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दिन-रात का संतुलन बदला: उज्जैन वेधशाला में वसंत संपात का अद्भुत दृश्य

उज्जैन. 21 मार्च को देशभर में ‘वसंत संपात’ के रूप में एक विशेष खगोलीय घटना देखने को मिली, जब दिन और रात लगभग बराबर, 12-12 घंटे रहे। इस दौरान सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर स्थित रहा, जिससे पृथ्वी के दोनों गोलार्द्धों पर समान रूप से प्रकाश पड़ा और यह संतुलन बना। वेधशाला में खगोलीय शंकु यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से सूर्य की स्थिति और छाया में होने वाले बदलाव को आमजन के लिए प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिससे लोगों को इस खगोलीय संतुलन को समझने का अवसर मिला। 21 मार्च को शंकु यंत्र की छाया सीधी रेखा में दिखाई दी, जो दिन-रात के बराबर होने का स्पष्ट संकेत मानी जाती है। दिन सबसे लंबे होंगे वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि खगोलीय घटना वर्ष में दो बार होती है, लेकिन मार्च का वसंत संपात उत्तरी गोलार्द्ध के लिए खास महत्व रखता है। वसंत संपात के बाद अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन लगातार बड़े होते जाएंगे और यह क्रम जून में ग्रीष्म अयनांत तक जारी रहेगा, जब दिन सबसे लंबे होंगे। वहीं दक्षिणी गोलार्द्ध में इसका उल्टा प्रभाव देखने को मिलेगा। वसंत संपात केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि मौसम परिवर्तन का भी संकेत है। इसके साथ ही वसंत ऋतु का प्रभाव बढ़ने लगता है, तापमान में वृद्धि होती है और प्राकृतिक गतिविधियों में तेजी आती है, जिसका असर कृषि और पर्यावरण पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है।  

कतर हेलीकॉप्टर क्रैश: छह लोगों की गई जान, एक की तलाश जारी

दोहा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कतर के क्षेत्रीय जल में रविवार तड़के हेलीकॉप्टर दुर्घटना हुई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। इस बात की पुष्टि कतर के आंतरिक मंत्रालय की। मंत्रालय ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। दुर्घटना के बाद बचाव और खोज अभियान तेज कर दिया गया है। आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि बचाव और खोज अभियान जारी है और अधिकारी अभी एक लापता व्यक्ति को ढूंढने में जुटे हैं। हादसे के बाद तटीय सुरक्षा और रेस्क्यू टीमों ने तेजी से काम शुरू किया, लेकिन समुद्री हालात बचाव कार्य को चुनौती दे रहे हैं। अधिकारी हर संभव संसाधन लगा कर इस मिशन को सफल बनाने की कोशिश में हैं। बता दें कि इस हादसे की जानकारी पहले कतर के रक्षा मंत्रालय ने दी थी। बचाव कार्य में लगे कई यूनिट्स कतर सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस हादसे के बाद लापता व्यक्ति की खोज और हालात का आकलन करने के लिए कई यूनिट्स को लगाया गया है। रेस्क्यू जहाज, निगरानी उपकरण और प्रशिक्षित कर्मी खोज क्षेत्र में तैनात हैं ताकि बचाव के मौके बढ़ सकें। मौसम और समुद्री हालात पर भी नजर जहां एक ओर समुद्री हालात बचाव कार्य में बाधा डार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कतर सरकार मौसम और समुद्री हालात पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि ये बचाव कार्य की सुरक्षा और गति को प्रभावित कर सकते हैं। कतर सरकार ने कहा है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर खोज और बचाव कार्य को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से जारी रखा जाएगा।  

अमेरिका में उठी आवाज: ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ को लेकर नरसंहार घोषित करने की मांग तेज

वाशिंगटन. अमेरिकी सांसद ग्रेग लैंड्समैन ने प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें मांग की गई है कि पाकिस्तानी सेना और उसके सहयोगी संगठन जमात-ए-इस्लामी द्वारा 25 मार्च 1971 को बंगाली हिंदुओं के खिलाफ किए गए अत्याचारों को 'युद्ध अपराध और नरसंहार' माना जाए। ओहायो से डेमोक्रेट सांसद लैंड्समैन ने शुक्रवार को यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे अब विदेश मामलों की समिति को भेज दिया गया है। क्या था ऑपरेशन सर्चलाइट प्रस्ताव में कहा गया है कि 25 मार्च 1971 की रात पाकिस्तान सरकार ने शेख मुजीबुर रहमान को गिरफ्तार कर लिया और उसकी सेना ने जमात-ए-इस्लामी की विचारधारा से प्रेरित उग्र इस्लामी समूहों के साथ मिलकर पूर्वी पाकिस्तान में 'ऑपरेशन सर्चलाइट' नाम से एक व्यापक दमन अभियान शुरू किया, जिसमें नागरिकों का बड़े पैमाने पर नरसंहार किया गया। इसमें यह भी कहा गया है कि 28 मार्च 1971 को ढाका में अमेरिका के महावाणिज्य दूत आर्चर ब्लड ने वाशिंगटन को ''चुनिंदा नरसंहार'' शीर्षक से एक टेलीग्राम भेजा था, जिसमें उन्होंने लिखा था, ''पाकिस्तानी सेना के समर्थन से गैर-बंगाली मुसलमान गरीब बस्तियों पर संगठित हमले कर रहे हैं और बंगालियों तथा हिंदुओं की हत्या कर रहे हैं।'' जब बांग्लादेश पाकिस्तान का ही हिस्सा था तब 1970 में पहली बार पूर्वी पाकिस्तान में चुनाव हुए। इसमें शेख मुजीबुर्रहमान की जीत हुई। याह्या खान और जुल्फिकार अली भुट्टो इसके खिलाफ थे। 25 मार्च 1971 को पाकिस्तानी फौज लोगों पर टूट पड़ी। आवामी लीग के लोगों को ढूंढ ढूंढकर मारा जाने लगा। जल्द ही यह हिंसा अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढने लगी। आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के इस ऑपरेशन सर्चलाइट में 30 लाख लोग मारे गए थे और 4 लाख महिलाओं के साथ रेप हुआ था। ब्लड टेलिग्राम लैंड्समैन ने बताया कि छह अप्रैल 1971 को आर्चर ब्लड ने अमेरिकी सरकार की चुप्पी पर आपत्ति जताते हुए एक संदेश भेजा था, जिस पर ढाका वाणिज्य दूतावास के 20 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। इसे बाद में ''ब्लड टेलीग्राम'' के नाम से जाना गया। उस टेलीग्राम में कहा गया था, ''लेकिन हमने इस आधार पर हस्तक्षेप न करने का फैसला किया है कि अवामी संघर्ष, जिसमें दुर्भाग्यवश नरसंहार शब्द लागू होता है, एक संप्रभु देश का आंतरिक मामला है।'' लैंड्समैन द्वारा लाए गए प्रस्ताव में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से आग्रह किया गया है कि वह 25 मार्च 1971 को बांग्लादेश के लोगों के खिलाफ पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा किए गए अत्याचारों की निंदा करे। प्रस्ताव में कहा गया है कि ''पाकिस्तानी सेना और उसके इस्लामी सहयोगियों ने धर्म और लिंग की परवाह किए बिना जातीय बंगालियों की हत्या की, उनके नेताओं, बुद्धिजीवियों, पेशेवरों और छात्रों को मार डाला और हजारों महिलाओं को यौन दासता के लिए मजबूर किया।'' इसमें यह भी कहा गया है कि ''उन्होंने विशेष रूप से धार्मिक अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया, जिनके खिलाफ सामूहिक हत्याएं, सामूहिक बलात्कार, जबरन धर्मांतरण और जबरन निष्कासन जैसी घटनाओं को अंजाम दिया गया।' प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि किसी भी जातीय या धार्मिक समुदाय को उसके सदस्यों द्वारा किए गए अपराधों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति से आग्रह किया गया है कि वह 1971 में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उसके सहयोगी जमात-ए-इस्लामी द्वारा बंगाली हिंदुओं के खिलाफ किए गए अत्याचारों को मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध और नरसंहार के रूप में मान्यता दें।

स्क्रैप गोदाम में लगी आग से हड़कंप: इंदौर में दूर-दूर तक फैला धुआं

इंदौर. इंदौर में रविवार सुबह सांवरे रोड स्थित एक स्क्रैप गोदाम में भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिनले के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और इसे बुझाने का प्रयास शुरू किया। कई किमी दूर से इस आग से उठता धुएं का गुबार नजर आ रहा है। गोदाम में आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक गोदाम में प्लास्टिक स्क्रैप का सामान भरा हुआ था। गर्मी शुरू होते ही आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। हाल ही में शहर की बृजेश्वरी (एनएक्स) कॉलोनी में एक घर में लगी आग से 8 लोगों की मौत हो गई थी। इंदौर के पालदा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक स्क्रैप फैक्ट्री के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार यह आग समता नगर स्थित नसबी मोहम्मद समीर के गोदाम में लगी थी। आग बुझाने के लिए करीब 10 हजार लीटर पानी और 10 हजार लीटर फोम का उपयोग किया गया। आसपास अतिक्रमण होने के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने और आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग के कारण क्षेत्र में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दमकल को आईं भारी दिक्कतें फायर ब्रिगेड कर्मचारियों के मुताबिक इलाके में अवैध अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई थी, जिससे दमकल वाहनों को गोदाम तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई। शुरुआत में बाहर से ही पाइप डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन काफी मशक्कत के बाद रास्ते से गाड़ियां हटाकर एक दमकल वाहन को अंदर भेजा जा सका। इसी वजह से आग पर काबू पाने में काफी देर लग गई। 20 फीट की सड़क पर 7 फीट अतिक्रमण यहां की सड़क की कुल चौड़ाई करीब 20 फीट है, लेकिन स्थानीय रहवासियों द्वारा लगभग 7 फीट हिस्से पर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह पूरा इलाका इंडस्ट्रियल एरिया है, जहां करीब 60 से 70 फैक्ट्रियां संचालित हैं और 2 से 3 हजार कर्मचारी काम करते हैं। अतिक्रमण के कारण ट्रक और अन्य भारी वाहनों को फैक्ट्री और गोदाम तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी नगर निगम को लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

संस्कृति से राजनीति तक: बिहार दिवस पर PM मोदी और शाह ने दिलाई आपातकाल की याद

पटना. बिहार दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी गई शुभकामनाएं राजनीतिक रूप से भी कई संकेत छोड़ गई हैं। अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक गौरव को रेखांकित करते हुए इसे देश के लिए मार्गदर्शक बताया। मोदी एक्स पर बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के अपने सभी परिवारजनों को अनेकानेक शुभकामनाएं दीं। PM मोदी ने लिखा, "भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला हमारा यह प्रदेश आज प्रगति के नित-नए अध्याय गढ़ने में जुटा है।" मुझे विश्वास है कि विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में यहां के कर्मठ एवं ऊर्जावान लोगों का समर्पण और सामर्थ्य बहुत काम आएगा। बिहार को बताया बौद्धिक चेतना की भूमि गृह मंत्री ने जिस तरह बिहार को सामाजिक न्याय और बौद्धिक चेतना की भूमि बताया, उसे राज्य की राजनीति के मौजूदा विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर जब बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति लंबे समय से केंद्र में रही है, ऐसे में उनका यह बयान भाजपा के व्यापक सामाजिक विस्तार के प्रयास का संकेत माना जा रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसी ऐतिहासिक शिक्षण परंपराओं का उल्लेख कर उन्होंने बिहार के गौरवशाली अतीत को राष्ट्रीय पहचान से जोड़ा। यह भी संदेश देने की कोशिश रही कि केंद्र सरकार बिहार की बौद्धिक विरासत को सम्मान देने के साथ उसे विकास के एजेंडे में शामिल कर रही है। स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल का जिक्र करते हुए शाह ने बिहार की राजनीतिक जागरूकता और संघर्षशीलता को रेखांकित किया। इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती से जोड़ते हुए उन्होंने राज्य की भूमिका को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने का प्रयास किया। सामाजिक संदेश देने की कोशिश बिहार में आगामी सत्ता परिवर्तन समीकरणों को देखते हुए इस तरह के संदेशों के जरिए भाजपा लोगों के बीच भावनात्मक और वैचारिक जुड़ाव मजबूत करना चाहती है। विकास, विरासत और सामाजिक समरसता को एक साथ रखकर पार्टी अपने एजेंडे को व्यापक बनाने में जुटी है। संदेश के अंत में गृह मंत्री ने बिहार के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इंटरनेट मीडिया पर इस पोस्ट को व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है, जो यह दर्शाता है कि बिहार दिवस जैसे अवसर अब राजनीतिक संवाद का भी महत्वपूर्ण मंच बनते जा रहे हैं।

पंजाब में सुसाइड केस ने पकड़ा तूल, पूर्व मंत्री भुल्लर सहित तीन पर FIR

चंडीगढ़. पुलिस ने पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ केस दर्ज किया है। अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने कथित तौर पर शनिवार को कोई जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है। यह केस शनिवार रात अमृतसर के रणजीत एवेन्यू पुलिस स्टेशन में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शनिवार को, मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के बीच पद छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद भुल्लर ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। लालजीत भुल्लर पर लगा उत्पीड़न का आरोप शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा, जिनके पास पट्टी का अतिरिक्त प्रभार भी था, को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने सल्फास खा लिया है और उन्होंने परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। तुम्हारे दोस्त ने सल्फास खा ली है। मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से। अब मैं नहीं बचूंगा, रंधावा कहते हैं। तरनतारन के पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। इससे पहले, मान ने कहा था कि उन्होंने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है और मंत्री से निष्पक्ष जांच के लिए पद छोड़ने को कहा है। मान ने कहा था कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और साथ ही यह भी कहा था कि भुल्लर के परिवहन और जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंप दिए जाएंगे। मारपीट का भी लगा आरोप जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन सामने आया, विपक्षी दलों के नेताओं ने AAP सरकार की कड़ी आलोचना की और भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने भुल्लर पर रंधावा पर दबाव डालकर अपने पिता को एक गोदाम का टेंडर दिलवाने का आरोप लगाया। भुल्लर पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने रंधावा का एक वीडियो बनाया और उन्हें किसी दूसरी पार्टी से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने की बात कबूल करने के लिए मजबूर किया। एक आरोप यह भी था कि 13 मार्च को रंधावा को भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें अपमानित किया गया।

फर्जीवाड़े का जाल टूटा: रायपुर में करोड़ों के हाउसिंग लोन स्कैम का पर्दाफाश

रायपुर. राजधानी रायपुर में अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की कार्रवाई में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष थावर दास माधवानी और तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत साहू की 26 वर्षों बाद पिछले दिनों हुई गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले की गहरी साजिश का राजफाश हुआ है। 186 लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए मुख्य आरोपित थावर दास ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों को मोहरा बनाकर 186 लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये के हिसाब से कुल 1.86 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया। अन्य शहरों में निवासरत पीड़ितों के बयान दर्ज किए जब इस मामले की शिकायत और जांच शुरू हुई, तब यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। ईओडब्ल्यू की टीम ने दोनों आरोपितों को 25 मार्च तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की और रायपुर, भाटापारा सहित अन्य शहरों में निवासरत पीड़ितों के बयान दर्ज किए। वास्तविकता में समिति के पास एक इंच भी जमीन नहीं थी थावर दास ने पंडरी में अपनी कपड़ा दुकान के माध्यम से रायपुरा, बोरियाकला, राखी और पंडरी-कांपा जैसे क्षेत्रों में 80 एकड़ जमीन होने का दावा किया, लेकिन ईओडब्ल्यू की जांच में यह सामने आया कि वास्तविकता में समिति के पास एक इंच भी जमीन नहीं थी। कागजों पर मकानों का निर्माण कार्य भी दिखाया जाता रहा हैरानी की बात यह है कि आवास संघ के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों पर मकानों का निर्माण कार्य भी दिखाया जाता रहा। दिवंगत क्षेत्रीय अधिकारी एई ग्रेबियल और पर्यवेक्षक बसंत साहू ने बिना किसी भौतिक सत्यापन के आवास निर्माण पूर्ण होने के प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए। वर्षों तक पता नहीं चला कि उनके नाम पर लाखों का कर्ज लिया गया जब ईओडब्ल्यू की टीम पीड़ितों के घर पहुंची, तो कई लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। लक्ष्मीचंद चिमनानी, दिलीप बलानी, त्रिजुगी नारायण, मोहनलाल अग्रवाल, नरेंद्र कश्यप, अशोक नाग और लक्ष्मीचंद ललवानी जैसे पीड़ितों ने बताया कि उन्हें वर्षों तक इस बात का पता नहीं चला कि उनके नाम पर लाखों का कर्ज लिया गया है। थावर दास पर उनका इतना भरोसा था कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह उनके नाम का उपयोग कर इतना बड़ा घोटाला कर देगा। जब अधिकारियों ने लोन के कागजात दिखाए, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे बिना मकान के ही कर्जदार बना दिए गए हैं। फर्जी प्रमाण पत्रों का सहारा लिया गया कई पीड़ितों ने कहा कि उनसे न तो कभी हस्ताक्षर लिए गए और न ही उन्हें समिति का सदस्य बनाने की जानकारी दी गई। यह पूरी तरह से एक संगठित आपराधिक षड्यंत्र था, जिसमें फर्जी प्रमाण पत्रों का सहारा लिया गया। मुख्य आरोपित थावर दास ने अपने करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों को इस ठगी का औजार बनाया। 186 जरूरतमंदों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए 1995 से 1998 के बीच, तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार की शहरी आवास योजना के तहत 186 जरूरतमंदों के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। इन फर्जी सदस्यों के नाम पर मध्य प्रदेश सहकारी आवास संघ से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी थीं ईओडब्ल्यू के जांच अधिकारियों ने बताया कि इस घोटाले की जड़ें आवास संघ के भीतर तक फैली थीं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी थीं। उपयोगिता प्रमाण पत्र से लेकर निर्माण के विभिन्न चरणों की रिपोर्ट तक, सब कुछ दफ्तर में बैठकर तैयार किया गया। ईओडब्ल्यू अब इस मामले में अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

मंदिर में अफरा-तफरी: खल्लारी रोप-वे केबल टूटने से 8 लोग जख्मी

महासमुंद. खल्लारी स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के समय रोप-वे में श्रद्धालु सवार थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे की ओर आई, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए। हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रबंधन व पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञात हो कि नवरात्र जारी है और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है। अप्रैल 2024 से शुरू है रोप-वे सेवा महासमुंद जिले के प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रोप-वे की सुविधा अप्रैल 2024 चैत्र नवरात्रि से पूरी तरह से संचालित है, जिससे श्रद्धालुओं को 842-981 सीढ़ियां चढ़ने की थकान से मुक्ति मिल गई है। रोप-वे का भूमिपूजन 2021 में किया गया था। इसका निर्माण कोलकाता की कंपनी "रोपवे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने किया। रोप-वे का संचालन मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से नियमित रूप से भक्तों के लिए किया जा रहा है। चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी हुई है। पहाड़ी की 130 मीटर की ऊंचाई को कवर करता है इस रोप-वे परियोजना का निर्माण मंदिर ट्रस्ट और कोलकाता की इस निजी कंपनी ने मिलकर किया है। इस रोप-वे में कुल चार ट्रॉली लगाई गई हैं, जिसमें प्रत्येक ट्रॉली में 4 व्यक्ति बैठ सकते हैं। यह प्रणाली एक घंटे में लगभग 200 लोगों को दर्शन कराने की क्षमता रखती है। यह रोप-वे लगभग 300-350 मीटर लंबा है और पहाड़ी की 130 मीटर की ऊंचाई को कवर करता है।

भारत-चीन रिश्तों में नई पहल: तिब्बत में पहली बार खुला व्यापार, जून से कारोबार शुरू

पिथौरागढ़. चीन ने भारतीय व्यापारियों को बड़ा सरप्राइज दिया है। उसने अपनी अधीन तिब्बती क्षेत्र तकलाकोट में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारतीय व्यापारियों के लिए पक्की दुकानें तैयार की हैं। पहली बार भारतीय व्यापारी पक्की दुकानों में बैठकर कारोबार कर सकेंगे। सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय व्यापारी चीन के इस कदम से काफी उत्साहित हैं। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन का कहना है कि संभव है कि जून से भारतीय व्यापारियों को आवंटित हो सकती हैं। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से 300 किमी दूर स्थित इस बॉर्डर पॉइंट पर वर्षों से व्यापार होता रहा है, लेकिन अब सुविधाएं अपग्रेड हो रही हैं। भारत-चीन व्यापार समिति के महासचिव दौलत रायपा के अनुसार, वर्ष 2019 तक जब व्यापार जारी रहा, तब तक भारतीय व्यापारियों के लिए यहां पक्की दुकानों की व्यवस्था नहीं थी। वे अस्थायी दुकानों के माध्यम से नेपाली व्यापारियों के साथ मिलकर कारोबार करते थे। अब तकलाकोट में सभी व्यापारियों के लिए अलग-अलग पक्की दुकानें बनाई जा रही हैं। जिला प्रशासन भी रेडी पिथौरागढ़ डीएम आशीष भटगांई ने विभागों को विस्तृत प्लान तैयार करने के आदेश दिए। बीएसएनएल को सीमा क्षेत्र में नेटवर्क-संचार सुदृढ़ करने को कहा। गुंजी में शौचालय, पर्यटन सुविधाएँ विकसित करने के लिए जिला पंचायत और पर्यटन विभाग सक्रिय। पूर्व की तरह ट्रेड सुचारू बनाने पर फोकस। क्या है तकलाकोट का महत्व? लिपुलेख दर्रे के पास स्थित तकलाकोट उत्तराखंड का प्रमुख ट्रेड हब है। ऊनी कपड़े, नमक, घी जैसे सामान का आदान-प्रदान होता है। यह कदम सीमा व्यापार को बूस्ट देगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करेगा। तकलाकोट में भारत और चीन के बीच कोरोना काल से व्यापार बंद है। आखिरी बार वर्ष 2019 में दोनों देशों के व्यापारियों के बीच कारोबार हुआ था। छह साल के लंबे अंतराल के बाद अब व्यापार शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिससे स्थानीय व्यापारी उत्साहित हैं।

खस्ताहाल पुल बना मौत का जाल: तेज रफ्तार बाइक गिरने से 4 युवकों की जान गई

मंडला. मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार की रात बड़ा हादसा हो गया। बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही के पास कालपी निवास मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस ने मौके पर पहुचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार एक ही बाइक पर सवार चार युवक काफी तेज रफ्तार में जा रहे थे। भैंसवाही ग्राम के पास अचानक चालक का नियंत्रण खो गया और बाइक सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए और चारों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रात में शिनाख्त न हो पाने के कारण पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन रविवार सुबह चारों मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनके नाम प्रमोद कुमार नरेती (24), निवासी रमतिला, बीजाडांडी, संतलाल उइके (23), निवासी ग्राम बस्तरी, निवास, शिवम यादव (17), निवासी टिकरिया मूल निवासी बिछिया कुरई, गंगा राम उइके (22), निवासी टिकरिया है। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पहुंचे स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। पीएम के बाद स्वजनों को सौंपे गए शव बीजाडांडी थाना प्रभारी ने बताया कि चारों युवकों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए स्वजनों को सौंप दिया गया है। बीजाडांडी पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और बाइक का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इधर… एनएच 30 पर कंटेनर पलटा, पीछे से आ रहा ट्रक भी टकराया शनिवार देर रात ही नेशनल हाईवे 30 पर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। मंडला-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में बीजाडांडी के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे अचानक पलट गया। तेज रफ्तार कंटेनर मार्ग किनारे बनी एक झोपड़ी में पलटा था, गनीमत रही कि हादसे के दौरान वहां कोई नहीं था, जिसके कारण एक बड़ा हादसा और जनहानि टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंटेनर के पलटने के तुरंत बाद पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पलटे कंटेनर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि कंटेनर में सवार ड्राइवर, परिचालक बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोटे आई। जिन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। बीजाडांडी थाना पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।