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सूरज नासिक में रहते हैं और ट्रेनिंग का खर्च हर महीने 2-3 दौड़ों में भाग लेकर मिलने वाली इनामी राशि से निकालते हैं

रायपुर नासिक के एथलेटिक्स ट्रैक पर सूरज माशी और उनके कुछ साथी अक्सर अपने सीनियर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग करते हुए बड़े ध्यान से देखते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वे सिर्फ देख नहीं रहे होते, बल्कि हर छोटी-बड़ी चीज को समझकर उसे अपनी ट्रेनिंग में लागू करने की कोशिश करते हैं। सूरज उन आदिवासी खिलाड़ियों के समूह का हिस्सा हैं, जो हर महीने कोच की फीस नहीं दे सकते और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जो भी मदद मिलती है, उसी पर निर्भर रहते हैं। दौड़ना ही उनका सबसे बड़ा हुनर है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है और जो एक दिन उनकी जिंदगी बदल सकता है।             सूरज ने कहा, “कोचिंग फीस 4000 रुपये प्रति माह है, जिसे मैं वहन नहीं कर सकता। मैं नासिक में किराये पर रहकर पढ़ाई करता हूं और किराया मुझे महाराष्ट्र और गुजरात में दौड़ों में भाग लेकर मिलने वाली इनामी राशि से ही देना पड़ता है। इसलिए मैं खुद ही ट्रेनिंग करता हूं और जब कहीं अटकता हूं तो सीनियर्स या ट्राइबल विभाग के कोच से सलाह लेता हूं।” यही सूरज खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुष 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने में सफल रहे।          सूरज हर महीने सिर्फ 300 रुपये देकर ट्रेनिंग सुविधा का उपयोग करते हैं और सेकेंड हैंड जूते और स्पाइक्स में अभ्यास करते हैं। उनके स्पाइक्स काफी घिस चुके थे, इसलिए उन्हें इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक साथी धावक से स्पाइक्स उधार लेने पड़े। पालघर जिले के मोखाडा तालुका के एक छोटे से गांव से आने वाले सूरज की जिंदगी संघर्ष और आत्मनिर्भरता की कहानी है। वारली जनजाति से ताल्लुक रखने वाले सूरज, जो एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे हैं और चार बहनों के बाद पैदा हुए पहले बेटे हैं, बचपन से ही आत्मनिर्भर रहे हैं। सरकारी आश्रम शाला में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने दौड़ना शुरू किया।             स्कूल के एक खेल आयोजन के दौरान उन्हें दौड़ने का शौक लगा और तब से यह उनके जीवन का सहारा बन गया। जब सूरज 10वीं कक्षा में थे, उनकी मां घर में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गईं और अब चल-फिर नहीं पातीं। पिछले साल उनकी एक बड़ी बहन का निधन हो गया और उनके तीन छोटे भाई उनसे मार्गदर्शन और सहारे की उम्मीद रखते हैं। स्कूल पूरा करने के बाद सूरज पढ़ाई और खेल को आगे बढ़ाने के लिए नासिक चले गए, लेकिन शहर में रहना और परिवार का सहारा बनना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं स्थानीय प्रतियोगिताओं और क्रॉस-कंट्री दौड़ों में भाग लेकर हर महीने करीब 3000 से 5000 रुपये कमा लेता हूं। उसी में से कुछ पैसे बचाकर मैं अपने पिता को भेजता हूं और अपनी पढ़ाई, ट्रेनिंग और बाकी जरूरतें पूरी करता हूं।”           इस साल जून में 19 साल के होने वाले सूरज ने 18 साल की उम्र के बाद पुलिस विभाग में नौकरी पाने की भी कोशिश की। उन्होंने ज्यादातर शारीरिक परीक्षण पास कर लिए, लेकिन शॉट पुट में निर्धारित दूरी पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन से चूक गए। हालांकि नौकरी पाना अभी भी उनकी प्राथमिकता है, लेकिन सूरज को भरोसा है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में उनके प्रदर्शन से उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार खेलो इंडिया गेम्स के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार भी देती है।

पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत: उद्योग मंत्री

रायपुर पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत: उद्योग मंत्री छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि पत्रकारबंधु एक ऐसा दर्पण होते हैं, जो समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पत्रकारिता का मूलमंत्र है, समाचार पत्रों में जो छपता है, मीडिया में जो दिखता है, आमजन मानस उसे ही सच मानकर चलता है, अतः यह आवश्यक है कि समाचारों मंें निष्पक्षता, पारदर्शिता व निर्भीकता होनी ही चाहिये। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब कोरबा एक ऊर्जावान संस्था है, जो पत्रकारिता व पत्रकारबंधुओं के हितों की रक्षा के लिये निरंतर कार्य कर रही है।  इस आशय के उद्गार आज मंगलवार को उद्योग मंत्री  देवंागन ने कोरबा के तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित भूमिपूजन-लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 35 खरमोरा डाईट बिल्डिंग तिलक नगर पत्रकार कालोनी के समीप एन.टी.पी.सी. के सीएसआर मद से 15 लाख रूपये की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके हाथों किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 तिलक भवन प्रेस क्लब में पार्षद  पंकज देवांगन के पार्षद मद से एलईडी प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि का कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण भी आज उद्योग मंत्री  देवांगन के करकमलों से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जब मैं कोरबा का महापौर था, उस समय प्रेस क्लब का निर्माण किया गया, उस समय भी और आज भी नगर निगम केारबा द्वारा प्रेस क्लब के विकास व अन्य गतिविधियों के लिये लगातार सहयोग दिया जा रहा है, विकास कार्य कराये जा रहे हैं।  प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार ने पुनः इन योजनाओं को प्रारंभ कराया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है तथा समाज के गरीब, निर्धन, मजदूर, किसान, युवा, महिला व हर वर्ग के लिये कल्याणकारी योजनायें संचालित कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही है।  उद्योग मंत्री विकास हेतु लगातार कर रहे फंड की व्यवस्था  इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन कोरबा के सभी 67 वार्डाे में विकास कार्य कराये जाने हेतु लगातार धनराशि की व्यवस्था करा रहे हैं, उनके प्रयासों से विगत 02 वर्षाे के दौरान विभिन्न मदों के अंतर्गत 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे व परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।  सहजता, सरलता व सज्जनता के पर्याय हैं उद्योग मंत्री  इस अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  राजेन्द्र जायसवाल ने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन अपनी सहजता, सरलता व सज्जनता के लिये जाने जाते हैं, आमजनता के बीच में भी उनकी छबि एक सहज, सरल व सज्जन व्यक्ति के रूप में अंकित है, जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है, उन्होने अपने महापौर कार्यकाल और अब मंत्री कार्यकाल में उम्मीद से आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं। अभी हाल ही में महापौर ने प्रेस क्लब के मल्टी जिम की मरम्मत के लिये 02 लाख रूपये दिये हैं, उद्योग मंत्री  देवांगन ने प्रेस काम्पलेक्स में शौचालय निर्माण हेतु 10 लाख रूपये की राशि स्वीकृत कराई है, आगे भी लगातार उनके द्वारा सहयोग दिया जायेगा, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री  देवांगन व महापौर मती राजपूत के प्रति प्रेस क्लब कोरबा की ओर से धन्यवाद ज्ञापित करता हूॅं। वरिष्ठ पत्रकारों का उद्योग मंत्री व महापौर ने किया सम्मान  31 मार्च को कोरबा प्रेस क्लब का स्थापना दिवस भी मनाया गया, इस मौके पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने वरिष्ठ पत्रकारबंधुओं का शाल फल से सम्मान किया तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिये उन्हें बधाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार छेदीलाल अग्रवाल, राजेन्द्र पालीवाल, विश्वनाथ केडिया, मनोज शर्मा, विजय खेत्रपाल, प्रेमचंद जैन, किशोर शर्मा, राज गुप्ते, रवि पी.सिंह व आकाश वास्तव को सम्मानित  किया गया।  इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी, पार्षद पंकज देवांगन, लक्ष्मण वास, ममता यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, नरेन्द्र पाटनवार, प्रेस क्लब के संरक्षक मनोज शर्मा, अध्यक्ष राजेन्द्र जायसवाल, उपाध्यक्ष रामेश्वर ठाकुर, सचिव नागेन्द्र वास, महासचिव रघुनंदन सोनी, कोषाध्यक्ष ई. जैन, कार्यकारणी सदस्य राजकुमार शाह, शेख असलम, नीलम पडवार, मधु डिडवानिया, रेणु जायसवाल, प्रीतम जायसवाल, अनिल यादव, प्रतिमा सरकार, ममता आदि के साथ समस्त पत्रकारबंधु  उपस्थित थे।

किताबों में घोटाला: MRP मिटाकर ज्यादा दाम वसूले, शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा

ग्वालियर पाठ्यपुस्तकों की वास्तविक कीमत पर स्याही लगाकर अधिक मूल्य पर उन्हें पुस्तक मेले में विक्रय करने वाले आदर्श स्टेशनरी स्टोर्स के संचालक और निजी स्कूल कंगारू किड्स स्कूल के संचालक के खिलाफ ग्वालियर में एफआइआर दर्ज कराई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने गोला का मंदिर थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इससे पहले दोनों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई की गई है। बिना मूल्य और प्रकाशक के बेचे जा रहे थे सेट पुस्तक मेले के पहले ही दिन गत 25 मार्च को एक अभिभावक ने शिकायत की कि उसने अपने बच्चे के लिए आदर्श स्टेशनरी स्टोर से कंगारू किड्स स्कूल सिटी सेंटर की किताबों और स्टेशनरी का सेट 8750 रुपये में खरीदा है। किताबों व स्टेशनरी पर मूल्य अंकित नहीं है और प्रकाशक का नाम भी नहीं है। शिक्षा विभाग की टीम ने तुरंत आदर्श स्टेशनरी स्टोर के स्टाल पर जाकर पुस्तकों के बॉक्स को खोला। चेक किया तो शिकायत सही पाई गई। इस पर टीम ने 26 मार्च को कंगारू किड्स स्कूल में जाकर भी जांच की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कानूनी शिकंजा इसके बाद आदर्श स्टेशनरी स्टोर के संचालक धनराज सेवानी व स्कूल के संचालक उदित गायकवाड़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिसों का जवाब संतोषजनक न मिलने पर धनराज सेवानी व उदित गायकवाड़ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। शिक्षा विभाग के पास कई शिकायतें आईं कि दुकानदार किताबों के प्रिंट मूल्य पर नए मूल्य का स्टीकर लगाकर विक्रय कर रहे हैं। इस पर दुकानदारों का कहना है कि प्रकाशक ने ही स्टीकर लगाए हैं। वे ऐसी किताबों को वापस कर नई किताबें मंगाएंगे। अभिभावकों को वापस कराई जाएगी अधिक ली गई धनराशि शिक्षा विभाग ने कहा है कि जिन अभिभावकों ने 30 मार्च को शाम 6.30 बजे तक किताबें खरीदी हैं और उनमें एमआरपी की जगह पर स्टीकर लगाकर अधिक मूल्य अंकित हैं, तो वे मेला कंट्रोल रूम में पहुंचकर अपनी शिकायत तीन अप्रैल तक दर्ज करा सकते हैं। जो शिकायतें मिलेंगी, उनमें नियमानुसार मूल्य वापसी कराई जाएगी। पुस्तक विक्रेताओं में मचा हड़कंप शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग व प्रशासन की टीम ने 29 मार्च को आदर्श स्टेशनरी स्टोर को सील कर दिया था और नोटिस जारी किया था। 24 घंटे में जवाब मांगा था। इस कार्रवाई से पुस्तक विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। हालांकि पिछले साल स्कूलों पर एफआइआर हुई थी, लेकिन इस बार एक दुकानदार भी कार्रवाई की जद में आया है।

ज्योतिष गणना,अप्रैल में बनेगा ‘मालव्य राजयोग’, इन 4 बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन से मचेगी हलचल

अप्रैल महीने से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है. हिंदू कैलेंडर और धार्मिक लिहाज से अप्रैल का महीना बहुत खास महत्व का होता है. सनातन धर्म में इस माह कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं. मार्च-अप्रैल के महीने में ही हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रह गोचर के लिहाज से अप्रैल का महीना बड़ा ही ख़ास माना जा रहा है. सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र ये चार बड़े ग्रह अप्रैल के महीने में राशि परिवर्तन करेंगे. महीने की शुरुआत में मंगल का गोचर मीन राशि में होगा. इसके बाद बुध 11 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं सूर्य का गोचर 14 अप्रैल को अपनी उच्च राशि मेष में होगा. 19 अप्रैल को शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में गोचर कर जाएंगे. इस महीने सूर्य, मंगल, बुध और शनि की युति मीन राशि में होगी. शनि और सूर्य पहले से ही मीन राशि में मौजूद हैं. वहीं, इस महीने शुक्र का गोचर भी स्वराशि वृषभ में होगा. शुक्र के स्वराशि वृषभ में गोचर करने से मालव्य राजयोग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र में मालव्य राजयोग को प्रभावशाली और शक्तिशाली राजयोग माना गया है. 2 अप्रैल 2026 को मंगल मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होगी. इसके बाद 11 अप्रैल को बुध भी मीन राशि में प्रवेश करेंगे. फिर 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे, जहां वह उच्च के माने जाते हैं. वहीं 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधाओं, प्रेम और भौतिक सुखों में वृद्धि का संकेत देता है. वहीं महीने के अंत में 30 अप्रैल को बुध मेष राशि में गोचर करेंगे, जिससे निर्णय लेने की क्षमता तेज होगी. ऐसे में ग्रहों के इस महत्वपूर्ण बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा. 2 अप्रैल को मंगल का मीन राशि में गोचर अप्रैल माह में पृथ्वी पुत्र और युद्ध के देवता मंगल गुरु ग्रह की राशि मीन में प्रवेश करेंगे. 02 अप्रैल को मंगल मीन राशि में गोचर करने वाले हैं, जहां पर पहले से शनिदेव विराजमान हैं जिसके कारण मीन राशि में शनि-मंगल की युति बनेगी. मीन राशि पर देवगुरु बृहस्पति का स्वामित्व होता है. वहीं ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और मंगल को युद्ध, साहस, पराक्रम और भूमि आदि का कारक ग्रह माना जाता है. शनि और मंगल दोनों की ही गिनती पाप ग्रहों में होती है और दोनों का एक ही राशि में आने से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा. हालांकि कुंडली में ग्रहों की स्थिति से कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे कुछ राशि वालों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को भी मिल सकता है. 11 अप्रैल को बुध का मीन राशि में गोचर बुध 11 अप्रैल 2026 को मेष राशि की यात्रा को विराम देते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे. बुध के राशि परिवर्तन से लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी. शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है. बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है. बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा. अनाज और खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है. 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में गोचर सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं, जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष में सूर्य ग्रहों के राजा हैं. सूर्य 14 अप्रैल को मीन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष राशि में सूर्य उच्च का फल देते हैं. ज्योतिष में सूर्य को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. सूर्य को आत्मा और पिता का कारक भी कहा गया है. सूर्य शुभ होने पर व्यक्ति को उच्च पद की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना गया है. सूर्य के मीन से निकलकर मेष राशि में गोचर के साथ मीन मलमास समाप्त हो जायेगा और इसकी वजह से रुके हुए मांगलिक कार्यक्रम, विवाह आदि फिर से शुरू हो जाएंगे. 19 अप्रैल को शुक्र का वृषभ राशि में गोचर रविवार 19 अप्रैल दोपहर 3:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, यश, प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. जब शुक्र अपनी ही राशि में प्रवेश करते है तो उसकी शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. वृषभ एक स्थिर राशि है जो पृथ्वी तत्व से संबंधित है और भौतिक सुख-सुविधाओं से इसका गहरा जुड़ाव है. यह प्रभाव केवल भौतिक सुखों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में संतुलन, सौंदर्य और रचनात्मकता भी लाता है. शुक्र का वृषभ राशि में प्रवेश जीवन को अधिक सुखी और संतुलित बनाता है. 30 अप्रैल को बुध का मेष राशि में गोचर बुध देव 30 अप्रैल 2026 को मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे और वे इस स्थिति में 14 मई तक रहेंगे. बुध के राशि परिवर्तन होने से इनकम, निवेश और लेन-देन पर असर पड़ता है. जिससे कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो कुछ लोगों को नुकसान भी होता है. इस ग्रह के कारण शेयर मार्केट से जुड़े लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं. साथ ही शरीर में नसें, तंत्रिका तंत्र, गले और स्किन से जुड़ी बीमारी भी बुध की वजह से होती है. इस ग्रह के कारण तर्क शक्ति पर असर पड़ता है. साथ ही पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन और वकालात से जुड़े लोगों के कामकाज में भी बड़े बदलाव होते हैं.

यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखा मौलाना, लंगड़ाते हुए निकला जुलूस

 बहराइच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौ माता के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी की अकड़ अब काफूर हो चुकी है. यूपीएसटीएफ की टीम मौलाना को बिहार से गिरफ्तार कर बहराइच ले गई थी.  इस दौरान पूछताछ में मौलाना अब्दुल सलीम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. साथ ही उसने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें वह हाथ जोड़कर माफी मांगता और लंगड़ाता हुआ नजर आ रहा है. कौन है मौलान अब्दुल सलीम मूल रूप से बिहार के अररिया के रहने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक धार्मिक सभा में गौकशी और सीएम योगी की मां को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था.वीडियो वायरल होने के बाद मौलाना के खिलाफ बहराइच के कोतवाली नगर थाने में 8 मार्च को विश्व हिंदू परिषद (VHP) मुकदमा दर्ज हुआ था. भड़काऊ बयान देने के बाद मौलाना फरार हो गया था जिसे ट्रैक करने के लिए यूपी एसटीएफ की टीमें लगी हुई थीं. इस बीच सादी वर्दी में पहुंची एसटीएफ ने बिहार के पूर्णिया से स्थानीय पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया और उसे यूपी लेकर आई. जेल भेजा गया मौलाना इस बीच जब यूपीएसटीएफ की टीम ने उसे बहराइच ले जाकर पूछताछ शुरू की तो वह माफी मांगने लगा. मौलान से पूछताछ के बाद का एक वीडिया सामने आया है. इस वीडियो में मौलाना लंगड़ाते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है. इस दौरान उसने लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल न करें.फिलहाल बहराइच पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है.    

दण्डकारण्य आज हिंसा से विश्वास की ओर लौटने का साक्षी बन रहा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है। इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ₹14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घरों के सपनों के साथ आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी हो रहे सुनिश्चित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राज्य ने न केवल सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, बल्कि मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने हर्ष जताते हुए प्रदेशवासियों एवं हितग्राहियों को शुभकामनाएँ दी।       उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छत्तीसगढ़ ने 'एसएनए स्पर्श' के माध्यम से देश में सर्वाधिक व्यय कर उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2016 में योजना के प्रारंभ से अब तक एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष दर्ज किया गया है, जो राज्य की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आवास से आजीविका’ के अभिनव प्रयास के अंतर्गत निर्माण सामग्री की आपूर्ति से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। जिसमें रोजगार पाकर 9000 से अधिक बिहान दीदियाँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है।          उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों में 1400 महिलाएँ एवं 400 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं, जो मुख्यधारा में जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। पीएम आवास ग्रामीण  के हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने हेतु महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत कार्य भी कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।            इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल पक्के घरों का सपना साकार हो रहा है, बल्कि लोगों की आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो रही है। राज्य आगे भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 हिला फुटबॉल: छत्तीसगढ़ और झारखंड फाइनल में

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले रोमांच और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से भरपूर रहे। पहले सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश के बीच बेहद कांटे का मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अरुणाचल प्रदेश को 6-5 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।                 वहीं दूसरे सेमीफाइनल में झारखंड ने गुजरात के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की। झारखंड की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए गुजरात को 9-0 से पराजित किया। पहले हाफ के अंत तक ही झारखंड 4-0 की मजबूत बढ़त बना चुकी थी, जिसे दूसरे हाफ में और मजबूत करते हुए बड़ी जीत हासिल की। इस तरह छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहां खिताब के लिए रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।

कल से बढ़ेगा हाईवे का खर्च, हरियाणा में टोल टैक्स 5% महंगा

चंडीगढ़. राष्ट्रीय राजमार्गों पर बुधवार से निजी वाहनों में यात्रा करना महंगा होगा। मंगलवार की रात 12 बजते ही टोल की नई दरें लागू हो जाएंगी। टोल में औसतन पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। विशेषकर दिल्ली-गुरुग्राम, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे सहित प्रमुख हाईवे पर आने-जाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा। राज्य में कुल 75 टोल प्लाजा हैं, जिन पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की ओर से टोल लिया जाता है। नई दरों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल शुल्क में बढ़ोतरी लागू होगी। यह बढ़ोतरी थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर तय की जाती है। नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक रहेगी और केवल फास्ट टैग या डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा। सबसे व्यस्त रहने वाले दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे (एनएच-48) पर खेड़की दौला टोल प्लाजा पर 5 से 15 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। यहां पिछले साल नवंबर में भी टोल दरों में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर थाना टोल प्लाजा पर हर श्रेणी में 5 से 10 रुपये रेट बढ़ेगा। पहले कार/जीप/वैन के लगभग 85 से 95 (प्रति टोल प्लाजा, औसत) थे। अब नई दरों के अनुसार अब यह दरें 90 से 105 रुपये होंगी। प्रति यात्रा 5 से 10 रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। हल्के वाणिज्यिक वाहनो को पहले 140 से 160 रुपये देने पड़ते थे। अब 150 से 175 रुपये देने होंगे। बस/ट्रक (2-एक्सल) वाहनों को पहले 290 से 320 रुपये तक देने पड़ते थे जो अब एक अप्रैल से 310 से 350 रुपये तक होंगे। इस श्रेणी के वाहनों की टोल दरों में 20 से 30 तक बढ़ोतरी की गई है। भारी वाहन (मल्टी-एक्सल) श्रेणी के लिए पहले 450 से 500 रुपये थे। नई दरें 480 से 540 रुपये तक होंगी। हालांकि यह दरें अलग-अलग टोल प्लाजा पर दूरी और प्रोजेक्ट के हिसाब से थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। फस्ट टैग की वार्षिक पास की फीस भी 3000 रुपये से बढ़कर 3075 रुपये हो जाएगी। अब नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक रहेगी और केवल फास्ट टैग या डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा।

बिहारशरीफ में मातम, मां शीतला मंदिर में मची अफरा-तफरी, सीएम नीतीश ने किया मुआवजे का ऐलान

नालंदा नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर (मघड़ा) में मंगलवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गई जब भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई. मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन अचानक मची अफरा-तफरी में लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए भागने लगे. इस भगदड़ में 9 महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि कई लोग जख्मी हो गए हैं. उन्हें इलाज के लिए मॉडल अस्पताल बिहार शरीफ भेजा गया है. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं. CM नीतीश कुमार ने किया मुआवजे का ऐलान हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस घटना से अत्यंत मर्माहत हैं और उन्होंने तुरंत राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रितों के लिए कुल 6 लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान की घोषणा की है, जिसमें 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग और 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री के निर्देश पर शासन के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं और घायलों के समुचित इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सरकार ने साफ किया है कि इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक नालंदा में हुई भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और इसमें अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. सम्राट चौधरी डॉ. प्रेम कुमार और तेजस्वी यादव की संवेदना इस हादसे पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी शोक प्रकट किया है. सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार घायलों के बेहतर उपचार के लिए प्रतिबद्ध है और पीड़ितों को संबल प्रदान करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं. नालंदा स्थित माता शीतला मंदिर में भगदड़ की दुखद घटना अत्यंत ही पीड़ादायक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए सभी श्रद्धालुओं के परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट करता हूँ। सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और राहत प्रदान की जा रही है। घायलों के…      वहीं, विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. नालंदा के मघड़ा स्थित शीतला मंदिर में भगदड़ की घटना पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गहरा दुख जताया है. तेजस्वी यादव ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन घटना के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई है. वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है और राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज कराया जा रहा है. इस हादसे के बाद मंदिरों और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे आयोजनों में बेहतर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.