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नववर्ष 2026 के स्वागत में इंदौर के मंदिरों में धार्मिक धूम, खजराना गणेश मंदिर में 5 लाख भक्तों की उम्मीद

 इंदौर  नववर्ष का आगाज होने जा रहा है। इसे लेकर इंदौर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु नए साल का स्वागत प्रभु के दरबार में हाजिरी लगाकर करने की तैयारी कर रहे हैं। खजराना गणेश मंदिर में 5 लाख भक्तों की उम्मीद शहर के प्रमुख देवालय खजराना गणेश मंदिर में नववर्ष के अवसर पर करीब 5 लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना है। इस बार नववर्ष की शुरुआत गुरुवार से हो रही है, जिसे भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। इसी कारण वैष्णव भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर के दर्शन समय और विशेष व्यवस्थाएं खजराना गणेश मंदिर में 31 दिसंबर की रात 11 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। नववर्ष के दिन 1 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे, जो देर रात तक खुले रहेंगे। पंडित अशोक भट्ट के अनुसार 31 दिसंबर को बुधवार होने के कारण बड़ी संख्या में गणेश भक्त मंदिर पहुंचेंगे। भीड़ को देखते हुए दो दिनों के लिए अतिरिक्त रैलिंग लगाई जा रही है। वीआईपी दर्शन के लिए 100 रुपये की रसीद पर सुविधा उपलब्ध रहेगी। नववर्ष की सुबह भगवान गणेश का विशेष अभिषेक और अनुष्ठान किया जाएगा। फूलों की भव्य सजावट के साथ भगवान गणेश को परिवार सहित नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे। अन्य मंदिरों में भी नववर्ष की विशेष तैयारियां शहर के वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग, अन्नपूर्णादेवी मंदिर, बिजासन माता मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर और वैष्णोधाम मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी नववर्ष को लेकर विशेष पूजन, जाप और परिक्रमा की तैयारियां की गई हैं। रणजीत हनुमान मंदिर में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर में अंग्रेजी नववर्ष 2026 की पूर्व संध्या और सूर्योदय से पहले ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। नववर्ष के दिन अभिषेक के बाद सुबह साढ़े पांच बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे, जबकि 31 दिसंबर की रात साढ़े ग्यारह बजे बंद होंगे। भक्तों द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि 20 से 25 मिनट में श्रद्धालु दर्शन कर सकें। नए साल का जश्न अब प्रभु के दरबार में समय के साथ नए साल को मनाने की परंपरा में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां लोग होटल, रेस्टोरेंट और मनोरंजन स्थलों पर जाते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग धार्मिक स्थलों का रुख कर रहे हैं। बुजुर्गों के साथ-साथ युवा भी खजराना गणेश मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर, अन्नपूर्णादेवी मंदिर, बिजासन माता मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। रामायण पाठ, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा जैसे धार्मिक आयोजनों में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। 

31 दिसंबर को जोमैटो और स्विगी के डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल, इन कंपनियों को होगा कितना नुकसान?

नई दिल्ली  आज यानी 31 दिसंबर को अगर स्विगी (Swiggy), जोमैटो (Zomato), ब्लिंकइट (Blinkit) और जेप्टो (Zepto) के डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर हड़ताल करने की प्लानिंग कर रहे हैं. अगर ये सभी हड़ताल पर चले गए, तो इन कंपनियों को एक ही दिन में करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है. ये कंपनियां ऑनलाइन खाना और सामान पहुंचाने का काम करती हैं, और नए साल की पार्टी के दिन ऑर्डर्स के नंबर बहुत अधिक होते हैं. यदि हड़ताल हुई से डिलीवरी रुक जाएगी, तो दुकान का शटर डाउन जैसे हालात बन जाएंगे. हमने इन कंपनियों के पुराने बिक्री के आंकड़ों से हिसाब लगाया है कि कितना नुकसान होगा? क्यों हड़ताल करना चाहते हैं डिलीवरी बॉयज? डिलीवरी बॉयज लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें कम पैसे मिलते हैं. काम ज्यादा है और सिक्योरिटी है ही नहीं. अगर वे 31 दिसंबर को काम बंद कर दें, तो इन कंपनियों के ऐप पर ऑर्डर तो धड़ाधड़ आएंगे, लेकिन सामान पहुंचाने वाला कोई नहीं होगा. नतीजतन, ग्राहक नाराज, और कंपनियों की कमाई पर पानी फिर जाएगा. हमने ये आंकड़े कंपनियों की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट से लिए गए हैं और रोजाना की एवरेज सेल निकाली है. ध्यान दें, ये सिर्फ अनुमान हैं, असली नुकसान नए साल की वजह से और ज्यादा हो सकता है, क्योंकि उस दिन पार्टी के लिए ऑर्डर दोगुने-तिगुने तक हो सकते हैं. स्विगी नुकसान में रहकर भी रहेगी फायदे में! स्विगी देश की बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी है. इसकी सालाना कमाई करीब 15,227 करोड़ रुपये है. मतलब, औसतन हर दिन 41.7 करोड़ रुपये की बिक्री होती है. कंपनी अभी घाटे में चल रही है. हर 100 रुपये की कमाई पर 20.5 रुपये का घाटा झेल रही है. लेकिन हड़ताल से उस दिन की पूरी बिक्री रुक जाएगी, तो नुकसान 41.7 करोड़ रुपये का होगा. अच्छी बात ये कि कुछ खर्च बच जाएगा, जैसे डिलीवरी का पैसा, पैकेजिंग इत्यादी. तो स्विगी का घाटा थोड़ा कम हो सकता है. कंपनी करीब 8.5 करोड़ रुपये की बचत कर लेगी. फिर भी, कुल मिलाकर कंपनी को बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि ग्राहकों को अच्छा एक्सपीरियंस नहीं होगा. जोमैटो का हाल क्या? जोमैटो भी फूड डिलीवरी में बड़ा नाम है. इसकी सालाना कमाई लगभग 15,037 करोड़ रुपये है, यानी रोजाना की एवरेज 41.2 करोड़ रुपये. कंपनी अब फायदे में है. हर 100 रुपये पर 3.5 रुपये का मुनाफा कमा रही है. हड़ताल से एक दिन की बिक्री खोने पर 41.2 करोड़ का नुकसान होगा, और मुनाफे में 1.4 करोड़ की कमी आएगी. जोमैटो की ब्लिंकइट अलग से चलती है, लेकिन फूड वाला हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. ब्लिंकइट पर असर ब्लिंकइट जोमैटो की ही कंपनी है, जो किराने और सामान की क्विक डिलीवरी करती है. सालाना कमाई 5,206 करोड़ रुपये है, मतलब रोज 14.3 करोड़. ये कंपनी भी घाटे में है. प्रति 100 रुपये पर यह 0.6 रुपये का घाटा उठा रही है. हड़ताल से 14.3 करोड़ की बिक्री रुकेगी, लेकिन कुछ खर्च बचने से घाटा 10 लाख कम हो सकता है. जैसा कि पहले भी बता चुके हैं कि नए वर्ष से ऐन पहले सेल ज्यादा होने की उम्मीद है. जेप्टो को सबसे बड़ा घाटा? जेप्टो भी किराने की क्विक डिलीवरी करती है और बहुत तेजी से फैल रही है. सालाना कमाई 11,110 करोड़, यानी रोज 30.4 करोड़ रुपये का रेवेन्यू. लेकिन इसका घाटा बड़ा है. यह हर 100 रुपये पर 30.3 रुपये का नुकसान उठा रही है. हड़ताल से 30.4 करोड़ की बिक्री खोएगी, लेकिन खर्च बचने से घाटा 9.2 करोड़ कम हो सकता है. जेप्टो नई कंपनी है, तो ऐसे में ग्राहक दूसरी जगह जा सकते हैं. इन चारों कंपनियों को मिलाकर एक दिन में करीब 127.6 करोड़ रुपये की बिक्री रुक सकती है. लेकिन घाटे वाली कंपनियों में कुछ पैसे बचेंगे, तो असली नुकसान थोड़ा कम होगा. फिर भी, नए साल की पूर्व संध्या पर ये बड़ा झटका होगा, क्योंकि ग्राहक परेशान होंगे और कंपनियां तनाव में.