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हाईवे पर मौत का तांडव: छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर मार्ग पर भीषण हादसा, एयरबैग भी नहीं बचा सके जान

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर हाईवे पर शनिवार की दरमियानी रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार किया सेल्टोस कार और एक अज्ञात ट्रक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में 25 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा इतना भीषण था कि सुरक्षा के लिए कार के एयरबैग तो खुले, लेकिन वे चालक की जान बचाने में नाकाम रहे। जानकारी के अनुसार, मृतक तनवीर मंसूरी (25 वर्ष), निवासी विद्यासागर रेजिडेंसी (देहात थाना), अपने दो दोस्तों के साथ सारना की ओर से छिंदवाड़ा लौट रहा था। हाईवे पर स्थित हिंदुस्तान लीवर साबुन फैक्ट्री के सामने हादसा हो गया। सामने से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने कार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने यात्री प्रतीक्षालय (प्रतीक्षा शेड) में जा घुसी। टक्कर से कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और मलबे में तब्दील हो गया।   हादसे की सूचना मिलते ही धर्मटेकरी चौकी पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस अब अज्ञात ट्रक की तलाश में जुटी है। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि ट्रक की पहचान की जा सके। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, कार की गति बहुत तेज थी। हाईवे के घुमावदार मोड़ पर तेज रफ्तार होने के कारण चालक संतुलन नहीं बना सका।   सुरक्षा एयरबैग भी साबित हुए नाकाम इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए थे, लेकिन टक्कर और प्रतीक्षालय से टकराने का प्रभाव इतना शक्तिशाली था कि एयरबैग भी तनवीर की जान नहीं बचा सके। तनवीर को सिर और सीने में गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिससे उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

पश्चिम बंगाल में BLO ने की आत्महत्या, स्कूल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव

मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) स्कूल के एक कमरे में फंदे से लटके मिले। परिवार का सीधा आरोप है कि एसआईआर के अत्यधिक कार्यभार और दोहरी जिम्मेदारियों ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने अपनी जान दे दी। रानीतला पुलिस थाने के एक अधिकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हमीमुल इस्लाम (47 वर्ष) के रूप में हुई है। वे पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे और खारिबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुरबा अलापुर गांव में एक मतदान केंद्र पर बीएलओ के रूप में तैनात थे। मृतक के परिवार ने बताया कि हमीमुल शनिवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद शनिवार रात को विद्यालय परिसर के एक कमरे में उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला।   इसके बाद घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक और बीएलओ की दोहरी जिम्मेदारियों से उत्पन्न भारी कार्यभार के कारण हमीमुल गंभीर तनाव में थे। परिवार का दावा है कि हाल के हफ्तों में एसआईआर से जुड़े कार्यों को पूरा करने का दबाव बहुत बढ़ गया था। हमीमुल के बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने आरोप लगाया कि एसआईआर के कर्तव्यों को पूरा करने का दबाव उनकी भाई की क्षमता से कहीं अधिक था। शायद इसी कारण उन्होंने फंदे से लटकर जान दे दी। दूसरी ओर इसको लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है। भगबंगोला के तृणमूल कांग्रेस विधायक रियाज हुसैन सरकार ने परिवार से मुलाकात की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एसआईआर प्रक्रिया में जल्दबाजी कर रहा है, जिसके कारण बीएलओ पर अत्यधिक कार्यभार पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमीमुल इस्लाम को बहुत अधिक कार्य सौंपे गए थे, जिनमें मानचित्रण और मानचित्रण हटाने जैसे काम शामिल थे।

“नव देवियों की शक्ति” : बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित

डीएम बागपत की अनोखी पहल से साकार हो रहा सीएम योगी का विजन बेटियों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक स्वीकृति दिलाना है उद्देश्य लखनऊ, महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए बागपत में शुरू की गई “नव देवियों की शक्ति” पर आधारित 9 योजनाएं चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार यह मॉडल बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि जिलाधिकारी अस्मिता लाल की पहल पर इन कार्यक्रमों में प्रशासन और खाप पंचायतों की साझेदारी दिखाई दे रही है, जो प्रदेश में अपनी तरह का अनोखा प्रयोग है। इनका उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि समान अवसर और सामाजिक स्वीकृति भी दिलाना है। बागपत में बदला सोचने का ढंग कल्पना कीजिए, एक घर के आंगन में छोटी सी बेटी हंस रही है। पहले जो बेटी चुपचाप रहती थी, आज उसी के नाम की नेम प्लेट घर की दीवार पर चमक रही है। यह सिर्फ एक नेम प्लेट नहीं, बल्कि संदेश है कि “बेटी बोझ नहीं, घर की शान है।” यह परिवर्तन किसी जादू से नहीं आया, बल्कि नवदेवी के नौ मंत्रों से शुरू हुआ, जिन्हें बागपत ने अपनाया और उत्तर प्रदेश के लिए नजीर बना दिया। ये है नवदेवियों की शक्ति और पहल 1. निरा मुहिम : प्लास्टिक वेस्ट में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि निरा योजना के तहत बालिकाओं और महिलाओं को फ्री कॉटन रियूजेबल सेनेट्री पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये पैड दो से ढाई साल तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं और पूरी तरह रीसाइकिल योग्य हैं। इससे बच्चियों और महिलाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। 2. बेटी का नाम घर की शान अभियान इस अनोखी पहल के तहत घरों के बाहर बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाई जा रही हैं। ग्राम प्रधान, कर्मचारियों, मीडिया और आमजन को इस मुहिम से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य पितृसत्तात्मक सोच को बदलना और यह संदेश देना है कि बेटी बोझ नहीं, परिवार की पहचान और गौरव है। 3. मेरी बेटी मेरी कुलदीपक यूपी में अपनी तरह के पहले अभियान के रूप में उन परिवारों को सम्मानित किया जा रहा है, जिनकी एक या दो बेटियां हैं। बेटियों को उपहार देकर यह संदेश दिया जा रहा है कि अच्छे संस्कार और अवसर मिलें तो बेटियां समाज का उजाला बनती हैं। 4. ‘कन्या जन्मोत्सव’ की भी शुरुआत ‘कन्या जन्मोत्सव’ की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत नवजात के जन्म पर जन्म प्रमाण पत्र, बेबी किट, मोरिंगा (सहजन) का पौधा और एक सुंदर बेबी स्वैडल (लपेटने का कपड़ा) भेंट किया जाएगा। साथ ही, अस्पताल में ही नवजात बालिका को सुमंगला योजना सहित उन सभी सरकारी योजनाओं में तुरंत नामांकित किया जाएगा, जिनकी वह पात्र है, ताकि परिवार के लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। 5. बुनकर महिलाएं : हुनर से आत्मनिर्भरता बुनकर महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। इससे पारंपरिक हुनर को नया बाजार मिल रहा है और महिलाएं स्वयं की पहचान बना रही हैं। इस योजना के अंतर्गत बागपत में बड़े पैमाने पर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 6. सांस अभियान : नवजात शिशुओं की सुरक्षा ‘सांस’ अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे नवजात शिशुओं के उपचार में सुधार हुआ है और नवजात मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा रही है। 7. कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से बचाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्हें भरोसा दिया जा रहा है कि महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा का पूरा सम्मान होगा। इसके अलावा बागपत में सार्वजनिक स्थलों पर ‘आंचल’ स्तनपान कक्ष की शुरुआत की गई है। बड़ौत बस डिपो से शुरू हुई यह पहल कामकाजी और शिक्षार्थी महिलाओं को सुविधा और गरिमा देती है, ताकि किसी तरह की बाधा न बने। न संकोच का कारण। 8. किशोरी का पिटारा बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि ‘किशोरी का पिटारा’ नाम से एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य किशोरियों से जुड़े उन संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है, जिनके बारे में वे खुलकर सवाल पूछने में सहज नहीं होतीं। इस पहल के तहत वे अपने सवाल कागज पर लिखकर एक बॉक्स (पिटारा) में डालेंगी। इसके बाद प्रशिक्षित काउंसलर एक-एक पर्ची निकालकर उन सवालों के जवाब वैज्ञानिक तरीके से देंगे। 9. हर बेटी का सम्मान : खाप पंचायतों के साथ सामाजिक क्रांति मिशन शक्ति 5.0 के तहत विशेष संवाद में सभी प्रमुख खाप पंचायतों ने दहेज, ऑनर किलिंग और भ्रूण हत्या के खिलाफ एकजुट होने का संकल्प लिया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि बेटियां समाज की असली शक्ति हैं और बागपत अब प्रगति का प्रतीक बनेगा। कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाने और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और अवैध रूप से संचालित मशीनें जब्त की गई हैं। बागपत मॉडल का उद्देश्य बेटियों को केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें समान अवसर, सामाजिक स्वीकृति और आत्मनिर्भरता दिलाना है। ‘नव देवियों की शक्ति’ के नौ मंत्र स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और गरिमा से जुड़े हैं। यह पहल प्रशासन और समाज की साझेदारी से आगे बढ़ रही है, जिसमें खाप पंचायतों की भागीदारी इसे एक मजबूत सामाजिक आंदोलन बनाती है। हमारा संकल्प है कि बेटी को सम्मान, सुरक्षा, पहचान और अवसर, चारो ही स्तरों पर पूरा अधिकार मिले। – अस्मिता लाल, डीएम बागपत

लखपति दीदी राशोबाई ने मेहनत और समूह सहयोग से कायम की आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर. जहाँ चाह वहां राह इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है,कोंडागांव जिले के विकासखंड फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत बानगांव की रहने वाली श्रीमती राशोबाई मरकाम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन को नई दिशा दी, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की है। राशोबाई आज विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरूकर 01 लाख रूपए से अधिक की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। जय माता दी स्व सहायता समूह की सदस्य राशोबाई स्व सहायता समूह से जुड़ने से पहले कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं और घर के कार्यों तक ही सीमित थी। आय के सीमित साधन होने के कारण परिवार की वार्षिक आय केवल 48 हजार रुपये थी, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना काफी मुश्किल होता था और परिवार का पालन पोषण बेहतर ढंग से नहीं हो पाता था। स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें समूह के माध्यम से आरएफ अनुदान राशि 15 हजार रुपये और सीआईएफ ऋण राशि 60 हजार रुपये प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने कृषि कार्य के साथ-साथ किराना दुकान संचालन एवं मछली पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियां शुरू कीं। जिला प्रशासन की एनआरएलएम टीम के मार्गदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उक्त आजीविका गतिविधियों के सफल संचालन से आज श्रीमती राशोबाई मरकाम की वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। वर्तमान में वे पूर्व की तुलना में दोगुना आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है तथा जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है। आज श्रीमती राशोबाई मरकाम ने अपनी मेहनत, लगन और समूह के सहयोग से न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा भी बनी है। उन्होंने शासन की योजनाओं से मिली सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि एनआरएलएम ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों एवं टीम के सतत प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।

10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

लखनऊ,  योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री 1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    देवानंद राय- देवरिया 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर 7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    अवधेश कुमार- लखनऊ 10-    शिखा सहलोद- गाजियाबाद चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष) 3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष) महिला मंगल दल 1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष) 2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष) 3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मनाया विश्व हिंदी दिवस

सूरजपुर. शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में विगत दिवस विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्रीय हिंदी दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में हिंदी भाषा की वैश्विक स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक हिंदी श्री बुधलाल साहू, अतिरिक्त शिक्षक डॉ. श्रीकांत यादव, डॉ. विनोद साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ छात्रा रोशनी यादव ने छात्रों के दृष्टिकोण से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में एम.ए. हिंदी प्रथम सेमेस्टर के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

युवा दिवस पर सुबह 9 बजे से मॉडल स्‍कूल में होगा सामूहिक सूर्य नमस्‍कार

उप मुख्यमंत्री देवड़ा होंगे मुख्य अतिथि. जबलपुर स्‍वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस पर सामूहिक सूर्य नमस्‍कार का जिला स्‍तरीय कार्यक्रम 12 जनवरी की सुबह 9 बजे पंडित लज्‍जाशंकर झा उत्‍कृष्‍ट उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय मॉडल स्‍कूल में आयोजित किया जायेगा। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में सुबह 9 बजे विद्यार्थियों का मॉडल स्‍कूल के मैदान में एकत्रिकरण होगा तथा वे योग एवं सूर्य नमस्‍कार हेतु निर्धारित स्‍थल पर अपेक्षित दूरी पर पंक्तिबद्ध होकर अपना स्‍थान लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से होगा तथा मुख्य अतिथि एवं सभी आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के बाद सुबह 9.30 बजे से आकाशवाणी के माध्यम से राष्‍ट्रगीत वंदेमातरम्, स्‍वामी विवेकानंद जी की वाणी एवं मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश के प्रसारण के पश्चात सूर्य नमस्‍कार और प्राणायाम होगा। सामूहिक सूर्य नमस्‍कार के जिला स्‍तरीय कार्यक्रम का समापन सुबह 10.30 बजे होगा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी की जयंती युवा दिवस पर जिले की सभी शिक्षण संस्थाओं में भी सुबह 9 बजे से सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया जायेगा।

सीएम कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का पूरी तरह होगा ऑनलाइन संचालन, फरवरी 2026 तक होगी प्रक्रिया पूरी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में राजस्व परिषद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। योजना के डिजिटलीकरण की समय सीमा फरवरी 2026 तय की गई है। मुख्य सचिव की बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया के पूरी होने के बाद योजना के संचालन को पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। जिससे किसान परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आसानी से घर बैठे मुआवजा मिल सके। साथ ही डिजिटलीकरण से योजना का संचालन और अधिक समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। बैठक में राजस्व परिषद के अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। योजना के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया फरवरी 2026 तक होगी पूरी मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन, दस्तावेज अपलोड, सत्यापन, स्वीकृति और लाभ वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पहले भी योजना के लिए आवेदन एनआईसी के वेब पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता था, लेकिन अन्य प्रक्रियाएँ भौतिक सत्यापन के द्वारा पूरी होती थीं। जिससे किसान परिवारों को समस्या का सामना करना पड़ता था। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएँ भी समाप्त हो जाएंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल के अपडेशन का कार्य चल रहा है और इसे फरवरी 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन हुए स्वीकृत मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में की थी। राजस्व परिषद ने अपनी मण्डलवार रिपोर्ट में बताया कि इस योजना के तहत दिसंबर 2025 तक लगभग 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा आवेदन लखनऊ मण्डल में 3,569, गोरखपुर मण्डल में 3,143 जबकि अयोध्या और कानपुर मण्डल में क्रमशः 2,491 और 2,436 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना प्रदेश के किसानों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है। योजना के तहत किसानों को दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी रूप से दिव्यांगता की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। राजस्व परिषद की यह डिजिटल पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना के डिजिटलीकरण से एक ओर घर बैठे आवेदन करने, आवेदन की स्थिति ट्रैक करने और लाभ की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर समय की बचत और योजना के संचालन में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।

ऑयल पाम की खेती में अतिरिक्त अनुदान से किसानों की बढ़ेगी आय

रायपुर. खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने तथा किसानों की आय में दीर्घकालीन और स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संयुक्त रूप से नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत ऑयल पाम की खेती को प्रोत्साहित करने हेतु केंद्र सरकार के अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा विभिन्न घटकों में टॉप-अप अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके। सहायक संचालक उद्यानिकी मुंगेली ने बताया कि ऑयल पाम की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने तथा 03 से 04 वर्षों की गेस्टेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देय न्यूनतम 1.30 लाख प्रति हेक्टेयर अनुदान के अतिरिक्त राज्य शासन किसानों को टॉप-अप अनुदान प्रदान कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक कृषक इस फसल की ओर आकर्षित हों। ऑयल पाम एक दीर्घकालीन, कम श्रम वाली और उच्च उत्पादकता वाली फसल है। इसमें रोग प्रकोप की संभावना अत्यंत कम होती है। एक बार रोपण के पश्चात चौथे वर्ष से उत्पादन प्रारंभ हो जाता है और यह फसल 25 से 30 वर्षों तक निरंतर उपज देती है। पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में ऑयल पाम प्रति हेक्टेयर 4 से 6 गुना अधिक तेल उत्पादन क्षमता रखती है, जिससे किसानों को स्थायी एवं सुनिश्चित आय का लाभ प्राप्त होता है। विभिन्न मदों में अतिरिक्त अनुदान राज्य शासन द्वारा ऑयल पाम रोपण करने वाले पात्र किसानों को निम्नानुसार अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, इनमें रखरखाव मद में पूर्व निर्धारित 05 हजार 250 प्रति हेक्टेयर की 01 हजार 500 रूपए की वृद्धि कर कुल 06 हजार 750 रूपए प्रति हेक्टेयर, अंतरवर्तीय फसलों हेतु वृद्धि के साथ कुल 10 हजार 250 रूपए प्रति हेक्टेयर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाले किसानों को 08 हजार 635 रूपए की अतिरिक्त सहायता सहित कुल 22 हजार 765 रूपए प्रति हेक्टेयर, रोपित पौधों एवं अंतरवर्तीय फसलों को जानवरों से बचाने हेतु फेंसिंग के लिए 54 हजार 485 रूपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रकार राज्य शासन द्वारा रखरखाव, फेंसिंग, अंतरवर्तीय फसल एवं ड्रिप सिंचाई मद में कुल 69 हजार 620 रूपए तक का अतिरिक्त अनुदान ऑयल पाम रोपण करने वाले किसानों को प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान केवल उन्हीं कृषकों को देय होगा, जो योजना के अंतर्गत ऑयल पाम का रोपण करेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं तकनीकी मार्गदर्शन के लिए किसान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं। ऑयल पाम की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि देश को खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उप मुख्‍यमंत्री जगदीश देवड़ा का आगमन सोमवार को

जबलपुर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा का सोमवार 12 जनवरी की सुबह 5.35 बजे इंदौर-जबलपुर सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस द्वारा भोपाल से जबलपुर आगमन होगा। देवड़ा यहां सुबह 9 बजे मॉडल स्‍कूल में स्वामी विवेकानन्द की जयंती "युवा दिवस" पर आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्‍कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे तथा स्‍थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम 5.30 बजे श्रीधाम एक्‍सप्रेस द्वारा भोपाल प्रस्‍थान करेंगे।