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उपवास में स्वास्थ्य का रखें ख्याल: नवरात्र में BP और शुगर कंट्रोल करने के टिप्स

नवरात्र केवल आस्था और आध्यात्मिक साधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह शरीर को हल्का और शुद्ध करने का भी अवसर होता है। बहुत से लोग पूरे नवरात्र व्रत रखते हैं, लेकिन अक्सर व्रत के दौरान तली-भुनी चीजें या मिठाई वाली या फिर अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट ले लेते हैं। इससे हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अगर व्रत के दौरान हमारा आहार संतुलित रहे तो यह बहुत लाभकारी होता है। व्रत में पोषण का महत्व मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली में सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट व चीफ डायबिटीज एजुकेटर में डॉ. शुभदा भनोत बताती हैं कि उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिंस और खनिजों की आवश्यकता बनी रहती है। व्रत के दौरान अगर आप केवल आलू, साबूदाना या तली हुई चीजों पर निर्भर रहेंगे, तो ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) तेजी से बढ़ और घट सकता है, जिससे कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए व्रत के आहार में संतुलन रखना जरूरी है। व्रत में क्या खाएं प्रोटीन युक्त आहार शामिल करें व्रत के दौरान अक्सर प्रोटीन की कमी हो जाती है। इसकी पूर्ति के लिए पनीर, दही, दूध, मूंगफली, कुट्टू, राजगीरा और मखाने अच्छे विकल्प हैं। ये लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और ऊर्जा का स्तर भी बनाए रखते हैं। सेहत के लिए आपकी कुंडली क्या कहती है — जानें बिल्कुल मुफ्त फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं मौसमी फलों और सब्जियों के साथ ही सेब, पपीता, अमरूद, नारियल पानी, खीरा और टमाटर आदि शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और आवश्यक विटामिंस और मिनरल्स प्रदान करते हैं। स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट चुनें साबूदाना या आलू के अलावा कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और राजगीरा बेहतर विकल्प हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है। इनसे शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती रहती है। स्वस्थ वसा का सेवन भीगे हुए बादाम, अखरोट, कद्दू और सूरजमुखी के बीज ऊर्जा और अच्छे फैट प्रदान करते हैं। ये हार्मोन संतुलन और हृदय के लिए भी लाभकारी हैं। पर्याप्त पानी पिएं व्रत के दौरान पानी, छाछ, दही और नींबू पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है साथ ही थकान से भी बचाता है। व्रत में किन चीजों से बचें      अत्यधिक तले हुए पकवान जैसे साबूदाना वड़ा, व्रत वाली पकौड़ी आदि     अधिक मिठाई या मीठे पेय     सेंधा नमक का अधिक सेवन     लंबे समय तक भूखे रहना और फिर बहुत अधिक खाना डायबिटीज वाले बरतें सावधानी जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें व्रत रखते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। व्रत रखने से पहले अपने डाक्टर की सलाह से इंसुलिन/टैबलेट के डोज के बारे में बदलाव की जानकारी लें। लंबे समय तक एकदम खाली पेट न रहें। हर दो-तीन घंटे में थोड़ी मात्रा में फल, मखाना, भुने हुए नट्स, दही, छाछ या समा के चावल/राजगिरा जैसी हल्की चीजें लेते रहें। बहुत मीठे फल (अधिक पके केले, चीकू, अंगूर आदि) और अधिक शक्कर, गुड़ या तले हुए साबूदाने से बचें। इनकी जगह पपीता, सेब, अमरूद, नारियल पानी जैसे विकल्प लें। खाने की प्लेट में हमेशा फाइबर और प्रोटीन का संयोजन रखें, जैसे समा के चावल की थोड़ी मात्रा में रायता, सलाद लें, ताकि ब्लड शुगर बढ़े नहीं। दिन में तीन-चार बार ब्लड शुगर मानिटर करें। खासकर चक्कर आना, अधिक पसीना, घबराहट, धड़कन तेज होना या अधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत कुछ खा लें और शीघ्र ही डाक्टर से संपर्क करें। अगर ब्लड प्रेशर हाइ रहता है अगर आपका ब्लड प्रेशर हाइ रहता है तो सेंधा नमक का सीमित मात्रा में सेवन करें। व्रत में अनजाने में ही शरीर में नमक अधिक मात्रा में पहुंच जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नमक की मात्रा का ध्यान रखते हुए तले हुए खाद्य पदार्थ भी कम लें। व्रत करने से पहले ब्लड प्रेशर की नियमित दवाएं कैसे लेनी हैं, यह अपने चिकित्सक से स्पष्ट कर लें, दवा बिना पूछे न छोड़ें। बहुत तला हुआ, ज्यादा घी-तेल वाला और पैकेज्ड नमकीन (उपवास चिप्स, फराली मिक्स आदि) कम से कम खाएं, उबली, ग्रिल्ड या हल्की तली हुई चीजें बेहतर हैं। पानी, नारियल पानी, छाछ, नींबू-पानी (कम नमक/शक्कर के साथ) जैसे तरल पर्याप्त मात्रा में लें ताकि डिहाइड्रेशन के कारण बीपी अचानक न गिरे या बढ़े। दिन में कम से कम दो बार बीपी जांचें, सिरदर्द, चक्कर, सांस फूलना, सीने में दर्द, टांगों में सूजन या बहुत थकान हो तो तुरंत आराम करें और मेडिकल मदद लें। देर रात भारी भोजन न करें; रात में हल्का, प्रोटीन और फाइबर युक्त खाना लें ताकि नींद अच्छी रहे और शुगर-बीपी संतुलित रहे। हल्की वाक, प्राणायाम, ध्यान जैसे शारीरिक गतिविधियां बहुत फायदेमंद होती हैं। भारी कसरत या धूप में अधिक देर तक खाली पेट न रहें।  

चिड़चिड़ापन और थकान से छुटकारा: गर्मियों में अच्छी नींद के लिए अपनाएँ ये एक्सपर्ट टिप्स

मौसम में बदलाव का असर नींद पर पड़ता है। ऐसा देखा गया है कि गर्मी में लोग सर्दी के मुकाबले कम सोते हैं और इसका सीधा असर उनकी दिनचर्या पर होता है। आखिर क्यों गर्मी में नींद कम होती है और कैसे पाएं सुकून की नींद, बता रहे हैं एक्सपर्ट… गर्मी में स्लीप साइकल में परिवर्तन और तापमान बढ़ने के कारण नींद कम आती है। लंबे समय तक रोशनी रहने से नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन में बाधा आती है, जिससे सोने और उठने का शरीर का प्राकृतिक चक्र प्रभावित होता है। स्वास्थ्य के लिए सात से आठ घंटे की नींद जरूरी है। ऐसे में नींद पूरी न होने पर कई लोगों को मानसिक तनाव, थकान व चिड़चिड़ेपन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्मी में होती है कम नींद गर्मी में नींद कम होना किसी बीमारी का संकेत नहीं है। दरअसल, गर्मी में दिन लंबे और रात छोटी होती हैं और अंधेरा होने के बाद ही मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन शुरू होता है। चूंकि अंधेरा देर से होता है, इसलिए रात हार्मोन कम बनने से नींद कम हो जाती है। सेहत के लिए आपकी कुंडली क्या कहती है — जानें बिल्कुल मुफ्त क्या कहती है स्टडी? बर्लिन में सेंट हेडविग हास्पिटल में नींद पर हुई स्टडी बताती है कि नींद का पैटर्न सकैंडियन रिदम (जैविक घड़ी) के हिसाब से बदलता है। जो शरीर में 24 घंटे सूरज के हिसाब से चलती है। कैसे पाएं गुणवत्ता वाली नींद?     प्राकृतिक धूप लें और शारीरिक गतिविधियां करें।     सही समय पर सोने-जागने का अभ्यास करें।     सोते समय कमरा ठंडा और शांत हो। कमरे में अंधेरा हो।     सोने जाने से पहले चाय- कॉफी न पिएं।     बिस्तर पर जाने से एक घंटे पहले मोबाइल से दूरी बना लें।     सोने से पहले नहा लें और आराम के लिए सूती कपड़े पहनें।     जब सोने का वक्त हो तभी बिस्तर पर जाएं, उससे पहले नहीं।     रात में ज्यादा भारी खाना खाकर सोने से परहेज करें। बदलता मौसम बिगाड़ रहा है आपकी 'बायोलॉजिकल क्लॉक' यह सच है कि मौसम में बदलाव और सूर्योदय सूर्यास्त के समय में परिवर्तन नींद पर असर जरूर डालते हैं, क्योंकि मानव शरीर की जैविक घड़ी सूरज के हिसाब से थोड़ा आगे-पीछे हो सकती है। इसलिए गर्मी में लोग देर से सोने के बावजूद जल्दी उठ जाते हैं और नींद पूरी नहीं हो पाती है। इसलिए बहुत जरूरी है कि रात की अच्छी नींद के लिए दिन मैं अपनी गतिविधियों पर ध्यान रखें। अगर आपकी दिनचर्या सही रहेगी तो रात की नींद भी पर्याप्त होगी। दरअसल, मानसिक स्वास्थ्य के बहुत जरूरी है। लाइफस्टाइल बनी नींद की दुश्मन आजकल लोगों की बदलती लाइफस्टाइल भी नींद की दुश्मन बन गई है। कई लोग ऐसे हैं, जो देर रात तक आफिस का काम करते हैं, लेकिन सुबह उन्हें जल्दी उठना पड़ता है। ऐसे में नींद पूरी नहीं होती और पूरे दिन थकान लगती है। कई लोग ऐसे हैं, जो देर रात तक मोबाइल देखते हैं, लेकिन सुबह काम की वजह से जल्दी उठना होता है। ऐसे लोगों की नींद भी पूरी नहीं होती और फिर मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।  

पाकिस्तानी बैटर के समर्थन में डिविलियर्स-स्टेन, सलमान आगा के विवादित रन आउट पर मचा बवाल

इस्लामाबाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने क्रिकेट जगत में खेल भावना पर एक नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, पाकिस्तान की पारी के 38वें ओवर में सलमान आगा का एक ऐसा रन आउट देखने को मिला, जब वे गेंदबाज के सहयोग के लिए गेंद दे रहे थे, लेकिन गेंदबाज ने इसका फायदा उठाते हुए उन्हें रन आउट कर दिया। अब इस पर दक्षिण अफ्रीका के दो दिग्गज क्रिकेटरों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दक्षिण अफ्रीका के महान बैटर एबी डिविलियर्स और दिग्गज गेंदबाज डेल स्टेन ने सलमान अली आगा के रनआउट वाली घटना को हास्यास्यद, निराशाजनक और खेल भावना के विपरीत बताया है। एबी डिविलियर्स ने बताया यह गलत है एबी डिविलियर्स ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए इसे बुनियादी खेल भावना के विपरीत बताया है। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा, "यह बुनियादी खेल भावना है। वह बल्लेबाज रन नहीं ले रहा था, वह केवल गेंद उठाकर गेंदबाज को देना चाहता था और सॉरी कहना चाह रहा था, लेकिन गेंदबाज ने उसे आउट कर दिया। यह गलत है।" स्टेन ने कहा यह निराशाजनक है डेल स्टेन ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार किया है और बांग्लादेशी खिलाड़ियों की जमकर आलोचना की है। उ्होंने इसे निराशानजक बताया है और साथ ही साथ हास्यास्पद भी कहा है। स्टेन ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार बल्लेबाज को अपना बल्ला क्रीज में रखना चाहिए, लेकिन यहां बल्लेबाज की मंशा साफ थी। स्टेन ने कहा, "यह बहुत निराशाजनक है। जब एक बल्लेबाज रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा है और सिर्फ आपकी मदद करने के लिए गेंद उठा रहा है, तब आप उसे आउट कर देते हैं? यह हास्यास्पद है, ऐसा करना बंद करें।" स्टेन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नियमों की आड़ में खेल भावना की हत्या करने जैसी हैं। डिविलियर्स ने दिया उदाहरण पूर्व दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने इस घटना की तुलना करते हुए उदाहरण दिया कि क्या कोई गेंदबाज किसी बल्लेबाज को धक्का देकर या गिराकर उसे आउट करने का प्रयास करेगा। मेरी समझ में बिल्कुल नहीं। डिविलियर्स ने कहा कि सलमान आगा केवल मदद कर रहे थे और गेंदबाज मेहदी हसन मिराज ने इसका फायदा उठा लिया जो सरासर गलत है। उन्होंने इसे बुनियादी खेल भावना का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने माना है कि गेंदबाज का इसका फायदा नहीं उठाना चाहिए था। 13 मार्च को दूसरे वनडे में हुई थी यह घटना बता दें कि यह घटना पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच तीन मैचों की वनडे शृंखला के दूसरे मैच में ढाका के शेरे बांग्ला स्टेडियम में पाकिस्तान की पारी के 38वें ओवर की चौथी गेंद के बाद हुई जब मेहदी हसन मिराज ने सलमान अली आगा को रन आउट कर दिया। यह मैच 13 मार्च को खेला गया था और इसे पाकिस्तान ने 128 रनों के बड़े अंतर से डीएलएस मैथड से जीत लिया था।

गोल्डन टेंपल में गुरु हरराय साहिब का गुरता गद्दी दिवस मनाया, SGPC ने श्रद्धा से किया पौधारोपण और श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले

अमृतसर सिखों के सातवें गुरु श्री गुरु हरिराय साहिब जी का गुरता गद्दी दिवस आज सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए, जहां बड़ी संख्या में संगत ने हाजिरी भरी। भोग के उपरांत सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के हजूरी रागी ज्ञानी बलविंदर सिंह के जत्थे द्वारा इलाही बाणी का कीर्तन किया गया, जिससे संगत निहाल हो गई। अरदास की सेवा भाई बलजीत सिंह ने निभाई, जबकि श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी बलजीत सिंह ने पवित्र मुखवाक लिया। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ गुरु साहिब जी के जीवन और उपदेशों पर विचार साझा करते हुए सभी को गुरता गद्दी दिवस की बधाई दी। भोग के समय गोल्डन टेंपल के हजूरी रागी ज्ञानी बलविंदर सिंह जी ने रसपूर्ण कीर्तन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। इसके बाद अरदास भाई बलजीत सिंह जी द्वारा की गई, जिससे सभी संगत निहाल हुई। इस अवसर पर ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह जी ने मुख्यवाक लेकर संगत को हर राय साहिब जी के जीवन, उपदेश और शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने गुरु साहिब की दया, सेवा और प्रकृति प्रेम की प्रेरक शिक्षाओं पर प्रकाश डाला और संगत को गुरता गद्दी दिवस की बधाई दी। SGPC ने गुरता गद्दी दिवस के साथ पौधे लगाए और संगत को प्रेरित किया इसी क्रम में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरता गद्दी दिवस के साथ-साथ पर्यावरण दिवस भी मनाया। SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार गोल्डन टेंपल परिसर में पौधे लगाए गए। इस अवसर पर संगत से अपील की गई कि वे गुरु साहिब की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति की सुरक्षा करें। समापन में समस्त संगत को साहिब श्री गुरु हर राय साहिब जी के गुरता गद्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गई। इस आयोजन ने न केवल श्रद्धा और भक्ति का संदेश दिया, बल्कि गुरु साहिब की शिक्षाओं के माध्यम से सेवा और प्रकृति प्रेम का संदेश भी फैलाया। इस मौके पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर सरदार भगवंत सिंह धगेड़ा ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से गुरु साहिब के गुरता गद्दी दिवस को ‘पर्यावरण दिवस’ के रूप में भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशों पर विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने संगत से अपील करते हुए कहा कि गुरु हरिराय साहिब जी का जीवन हमें प्रकृति और जीव-जंतुओं से प्रेम करने का संदेश देता है। वर्तमान समय में पर्यावरण की रक्षा अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधे लगाकर धरती को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के अधिकारियों और संगत द्वारा अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया।

रात के सन्नाटे में गूंजती घंटियां—मैहर माता मंदिर की अनसुनी कहानी

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित मैहर माता मंदिर (मां शारदा धाम) आस्था, चमत्कार और रहस्यों का अनोखा संगम माना जाता है. विंध्य पर्वतमाला की त्रिकूट पहाड़ी पर बसे इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. नवरात्रि के दौरान यहां लाखों भक्त मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस मंदिर की सबसे खास बात है रात में अपने आप बजने वाली घंटियां. जिसका रहस्य आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करता है. आइए चैत्र नवरात्रि के खास मौके पर जानते हैं इस प्राचीन मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के बारे में. रात में अपने आप बजती हैं घंटियां, क्या है रहस्य? स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी रात में घंटियों के बजने की आवाज सुनाई देती है. कहा जाता है कि इस समय कोई भी इंसान मंदिर के अंदर मौजूद नहीं होता, फिर भी घंटियां बजती रहती हैं. भक्तों का मानना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि दैवीय संकेत है. माना जाता है कि रात के समय मां शारदा स्वयं मंदिर में विराजमान रहती हैं और उनकी पूजा होती है, जिसकी वजह से घंटियां बजती हैं. आल्हा-ऊदल से जुड़ी है मान्यता मैहर माता मंदिर का संबंध वीर योद्धा आल्हा-ऊदल से भी जोड़ा जाता है. लोककथाओं के अनुसार, आल्हा आज भी अमर हैं और वे रोज़ ब्रह्म मुहूर्त में सबसे पहले मंदिर पहुंचकर मां शारदा की पूजा करते हैं. कहा जाता है कि जब सुबह मंदिर के पुजारी दरवाजे खोलते हैं, तो वहां ताजे फूल और पूजा के निशान मिलते हैं, जिससे इस रहस्य को और भी गहराई मिलती है. त्रिकूट पर्वत पर बसा पवित्र धाम यह मंदिर त्रिकूट पर्वत की ऊंचाई पर स्थित है, जहां से पूरे मैहर शहर का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है. भक्त पैदल सीढ़ियों से या रोपवे के जरिए भी मंदिर तक पहुंच सकते हैं. यहां विराजमान मां शारदा को विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती का स्वरूप माना जाता है, इसलिए छात्र-छात्राएं विशेष रूप से यहां दर्शन के लिए आते हैं. नवरात्रि में उमड़ता है आस्था का सैलाब चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान मैहर माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. भक्त मां से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं और मान्यता है कि सच्चे मन से मां को पुकारने पर हर इच्छा पूरी होती है. इसलिए मैहर माता मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि रहस्यमयी घटनाओं का केंद्र भी है. रात में बजती घंटियां, आल्हा-ऊदल की कहानी और दैवीय उपस्थिति की मान्यताएं इस मंदिर को और भी खास बनाती हैं.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुश्री समीक्षा द्विवेदी को दी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुश्री समीक्षा द्विवेदी को दी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से सुश्री समीक्षा द्विवेदी ने मंत्रालय में अपने माता-पिता के साथ सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा की बेटी सुश्री समीक्षा के यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 56वीं रैंक प्राप्त करने की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सुश्री समीक्षा द्विवेदी ने इस उल्लेखनीय सफलता से रीवा, विंध्य क्षेत्र और पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुश्री समीक्षा की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह उपल‍ब्धि दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।  

प्रदेश में अव्वल कोरिया: e-KYC में शानदार प्रदर्शन, गांवों के विकास को मिली गति

कोरिया. ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लागू की गई वीबीजी रामजी योजना के तहत कोरिया जिले ने तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही कोरिया प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसने निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल किया है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंजीकृत श्रमिक परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित ई-केवाईसी कार्य पूरा किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तर पर अभी औसत ई-केवाईसी लगभग 92 प्रतिशत है, जबकि कोरिया जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर नई मिसाल पेश की है। ‘G RAM G’ के विरोध में कांग्रेस शून्यकाल में लाई स्थगन प्रस्ताव रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाई. आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने से नाराज विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए सदन से निकले. विधानसभा शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जी राम जी की तुलना में पहले के मनरेगा को बेहतर बताते हुए स्थगन को ग्राह्य कर चर्चा कराने की मांग की. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं, ये सदन कांग्रेस का राजनीति का मंच नहीं, ये जनता का मंच है. सदन का समय कीमती है. कल ही इन्होंने बता दिया था कि इस मुद्दे पर सदन में नहीं रहेंगे. इसके साथ ही पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई. पक्ष-विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि जनता के मुद्दे पर राजनीति करनी हो तो हम करेंगे. आखिरकार सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के बीच आसंदी ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट स्थगित कर दी. 5 मिनट के बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने स्थगन सूचना पर बोलते हुए कहा कि मामला सिर्फ नीति बदलने का नहीं है, नियत का भी है. गरीबों से जुड़ा हुआ मामला है. इस पर स्थगन प्रस्ताव ग्राह्य कर चर्चा होनी चाहिए. कवासी लखमा और विपक्ष के अन्य कई सदस्यों ने कहा कि गरीबों से जुड़ा मामला है, इस पर चर्चा होनी चाहिए. लेकिन आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया.

किन लोगों पर भरोसा करना है खतरनाक? नित्यानंद चरण दास ने बताए 6 संकेत

जीवन में सही लोगों की संगति आपको आगे बढ़ाती है, जबकि गलत संगति भीतर से कमजोर कर देती है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि किन 6 तरह के लोगों से दूरी बनाकर रखना ही आत्मरक्षा है। जीवन हो या अध्यात्म- संगति का प्रभाव सबसे गहरा होता है। जिन लोगों के साथ हम रोज उठते-बैठते हैं, उनकी सोच, आदतें और ऊर्जा धीरे-धीरे हमारी अपनी बन जाती हैं। अगर आपकी संगति आपको प्रेरित करने के बजाय थका रही है, आत्मविश्वास कम कर रही है या मानसिक शांति छीन रही है, तो यह एक बड़ी चेतावनी हो सकती है। प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता और इस्कॉन साउथ मुंबई के संयोजक Nityanand Charan Das कहते हैं कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ सही रास्ता नहीं, बल्कि सही लोग भी जरूरी होते हैं। उनके अनुसार, कुछ लोगों से दूरी बनाना नकारात्मकता नहीं, बल्कि स्वयं की रक्षा करना है। उनके अनुसार, इन 6 तरह के लोगों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए- जो दूसरों की चुगली करता है जो व्यक्ति आपकी मौजूदगी में किसी तीसरे की बुराई करता है, वह भरोसे के काबिल नहीं होता। चुगली करने वाला इंसान रिश्तों को सच नहीं, मसाले से चलाता है। ऐसे लोग ना तो सच्चे दोस्त होते हैं और ना ही वफादार साथी। आज आप उनके सामने हैं, इसलिए आप सुरक्षित हैं- लेकिन जैसे ही आप पीछे मुड़ेंगे, वही बातें आपके बारे में कही जाएंगी। यह आदत व्यक्ति की सोच और नैतिकता को दर्शाती है। जो जरूरत से ज्यादा मीठा बोलता है अत्यधिक तारीफ, बनावटी अपनापन और हर बात में “आप ही सबसे अच्छे हैं” कहना अक्सर किसी स्वार्थ का संकेत होता है। सच्चे रिश्तों में ईमानदारी होती है, चापलूसी नहीं। ऐसे लोग तब तक मीठे रहते हैं, जब तक उन्हें आपसे कुछ चाहिए। काम निकलते ही उनका व्यवहार बदल जाता है। जो कभी अपनी गलती नहीं मानता जो इंसान हर परिस्थिति में खुद को सही साबित करता है और दोष हमेशा दूसरों पर डालता है, वह रिश्तों में जिम्मेदारी नहीं निभा सकता। ऐसे लोगों के साथ विवाद कभी सुलझते नहीं, क्योंकि वे आत्ममंथन करना ही नहीं जानते। जहां गलती मानने की क्षमता नहीं, वहां सुधार और भरोसे की भी कोई जगह नहीं। जो ताकतवर लोगों के सामने व्यवहार बदल ले जो व्यक्ति पद, पैसे या पावर देखकर झुक जाता है और आम लोगों को नजरंदाज करता है, वह स्थिर चरित्र वाला नहीं होता। ऐसे लोग रिश्तों को इंसान से नहीं, फायदे से जोड़कर देखते हैं। आज आप उपयोगी हैं, इसलिए आप महत्वपूर्ण हैं- कल कोई और ज्यादा प्रभावशाली मिला, तो आप पीछे छूट जाएंगे। जो किसी के दर्द पर हंसता है जिस इंसान में करुणा और संवेदना नहीं होती, वह कभी सच्चा सहारा नहीं बन सकता। किसी के दुख में मजाक उड़ाना या उसे कमजोरी समझना दर्शाता है कि उस व्यक्ति में समानुभूति (empathy) की कमी है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, जहां एक बार संवेदना नहीं दिखी, वहां आगे भी उम्मीद रखना व्यर्थ है। जो राज नहीं रख सकता जो व्यक्ति दूसरों की निजी बातें, रहस्य या विश्वास को हल्के में लेता है, वह भरोसे के लायक नहीं होता। अगर कोई किसी तीसरे का राज आपके साथ शेयर कर रहा है, तो याद रखें- आपका नंबर भी आएगा। विश्वास एक बार टूटा तो रिश्ते हमेशा के लिए कमजोर हो जाते हैं।  

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजेगी राम नगरी, एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 20 सांस्कृतिक मंच सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राम नगरी में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग -राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव, रामायण आधारित कार्यक्रमों से होगा अभिनंदन अयोध्या राम नगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन, संस्कृति विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पूरे शहर को भव्य और सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति का पारंपरिक और गरिमामय स्वागत किया जा सके। एयरपोर्ट से राम मंदिर तक होगा भव्य स्वागत सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग के प्रयास से एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक भव्य स्वागत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे, जहां लगभग ढाई सौ कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 250 कलाकार देंगे रामायण आधारित प्रस्तुतियां उन्होंने बताया कि इन मंचों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों में स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और राम भक्ति से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम शामिल होंगे। राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रोड के दोनों ओर इन मंचों को स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरा रास्ता भक्ति और संस्कृति की ध्वनि से गूंज उठेगा। अयोध्या की परंपरागत संस्कृति की झलक अयोध्या की परंपरागत संस्कृति को दर्शाने के लिए रामलीला अंश प्रस्तुति, अवधी लोकनृत्य, झांकी, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन संकीर्तन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक, वैदिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई जाएगी। शहर के प्रमुख स्थानों पर सजेंगे मंच प्रमुख स्थानों पर मंच लगाए जाएंगे, जिनमें एयरपोर्ट रोड, नाका, देवकाली, चूड़ामणि चौराहा, निषाद राज चौराहा, बृहस्पति कुंड के पास और राम मंदिर गेट के निकट के क्षेत्र शामिल हैं। छोटे मंचों पर लगभग 7 कलाकारों की टीम प्रस्तुति देगी, जबकि बड़े मंचों पर करीब 15 कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सभी टीमें राम भक्ति, अवधी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रपति का पारंपरिक और हृदयस्पर्शी स्वागत करना है, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को देश और विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा सके।

सदन में बवाल के बाद कार्रवाई: 8 कांग्रेस विधायक ‘नेम’, विरोध में साथियों ने छोड़ा सदन

चंडीगढ़. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हो रहा रहा है। कांग्रेस विधायक रघुवीर ने यह मामला विधानसभा में उठाया। कांग्रेस बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगा रही है। दोनों तरफ से नारेबाजी चल रही है। कांग्रेस विधायक वोट चोर गद्दी छोड के नारे लगा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर सिंह कल्याण खड़े हुए। मंत्री कृष्ण बेदी को भी नैतिकता का पाठ पढ़ाया। भाजपा विधायकों और मंत्री कृष्ण बेदी तथा गौरव गौतम ने उंगलियां दिखाकर कांग्रेस विधायकों की तरफ इशारा किया। राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस के चार वोट रद्द हुए हैं जबकि पांच क्रॉस वोटिंग हुई। रघुवीर सिंह कादियान ने कहां कि वोट खरीदने से हरियाणा की बदनामी हुई है। मंत्री गौरव गौतम और कृष्ण बेदी ने कागज पर 37 में से 9 लिखकर कांग्रेस विधायक की ओर दिखाते हुए चिढ़ाया। कांग्रेस विधायक स्पीकर आसन के सामने पहुंचे। दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी चल रही है। हंगामे के चलते सदन के कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई है। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद 15 मिनट के ब्रेक के दौरान कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह भाजपा विधायकों के बीच जाकर बैठे। इससे पहले जरनैल सिंह जब सदन में अपनी बात रख रहे थे तो भाजपा विधायक उन्हें देखकर मुस्कुराये भी थे। जरनैल सिंह पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लग रहे हैं। 15 मिनट के ब्रेक के बाद हरियाणा विधानसभा में कार्यवाही फिर हुई शुरू हो गई है। बजट प्रस्ताव पर चर्चा शुरु हो गई है। भाजपा विधायक शक्ति रानी शर्मा ने अपनी बात रखी। सदन की कार्यवाही दोपहर भोज के लिए 2:00 बजे तक स्थगित कर दी है। दोपहर भोज के बाद हरियाणा विधानसभा के कार्यवाही शुरू हो गई है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने फिर हंगामा शुरू किया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी कर रहे हैं। जवाब में भाजपा विधायकों की ओर से कागज पर कुछ लिखकर इन्हें लहराया जा रहा है। कांग्रेस विधायक 'वोट चोर डूब मरो के नारे' के नारे लगा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने दी नेम करने की चेतावनी। विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के आठ विधायकों को नेम किया। जिसके विरोध में कांग्रेस के सभी विधायक सदन छोड़कर गए। विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के विकास सहारन, जस्सी पेटवाड़, बलराम सिंह दांगी, इंदु राज, देवेंद्र हंस, शकुंतला खटक, मनदीप सिंह चटठा और बलवान सिंह दौलतपुरिया को नेम किया है।