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भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान दो जवानों की मौत, पुलिस महकमे में हड़कंप

गुरदासपुर (पंजाब) पंजाब के गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की मौत हुई है। इनमें अस्सिटेंट सब इंस्पेक्टर और एक होम गार्ड जवान शामिल है। गुरदासपुर के दोरांगला पुलिस स्टेशन के तहत बॉर्डर से सटी आदियां चेक पोस्ट के अंदर दोनों जवानों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास हुए इस हादसे की जांच चल रही है।   घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उच्च अधिकारी मौके पहुंचे हैं। हालांकि अभी तक पुलिस अधिकारियों की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मृतक पुलिस कर्मियों की पहचान एएसआई अशोक कुमार और होम गार्ड जवान गुरनाम सिंह के रूप में हुई है। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस की पहली चेक पोस्ट पर ऐसा हादसा कैसे हो गया। जिसके लिए अधिकारियों के बयानों का इंतजार है।

एयरस्ट्राइक में हुई मासूमों की मौत का पाक से बदला जरूर लेंगे: अफगानिस्तान

नई दिल्ली. अफगानिस्तान ने सीमाई इलाकों में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस हमले में दर्जनों आम नागरिकों की जान गई है। तालिबान के प्रवक्ता जुबिउल्लाह मुजाहित ने कहा, बीती रात नांगरहार और पाकटिका प्रांतों में पाकिस्तान ने अचानक हवाई हमला कर दिया। इसमें दर्जनों लोगों की मौत हुई है जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने नांगरहार में एक रिहाइशी इमारत पर हमला कर दिया जिसमें एक परिवार के करीब 23 लोग रहते थे। मलबे में परिवार दब गया है। अब तक इसमें से केवल चार लोगों को निकाला जा सका है। तालिबान ने बताया है कि पाकिस्तान ने बेरमाल और आरगुन जिलों में हवाई हमले किए हैं। इस्लामाबाद की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। बेकसूर लोगों को मारने का आरोप जबीउल्लाह मुजाबित ने कहा कि पाकिस्तान ने नापाक हरकत करके मासूमों की जान ली है। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जनरल इसी तरह की हरकतें करके अपनी छवि सुधारने देश में सुधारने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में दखल दिया है। ऐसे में अफगानिस्तान के पास भी जवाब देने का अधिकार है। सही समय आने पर हमला किया जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई थी और उसी का बदला लेने के लिए यह एयर स्ट्राइक की गई है। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर कीं। मंत्रालय ने कहा, ''इन हमलों की जिम्मेदारी फितना अल ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत (आईएसपीके) ने ली है।'' उसने कहा कि अफगान तालिबान शासन से बार-बार आग्रह किया गया कि वह आतंकवादी समूहों और विदेशी एजेंटों को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने से रोके लेकिन इसके बावजूद वह उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में ''विफल'' रहा। उसने कहा, ''इस पृष्ठभूमि में, पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी तालिबान, एफएके और उसके सहयोगियों तथा आईएसकेपी से संबंधित सात आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को खुफिया जानकारी के आधार पर सटीक और कुशलता से निशाना बनाया है।'' मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अंतरिम अफगान सरकार से अपने दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा को दोहराता है। उसने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके तथा यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन ''हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है। इसके कारण पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं। पिछले साल अक्टूबर में, दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त रूप से सशस्त्र संघर्ष हुआ था। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिक मारे गए थे।

पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में मारे गए TTP के दर्जनों अफगानिस्तानी लड़ाके

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने रविवार तड़के ही अफगानिस्तान की सीमा पर एयरस्ट्राइक की है। रिपोरट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया है। इस स्ट्राइक में टीटीपी के दर्जनों लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। सोशल मीडिया पर एयरस्ट्राइक के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें देखा जा सकता है कि हमला कितना बड़ा था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के खैबर बख्तूनख्वामें शनिवार को हुए आत्मघाती हमलों के बाद यह कदम उठाया गया है। शनिवार को खुफिया जानकारी पर आधारित एक अभियान के दौरान हुए आत्मघाती हमले में दो सुरक्षाकर्मी मारे गए। सेना की मीडिया शाखा के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में चलाए गए अभियान के दौरान फितना अल-ख्वारिज के पांच ख्वारिज भी मारे गए थे। पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए फितना-अल-ख्वारिज नाम का इस्तेमाल करती है। प्रवक्ता के मुताबिक, यह अभियान क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर सहित कई ख्वारिजों (आतंकवादियों) की मौजूदगी के बारे में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों के एक काफिले को निशाना बनाया था। प्रवक्ता के अनुसार, बन्नू शहर में सुरक्षाबलों ने वाहन सवार आत्मघाती हमलावर को रोक लिया, जिससे आम नागरिकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों को निशाना बनाने की उसकी योजना पर पानी फिर गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ छिड़ गई, जिसमें पांच ख्वारिज मारे गए थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन से सुरक्षाबलों के काफिले में शामिल एक वाहन में टक्कर मार दी, जिससे लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल फराज और सिपाही करामत शाह की मौत हो गई। कुछ ही दिन हले मलांगी में एक मदरसें की इमारत के पास तेज धणाका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि इमारत जर्जर हो गई थी। आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा थाऔर खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। विस्फोट के पास धुआं ही धुआं हो गया था। आतंकियों ने पहले गोलीबारी की और फिर धमाका किया था। अफगानिस्तान के साथ बढ़ेगा तनाव? बता दें कि पाकिस्तान पहले भी अफगानिस्तान के सीमाई इलाकों में एयरस्ट्राइक कर चुका है। जब भी उसने ऐसा किया है, तालिबान के साथ तनाव बढ़ गया है। कई बार सीमाई इलाकों में गोलीबारी भी शुरू हो गई और युद्ध जैसी स्थिति बन गई। इस बार भी ऐसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

नासा ने टाल दिया अपना मून मिशन, मार्च में होनी थी लॉन्चिंग

नई दिल्ली. अमेरिकी अंतरिक्ष एजंसी नासा ने अपना मून मिशन फिलहालटाल दिया है। जानकारी के मुताबिक नासा मानवयुक्त फ्लाइबाइ मिशन आर्टेमिस-2 को मार्च में लॉन्च करने वाला था। हालांकि अब रॉकेट और यान दोनों को लॉन्च पैड से हटा लिया गया है। बताया गया कि रॉकेट में आई तकनीकी खराबी की वजह से मिशन को टाला गया है। नासा के चीफ जेरेड आइजैकमैन ने शनिवार को बताया कि स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) हीलियम लीक की समस्या देखने को मिली थी। अब मार्च में तो इस मिशन को लॉन्च नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, इस फैसले से नासा की टीम निराश है। हम लोगों ने इस मिशन के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मिशन बहुत सावधानी से किए जाते हैं। 1960 के दशक में भी जब नासा ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसकी कल्पना भी दुनिया ने नहीं की थी. तब भी कई बाधाएं सामने आई थीं और मिशन लेट हुआ था। रॉकेट सिस्टम में हीलियम निभाता है अहम भूमिका किसी भी रॉकेट सिस्टम के लिए हीलियम बहुत जरूरी होता है। यह प्रोपेलेंट टैंक में प्रेशर बनाता है और इंजन को चलाने में मदद करता है। अब एलएलएस रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को मरम्मत के लिए व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में ले जाया जाएगा। क्या है नासा का प्लान नासा का प्लान था कि आर्टेमिस-II में जाने वाले अंतरिक्ष-यात्री शून्य-गुरुत्वाकर्षण में एक छोटे से केबिन में काम करेंगे। पृथ्वी की निचली ऑर्बिट में रेडिएशन का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की तुलना में ज़्यादा होगा, लेकिन फिर भी सुरक्षित होगा। पृथ्वी पर लौटने पर अंतरिक्ष-यात्री वायुमंडल से गुज़रते समय एक ऊबड़-खाबड़ वापसी का अनुभव करेंगे और अमेरिका के पश्चिमी तट से दूर प्रशांत महासागर में लैंडिंग करेंगे। गौरतलब है कि यह रॉकेट चांद पर उतरने वाला नहीं था। नासा के अनुसार, इस मिशन का मकसद आर्टेमिस-3 मिशन में अंतरिक्ष-यात्रियों की चांद पर लैंडिंग के लिए भूमिका तैयार करना था। नासा का प्लान है कि जब आर्टेमिस-3 आखिरकार उड़ान भरेगा, तो अंतरिक्ष-यात्री चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएंगे। उस मिशन के बाद, मकसद इंसानों की लगातार मौजूदगी बनाए रखना है। आर्टेमिस-4 और आर्टेमिस-5 गेटवे बनाना शुरू करेंगे, जो चांद के चारों ओर घूमने वाला एक छोटा स्पेस स्टेशन होगा। इसके बाद और भी मून लैंडिंग होंगी, गेटवे में अतिरिक्त हिस्से जोड़े जाएंगे और सतह पर नये रोबोटिक रोवर काम करेंगे। नासा ने पिछली बार 1960 और 1970 के दशक के अपोलो कार्यक्रम के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा था। नये आर्टेमिस कार्यक्रम का लक्ष्य चंद्रमा पर अधिक स्थायी उपस्थिति स्थापित करना है।

लेबनान में इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के कमांडर सहित 8 आतंकियों की मौत

नई दिल्ली. पूर्वी लेबनान पर हुए इजराइली हवाई हमलों में हिज्बुल्लाह आतंकवादी समूह के आठ सदस्यों की मौत हो गई है, जिनमें कई स्थानीय अधिकारी भी शामिल हैं। हिज्बुल्ला के दो अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या 10 बताई है लेकिन आतंकवादियों और नागरिकों के बीच अंतर स्पष्ट नहीं किया गया है। तीन मंजिला इमारत पर हमला हिज्बुल्लाह के अधिकारियों ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि शुक्रवार देर रात उत्तरपूर्वी लेबनान के रयाक गांव के पास हुए हमलों में आठ आतंकवादी मारे गए। शनिवार सुबह हमले वाली जगह का दौरा करने वाली एसोसिएटेड प्रेस की टीम ने देखा कि तीन मंजिला इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल ध्वस्त हो गई थी। इजरायल पर हमले की रच रहे थे साजिश? इजराइली सेना ने शनिवार को बताया कि लेबनान के बालबेक इलाके में तीन अलग-अलग कमांड अड्डों में हिजबुल्ला की मिसाइल इकाई के कई सदस्य मारे गए। सेना ने बताया कि हमले में मारे गये हिजबुल्ला के सदस्य 'इजराइल पर हमले की साजिश रचने, उसे अंजाम देने और सैन्य बल बढ़ाने की प्रक्रियाओं को तेज करने' में संलिप्त थे। हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से तीन स्थानीय कमांडर थे और उनकी पहचान अली अल-मौसावी, मोहम्मद अल-मौसावी और हुसैन याघी के रूप में हुई है। याघी, हिज्बुल्लाह के एक प्रमुख अधिकारी और संस्थापक मोहम्मद याघी का बेटा थे। मोहम्मद याघी का 2023 में निधन हो गया था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि पूर्वी लेबनान पर इजराइली हमलों में 10 लोग मारे गए और 24 घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। रयाक अस्पताल के कार्यकारी निदेशक अली अब्दुल्ला ने एपी को बताया कि यह हमला सूर्यास्त के बाद हुआ। उन्होंने बताया कि 10 शवों और 21 घायलों को अस्पताल लाया गया था। मृतकों में सीरिया का एक नागरिक और इथियोपिया की एक महिला भी शामिल है। घायलों में पांच सीरियाई और तीन इथियोपियाई नागरिक शामिल हैं। बता दें कि लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम होने के बाद भी इजरायल अकसर हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाता है। हिजबुल्लाह के अब तक दर्जनों कमांडर इजरायल ने ढेर कर दिए हैं। हिजबुल्लाह और हमास मिलकर इजरायल पर हमले की साजिश करते हैं। ऐसे में इजरायल दोनों ही कट्टरपंथी संगठनों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने को तैयार नहीं है। इस बार इजरायल ने पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकाने को निशाना बनया है।

ओडिशा में ट्रेलर की टक्कर से 5 पुलिस जवानों की मौत और 3 की हालत नाजुक

नई दिल्ली/झारसुगुड़ा. ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में रविवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने पुलिस की बोलेरो गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे पांच पुलिस कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पुलिस वाहन के परखच्चे उड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना झारसुगुड़ा सदर पुलिस स्टेशन के पास सुबह के समय हुई। पुलिस की बोलेरो ड्यूटी पर थी, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो पूरी तरह पिचक गई, जिससे उसमें सवार पांच कर्मियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले जवानों की पहचान कर ली गई है। पुलिस विभाग ने मृतकों के नाम साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में ड्रिल सब-इंस्पेक्टर निरंजन कुजूर, एपीआर कर्मी काशीराम भोई, एपीआर कर्मी देबदत्त सा, एपीआर हवलदार लिंगराज धुरुआ और होमगार्ड भक्तबंधु मिर्धा का निधन हुआ है। दुर्घटना में घायल हुए तीन अन्य कर्मियों में आर्म्ड पुलिस रिजर्व (APR) के दो सदस्य और एक सार्जेंट शामिल हैं। स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत काफी नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हादसा चालक की लापरवाही, नींद आने या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले भर में लोग एकत्र हो रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

लिव इन पार्टनर लड़की के प्राइवेट पार्ट्स में लगाई आग

गुरुग्राम. इंदौर में एमबीए स्टूडेंट के साथ हुई दरिंदगी जैसी घटना गुरुग्राम से भी सामने आई है। यहां एक 19 साल की लड़की के साथ उसके लिव इन पार्टनर ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। पहले तो वह उसे शादी का झांसा देकर संबंध बनाता रहा और अब उसकी जान लेने पर उतारू हो गया। आरोपी ने झगड़ा होने के बाद ना सिर्फ लड़की को बुरी तरह पीटा बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट्स पर सेनिटाइजर छिड़ककर आग लगा दी। पीड़िता की हालत गंभीर है और वह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती है। गुरुग्राम की एक नामी यूनिवर्सिटी से बायोटेक की पढ़ाई करने वाली पीड़िता मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वाली है। हाथ, मुंह, पैर पर प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर जख्मों के साथ अस्पताल में भर्ती पीड़िता ने जो आपबीती पुलिस को बताई वह बेहद खौफनाक है। पीड़िता ने बताया कि उसका लिव इन पार्टनर शिवम (19) लगातार तीन दिन तक उस पर जुल्म करता रहा। वह शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाता था। चाकू से वार, प्राइवेट पार्ट में आग लगाई, न्यूड वीडियो बनाए इसी दौरान आरोपी उस पर शक करने लगा और उसके साथ मारपीट करने लगा। गत 16 फरवरी को आरोपी ने पीड़िता को बेरहमी से पीटा। आरोप है कि स्टील की बोतल से आरोपी ने उसके सिर पर हमला किया। सिर को दीवार और फर्नीचर से टकराया। मटका उसके सिर पर फोड़ दिया। उसके प्राइवेट पार्ट पर सेनिटाइजर डालकर आग लगा दी। आरोपी ने चाकू से उसके पैर में कई बार वार किए। उसे धमकी दी कि वो उसे इतना मारेगा कि वो चल भी नहीं पाएगी। कभी मां नहीं बन सकेगी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके न्यूड वीडियो भी बनाए हैं। ऐप से हुई दोस्ती और फिर लिव इन पार्टनर बने पीड़िता आरोपी शिवम के साथ सेक्टर-69 के एक पीजी में लिव-इन में रह रही थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि छात्रा की शिवम से दोस्ती पिछले साल सितंबर में सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से हुई थी। उसके बाद दोनों ने मिलना शुरू कर दिया। दोनों की दोस्ती कुछ ही दिनों में प्यार में बदलगई और बात शादी के वादे तक पहुंच गई। उसके बाद छात्रा और आरोपी लगभग डेढ़ से दो महीने से पीजी में लिव-इन में एक साथ रह रहे थे। शादी को लेकर दोनों में कई बार कहासुनी होती थी। यह भी पता चला है कि आरोपी को छात्रा के चरित्र पर शक था। गुरुवार की रात दोनों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते आरोपी ने छात्रा पर लात और मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। छात्रा के हाथ, मुंह और पैर पर काफी निशान मिले हैं। मां का फोन आया तो बच गई जान पीड़िता की मां ने संयोग से मारपीट के दौरान ही अपनी बेटी को फोन किया। फोन पर बेटी की चीखें सुनकर मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। बादशाहपुर थाना पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर पुलिस ने देखा कि छात्रा लहुलुहान हालत में पड़ी थी। आरोपी उसे पीट रहा था। पुलिस प्रवक्ता संदीप तूरन ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115, 118(1), 118(2), 127(2), 69 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है।

हमले की योजना बना रहे 8 संदिग्ध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी गिरफ्तार

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े अंतर्राज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश स्थित कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े हैं। यह कार्रवाई तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चलाए गए एक समन्वित सुरक्षा अभियान के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्धों में से छह को तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में स्थित विभिन्न गारमेंट फैक्ट्रियों से हिरासत में लिया गया। इनकी पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल के रूप में हुई है। वहीं, दो अन्य संदिग्धों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ व्यक्ति बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मॉड्यूल का पर्दाफाश दिल्ली के विभिन्न हिस्सों विशेषकर दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में हाल ही में दिखाई दिए भड़काऊ पोस्टरों के बाद हुआ। इन पोस्टरों में कश्मीर से संबंधित भड़काऊ सामग्री और आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। स्पेशल सेल ने जब पोस्टरों के स्रोत की गहन जांच शुरू की, तो कड़ियां तमिलनाडु में सक्रिय इस नेटवर्क से जुड़ीं, जिसके बाद छापेमारी कर गिरफ्तारियां की गईं। बड़ी साजिश को नाकाम करने का दावा जांचकर्ताओं के अनुसार, ये संदिग्ध अपने विदेशी आकाओं के इशारे पर भारत में एक बड़े आतंकवादी हमले की योजना बना रहे थे। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि अन्य गुर्गों और उनके विदेशी संपर्कों के बारे में और अधिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। पकड़े गए सभी संदिग्धों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है, जहां उनसे सघन पूछताछ की जाएगी। पुलिस अधिकारी इसे एक बड़ी सफलता मान रहे हैं, क्योंकि इससे समय रहते एक संभावित आतंकी साजिश को टाल दिया गया है। फिलहाल, इस मॉड्यूल की फंडिंग के स्रोतों और सीमा पार संपर्कों की पहचान के लिए विस्तृत जांच जारी है।

शरद पवार की तबीयत फिर बिगड़ी, पुणे में दोबारा भर्ती

नई दिल्ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के संस्थापक और महाराष्ट्र के चार बार मुख्यमंत्री रह चुके दिग्गज नेता शरद पवार को रविवार को एक बार फिर पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। पिछले कुछ दिनों से उनकी सेहत में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उनकी बेटी और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस खबर की पुष्टि की है। ताजा जानकारी के अनुसार, शरद पवार पिछले कुछ दिनों से खांसी और गले के संक्रमण से जूझ रहे थे। शनिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे अपने आवास पर विश्राम कर रहे थे, लेकिन रविवार सुबह उन्हें अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी महसूस हुई। डॉक्टरों की सलाह पर परिवार ने उन्हें तुरंत आगे की जांच और चिकित्सकीय देखरेख के लिए अस्पताल में भर्ती करने का निर्णय लिया। सुप्रिया सुले ने एक्स पर लिखा, "हम बाबा को फॉलो-अप टेस्ट और हाइड्रेशन के लिए पुणे के रूबी हॉल में भर्ती कर रहे हैं। हम सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त करते हैं।" 85 साल के शरद पवार को पिछले हफ्ते भी इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें सांस लेने में कठिनाई और सीने में संक्रमण की शिकायत थी। डॉक्टरों ने उन्हें एंटीबायोटिक्स का पांच दिनों का कोर्स दिया था और शनिवार को ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें 3-4 दिन पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार न होने के कारण उन्हें दोबारा भर्ती करना पड़ा। आपको बता दें कि हाल ही में पवार परिवार पर आए दुखों के पहाड़ ने भी वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। जनवरी के अंत में एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके भतीजे अजित पवार के असामयिक निधन के बाद से शरद पवार बारामती में परिवार को संभालने में व्यस्त थे। इस दौरान हुई भागदौड़ और मानसिक तनाव ने उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर डाला है। रूबी हॉल क्लिनिक के डॉक्टरों के अनुसार, शरद पवार की स्थिति फिलहाल स्थिर है। उनके महत्वपूर्ण अंगों की स्थिति सामान्य है, लेकिन उम्र और संक्रमण को देखते हुए उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अस्पताल में भीड़ न लगाएं ताकि अन्य मरीजों को असुविधा न हो।

असम चुनाव से पहले बीजेपी में आए कांग्रेस के पूर्व चीफ भूपेन बोरा

नई दिल्ली. असम कांग्रेस के पूर्व चीफ भूपेन बोरा ने कई अटकलों के बीच बीजेपी का दामन थाम लिया है। असम बीजेपी चीफ दिलीप सैकिया और बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा की उपस्थिति में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। एक दिन पहले ही बोरा ने गृह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बोरा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा और लखीमपुर के विधायक मनाब डेका की मौजूदगी में शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद बोरा ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें शाह से मिलने के लिए कहा था, इसलिए वह उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए थे। उन्होंने दावा किया कि आठ मार्च तक आत्मसम्मान और राज्य के प्रति 'राष्ट्रवादी' भावना रखने वाले लगभग 50 प्रतिशत कांग्रेस सदस्य भाजपा में शामिल हो जाएंगे। हालांकि उन्होंने 22 फरवरी को ही बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। बोरा सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आला कमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और वरिष्ठ नेता उनके आवास पर मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बोरा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन अगले दिन मुख्यमंत्री शर्मा उनके आवास पर पहुंचे और घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे।