डिप्टी मेयर बने। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में पहला ऐसा मामला था, जिसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर स्टे लगा और सात महीने में निर्णय भी आया। वर्ष 1991 में भाजपा ने 26 वर्ष की आयु में उन्हें महाराजगंज से लोकसभा चुनाव लड़ाने का निर्देश दिया। वर्ष 1991 से 2024 तक उन्होंने महाराजगंज और भाजपा का साथ कभी नहीं छोड़ा। एक ही पार्टी और एक ही संसदीय क्षेत्र से सात बार उम्मीदवार बनने का अवसर भाजपा और महाराजगंज की जनता के आशीर्वाद से मिला। सीखने और मार्गदर्शन का अवसर होगा प्राप्त पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर अटूट विश्वास जताते हुए केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी, जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में यह उनकी अब तक की सबसे गंभीर और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्हें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं का स्नेह और समर्पण इस दायित्व के निर्वहन में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 से अब तक कुल 15 प्रदेश अध्यक्ष संगठन का नेतृत्व कर चुके हैं। इन सभी के अनुभव संगठन की अमूल्य धरोहर हैं, जिनसे उन्हें सीखने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। किसी भी राजनीतिक दल के चार महत्वपूर्ण स्तंभ पंकज चौधरी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के चार प्रमुख स्तंभ होते हैं। कार्यकर्ता, कार्यालय, कार्यक्रम और कोष। कार्यालय हम सभी के लिए तीर्थ समान है। कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी के विचार जनता तक पहुंचते हैं और इन सबके लिए कोष की आवश्यकता होती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ कार्यकर्ता है। यदि समर्पित कार्यकर्ता न हों, तो अन्य सभी व्यवस्थाएं निरर्थक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही उनकी वास्तविक पूंजी और शक्ति हैं। उन्होंने अपने सभी चुनाव इन्हीं के बल पर जीते हैं। मंच से उन्होंने प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से कहा कि आप मेरे लिए सर्वोपरि हैं। आपके लिए मैं संघर्ष करूंगा, आपकी बात सुनूंगा और समस्याओं के समाधान का यथासंभव प्रयास करूंगा। निरंतर संवाद से मिलेगा अनुभव का लाभ पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद उनके 35 वर्षों के राजनीतिक जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व केवल आदेश देना नहीं होता, बल्कि बड़प्पन के साथ सबकी बात सुनना और समाधान का प्रयास करना ही सच्चा नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें रूल नहीं करना, बल्कि रोल निभाना है। एक समन्वयक, समाधानकर्ता और पूरे परिवार को साथ लेकर चलने वाले मुखिया की भूमिका। संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय होगा मूलमंत्र पंकज चौधरी ने कहा कि उनके नेतृत्व का मूलमंत्र संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय रहेगा। संपर्क और संवाद के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाना और पार्टी के विचारों को जनमानस तक निरंतर पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। कार्यकर्ताओं की समस्याएं सरकार तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है, जबकि सरकार के जनहितकारी कार्यों को जनता तक पहुंचाना पार्टी और कार्यकर्ताओं का दायित्व है। 

पिछले पांच बरसों में प्रयागराज में तेजी से बढ़ा पर्यटकों का फुटफॉल

महाकुंभ 2025 की वजह से माघ मेला 2026 में विदेशी पर्यटकों में 20–25% की और घरेलू पर्यटकों में 15–18% की वृद्धि का प्रशासन का अनुमान प्रयागराज पर्यटन के वैश्विक पटल पर उत्तर प्रदेश को प्रमुख स्थान पर स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार सतत प्रयास कर रही है।  योगी सरकार के प्रयास से ही यूपी में पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है। यूनेस्को ने प्रयागराज महाकुंभ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थान दिया है । पर्यटकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी को भी इसी के परिणाम के तौर पर देखा जा  रहा है। इसका असर संगम के तट पर 3 जनवरी से लगने जा रहे आस्था के  जन समागम माघ मेला 2026 में भी परिलक्षित होगा।  ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने की तरफ प्रयागराज महाकुंभ 2025 में मिली अभूतपूर्व सफलता और रिकॉर्ड संख्या में पहुँचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के अनुभवों को आधार बनाकर प्रशासन प्रशासन प्रयागराज को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के विस्तृत रोडमैप पर कार्य कर रहा है । कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दिव्य, भव्य और स्वच्छ आयोजन के बाद वैश्विक पटल पर कुंभ नगरी प्रयागराज को विशेष पहचान मिली है। साल 2022 में प्रयागराज में पर्यटकों का जो फुटफॉल 2.66 करोड़ था वह इस साल जनवरी से सितंबर तक बढ़कर 68.21 करोड़ पहुंच गया । इसे सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इस बार का माघ मेला अब केवल एक परंपरागत धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि भारत की आध्यात्मिक,सांस्कृतिक पहचान और सुगठित प्रशासनिक क्षमता का समृद्ध प्रदर्शन का साक्षी बनेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं इस बात का संज्ञान लेते हुए इस बार के माघ मेले में 12 से 15 करोड़ के बीच पर्यटकों या श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया है। यह अब तक आयोजित सभी माघ मेलो के तीन गुना से अधिक है। आयोजन को ग्लोबल रीच देने के लिए मेला प्राधिकरण कई कदम उठा रहा है।  विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी का अनुमान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की गई ब्रांडिंग, डिजिटल प्रचार और महाकुंभ की वैश्विक पहुँच को देखते हुए प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या ने कीर्तिमान बना दिया । पर्यटन विभाग द्वारा महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों की संख्या जनवरी 2025 से सितंबर 2025 तक 68 करोड़ 21 लाख 50 हजार 860 रही। महाकुंभ की उसी रणनीति पर चलते हुए माघ मेले की ब्रांडिंग भी उसी का हिस्सा है जिसमें 44 दिन चलने वाले माघ मेले 12 से 15 करोड़ लोग  में आने का अनुमान है।  महाकुंभ के बाद अब माघ मेले की ब्रांडिंग प्राथमिकता पर महाकुंभ की ब्रांडिंग के बाद सरकार माघ मेले की ग्लोबल ब्रांडिंग भी कर रही है। महाकुंभ 2026 के आयोजन की ब्रांडिंग के असर के चलते इस बार माघ मेले में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए इस बार का माघ मेले का बजट भी 95 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले 2024 के माघ मेले में 79.8 करोड़ था। इसके लिए मेले की बसावट और सजावट पर प्रशासन का फोकस है। कमिश्नर प्रयागराज सौम्या अग्रवाल का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से मेला की ब्रांडिंग की योजना है जो इसकी बसावट और सजावट में नजर आएगी।  माघ मेला 2026 के पूरे क्षेत्र की बसावट इस बार विशेष 7 की थीम पर होगी। प्रशासन ने तय किया है कि टेंट सिटी, घाटों की सजावट, LED लाइटिंग व्यवस्था, सांस्कृतिक मंच, थीमेटिक पार्क, स्वागत द्वार, आर्ट इंस्टॉलेशन और सार्वजनिक सुविधाओं तक में आध्यात्मिकता की अनुगूँज स्पष्ट दिखाई देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना के म्याना रेलवे स्टेशन को सम्मानित होने पर दी बधाई

भोपाल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर गुना के 'म्याना रेलवे स्टेशन" को सम्मानित किया है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए म्याना रेलवे स्टेशन द्वारा 9 हजार 687 यूनिट विद्युत ऊर्जा की बचत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड-2025) के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट कैटेगरी (रेलवे स्टेशन) में जिला गुना के "म्याना रेलवे स्टेशन" को बेस्ट परफॉर्मिंग यूनिट के रूप में सम्मानित होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के म्याना रेलवे स्टेशन ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और सहयोगी टीम बधाई की पात्र है।  

मध्यप्रदेश के कई शहरों में ठंड बरकरार, कड़ाके की सर्दी ने बढ़ाई कंपकंपी

भोपाल लगातार चल रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में ठिठुरन बरकरार है। आधे प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मौसम (MP Weather) का इस तरह का मिजाज अभी बना रह सकता है। हालांकि शीतलहर से राहत मिल सकती है। उधर शनिवार को प्रदेश में सबसे कम 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान राजगढ़ एवं पचमढ़ी में दर्ज किया गया। भोपाल एवं इंदौर में शीतलहर का प्रभाव रहा। 23 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा।   मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान एवं उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ ईरान पर द्रोणिका के रूप में सक्रिय हुआ है। उत्तर-पूर्वी भारत के ऊपर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। साथ ही राजस्थान की तरफ से सर्द एवं शुष्क हवाएं चलने के कारण रात में ठिठुरन बनी हुई है। हालांकि दो पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हुए हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम रहने के कारण फिलहाल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा इंदौर का न्यूनतम तापमान शनिवार को इंदौर शहर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। लगातार आठवे दिन इंदौर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा। अगले एक सप्ताह में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 28.2  डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अभी दिन व रात के तापमान में आगामी दिनों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि शहरवासियों को अलसुबह व रात में हल्की ठंड का अहसास होगा। शहर में सुबह धुंध का असर दिखाई दिया और न्यूनतम द्श्यता दो हजार मीटर दर्ज की गई। ग्वालियर में बढ़ेगी ठंड, मौसम साफ दिसंबर की ठंड अब ग्वालियर में अपने तेवर दिखाना शुरू कर चुकी है। शनिवार को शहर में ठंड महसूस की गई, हालांकि दिन में खिली तेज धूप ने लोगों को थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान लगभग 27.5 डिसे दर्ज किया गया, लेकिन रात का तापमान 9.8 डिसे पर रहा, जिससे रातें ठिठुरन भरी रहीं। सुबह के समय शहर के बाहरी क्षेत्रों में हल्की धुंध भी छाई रही, जो धूप निकलने के बाद छंट गई।   रविवार, 14 दिसंबर को भी मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान: लगभग 27 डिसे के आसपास रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान: रात लगभग 9 से 10 डिसे के बीच में रहेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि रविवार को दिनभर धूप खिली रहेगी, जिससे दिन का मौसम खुशनुमा रहेगा। जबलपुर में ठंड बरकरार उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है। जिसका असर जबलपुर सहित मैदानी इलाकों में देखने मिलेगा। मसलन तापमान आंशिक रूप से बढ़ेगा परंतु वातावरण में ठंडक बरकरार रहेगी। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर हवा में चक्रवातीय परिसंरचरण के रूप में सक्रिय है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास और न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने रहने की संभावना है।

खेलों को नई उड़ान: मान सरकार ने पंजाब में खेल विकास के लिए किए करीब ₹1,000 करोड़ आवंटित

चंड़ीगढ़ पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए मान सरकार बड़े कदम उठा रही है। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब सरकार पंजाब में ऐसा माहौल खड़ा कर रही है जिससे युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहे है। पंजाब की मान सरकार ने युवाओं के लिए गांव-गांव में खेल स्टेडियम बनाने का निर्णय किया हैं। सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार अपने बजट में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।  यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है, जिससे राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। मान सरकार की अब राज्य के क़रीब 13,000 गाँवों में आधुनिक खेल के मैदान बनाने की योजना है। इसके तहत ग्रामीण स्टेडियमों का पूर्ण नवीनीकरण किया जाएगा। पहले चरण में 3,083 गाँवों में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। यह खेल स्टेडियम अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई और भी बड़ी पहल की हैं, जैसे नई खेल नीति, 'खेडां वतन पंजाब दियां' टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स नर्सरियों की स्थापना। नई खेल नीति 2023 का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं का निष्पक्ष चयन और उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करना है, इस नीति के तहत, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर दिया जाता है 'खेडां वतन पंजाब दियां' एक वार्षिक खेल टूर्नामेंट है जिसकी शुरुआत मान सरकार ने की थी, इसके तीसरे संस्करण (2024) में 37 खेलों में लगभग 5 लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया। इसके साथ ही मान सरकार 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित कर रही है, जिसमें विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं दी जाएंगी। हेरीटेज खेलों पर से प्रतिबंध हटाकर सरकार ने बैलगाड़ी दौड़, कुत्ते दौड़ और घुड़दौड़ जैसे पारंपरिक हेरीटेज खेलों की शुरुआत भी की है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना और युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा अब पूरा हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पंजाब में कानून-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही पंजाब के हर गाँव में अत्याधुनिक स्टेडियम भी बनकर तैयार हो जाएँगे। पंजाब सरकार शहरों और गांवों में हर उम्र के लिए खेल और जिम की सुविधा उपलब्ध कराएगी जिससे पंजाब सेहतमंद भी बनेगा। ये सिर्फ खेल के लिए नहीं, बल्कि नशे से जूझते युवाओं के लिए जीवन की नई शुरुआत है। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है।  आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई देगा। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर राज्य का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है। पंजाब की धरती ने देश को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। हॉकी के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। अब मान सरकार रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से एथलेटिक्स में राज्य के खोए हुए गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। मान सरकार का यह कदम आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देगा, युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा।

नर्सिंग एडमिशन मामले में हाई कोर्ट सख्त, रजिस्ट्रार काउंसिल के अधिवक्ता को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में एमएससी नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं और काउंसिल की लापरवाही को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता एनएसयूआइ (NSUI) उपाध्यक्ष रवि परमार एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अधिवक्ता को 15 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वेबसाइट गैर-कार्यशील, हजारों पात्र छात्र परेशान मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने न्यायालय को बताया कि एमएनआरसी द्वारा एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बीएससी की काउंसलिंग के लिए समय-सारणी तो जारी की गई है, लेकिन परिषद की वेबसाइट पूरी तरह से गैर-कार्यशील है, जिससे हजारों पात्र छात्र परेशान हैं।   कोर्ट ने पूछा, एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया न्यायालय ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिसंबर 2025 के आदेश से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी थी, तो एमएससी नर्सिंग को इससे अलग क्यों रखा गया है। भारतीय नर्सिंग परिषद से भी स्पष्टीकरण मांगा हाईकोर्ट ने भारतीय नर्सिंग परिषद (आइएनसी) से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। याचिकाकर्ता रवि परमार ने कहा कि वेबसाइट बंद होने और अस्पष्ट फैसलों के कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या की मांग? याचिकाकर्ता रवि परमार ने मांग की है कि एमएससी नर्सिंग में भी प्रवेश की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई जाए। हाईकोर्ट ने एमएनआरसी के अधिवक्ता अभिजीत अवस्थी को अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने की व्यवस्था स्पष्ट करने का आदेश दिया है।  

स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, सामूहिक कर्तव्य है: स्वच्छता योद्धाओं के सम्मान का आह्वान – भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वच्छता समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है तथा राज्य सरकार प्रदेश को स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन स्वच्छता योद्धाओं का सम्मान और सहयोग कर इनका मनोबल बढ़ाएं ताकि ये स्वच्छता की मुहिम में और तेज गति से कार्य कर सकें। उन्होंने आह्वान किया कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें। शर्मा रविवार को जल महल की पाल पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल महल हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है। अपनी धरोहरों, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छ पर्यावरण के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एक बड़ी चुनौती है। इसी क्रम में राज्य सरकार प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक की रोकथाम के लिए एक्शन प्लान लेकर आई है। इस अवसर पर शर्मा ने ऐतिहासिक जल महल की पाल पर श्रमदान व पौधारोपण कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने झाडू लगाई और कचरा संग्रहित किया तथा उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। शर्मा ने स्वच्छता योद्धाओं को पीपीई किट और चयनित लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि योजना के चेक वितरित करने के साथ ही रोड स्वीपिंग मशीन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘इंप्लिमेंटेशन प्लान फॉर सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री सिटीज’ पुस्तिका का विमोचन किया तथा स्वच्छता के कर्तव्य पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए। प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत मुहिम, आमजन की आदतों में आया बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन से राष्ट्रीय जागृति की शुरुआत की, जिससे देश में सड़कें और नालियां साफ होने के साथ ही लोगों की आदतों में भी बड़ा बदलाव आया। इस अभियान के तहत अब तक देशभर में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज यह मिशन जन स्वास्थ्य, महिलाओं के सम्मान और पर्यावरण जिम्मेदारी के प्रति दृष्टिकोण को नया आकार दे रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2017 में शुरू किया गया ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम इस मिशन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है। राजस्थान के 42 हजार 492 गांव ओडीएफ प्लस घोषित मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के जनआंदोलन में राजस्थान प्रमुखता से कार्य कर रहा है। प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2 लाख 62 हजार व्यक्तिगत तथा 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। वहीं 42 हजार 492 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर संचालित किए गए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने जल स्रोतों, राजकीय कार्यालयों, अस्पतालों एवं विद्यालयों आदि की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पारदर्शी भर्ती परीक्षाएं, भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के रोजगार के सपनों को प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। दो वर्ष के कार्यकाल में 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई है। आगामी दिनों में 20 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं, 1 लाख 53 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में कई पेपर लीक हुए, जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई की है। किसान, घरेलू उपभोक्ता और उद्यमियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों पर प्राथमिकता से कार्य किया है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास, माही बांध, सोम-कमला-अंबा सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में जल संचयन तथा पानी की उपलब्धता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन के समय में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स हो रहे सशक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को नई आशा, दिशा और ऊर्जा मिली है। यह योजना उन लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना रही है, जो देश की असंगठित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और बालमुकुंदाचार्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन डॉ. देबाशीष पृष्टी, जयपुर नगर निगम प्रशासक पूनम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के विदिशा में स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त, नदी में गिरने से 28 छात्रों को आई चोटें

विदिशा विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र अंतर्गत जोहद गांव में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बंगला चौराहा स्थित एक निजी स्कूल की बस, जिसमें करीब 48 छात्र सवार थे, सगड़ नदी पुल पार करते समय अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी। यह घटना (Vidisha School Bus Accident) सुबह करीब दस बजे की बताई जा रही है। नदी में पानी नहीं था, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। बस नीचे पत्थरों पर गिरी, जिससे लगभग 28 छात्र घायल हो गए। इनमें कुछ छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए राजीव गांधी शासकीय जन चिकित्सालय, गंजबासौदा लाया गया।   गंभीर रूप से घायल लगभग पांच छात्रों की हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। बताया गया है कि सभी बच्चे स्कूल की ओर से पिकनिक मनाने सांची जा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। विदिशा पुलिस ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुल की संकरी चौड़ाई और चालक द्वारा सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने के प्रयास के दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचना दी और घायलों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह घटना छात्रों के लिए बेहद भयावह रही, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी छात्र की जान को खतरा नहीं है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में संकरे पुलों और सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें और स्कूल बसों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।