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मूलांक 9 भविष्यफल, करियर में मिलेगी उड़ान, लेकिन अनजानों से रहें सावधान

इच्छित परिणाम उत्साहित रखेंगे. अवसरों को भुनाने पर जोर रखेंगे. नए परिचितों पर तुरत भरोसा न करेंगे. सहयोगी मददगार होंगे. शुभता में वृद्धि रहेगी. मूलांक 9  जिन लोगों का जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 9 है. नंबर 9- 31 मार्च 2026 का मूलांक 4 और भाग्यांक 8 है. आज का दिन अंक 9 के लिए सामान्य से शुभ है. पेशेवर प्रयास प्रभावपूर्ण बने रहेंगे. व्यक्तिगत मामलों में सजगता बढ़ाएंगे. अनजान से दूरी रखें. करियर कारोबार अच्छा रहेगा. लाभ प्रतिशत बेहतर बना रहेगा. परिवार के लोगों के लिए प्रयासशील रहेंगे. आत्मविश्वास से कार्य करेंगे. मंगल के अंक 9 के व्यक्ति होश और जोश का अच्छा संतुलन बनाए रखते हैं. वादा निभाने में आगे होते हैं. आज इन्हें वाणिज्यिक कार्य व्यापार पर जोर बनाए रखना है. निरंतरता और सक्रियता बनाए रखें. आत्मविश्वास से भरे रहेंगे. चर्चा में पहल रखेंगे. मित्रों को समय देंगे. विभिन्न कार्यों से जुड़ेंगे. पेशेवरता का लाभ लेंगे. मनी मुद्रा  करियर कारोबार में अवसर बढ़ेंगे. पद प्रतिष्ठा बढ़त पर बनी रहेगी. समक़क्षों का साथ रहेगा. कार्यक्षेत्र में सुगमता रखेंगे. पेशेवर कार्यों में प्रभावशाली रहेंगे. इच्छित परिणाम उत्साहित रखेंगे. अवसरों को भुनाने पर जोर रखेंगे. नए परिचितों पर तुरत भरोसा न करेंगे. सहयोगी मददगार होंगे. शुभता में वृद्धि रहेगी. पर्सनल लाइफ  प्रेम संबंधों में सहजता बनाए रहें. मन की बात कहने में संकोच अनुभव करेंगे. अवसर का इंतजार बनाए रखें. सभी की इच्छा का ख्याल रखेंगे. विश्वास बढ़ाएंगे. अप्रत्याशितता बनी रह सकती है. रिश्तों पर जोर देंगे. अपनों की खुशी के लिए प्रयास बनाए रखें. हेल्थ एंड लिविंग  जांच नियमित रखें. जिद से बचें. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. जीवनस्तर संवार पाएगा. घरेलु विषयों पर नियंत्रण रखेंगे. खानपान पर ध्यान देंगे.

स्वास्थ्य विभाग का नया फरमान, ओपीडी मरीजों के लिए निशुल्क स्कैनिंग सुविधा हुई बंद

अंबाला  कैंट व सिटी के नागरिक अस्पतालों में पीपीपी मोड पर चल रहे डायग्नोस्टिक केंद्रों में नि:शुल्क स्कैनिंग सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक ताजा फरमान ने मरीजों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। नियम के मुताबिक अब केवल अस्पताल में दाखिल मरीजों के ही नि:शुल्क यानी बीपीएल के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन किए जाएंगे। जिले के दो बड़े नागरिक अस्पतालों में इस नियम को लेकर अलग-अलग कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। सिटी में जहां इसका पालन हो रहा है तो वहीं कैंट के नागरिक अस्पताल में अभी छूट दी जा रही है। यही कारण है कि मरीज असमंजस में फंस गए हैं। अनावश्यक स्कैन रोकने के लिए उठाया कदम स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के नागरिक अस्पतालों में अनावश्यक तरीके से चल रहे निशुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया है। सिटी व कैंट के नागरिक अस्पताल में अब ओपीडी के आधार पर मुफ्त सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा बंद कर दी गई है। 25 मार्च को जारी हुए आदेशों के बाद स्कैन के लिए मरीज को कुछ समय के लिए अस्पताल में फाइल बनाकर भर्ती होना पड़ेगा। ऐसे में अब मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। केस-1 : ओपीडी में भी स्पष्ट नहीं निर्देश सिटी के मनमोहन नगर निवासी सुनीता ने बताया कि बाइक से गिरने के कारण बेटे के सिर में चोट आई थी। तीन दिन से निजी अस्पताल में उपचार करवा रही हूं। स्कैन करवाने के लिए सिटी के नागरिक अस्पताल में गई तो उन्हें स्कैन से मना कर दिया गया। बोले कि पहले अस्पताल में दाखिल होना जरूरी है। बाद में पता चला कि कैंट में स्कैन हो रहा है तो अपने पति को भेजकर वहां से अपना स्कैन करवाया। अगर आदेश है तो उन्हें स्पष्ट तौर पर लगाया जाना चाहिए। केस-2 : सेंटर के कर्मी बोले- नहीं मिले ऑर्डर सोनिया कॉलोनी निवासी रजनी ने बताया कि वह अपनी टांगों में असहनीय दर्द के कारण आ रही हैं। पहले एक्स-रे करवाया था लेकिन उससे कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। सीटी स्कैन के लिए बोला गया है लेकिन ओपीडी में जाते हैं तो वो दाखिल होने की बात बोलते हैं व काउंटर में जाते हैं तो वो अभी इस तरह का कोई ऑर्डर नहीं आने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में वह असमंजस में हैं। अनावश्यक सीटी स्कैन व एमआरआई को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अस्पताल में कुछ समय दाखिल होने के बाद ही नि:शुल्क सीटी स्कैन व एमआरआई होंगे ताकि उनके पास मरीज का पूरा रिकॉर्ड हो। यह निर्देश जारी कर दिए गए है। – डाॅ. सुखप्रीत सिंह, पीपीपी मोड सुविधा, नोडल अधिकारी।

किचन की ये 5 चीजें दिलाएंगी पार्लर जैसा निखार, भूल जाएंगे महंगी क्रीम

ना लोशन और ना क्रीम! किचन की इन चीजों से चांद की तरह चमकेगा चेहरा, मिलेगा गुलाबी निखार अपनी स्किन को सुंदर, साफ और जवान रखने के लिए महिलाएं महंगी क्रीमों से लेकर सीरम और कई स्किनकेयर प्रॉडक्ट्स पर पैसे खर्च करती हैं. लेकिन आपकी रसोई में ऐसी कई प्राकृतिक चीजें मौजूद हैं जो न केवल सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा करती हैं बल्कि गहराई से पोषण देकर चेहरे पर कुदरती निखार भी लाती हैं. यहां हम आपको उन्हीं चीजों की जानकारी दे रहे हैं. हर महिला चाहती है कि वो हमेशा सुंदर और जवान नजर आए. लेकिन आजकल पोषण की कमी, प्रदूषण वजह से हमारी त्वचा बेजान और बुझी-बुझी दिखने लगती है. साथ ही समय से पहले स्किन पर झुर्रियां और ढीलापन भी दिखने लगता है. ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा में खोया हुआ निखार और कसावट लाना चाहते हैं तो आपको बाहर के केमिकल्स वाले प्रॉडक्ट्स की जगह नेचुरल और किचन में मौजूद चीजों की तरफ रुख करना चाहिए. यहां हम आपको किचन की उन खास चीजों की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी स्किन के लिए वरदान साबित हो सकती हैं. 1.कच्चा दूध चेहरे को करेगा साफ दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की गंदगी को साफ करता है और इसे हाइड्रेटेड रखता है. ठंडे कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरा साफ करें. यह किसी भी महंगे क्लींजर से बेहतर रिजल्ट्स देता है. 2. चेहरे पर लगाएं टमाटर का जूस टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो त्वचा के लिए एक नेचुरल सन-ब्लॉक की तरह काम करता है. टमाटर के रस को बेसन और हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें. यह स्किन के सनबर्न को ठीक करने और टैनिंग हटाने में काफी हद तक मददगार हो सकता है. 3. शहद से स्किन होगी टाइट शहद त्वचा में नमी को लॉक करता है और इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों को रोकते हैं. चेहरे पर शहद की एक पतली परत लगाएं और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है. आप इसे किसी मास्क में भी मिलाकर लगा सकते हैं. 4. खीरा करता है हाइड्रेट गर्मियों में त्वचा को ठंडक पहुंचाने और आंखों के नीचे के काले घेरे कम करने के लिए खीरा सबसे अच्छा है. खीरे के स्लाइस आंखों पर रखें या इसका रस पूरे चेहरे पर स्प्रे करें. यह स्किन को तुरंत तरोताजा कर देता है. 5. हल्दी और मलाई से मिलेगा कुदरती निखार हल्दी रंगत निखारती है और मलाई त्वचा को पोषण देकर रूखापन दूर करती है. एक चम्मच मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर चेहरे पर मसाज करें. 15 मिनट बाद धो लें. इससे चेहरे पर ग्लो भी आता है.  

लुधियाना हत्याकांड में 4 गिरफ्तार, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान की हत्या में पिता और 3 बेटों पर FIR, मुख्य आरोपी की तलाश में ट्रैफिक जाम

लुधियाना   लुधियाना के कुमकल पुलिस स्टेशन के तहत तखरा में मच्छीवाड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परमिंदर तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने इस हत्याकांड में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें एक ही परिवार के पिता और उनके तीन बेटे सहित एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय सिंह, उनके बेटे रवि कुमार, अमरीश और एक ग्रामीण सुनील के रूप में हुई है। वहीं, जय सिंह का तीसरा बेटा अजय कुमार इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कुल्हाड़ी से किया गया हमला मामला मृतक के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, परमिंदर तिवारी अपने घर के बाहर बैठे हुए थे, तभी आरोपियों ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार ने अंतिम संस्कार रोका पीड़ित परिवार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार की इस मांग के चलते मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने खोखरां के जय सिंह, उसके बेटे रवि कुमार, दूसरे बेटे अमरीश व गांव के ही एक अन्य व्यक्ति सुनील को गिरफ्तार कर दिया है। वहीं जय सिंह के तीसरा बेटा व मुख्य आरोपी अजय कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर है। एफआईआर परमिंदर तिवारी के भतीजे शनि शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई। शनि शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा अपनी बिल्डिंग के बाहर बैठे थे जहां पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। कांग्रेस पार्टी के रोजा गिल ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर आज कातिलों व साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बुधवार को पुलिस कमिश्नर लुधियाना के दफ्तर का घेराव किया जाएगा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़ा परिवार परमिंदर तिवारी के हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने माछीवाड़ा रोड पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया है। धरने के दौरान पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। परिवार व लोगों का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होता तब तक पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है ब्लॉक प्रधान का शव कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी का शव अब भी फोर्टिस अस्पताल की मॉर्चरी में है। कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल ने कहा कि पुलिस ने भले ही चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्तार नहीं है। पुलिस ने पहले आरोपी का नाम बताया था विजय सोमवार को एडीसीपी ने हत्या के मुख्य आरोपी का नाम विजय कुमार बताया था लेकिन जो एफआईआर दर्ज की है उसमें मुख्य आरोपी का नाम अजय कुमार लिखा है। इससे पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड किया बंद कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण व माछीवाड़ा के स्कूल संचालक कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर धरना दिया है। कोहाड़ा-माछीवाड़ा रोड पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दिया है। राजा गिल का कहना है कि पुलिस कल से मुख्य आरोपी को पकड़ने में टाल मटोल कर रही है जिसकी वजह से धरना लगाया गया है। कारें लगाकर की सड़क बंद प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच अपने वाहन खड़े करके ट्रैफिक रोका है। वहीं पुलिस ने कोहाड़ा से माछीवाड़ा की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को गांव के बीच से डायवर्ट कर दिया है। पुलिए कमिश्नर दफ्तर घेरेंगे कांग्रेस के हलका इंचार्ज राजा गिल का कहना है कि रोजाना हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि परमिंदर तिवारी की सरेआम हत्या कर दी गई है और पुलिस अभी तक मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि परिवार कांग्रेस पार्टी ने फैसला किया है कि जब तक कातिल पकड़ नहीं जाते तब तक संस्कार नहीं करवाया जाएगा। राजा गिल ने कहा कि घटना के तीन चार घंटे पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसकी वजह से कातिल पुलिस से दूर चले गए। राजा गिल ने बताया कि पंचायत की जमीन का कोई विवाद नहीं है। इसमें बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि मारने वालों के साथ साथ साजिश करने वालों पर भी पर्चा दर्ज होना चाहिए। राजा गिल ने कहा कि पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है तब से कांग्रेस के चौथे ब्लॉक प्रधान की हत्या हो गई है। राजा गिल ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन्हें विश्वास दिलाया कि अगर आज गिरफ्तारी नहीं हुई तो कल सीपी दफ्तर लुधियाना का घेराव करेंगे।

मियामी ओपन,जानिक सिनर ने रचा इतिहास, ‘सनशाइन डबल’ जीतने वाले बने पहले इटालियन

मियामी इटली के विश्व नंबर दो जानिक सिनर ने रविवार को बारिश से बाधित मियामी ओपन फाइनल में चेक गणराज्य के जीरी लेहेका को 6-4, 6-4 से हराकर बिना एक भी सेट गंवाए प्रतिष्ठित 'सनशाइन डबल' पूरा करने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए। सिनर 2017 में रोजर फेडरर के बाद इंडियन वेल्स और मियामी खिताब लगातार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। कैलिफोर्निया और फ्लोरिडा में आयोजित इन टूर्नामेंटों को मिलाकर 'सनशाइन डबल' कहा जाता है। इस उपलब्धि के साथ सिनर उस खास क्लब में शामिल हो गए जिसमें फेडरर के अलावा नोवाक जोकोविक, आंद्रे आगासी, मार्सेलो रियोस, पीट सम्प्रास, माइकल चांग और जिम कूरियर जैसे दिग्गज शामिल हैं। सिनर ने अपने पहले सर्व पर 92 प्रतिशत अंक जीते और मैच के दौरान मिले तीनों ब्रेक पाइंट बचाए। इस जीत के साथ उन्होंने मास्टर्स 1000 मुकाबलों में बिना सेट गंवाए अपने मैचों की संख्या 17 तक पहुंचा दी। मैं बहुत उत्साहित हूं: सिनर सिनर ने कहा कि हमने इस स्थिति तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है। इसलिए मैं बेहद खुश हूं और घर लौटने को लेकर भी उत्साहित हूं। यहां पहली बार सनशाइन डबल हासिल करना अविश्वसनीय है। यह ऐसा है जिसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था, क्योंकि इसे हासिल करना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन हमने किसी तरह कर दिखाया, इसलिए मैं बहुत खुश हूं। करीब 90 मिनट की बारिश की देरी से पहले सिनर मैदान पर फुटबाल के साथ हल्का अभ्यास करते नजर आए। बारिश से प्रभावित रहा मुकाबला उन्होंने शुरुआती सेट में 3-1 की बढ़त बनाने के लिए जल्दी ब्रेक किया और फिर दमदार सर्विस के दम पर बिना अंक गंवाए सर्विस होल्ड करते हुए पहला सेट अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट के पहले गेम के दौरान फिर बारिश लौट आई, जिससे खिलाड़ियों को करीब 90 मिनट के लिए कोर्ट छोड़ना पड़ा। इस दौरान सिनर ने दोबारा फुटबाल के साथ खेलते हुए खुद को सक्रिय रखा और टीम के सदस्यों के साथ पासिंग करते रहे। विश्व नंबर 22 लेहेका ने दूसरे सेट में दो सर्विस गेम के दौरान पांच ब्रेक पाइंट बचाए और फिर बिना अंक गंवाए सर्विस होल्ड कर 4-3 की बढ़त बना ली, लेकिन इसके बाद सिनर हावी हो गए। सिनर ने दूसरे सेट में अपने छठे ब्रेक पाइंट को भुनाते हुए 5-4 की बढ़त हासिल की और फिर अपनी सर्विस पर पहले ही चैंपियनशिप प्वाइंट पर ओपन कोर्ट में फोरहैंड वाली लगाकर मुकाबला समाप्त कर दिया।

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: CM साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS — नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत रायपुर  प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ हो गई हैं,  जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी। इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह सेवा राज्य की नवजात सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार शुरू की गई 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है और इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके। नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन, 24×7 ईएमटी एवं पायलट की उपलब्धता के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का ऑनलाइन मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है। इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं। इसके अतिरिक्त, BLS एवं ALS एम्बुलेंसों में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक एवं उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, नेब्युलाइजेशन एवं अन्य आपातकालीन उपचार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर मॉनिटर, सिरिंज पंप, लैरिंजोस्कोप सहित अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी। इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

PACL घोटाले में ईडी का बड़ा कदम: 15,582 करोड़ की संपत्तियां लोढ़ा कमेटी के हवाले

चंडीगढ़  नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े करीब 200 करोड़ के घोटाले में एक नया मोड़ सामने आया है। इन मामलों में गिरफ्तार हुए आइडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि ऑडिटरों को खुश करने के लिए उनके घरों में सोलर पैनल लगवाए गए थे। ऋषि ने बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट की जाती थी। उनकी ब्रांच में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार ऑडिट करने आए थे। उन्होंने ऑडिट को मैनेज करने के लिए अपने सेविंग खाते से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए थे। यह रकम उन्होंने क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने सात दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने चार दिन का रिमांड मंजूर किया। अब पुलिस इन आरोपियों को सुखविंदर अबरोल के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, जिससे घोटाले के पूरे नेटवर्क और अन्य शामिल अधिकारियों की भूमिका का खुलासा हो सके। ऑडिट मैनेज करने के लिए लगवाए गए सोलर पैनल रिभव ऋषि ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट होती थी। उनकी ब्रांच में ऑडिटर के रूप में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार आते थे। ऑडिट में गड़बड़ियों को छिपाने के लिए उन्हें खुश रखने के उद्देश्य से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए। इसके लिए ऋषि ने अपने सेविंग अकाउंट से रकम ट्रांसफर कर क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में डाली थी। पुलिस ने हाल ही में सुखविंदर अबरोल को भी गिरफ्तार किया है, जिसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। 4.98 करोड़ की अवैध पेमेंट का खुलासा जांच में यह भी सामने आया कि 1 सितंबर 2025 को सनलिव सोलर कंपनी के खाते में 4.98 करोड़ रुपये की अवैध पेमेंट की गई थी। यह भुगतान नगर निगम के खाते से किया गया, जिसे आरोपित सीमा धीमान ने अप्रूव किया था। इस ट्रांजेक्शन को बैंकिंग स्तर पर रिलेशनशिप मैनेजर शमीम घर और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के रीजनल हेड धीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा मंजूरी दी गई थी। हाल ही में पुलिस ने अबरोल को भी गिरफ्तार किया है जोकि पांच दिनों के रिमांड पर है। ऋषि ने रिमांड के दौरान बताया कि एक सितंबर 2025 को एक कंपनी सनलिव सोलर के खाते में 4.98 करोड़ रुपये की अवैध पेमेंट की गई थी। यह पेमेंट नगर निगम के खाते से हुई थी जिसे आरोपित सीमा धीमान ने अप्रूव किया था। इसके लिए नगर निगम के गवर्नमेंट बिजनेस बैंकिंग रिलेशनशिप मैनेजर शमीम धर और आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के रिजनल हेड धीरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से अप्रूवल दी गई थी। ऐसे में अब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अन्य अफसरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं, सोमवार को पुलिस ने रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत से इनका सात दिनों का और रिमांड मांगा, हालांकि जज ने चार दिनों का रिमांड मंजूर किया। पुलिस अब इन्हें सुखविंदर अबरोल के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। निगम का अकाउंटेंट फरार, फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप इस पूरे घोटाले में नगर निगम के अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा की भी बड़ी भूमिका सामने आ रही है। यह मामला सामने आने के बाद से वह फरार है। मिश्रा ने सोमवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी भी दायर की है। वहीं, अन्य आरोपितों ने भी इस घोटाले के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने में मिश्रा का ही नाम लिया है। रिभव ऋषि ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के बैंक खातों का लेन-देन अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा करता था। फर्जी दस्तावेज अनुभव मिश्रा और बैंककर्मी अभय कुमार ने तैयार किए थे। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि लगभग 116.84 करोड़ रुपये की एफडीआर का रिकाॅर्ड बैंक सिस्टम में मौजूद नहीं था। पुलिस को 8.22 करोड़ रुपये से अधिक की तीन संदिग्ध एंट्रियां भी मिली हैं जोकि नगर निगम के रिकाॅर्ड से मेल नहीं खाती। ऐसे में पुलिस फर्जी एफडीआर तैयार करने में इस्तेमाल किए गए सिस्टम को बरामद करने की कोशिश कर रही है। इसी कारण पुलिस ने आरोपितों का रिमांड हासिल किया।  

प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कोटा में ओलावृष्टि और तेज बारिश से तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट

जयपुर राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है, जबकि इसका प्रभाव अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रहेगा। सोमवार को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। कोटा सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। कोटा में 20.4 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि अलवर के कोटकासिम और टपूकड़ा में भी हल्की बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में स्थानों पर बारिश हुई पिछले 24 घंटे में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ और टोंक के साथ जयपुर और अजमेर के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश हुई। वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 6 डिग्री तक नीचे आया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अप्रैल की शुरुआत भी बारिश के साथ होने की संभावना है। हालांकि अगले दो-तीन दिनों में इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा, जिसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान बीते 24 घंटों में प्रदेश के शहरों का अधिकतम व न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा। कोटा और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर 36.4 और बारां, करौली व प्रतापगढ़ में 35.9 डिग्री रहा। जयपुर में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री और न्यूनतम 24.7 डिग्री दर्ज हुआ। अजमेर में 34/24.3, अलवर में 35/20.4 और उदयपुर में 35/23.2 डिग्री रहा। पिलानी 33.3/21, सीकर 29.5/21 और झुंझुनूं 31.8/22.5 डिग्री दर्ज किया गया। जोधपुर 35/25.7, बीकानेर 31.8/24 और चूरू 31.5/22.2 डिग्री रहा। गंगानगर में 34/20.6 और नागौर में 32.6/24.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। दौसा 35.3/22.4, पाली 34.6/25.2 और सिरोही में 30.4/19.4 डिग्री तापमान रहा।

नेचुरल फ्रूट फेसपैक,टमाटर, स्ट्रॉबेरी और अनार से पाएं पार्लर जैसा ग्लो

गर्मियों में चिलचिलाती और झुलसा देने वाली धूप से चेहरे की स्किन ना केवल टैन हो जाती है बल्कि धूप और प्रदूषण स्किन की चमक, नमी और निखार भी छीन लेते हैं. खराब हो रही स्किन पर लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन केमिकल होने की वजह से वो कई बार त्वचा को और अधिक ड्राई या डैमेज कर देते हैं. ऐसे में यहां हम आपको घर की कुछ नेचुरल लेकिन बेहद शक्तिशाली चीजों से एक बेहतरीन फेसपैक बनाने का तरीका बता रहे हैं. इसके लिए आपको लाल लाल टमाटर, शुद्ध बेसन, गुलाबजल, अनार और स्ट्रॉबेरी चाहिए होंगी. इन सभी का मिश्रण आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. स्किन के लिए बेहतरीन है ये फेस पैक हम सभी को पता है कि बेसन गहराई से आपकी स्किन की सफाई करता है, वहीं टमाटर और स्ट्रॉबेरी सनबर्न को ठीक करते हैं. अनार का जूस एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जो उम्र के असर को धीमा करता है और गुलाबजल चेहरे को ताजगी भरी ठंडक देता है. ये होममेड फेस पैक गर्मियों में आपकी त्वचा को बेबी सॉफ्ट और चमकदार बनाए रखने का सबसे आसान और असरदार  तरीका साबित हो सकता है. फेस पैक बनाने और लगाने का तरीका इस फेसपैक के लिए आपको कुछ चीजें चाहिए हैं जिनकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं. अगर आपके किचन में सभी चीजें नहीं हों तो आप उसके बिना भी इसे तैयार कर सकते हैं. साथ ही आप इसमें अपनी पसंद और स्किन के टाइप के अनुसार कुछ चीजें जैसे चावल का आटा, हल्दी या मुल्तानी मिट्टी ऐड भी कर सकते हैं. सामग्री बेसन: 2 बड़े चम्मच (बेस के लिए) टमाटर का पल्प: 1 बड़ा चम्मच (टैनिंग हटाने के लिए) अनार का जूस: 1 बड़ा चम्मच (एंटी-ऑक्सीडेंट्स के लिए) स्ट्रॉबेरी: 2 पिसी हुई (विटामिन-सी और चमक के लिए) गुलाबजल: जरूरत अनुसार (पेस्ट बनाने और ठंडक के लिए) बनाने का तरीका एक कांच की कटोरी में बेसन लें और उसमें टमाटर का ताज़ा पल्प और पिसी हुई स्ट्रॉबेरी मिलाएं. अब इसमें अनार का जूस डालें और अच्छी तरह मिक्स करें. मिश्रण को थोड़ा चिकना और लगाने लायक बनाने के लिए इसमें गुलाबजल मिलाएं. इसे तब तक फेंटें जब तक कि एक स्मूथ पेस्ट न बन जाए. लगाने का तरीका चेहरे को ठंडे पानी से धोकर सुखा लें. ब्रश या उंगलियों की मदद से गर्दन और चेहरे पर एक समान परत लगाएं. इसे 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब यह हल्का सूख जाए, तो हाथों को थोड़ा गीला करके सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए इसे ठंडे पानी से धो लें. बेहतर परिणाम के लिए हफ्ते में 2 बार इसका इस्तेमाल करें.

हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, बेसहारा पशुओं के लिए हसनपुर गांव में खुलेगा आधुनिक अस्पताल और जीन बैंक

गुरुग्राम गुरुग्राम और नूंह प्रशासन मिलकर हसनपुर गांव में 100 एकड़ जमीन पर हरियाणा का पहला 'गौ अभ्यारण्य' बनाने जा रहे हैं। यहां न सिर्फ बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा, बल्कि बीमार गायों के लिए अस्पताल और देसी नस्लों के लिए जीन बैंक भी बनेगा। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम और हादसों से राहत मिलेगी।    गुरुग्राम-नूंह सीमा पर 100 एकड़ में बनेगा राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य, 10 हजार गोवंश को मिलेगा आशियाना गुरुग्राम नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मिलकर नूंह जिले के तावडू के हसनपुर गांव में हरियाणा का पहला गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के महानिदेशक के पास आखिरी मंजूरी के लिए भेजा गया है। सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं को सीधे इस अभ्यारण्य में भेजा जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और हादसों पर लगाम लगेगी। नगर निगम ने इस संबंध में नूंह के जिला उपायुक्त से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। बता दें कि शहर में दस हजार से अधिक पशु सड़कों पर खुले में घूम रहे हैं। निगम के पास जो गौशालाएं हैं उनमें अब मवेशियों को रखने की जगह नहीं है। नगर निगम और जीएमडीए की इस योजना से मानेसर, गुरुग्राम, सोहना और नूंह के लोगों को सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं से राहत मिलेगी। ग्राम पंचायत ने जमीन देने के लिए प्रस्ताव पास किया इस परियोजना के लिए हसनपुर गांव में लगभग सौ एकड़ पंचायत की जमीन को चिन्हित किया गया है। सरकारी राजस्व दस्तावेजों में यह जमीन पहले से ही गायों के चरने वाली जगह के रूप में दर्ज है। हसनपुर ग्राम पंचायत ने साल 2023 में ही अपनी जमीन देने का विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। नगर निगम आयुक्त और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में यह बात सामने आई थी कि शहरों में बेसहारा पशु कूड़ा और प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी अकाल मृत्यु हो रही है। खाली जमीन पर अवैध कब्जों पर रोक लगेगी नूंह के उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज गायों के चरने वाली ऐसी सभी खाली जमीनों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। ऐसा करने से एक तरफ बेसहारा पशुओं को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल जाएगी। जमीन पर होने वाले अवैध कब्जों, अतिक्रमणों पर भी प्रभावी रूप से पूरी तरह लगाम लग सकेगी। पशु अस्पताल भी बनेगा गौ अभ्यारण्य में विशेष रूप से भारत की देसी गायों को बचाने और उनके जीन बैंक को सुरक्षित रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशासन इस जगह को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित करेगा। पूरी जगह को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। बीमार पशुओं के बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल बनाया जाएगा। चारदीवारी, पीने के पानी की पक्की व्यवस्था और अलग-अलग उम्र के गोवंश के लिए अलग बाड़े भी बनाए जाएंगे। गुरुग्राम और मानेसर निगम रखरखाव करेंगे इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से 25 करोड़ रुपये की शुरुआती धनराशि की मांग की गई है। इसके जाने के बाद इसके नियमित रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च गुरुग्राम और मानेसर निगम मिलकर वहन करेंगे। हसनपुर गांव की पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि इस अभ्यारण्य में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार भी ऐसी पंचायतों की तारीफ कर रही है जो गायों के लिए जमीन दान कर रही हैं। प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम, ''नूंह के गांव हसनपुर में गौ अभ्यारण्य तैयार करने की योजना है। इसको लेकर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।''