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विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण, स्टॉक में अनियमितता पर एसडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अलविदा जुमा पर तेहरान में ब्लास्ट से दहशत, इजरायल विरोध प्रदर्शन के बीच अफरातफरी

तेहरान ईरान की राजधानी तेहरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच धमाका हुआ है। यह ब्लास्ट उस वक्त हुआ, जब तेहरान के फिरदौसी चौक पर हजारों लोग ईरान और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन करने जुटे थे। आज ईद से पहले का आखिरी जुमा है, जिसे अलविदा जुमा कहा जाता है। इस कारण भी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इस दौरान जब धमाका हुआ तो दहशत फैल गई और लोग मौके से भागते नजर आए। इस धमाके के पीछे ईरानी एजेंसियों को इजरायल का हाथ होने का शक है। अब तक धमाके की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इजरायल ने हमलों की चेतावनी दी थी। ऐसे में माना जा रहा है कि यह धमाका भी इजरायल ने ही किया है। यह धमाका ऐसे वक्त में हुआ, जब ईरान में अलविदा जुमा मनाया जा रहा है। ईद से पहले के आखिरी जुमा के दिन खूब भीड़ जुटी थी और इसी दौरान यह धमाका हुआ। यह धमाका जिस इलाके में हुआ है, वह तेहरान यूनिवर्सिटी के भी काफी करीब है। अब तक इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि यह धमाका किसने और क्यों किया है। लेकिन यह कहा जा रहा है कि इजरायल का इसमें हाथ हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज ही उसकी ओर से चेतावनी दी गई थी कि वह इस इलाके में हमले कर सकता है। यह संदेह इसलिए भी है क्योंकि प्रदर्शन इजरायल के खिलाफ था और इसकी फिलिस्तीन के लोगों के लिए समर्थन था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि धमाके चलते अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग वहां डटे रहे और डेथ टू इजरायल एवं डेथ टू अमेरिका जैसे नारे लगाते रहे। इस बीच ईरान भी ऐक्शन में ही दिख रहा है। उसने खाड़ी और अरब के देशों पर भी आज हमले किए हैं। दर्जनों ड्रोन्स से तो सऊदी अरब को ही निशाना बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा दुबई को ईरान ने फिर से टारगेट किया है। गौरतलब है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि हम अमेरिका से बदला लेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ही कहा था कि अब ईरान से जंग खत्म होने की ओर है। लेकिन ईरान ने ही इस बात को खारिज किया था। उसका कहना है कि भले ही जंग को अमेरिका ने शुरू किया है, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे। वहीं ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि हमने ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान की नेवी खत्म हो गई है। एयर फोर्स बची नहीं हैं। मिसाइल, बम और ड्रोन्स आदि हमने तबाह कर दिए हैं।

सहायक उपकरण योजना से जीवन में आ रही सहजता

रायपुर प्रदेश में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुगम और सम्मानजनक बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत मोहला जिले के ग्राम सोमटोला निवासी 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक एवं मांझी समाज प्रमुख  महाजन अठभैया को श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह और कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। श्रवण यंत्र और वॉकिंग स्टिक प्राप्त कर  महाजन अठभैया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन के प्रति आभार जताया।  शासन की योजनाओं का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहायता और सुविधाएं पहुंचाना है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस प्रकार की योजनाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो उनके जीवन को अधिक सरल और सम्मानजनक बनाती हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत इस वर्ष प्रदेश में अब तक 1 हजार से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग प्रदान कर लाभान्वित किया गया है। इनमें श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, व्हीलचेयर और वॉकिंग स्टिक सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। राज्य शासन का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी पात्र दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, ताकि वे अपने दैनिक जीवन को अधिक सहजता और आत्मसम्मान के साथ जी सकें। इसके लिए प्रशासन द्वारा लगातार शिविरों और कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। यह पहल जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद और संबल का संचार कर रही है।  

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में भू-जल संरक्षण कार्यों का किया अध्ययन प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल एवं मृदा संरक्षण के क्षेत्र में वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनते जा रहे हैं। इन्हीं कार्यों के अध्ययन के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से भारतीय वन सेवा (IFS) वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारी अध्ययन दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। यह दल 8 से 15 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर वन विभाग द्वारा किए गए भू-जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यों का अध्ययन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के पहले चरण में 9 मार्च को दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पार नाला का भ्रमण कराया गया। यहां अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार तकनीकी उपायों के माध्यम से मिट्टी के कटाव को रोका गया और जल स्तर बढ़ाने में सफलता मिली। इस दौरान अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना और मुख्य वन संरक्षक मणिवासगन एस. सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को क्षेत्रीय कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। धमतरी वनमंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्ण ने बताया कि पम्पार नाला क्षेत्र में ब्रशवुड चेकडेम, लूज बोल्डर संरचना और गेबियन संरचना बनाए गए हैं, जिनसे मिट्टी का कटाव कम हुआ है। साथ ही ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पानी और वन्यजीवों को सालभर जल उपलब्ध होने लगा है। प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें आठ समूहों में विभाजित किया गया है, जिनका मार्गदर्शन राज्य के विभिन्न जिलों से आए अनुभवी डीएफओ कर रहे हैं। अध्ययन दौरे के दौरान दल कुसुमपानी, कांसा और साजापानी नालों का भी भ्रमण करेगा तथा वनधन विकास केंद्र, दुगली में वन प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करेगा। यह अध्ययन दौरा इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और मृदा संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास देश के लिए एक मॉडल बनते जा रहे हैं।

टिकट काउंटर पर बवाल: जालंधर स्टेशन पर महिला क्लर्क और यात्रियों में तीखी बहस, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

जालंधर जालंधर रेलवे स्टेशन से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। दरअसल, कैंट रेलवे स्टेशन पर के टिकट काउंटर पर खुले पैसे को लेकर यात्री और महिला टिकट क्लर्क के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, एक यात्री टिकट लेने के लिए काउंटर पर पहुंचा और उसने 200 रुपये का नोट दिया। महिला क्लर्क ने उससे खुले पैसे लाने को कहा। यात्री का कहना था कि उसके पास केवल 200 रुपये ही हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला क्लर्क यात्री से कह रही है कि यदि वह खुले पैसे नहीं देगा तो टिकट नहीं दिया जाएगा। बहस बढ़ने पर क्लर्क ने यात्री के पैसे वापस करते हुए टिकट देने से मना कर दिया। महिला का कहना था कि उसके पास 40-50 रुपए छुट्टे पैसे हैं और यदि वह एक यात्री को दे देगी तो बाकी यात्रियों को वापस देने में परेशानी होगी। इसी दौरान यात्री ने काउंटर के अंदर मौजूद पैसे की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां पैसे रखे हुए हैं, फिर भी टिकट नहीं दिया जा रहा। उसने यह भी आरोप लगाया कि न तो ऑनलाइन भुगतान लिया जा रहा है और न ही छुट्टे पैसे दिए जा रहे हैं। वीडियो में महिला क्लर्क यात्री को यह भी चेतावनी देती सुनाई देती है कि यदि वह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालेगा तो वह रेलवे पुलिस (RPF) को बुला लेगी। मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सामने आने के बाद एडवोकेट कल्पना श्रीवास्तव नाम की यूजर ने इस वीडियो को रेलवे के फिरोजपुर डिवीजन को टैग कर शिकायत दर्ज कराई। इस पर फिरोजपुर डिवीजन के डीआरएम कार्यालय ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए यूजर से संपर्क नंबर मांगा ताकि औपचारिक शिकायत दर्ज की जा सके।   डीआरएम के आधिकारिक हैंडल से यह भी कहा गया कि किसी भी रेलवे कर्मचारी को यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करने की अनुमति नहीं है। मामले की जांच की जा रही है और यदि कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग भी अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

14 मार्च को बिलासपुर से “गौधाम योजना” का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रदेश के जिलों में 29 गौधाम का होगा उद्घाटन   रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण तथा उनके समुचित व्यवस्थापन के लिए “गौधाम योजना” की शुरुआत की जा रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। योजना के अंतर्गत राज्य के अन्य जिलों में भी 29 गौधामों का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे। उल्लखेनीय है कि गौधाम योजना के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अनुसार पूरे राज्य में कुल 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत वर्तमान में शासन द्वारा 36 गौधामों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में हो चुका है। इन गौधामों का औपचारिक शुभारंभ 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।इस अवसर पर 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा। गौधाम योजना  का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। योजना के तहत उन शासकीय स्थलों का पंजीयन किया जाएगा जहां पहले से पशुधन संरक्षण के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध है। इन स्थलों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से किया जाएगा। गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा। गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

एण्डटीवी के शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में ग्लैमरस देसी लुक्स से दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं प्रियंवदा कांत

मुंबई,  एण्डटीवी के सुपरनैचुरल हॉरर-कॉमेडी शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में लतिका की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री प्रियंवदा कांत इन दिनों अपने आकर्षक देसी अंदाज़ से दर्शकों का खूब ध्यान खींच रही हैं। शो की मौजूदा कहानी जैसे-जैसे और रोमांचक होती जा रही है, वैसे-वैसे लतिका अलग-अलग ग्लैमरस पारंपरिक लुक्स में नजर आ रही हैं, जो उनके किरदार की रहस्यमयी और शालीन छवि को खूबसूरती से उभारते हैं। अपने ऑन-स्क्रीन स्टाइल के बारे में बात करते हुए, प्रियंवदा कांत ने कहा, “मौजूदा ट्रैक में मेरा किरदार कई खूबसूरत देसी परिधानों में नजर आ रहा है, खासकर रंग-बिरंगे घाघरा-चोली में, जो लतिका के ग्लैमरस अंदाज़ को और निखारते हैं। हर कॉस्ट्यूम बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया है, जिनमें गहरे रंग, बारीक कढ़ाई और लहराते हुए सिल्हूट हैं, जो स्क्रीन पर बेहद शानदार दिखते हैं और दृश्यों में अलग तरह का विजुअल ड्रामा जोड़ते हैं। घाघरे अक्सर लेयर्ड और घेरदार होते हैं, जिससे जब मैं चलती या किसी सीन में मूव करती हूँ, तो उनका प्रभाव और भी आकर्षक लगता है।” प्रियंवदा कांत ने कहा, “शो की शुरुआत से ही लतिका ज्यादातर एक ही लाल दुल्हन वाले परिधान में नजर आती थी, जो एक भूतनी दुल्हन के रूप में उसके किरदार की पहचान बन गया था। वह लुक अपने आप में बहुत खास है, लेकिन लंबे समय तक वही लाल ड्रेस पहनने के बाद अब अलग-अलग कॉस्ट्यूम्स के साथ प्रयोग करना ताज़गी भरा और रोमांचक लग रहा है। चूँकि, लतिका एक भूत है, लेकिन साथ ही बहुत अभिव्यक्तिपूर्ण और स्टाइलिश किरदार भी है, इसलिए उसके कॉस्ट्यूम्स उसके व्यक्तित्व में खूबसूरती, शालीनता और रहस्य का अनोखा मेल बनाते हैं। यही वजह है कि वह स्क्रीन पर आकर्षक होने के साथ-साथ थोड़ी अलौकिक भी नजर आती है।” प्रियंवदा कांत ने अपने लुक के अन्य पहलुओं के बारे में बताते हुए कहा, “ज्वेलरी भी इस पूरे लुक का अहम् हिस्सा है। मैं झुमके, लेयर्ड नेकलेस, चूड़ियाँ और कभी-कभी माँग टीका जैसे पारंपरिक आभूषण पहनती हूँ, जो पूरे लुक को पूरा करते हैं। हमारी स्टाइलिंग टीम ने हर लुक को भव्य और आकर्षक बनाने में शानदार काम किया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि वह शो की सुपरनैचुरल थीम के अनुरूप ही लगे। मेकअप में आमतौर पर गहरे काजल वाली आँखें, सुस्पष्ट भौंहें और गहरे रंग की लिपस्टिक शामिल होती है, जो लतिका को थोड़ा रहस्यमयी लेकिन बेहद खूबसूरत रूप देती है। इसके अलावा किरदार के लिए मैं लंबा विग भी पहनती हूँ, जो कई दृश्यों में लुक में और नाटकीयता जोड़ देता है।” शो ‘घरवाली पेड़वाली’ में हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:00 बजे और 10:00 बजे, सिर्फ एण्डटीवी पर। सभी एपिसोड्स कभी-भी हिंदी ज़ी5 पर स्ट्रीम किए जा सकते हैं।  

उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में उत्कृष्ट योगदान पर राज्य स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा

भोपाल राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति की बैठक में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों तथा विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण पुरस्कारों के लिए किया गया है। वर्ष 2025 के लिए यह चयन उपभोक्ता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के आधार पर किया गया है। संस्थागत श्रेणी में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन, कटनी को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 1,11,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी श्रेणी में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति, ग्वालियर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उपभोक्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर, जिला उज्जैन की कक्षा 11वीं की छात्रा अश्विता पोरवाल को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 19 नया बसेरा, जिला इंदौर की कक्षा 4वीं की छात्रा रानी चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा खुशबु रेवकर को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में चित्र प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सराहा गया। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 10वीं की छात्रा शुभी सेन को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा तपस्या कुशवाहा को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बदनावर, जिला धार की कक्षा 11वीं की छात्रा पलक सिसोदिया को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित संस्थाओं और विद्यार्थियों को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर 15 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अकासा एयर के बीच रणनीतिक साझेदारी पर मुहर

नोएडा उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और देश की तेजी से उभरती एयरलाइन आकासा एयर के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी हुई है। इसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर की पहली मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक एमआरओ केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा। इससे भारत के एविएशन सेक्टर को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के चलते उत्तर प्रदेश में वैश्विक कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में विकसित हो रही यह एमआरओ सुविधा प्रदेश को एविएशन, लॉजिस्टिक्स और हाईटेक इंडस्ट्री के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परिचालन लागत और समय में आएगी कमी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आकासा एयर के बीच यह साझेदारी न केवल देश में विमान रखरखाव की क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को एविएशन मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी। इस एमआरओ सुविधा के विकसित होने से विमान कंपनियों को देश के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली मेंटेनेंस सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे परिचालन लागत और समय में कमी आएगी। रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा इस अत्याधुनिक एमआरओ सुविधा के स्थापित होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय युवाओं को एविएशन टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस से जुड़े कौशल प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। यूपी को एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम यह पहल भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख एमआरओ हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे भारत की विमानन सेवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता मजबूत होगी। विश्वस्तरीय एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि अकासा एयर का अपना पहला एमआरओ केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थापित करने का निर्णय इस एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एविएशन हब बनाने के विजन की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत की एमआरओ क्षमताओं को मजबूत करेगी और क्षेत्र में रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर पैदा करेगी।  अकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार को देखते हुए मजबूत घरेलू एमआरओ क्षमताओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह साझेदारी अकासा एयर के दीर्घकालिक विकास की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे भारत के विमानन क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सिर्फ धूप से बनेगा खाना! जानिए सोलर चूल्हे की कीमत और जबरदस्त खूबियां

नई दिल्ली LPG गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हे भी कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से आउट ऑफ स्टॉक जा चुके हैं। ऐसे में कोई आपसे कहे कि खाना पकाने के लिए ना तो LPG गैस की जरूरत है और ना ही बिजली की तो क्या आप विश्वास करेंगे? दरअसल हम बात कर रहे हैं धूप वाले चूल्हे यानी कि सोलर कुकर की। दरअसल यह एक ऐसा गैजेट या कहें कि चूल्हा है जो गैस की किल्लत और बिजली के भारी बिल से आपको हमेशा के लिए आजादी दिला सकता है। इसका इस्तेमाल उन इलाकों में बखूबी किया जा सकता है, जहां गर्मी अच्छी पड़ती है। कैसे काम करता है धूप वाला चूल्हा? सोलर कुकर विज्ञान और टेक्नोलॉजी का जबरदस्त मिक्सचर है। इस चूल्हे में चमकदार शीशा या रिफ्लेक्टर लगा होता है, जो कि सूरज की रौशनी को एक बिंदू पर फोकस करता है। यह अच्छी तरह से गर्म हो, इसके लिए चूल्हे के अंदर का हिस्सा पूरी तरह काला होता है। इसके ऊपर लगा कांच का ढक्कन 'ग्रीन हाउस इफेक्ट' पैदा करता है, यानी यह धूप की गर्मी को अंदर ही कैद कर लेता है और बाहर नहीं जाने देता। धूप वाले चूल्हे का तापमान 150°C से भी ज्यादा हो सकता है, जो दाल, चावल और सब्जियां पकाने के लिए काफी है। इसमें खाना धीमी आंच पर पकता है, जिससे उसके पोषक तत्व भी बने रहते हैं। धूप वाले चूल्हे की कीमत और कहां से खरीदें? अगर आप धूप वाला चूल्हा खरीदने का मन बना रहे हैं लेकिन जानना चाहते हैं कि इसकी कीमत क्या होती है और इसे कहां से खरीदा जा सकता है, तो बता दें कि बाजार में इसके दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला सोलर कुकर एक बॉक्स के प्रकार का होता है, जो छोटे परिवार के लिए बेस्ट है और इसकी कीमत 2,500 से 4,500 रुपये के बीच होती है। दूसरी तरह के सोलर कुकर को पैराबोलिक कुकर कहते हैं. जो काफी ज्यादा और तेजी से गर्म होता है और 5,000 से 8,000 रुपये में खरीदा जा सकता है। आप इसे Amazon या Flipkart जैसी साइट्स से ऑनलाइन मंगा सकते हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार की अक्षय ऊर्जा योजनाओं के तहत सरकारी केंद्रों से सब्सिडी पर इसे काफी कम कीमत में भी खरीदा जा सकता है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी जिला अक्षय ऊर्जा कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। सोलर चूल्हे की खूबियां सोलर चूल्हे की तकनीक न केवल बचत के लिहाज से बेहतरीन है, बल्कि यह आपकी सेहत और सुरक्षा के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।     इसे इस्तेमाल करने में ना गैस सिलेंडर पर खर्च करना पड़ता है और न ही बिजली के बिल की चिंता करनी पड़ती है। इसे एक बार खरीदने के लिए खर्चा करना पड़ सकता है लेकिन उसके बाद खाना बनाने का खर्चा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।     ​सोलर कुकर में खाना धीरे-धीरे पकता है, इससे खाने के जरूरी विटामिन और मिनरल्स नष्ट नहीं होते।     सोलर चूल्हे में न आग लगने का डर है, न गैस लीक होने की टेंशन और न ही बिजली के झटके का खतरा। इसे बच्चे या बुजुर्ग भी बिना किसी जोखिम के इस्तेमाल कर सकते हैं।     धूप वाले चूल्हे की बनावट बहुत सरल होती है। इसमें किसी तरह का एडवांस पुर्जा नहीं लगा होता है। ऐसे में यह सालों-साल बिना किसी खराबी के चलता है। आपको ज्यादा से ज्यादा से बस इसके शीशे और अंदरूनी हिस्सों को साफ रखना होता है। जानें कैसे इस्तेमाल होता है धूप वाला चूल्हा सोलर चूल्हे को इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसे ऐसी जगह रखकर इस्तेमाल करना चाहिए, जहां कम से कम 3 से 4 घंटे की सीधी और तेज धूप आती हो जैसे कि आपकी छत या बालकनी। खाना पकाने के लिए हमेशा काले रंग के बर्तनों का इस्तेमाल करें, क्योंकि काला रंग गर्मी को सबसे तेजी से खींचता है। सोलर चूल्हा गैस वाले चूल्हे के मुकाबले थोड़ा धीमा होता है, इसलिए सुबह 10-11 बजे बर्तन धूप में रखने पर दोपहर तक खाना अपने आप तैयार हो जाता है।