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पाली के ग्राम पंचायत मुड़ापार में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन 238 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण

रायपुर  सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आमजनो की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला कोरबा के पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुड़ापार में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन कटघोरा विधायक   प्रेमचंद पटेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत निकिता मुकेश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती पूर्णिमा शोभा जगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी  उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को स्टॉल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी एवं विभागीय योजनाओं से लाभ प्रदान किया गया।  जिसमें जनपद पंचायत पाली  अंतर्गत एक हितग्राहियों को राशन कार्ड, एक हितग्राही को पेंशन स्वीकृति आदेश, 03 दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र एवं 01 हितग्राही को वाकिंग स्टीक प्रदान किया गया। साथ ही नन्हें शिशुओं को अन्नप्राशन भी कराया गया। शिविर में  विभिन्न विभाग अंतर्गत मांग व शिकायत से सम्बंधित कुल 1065 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 238 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया।  शेष आवेंदनो का परीक्षण कर शीघ्रता से निराकरण किया जाएगा।  इस शिविर में क्लस्टर अंतर्गत शामिल सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। शिविर   को संबोधित करते हुए विधायक  प्रेमचंद ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हैं, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। उन्होंने  ग्रामीणों से अपील की कि अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर में सुधार करें।

आज का Horoscope: सितारों की कृपा से कई राशियों को मिलेगा आर्थिक लाभ और सफलता

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई पहचाने बनाने के अवसर मिलेंगे, लेकिन ऑफिस की राजनीति का शिकार भी हो सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन में भी कुछ चुनौतियां आ सकती हैं। आपको नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। धैर्य और समझदारी से काम लें। धन की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां खत्म हो सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। किसी रिश्तेदार या परिवार के सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम-संबंधों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। मन की बात को स्पष्ट तौर पर जाहिर करना सही रहेगा। जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाएंगे। हालांकि धन कमाने में थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है। व्यापारियों को विस्तार के अवसर मिलेंगे। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ रहेगा। आज आप अपने चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा महसूस करेंगे, जो आपके नजरिये और सोच को बदल सकती है। व्यक्तिगत विकास के अवसर मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में रचनात्मक बने रहेंगे। आपके द्वारा किए गए प्रयासों को तवज्जोह मिल सकती है, उच्चाधिकारी प्रसन्न होंगे। जीनवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आएगी। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ और खुशियों से भरा रहेगा। प्रेम-संबंधों के मामलों में कोई बड़ी परेशानी नजर नहीं आ रही है। शत्रु परास्त होंगे और वित्तीय मामलों में सफलता पाएंगे। सिंगल जातक किसी खास व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं। नौकरी चाकरी की स्थिति पहले से बेहतर होगी। धन का आवक बढ़ेगा। हालांकि आज आपको अपनी जुबान पर नियंत्रण रखना चाहिए, वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों का आज स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा। आज आपको उन लोगों पर नजर रखने की जरूरत है जो आपके काम से ईर्ष्या करते हैं। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें। आज वित्तीय स्थिति सामान्य रहने वाली है। आपके द्वारा किए गए निवेश का अच्छा लाभ भविष्य में मिल सकता है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज करियर से जुड़े बेहतरीन मौके मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र पर नई जिम्मेदारियां निभाने के अवसर मिलेंगे। कार्यों में गति आएगी और आप ऑफिस की डेडलाइन के अंदर ही सभी टास्क निपटा सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। लव लाइफ से जुड़ी सभी परेशानियां खत्म हो सकती हैं। धन का आवक बढ़ेगा और संचय भी करेंगे। व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज मनचाही यात्रा पर जाने का अवसर मिलेगा। मीटिंग में सीनियर्स आपकी बातों और विचारों से प्रभावित होंगे। घर में खुशियों का आगमन होगा। सहकर्मी और दोस्तों का सहयोग आपको किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता दिला सकता है। धन संबंधी योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए निवेशकों से फंड मिल सकता है। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों की आज आर्थिक स्थिति अच्छी होगी। धन का आगमन होने से बैंक-बैलेंस बढ़ेगा। धन का संचय भी करेंगे। व्यापारियों के हाथ कोई बड़ी डील या सौदा लग सकता है। घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं, जिसमें धन खर्च करना पड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धनु राशि– धनु राशि वालों को आज आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लें, वरना नुकसान हो सकता है। कार्यस्थल पर आप अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। परिवार में खुशियां आएंगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति होने से मन प्रसन्न रहेगा। लव लाइफ बेहतर होगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। काम का दबाव महसूस कर सकते हैं। धैर्य के साथ काम करें, अंत में सफलता प्राप्त होगी। आज निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला नहीं लें। अगर निवेश करना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की राय अवश्य लें। प्रेम-संबंधों में अनबन के संकेत हैं, बहुत संभलकर रहें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों के लिए एक बेहतरीन दिन इंतजार कर रहा है। आपके नए-नए विचार कार्यस्थल पर नई पहचान बनाने में सफल होंगे। आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। यात्रा का योग बन रहा है। किसी महत्वपूर्ण और बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज व्यावसायिक तौर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि लव लाइफ और सेहत के लिहाज से दिन शानदार रहेगा। मानसिक शांति प्राप्त होगी। आप अपनी फीलिंग्स को खुलकर जाहिर कर पाएंगे। आर्थिक रूप से दिन सामान्य नजर आ रहा है। निवेश से अभी दूरी बनाकर रखें।

भोपाल के डायल-112 हीरोज घर की राह भटकी 03 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजनों से मिलाया

भोपाल ​भोपाल जिले के थाना अशोका गार्डन क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गई 03 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय रहते की गई मदद से बच्ची सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सकी और परिजनों की चिंता दूर हुई। 03 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना अशोका गार्डन क्षेत्र अंतर्गत रूचि रेस्टोरेंट के पास एक छोटी बच्ची अकेली मिली है, जो घर का रास्ता भटक गई है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षक श्री प्रदीप दुबे एवं पायलट श्री केदार सिंह मौके पर पहुँचे और बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद डायल-112 जवानों ने बच्ची को डायल 112 वाहन में सुरक्षित बैठाकर आसपास क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं पूछताछ प्रारंभ की। तलाश एवं पूछताछ के दौरान सेमरा क्षेत्र में बच्ची के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। डायल-112 टीम ने तत्काल परिजनों से संपर्क किया तथा आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बच्ची को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया।अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।  

मुख्य सचिव का वीडियो कांफ्रेंस में शामिल केबिनेट सचिव ने राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं के एक्शन प्लान को लेकर किया विमर्श

रायपुर भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.व्ही.सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करें। कान्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अपार आई डी, आंगनबाड़ियों के मैनेजमेंट, आरोग्य मंदिर, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी लाईवलीहुड मिशन, पीएम जनमन, पेंशन स्कीम सहित भारत सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं कार्यक्रम का राज्यों में संचालन तथा क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।             वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी दिनों में होने वाली नीति आयोग की नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनटीए द्वारा ली जाने वाली रि-नीट परीक्षा में जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील नवा रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। सीएस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ में लाईवलीहुड मिशन, आकांक्षी जिला एवं नियद नेल्लानार योजना में किए गए कार्यों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं राज्यों के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए।

120 करोड़ रुपये की परियोजना युवाओं को देगी अध्ययन, आवास और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और बिलासपुर को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, महापौर मती पूजा विधानी, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, विशेष सचिव  रजत बंसल, संभागायुक्त  सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही इस परियोजना का संचालन वित्तीय दृष्टि से भी आत्मनिर्भर होगा तथा नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह एजुकेशन हब हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।  

प्रकृति संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान, राज्यपाल ने जल बचाने पर दिया जोर

रायपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पानी रहेगा तो पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे और यदि पेड़ रहेंगे तो जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा।            राज्यपाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में योगदान है। वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और भूजल स्तर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।          राज्यपाल ने कहा कि देश और दुनिया के अनेक क्षेत्रों में जल स्रोत लगातार घट रहे हैं। भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे प्रयास सामूहिक रूप से किए जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। लोक भवन और नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन में करेंगे वृक्षारोपण            विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका लोक भवन तथा नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, जल बचाएं और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।  लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट           विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्यपाल श्री डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को  पौधे  भेंट किए तथा उन्हें अपने घरों एवं आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर लोक भवन के सभी कर्मचारियों के लिए  निशुल्क पौधों के वितरण की  व्यवस्था की गई है।  

313 दिवसीय प्रशिक्षण में दिया गया आधुनिक पुलिसिंग पर जोर

भोपाल ​मध्यप्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण तंत्र की उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस) उज्जैन में नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण के पांचवें सत्र का दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में 206 नव आरक्षकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्यधारा में प्रवेश किया। विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण  रवि कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रदेश की विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण इकाइयों में नव आरक्षकों को आधुनिक, व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में पीटीएस उज्जैन में संचालित प्रशिक्षण का समापन दीक्षांत परेड के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन  राकेश गुप्ता ने परेड की सलामी लेकर प्रशिक्षुओं से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नव आरक्षक मध्यप्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्दी का वास्तविक सम्मान जनता के विश्वास से प्राप्त होता है तथा आमजन के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान है।  गुप्‍ता ने नव आरक्षकों से अपेक्षा की कि वे अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ पुलिस सेवा में आने वाली नई चुनौतियों का सामना करेंगे तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ करेंगे। उन्होंने सफल आयोजन एवं उत्कृष्ट परेड के लिए पुलिस प्रशिक्षण शाला के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। 313 दिवसीय प्रशिक्षण में आधुनिक पुलिसिंग पर विशेष जोर पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन की पुलिस अधीक्षक मती मनीषा पाठक सोनी ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस बैच के प्रशिक्षणार्थियों ने 313 दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। प्रशिक्षण पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार दो सेमेस्टर में संचालित किया गया, जिसमें 12 विषयों की लिखित परीक्षाओं के साथ विभिन्न आउटडोर गतिविधियां, व्यावहारिक प्रशिक्षण, भ्रमण, प्रदर्शन आधारित शिक्षण तथा आधुनिक हथियारों से फायरिंग प्रशिक्षण शामिल रहा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान तकनीक आधारित पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया तथा साइबर वॉरियर योजना के अंतर्गत इस बैच के 61 नव आरक्षकों का चयन किया गया है। ‘साहस’ स्मारिका का विमोचन, दिलाई गई संविधान एवं पुलिस आचरण संहिता की शपथ समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा प्रशिक्षण काल की उपलब्धियों, अनुभवों एवं स्मृतियों को संजोए हुए वार्षिक स्मारिका ‘साहस’ का विमोचन किया गया। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक पीटीएस द्वारा नव आरक्षकों को संविधान एवं पुलिस आचरण संहिता की शपथ दिलाई गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों का सम्मान मुख्‍य अतिथि ने सत्र का सर्वश्रेष्‍ठ प्रशिक्षणार्थी, बाह्य प्रशिक्षण एवं आंतरिक प्रशिक्षण का पुरस्‍कार शासकीय रेल पुलिस भोपाल के आरक्षक  आदित्य उपाध्याय को प्रदान किया। इसके अलावा बाह्य प्रशिक्षण में द्वितीय पुरस्कार विक्रम दाहिया तथा आंतरिक प्रशिक्षण में द्वितीय पुरस्कार राहुल को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्‍त प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक संचालित करने वाले अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।  

जल की हर बूंद में बसती है आने वाले कल की धड़कन, संरक्षण पर जोर

भोपाल  विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्म मंथन और संकल्प का अवसर है। यह वह क्षण है जब हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को पुनः स्मरण करते हुए एक ऐसे भविष्य की कल्पना करनी चाहिए, जहां जल, जंगल और जमीन सुरक्षित हों। आज आवश्यकता केवल एक दिन के संकल्प की नहीं, बल्कि आने वाले युगों तक चलने वाले जन-संकल्प की है। पीढ़ियों से हम सुनते आए हैं. “जल ही जीवन है।” किंतु विडंबना यह है कि इस सत्य को समझने में हमें एक गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ा। आज यह संकट किसी एक मोहल्ले, शहर, राज्य या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण पृथ्वी के अस्तित्व से जुड़ा वैश्विक प्रश्न बन चुका है। भारत भी इस चुनौती से अछूता नहीं है। बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित शहरीकरण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन ने प्राकृतिक जल स्रोतों को तेजी से क्षीण कर दिया है। ऐसे समय में पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजना मानवता का सबसे बड़ा दायित्व बन गया है। जल संकट की गंभीरता केवल पानी की कमी तक सीमित नहीं है। भू-जल स्तर का निरंतर गिरना, नदियों का प्रदूषित होना, पारंपरिक जल स्रोतों का लुप्त होना और वर्षा जल का व्यर्थ बह जाना इस संकट के प्रमुख कारण हैं। गांवों और नगरों की जीवन रेखा रहे तालाब, बावड़ियाँ और कुएं आज उपेक्षा, अतिक्रमण और कचरे के बोझ तले दम तोड़ रहे हैं। दूसरी ओर कृषि और उद्योगों में भूजल के अंधाधुंध दोहन ने स्थिति को और अधिक विकट बना दिया है। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में “जल गंगा संवर्धन अभियान” आशा की एक सशक्त किरण बनकर उभरा है। यह अभियान केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक सामाजिक आंदोलन है, जिसका मूल मंत्र है…“जन सहयोग से जल संरक्षण और संवर्धन।” इसका उद्देश्य जल संकट के मूल कारणों का समाधान करते हुए समाज को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। मैंने स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र नरसिंहपुर तथा गृह नगर गोटेगांव में सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिये सफाई अभियान चलाकर जल स्रोतों के संरक्षण का प्रयास किया है। इसी अनुभव के आधार पर मैं सदैव आह्वान करता हूं—“नदियों को नाला बनाना बंद करें।” वास्तव में नदी का उद्गम स्थल ऊर्जा का केंद्र होता है और जहां नदियों का संगम होता है, वहां जीवन की नई संभावनाएँ जन्म लेती हैं। इसलिए नदियों के उद्गम और उनके प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा करना हमारा सामूहिक दायित्व है। मेरे आराध्य परम पूज्य  बाबा  जी की वाणी है कि संकल्प में विकल्प नहीं होता। संकल्प में विक्लप खोजने पर महानतम कार्य रुक जाते हैं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत पुराने तालाबों, कुओं, बावड़ियों और नदियों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि बारिश का पानी धरती में समाहित होकर भू-जल स्तर को पुनर्जीवित कर सके। जल स्रोतों के आसपास व्यापक वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण की प्राकृतिक प्रक्रिया मजबूत हो सके। साथ ही नदियों में प्रदूषण रोकने और गंदे नालों के प्रवाह को नियंत्रित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इस अभियान के परिणाम उत्साहवर्धक हैं। जल संरचनाओं की सफाई और गहरीकरण से भू-जल स्तर में सुधार हुआ है। अनेक ऐतिहासिक तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर जल उपलब्धता बढ़ी है। “पानी चौपाल” जैसे कार्यक्रमों ने लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा की है और जल बचाने की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है। कृषि क्षेत्र में भी इस अभियान ने सकारात्मक प्रभाव डाला है। किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो । यह न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी आधार बन रहा है। जल संकट के स्थायी समाधान के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास भी आवश्यक हैं। शहरों में अपशिष्ट जल का शोधन कर पुनः उपयोग किया जाना चाहिए। औद्योगिक प्रदूषण पर कठोर नियंत्रण आवश्यक है और व्यक्तिगत स्तर पर भी हमें पानी की बर्बादी रोकने की आदत विकसित करनी होगी। जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करेगा, तब तक कोई भी अभियान पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व है। आज यदि हम जल को सहेजेंगे, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा। हमें अपनी प्राचीन जल संस्कृति से जोड़ते हुए वैज्ञानिक जल प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग देखना है। आइए, इस विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की हर बूंद को बचाएंगे, जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। क्योंकि सच यही है—पानी को सहेजना ही आने वाली पीढ़ियों को बचाना है और जल का संरक्षण ही जीवन का संरक्षण है। भारत की भूमी और मौसम दोनों हमें संदेश दे रहे हैं 5 जून से पौधारोपण की तैयारी करें और वर्षा प्रारंभ होने पर पौधरोपण “विश्व पर्यावरण दिवस” आहवान सुफल औऱ सफल होगा।  

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को

लखनऊ विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्य महोत्सव होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी के तहत यहां ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषय पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी भी होगी। इसमें वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, उद्योग प्रतिनिधि, युवा संगठन, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं व समाज के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी। यह जानकारी वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने दी।  उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें उत्तर प्रदेश की अग्रणी पर्यावरणीय पहल, जलवायु परिवर्तन से संबंधित तकनीकी नवाचार, सतत विकास की सफल परियोजनाओं व संरक्षण के उत्कृष्ट उदाहरणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। कई तकनीक सत्रों में भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।  कार्यक्रम में सीएम योगी विश्व बैंक के सहयोग से 2741 करोड़ की लागत वाली भारत की पहली एयरशेड आधारित उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट परियोजना की लॉन्चिंग करेंगे। पौधरोपण महाभियान-2026 के अंतर्गत 35 करोड़ पौधरोपण महाभियान के लोगो का अनावरण, उत्तर प्रदेश के रामसर स्थलों के डॉकेट का विमोचन भी होगा।  सीएम योगी उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंध परियोजना की वेबसाइट का अनावरण, वीडियो लॉन्चिंग, लोगो डिजाइन प्रतियोगिता व उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत करेंगे। साथ ही वेटलैंड वाले गांवों के प्रधानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया जाएगा।

तेज हवाओं से बाधित विद्युत आपूर्ति को सुधारने में जुटीं बिजली कंपनियों की टीमें

भोपाल राजधानी भोपाल में गुरुवार की शाम आये तेज आँधी-अँधड़ और वर्षा से विद्युत प्रदाय में व्यापक व्यवधान और हानि पहुँची। प्राप्त जानकारी के अनुसार भोपाल शहर में लगभग 300 फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर विद्युत संरचना को गंभीर क्षति पहुँची है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी की टीम मैदान में कार्य कर रही है। सभी स्थानों पर यथाशीघ्र विद्युत प्रवाह शुरू करने युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने लिय जायजा ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुँचकर आँधी-अँधड़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को अतिशीघ्र विद्युत प्रवाह शुरू करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है।