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7 जून से 30 जून तक प्रेरणा पोर्टल पर होंगे ऑनलाइन आवेदन, ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश के पात्र शिक्षक एवं शिक्षिकाएं 7 जून से 30 जून 2026 तक प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।  प्रेरणा पोर्टल से पूरी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पात्र शिक्षक प्रेरणा पोर्टल पर निर्धारित अवधि के भीतर अपना आवेदन कर सकेंगे। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।  ऐसे शिक्षक होंगे पात्र राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए केवल नियमित रूप से कार्यरत ऐसे शिक्षक एवं शिक्षिकाएं पात्र होंगे, जिन्होंने न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर ली हो तथा जिनकी सेवानिवृत्ति में कम से कम पांच वर्ष का समय शेष हो। संविदा शिक्षक, शिक्षामित्र, सेवानिवृत्त शिक्षक तथा पूर्व में राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत शिक्षक इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे। गुणवत्ता आधारित होगी चयन प्रक्रिया योगी सरकार ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह गुणवत्ता आधारित और पारदर्शी बनाया है। शिक्षकों का मूल्यांकन 100 अंकों की निर्धारित प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक उपलब्धियां, विद्यालय विकास में योगदान, छात्र नामांकन वृद्धि, नवाचार आधारित शिक्षण, डिजिटल संसाधनों का उपयोग, छात्र अधिगम स्तर में सुधार, प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार जैसे महत्वपूर्ण मानकों को शामिल किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान प्राप्त हो। दो चरणों में होगी चयन प्रक्रिया 01 जुलाई से 20 जुलाई तक जनपद चयन समितियां प्राप्त आवेदनों का परीक्षण, सत्यापन और मूल्यांकन करेंगी तथा प्रत्येक जनपद से तीन श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन करेंगी। इसके बाद राज्य चयन समिति 01 अगस्त से 14 अगस्त के बीच पुनर्मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कार के आधार पर प्रत्येक जनपद से एक उत्कृष्ट शिक्षक का अंतिम चयन करेगी।

विगत चार दिनों में 79 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चोरी एवं लूटी गई संपत्ति बरामद

भोपाल  प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, अपराधियों की गिरफ्तारी तथा चोरी एवं लूट की वारदातों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं रेल पुलिस इकाइयों द्वारा विगत चार दिनों में की गई कार्रवाई में 79लाख रुपये से अधिक मूल्य की चोरी एवं लूटी गई संपत्ति बरामद करते हुए अनेक शातिर एवं अंतर्राज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गुना गुना पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महत्वपूर्ण मामलों का सफल खुलासा किया। कैंट थाना क्षेत्र के गोविन्द गार्डन में हुई चोरी की वारदात का मात्र 36 घंटे में पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से लगभग 16 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण जब्‍त किए गए। वहीं कोतवाली थाना पुलिस ने स्नेचिंग की घटना का केवल 6 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का मंगलसूत्र एवं वारदात में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल जब्त की। इंदौर इंदौर पुलिस ने  दिगम्बर जैन नवग्रह जिनालय में हुई चोरी की घटना में फरार चल रहे तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का सफल खुलासा किया। मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से अष्टधातु की मूर्तियां, चांदी का कलश, धार्मिक सामग्री, वारदात में प्रयुक्त वाहन एवं उपकरण सहित लगभग13 लाख 15 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की गई है। जांच में आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में चोरी, लूट एवं नकबजनी के कई प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। बैतूल जिले की बोरदेही पुलिस ने बैंक से नगद राशि निकालकर लौट रहे व्यक्ति से हुई 9 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सुनसान मार्ग पर फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंककर एवं चाकू की नोक पर वारदात को अंजाम दिया था। सागर जिले के थाना देवरी पुलिस ने चोरी के प्रकरण का निराकरण करते हुए 7 लाख 57 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण एवं 1 लाख रुपये नगद सहित लगभग8 लाख 57 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। खरगोन जिले की मण्डलेश्वर पुलिस ने सिविल अस्पताल मण्डलेश्वर की नई बिल्डिंग में ऑक्सीजन पाइप, मेडिकल उपकरण, एसी यूनिट, फायर सेफ्टी उपकरण एवं अन्य सामग्री चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लगभग 7 लाख 80 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। सीहोर पुलिस ने विद्युत लाइनों से तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 11 केव्ही लाइन के 19 गाले विद्युत तार एवं वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन सहित लगभग 5 लाख 80 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। विदिशा बासौदा शहर पुलिस ने 300 सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से लगभग 5 लाख रूपए मूल्य के 30 ग्राम सोने एवं 150 ग्राम चांदी के आभूषण जब्‍त किए। अशोकनगर जिले के थाना ईसागढ़ क्षेत्र में दो मकानों में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने मात्र 24 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, नगदी एवं वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की। शिवपुरी जिले में थाना बदरवास, रन्नौद एवं इन्दार पुलिस की संयुक्त टीमों ने सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य के घर हुई चोरी की वारदात का खुलासा कर लगभग 4 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। रेल पुलिस रेल पुलिस भोपाल ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए चलती ट्रेन में महिला यात्री का पर्स झपटकर फरार हुए अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 लाख 8 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। वहीं जीआरपी जबलपुर की चौकी पिपरिया पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 लाख 19 हजार रुपये का चोरी गया सामान जब्‍त किया। प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, साइबर इनपुट एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से त्वरित एवं परिणामन्‍मुखी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इन सफलताओं से अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है तथा आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध इसी प्रकार प्रभावी, कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।  

सुशासन तिहार के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा पहुंचे मुख्यमंत्री, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री  साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।        

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर कुकरैल में होगा वृहद पौधरोपण, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुकरैल वन क्षेत्र से इसका शुभारंभ करेंगे। उनके नेतृत्व में पूरे राज्य में एक दिन में 5 करोड़ पौधरोपण किए जाएंगे। इसके लिए सभी विभागों व मंडलों के लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं। पर्यावरण दिवस पर वन विभाग की तरफ से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्य आयोजन होगा, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।  कुकरैल वन क्षेत्र में होगा वृहद पौधरोपण  ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कुकरैल वन क्षेत्र में वृहद पौधरोपण होगा। सबसे पहले यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधरोपण करेंगे। यहां 200 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री, प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्ष समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।  जनसहभागिता से प्रदेश मनाएगा उत्सव इसके पश्चात प्रदेश के 17 नगर निगमों, 825 विकास खंडों, 762 नगर निकायों समेत सभी ग्राम पंचायतों में यह अभियान पूरे दिन चलेगा। वन विभाग के संयोजकत्व में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, उद्यान, नगर विकास आदि विभागों के सहयोग से अमृत सरोवर, तालाबों, सड़कों, एक्सप्रेसवे, नदियों, नहरों आदि के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। इसमें विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि की भी सहभागिता होगी।  लखनऊ मंडल में 62 लाख, बरेली में 32.21 लाख व प्रयागराज में लगेंगे 32.17 लाख पौधे मंडल – लक्ष्य मेरठ- 19,06,000 सहारनपुर- 14,86,000 आगरा- 24,67,000 अलीगढ़- 18,97,000 मुरादाबाद- 27,60,000 बरेली- 32,21,000 प्रयागराज- 32,17,000 वाराणसी- 24,83,000 मीरजापुर- 28,63,000 गोरखपुर- 24,75,000 बस्ती- 16,01,000 आजमगढ़- 18,93,000 लखनऊ- 62,77,000 अयोध्या- 30,41,000 देवीपाटन- 29,34,000 कानपुर- 31,83,000 झांसी- 31,67,000 चित्रकूट- 31,29,000 ग्राम्य विकास विभाग 3 करोड़ तथा कृषि विभाग लगाएगा 75 लाख पौधे  विभाग – लक्ष्य ग्राम्य विकास विभाग- 3 करोड़  कृषि विभाग- 75 लाख  वन विभाग- 50 लाख  उद्यान विभाग- 50 लाख  पंचायती राज विभाग- 20 लाख  नगर विकास- 5 लाख कुल- 5 करोड़

400 से अधिक विद्यार्थी ले रहे भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रदेश को फ्युचर रेडी, प्रतिभा-संपन्न और प्रौद्योगिकी-संचालित राज्य बनाने के विजन को साकार करने की दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सतत प्रयासरत है इसी क्रम में मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा 3 दिवसीय साइबर सिक्योरिटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग (एआई/एमएल) प्रशिक्षण कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआरजीएसपी), भोपाल में गुरुवार को किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2025 की परिकल्पना से प्रेरित यह पहल राज्य सरकार की उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तंत्र विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में दक्ष बनाकर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम अग्रणी वैश्विक औद्योगिक साझेदार के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें एलएनसीटी, बंसल, ओरिएंटल, आईईएस और एआईएसईसीटी सहित प्रदेश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के 400 से अधिक विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रतिभागियों को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्योगों की कार्यप्रणालियों और व्यावहारिक कौशलों से परिचित कराया जा रहा है। एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि संस्थान उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड के साथ एक अग्रणी कौशल विकास संस्थान के रूप में स्थापित हुआ है। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने और अपने कौशल को लगातार उन्नत करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दिन साइबर सिक्योरिटी विषय पर विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सत्रों में डेटा की गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता, डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा, संवेदनशील सूचनाओं के संरक्षण और विभिन्न क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा जोखिमों की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को पहचान एवं अभिगम प्रबंधन (आईडेंटिटी एंड एक्सेस मैनेजमेंट), प्रमाणीकरण प्रणाली, पासवर्ड सुरक्षा और फिशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और रैनसमवेयर जैसे साइबर खतरों के बारे में भी अवगत कराया गया। वास्तविक उदाहरणों और केस-स्टडी आधारित चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा चुनौतियों और उनके समाधान की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई। इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और साइबर सुरक्षा जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित किया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आगामी सत्रों में साइबर सिक्योरिटी और एआई/एमएल से जुड़े उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाते हुए मध्यप्रदेश में उद्योग-संलग्न कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।  

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ एवं उनकी सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि निर्माण कार्यों के साथ फर्नीचर, उपकरण एवं मानव संसाधन (एचआर) की समय पर व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में शीघ्र स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने ऐसे कार्यों के प्रस्ताव, जिनमें कार्यस्थल के अनुसार परिवर्तन अथवा कार्य में वृद्धि की आवश्यकता है, शीघ्र अग्रेषित करने के निर्देश दिए और कहा कि उनकी स्वीकृति के लिए प्राथमिकता से कार्यवाही की जाए। आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के साथ ही फर्नीचर, उपकरणों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं तथा मैन पावर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे संस्थानों के संचालन में किसी प्रकार की विलंब की स्थिति न बने। बैठक में बताया गया कि पीआईयू द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), बीपीएचयू, सीसीएचबी, औषधालय सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के कुल 137 निर्माण कार्य वर्ष 2026-27 में किए जा रहे हैं। इनमें से 45 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। जून माह के अंत तक 7 अतिरिक्त स्वास्थ्य संस्थानों का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। द्वितीय तिमाही में 28, तृतीय तिमाही में 33 तथा वित्तीय वर्ष के अंत तक 13 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में पीआईयू के अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण

रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है। कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

योगी सरकार के हरित उत्तर प्रदेश विजन को मिलेगा नया आयाम, बायोप्लास्टिक अपनाने की बड़ी पहल का होगा शुभारंभ

लखनऊ  पर्यावरण संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और हरित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को लखनऊ छावनी स्थित दिलकुशा लॉन में आयोजित होने वाले "बायोयुग ग्रीन कमांड-2026" में पारंपरिक प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बायोप्लास्टिक को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने की पहल का शुभारंभ किया जाएगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश को देश का एथेनॉल हब बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही योगी सरकार अब गन्ना आधारित उद्योगों से निकलने वाले नवाचारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ रही है। प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन, जैव ऊर्जा और हरित उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों के बीच बायोप्लास्टिक का यह अभियान सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। भारत की अग्रणी इंटीग्रेटेड शुगर एवं एथेनॉल कंपनियों में शामिल बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल) और लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, रक्षा क्षेत्र, शोध संस्थानों और पर्यावरण विशेषज्ञों का संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में बायोप्लास्टिक को बड़े पैमाने पर अपनाने की रणनीति, उत्पादन क्षमता, निवेश अवसरों और बाजार विस्तार पर विस्तृत चर्चा होगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दो उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं होंगी। पहली चर्चा "मैंडेट टू मार्केट : अनलॉकिंग द बायोप्लास्टिक्स वैल्यू चेन इन उत्तर प्रदेश" विषय पर केंद्रित होगी, जिसमें राज्य में बायोप्लास्टिक उद्योग के विकास, निवेश संभावनाओं और सरकारी सहयोग पर विमर्श किया जाएगा। वहीं दूसरी चर्चा "फ्रॉम मेस मिशन : बायोप्लास्टिक्स फॉर डिफेंस" में रक्षा क्षेत्र में बायोप्लास्टिक के उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय लाभों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

मंत्री विजयवर्गीय ने प्रस्तावित अग्निशमन एवं कॉलोनी अधिनियम 2026 की समीक्षा की

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रालय में प्रस्तावित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 और मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की। मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों विधेयकों में आज की बैठक में दिए गए सुझावों के अनुसार आवश्यक संशोधन कर इन्हें अगले सप्ताह पुनः प्रस्तुत किया जाए। भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के अनुरूप हों नियम मंत्री  विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 में भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के नियमों के अनुसार परिवर्तन किए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में मध्यप्रदेश में बड़ी इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रीज आएंगी, जिसके अनुरूप हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण (well equipment), बेहतर तकनीक (well technology) और प्रशिक्षित मानव संसाधन होना चाहिए, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति में विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों की योग्यता का निर्धारण और एग्जिट प्लान का प्रदर्शन अनिवार्य मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सेफ्टी ऑफिसर और अन्य तकनीकी व्यक्तियों की शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का स्पष्ट निर्धारण किया जाए तथा अन्य राज्यों के नियमों का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बिल्डिंगों में एग्जिट प्लान और पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'फायर टैक्स' लेने के सुझाव पर भी चर्चा की गई। वर्तमान संसाधनों की समीक्षा एवं आगामी प्रशिक्षण की आवश्यकता मंत्री  विजयवर्गीय ने वर्तमान में नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में उपलब्ध फायर स्टेशन, फायर ब्रिगेड और कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन के लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था करवाई जाए, जिससे अमला किसी भी आपात स्थिति में कार्य करने में पूरी तरह सक्षम हो। कॉलोनी अधिनियम : अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और आमजन की सुविधा का ध्यान बैठक में मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण, विकास अनुज्ञा, नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई से जुड़े नियमों पर चर्चा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी स्थिति में आम जनता को कोई परेशानी उत्पन्न न हो। मंत्रालय में समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय कुमार दुबे, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे, अपर आयुक्त  कैलाश वानखेड़े सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

नीम करोली बाबा सर्किट तथा बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट का होगा विकास

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधि प्रदेश है। पर्यटन विकास को केवल आधारभूत संरचना निर्माण तक सीमित न रखते हुए उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। गुरुवार को पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नई गति देने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन विकास के माध्यम से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, खानपान, संस्कृति और सेवा क्षेत्र को भी व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण से जुड़े ज्ञान भारतम् मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियां हमारी सभ्यता, दर्शन, विज्ञान और सांस्कृतिक चेतना की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और डिजिटलीकरण केवल अभिलेखीकरण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। बैठक में अब तक 13 लाख 70 हजार से अधिक पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण की प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को निवेश, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन का अग्रणी केंद्र बनाया जाए। बैठक में नीम करोली बाबा सर्किट तथा बुंदेलखंड फोर्ट सर्किट के रूप में नए क्षेत्रों के विकास पर चर्चा हुई। साथ ही ‘परंपरा’ विरासत अनुभव केंद्र, कृषि पर्यटन तथा वाइनयार्ड पर्यटन जैसी नई अवधारणाओं को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन नीति ऐसी हो जो निवेश आकर्षित करे, रोजगार बढ़ाए और पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में नव लोकार्पित ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ और निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और भारत की समुद्री विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इसका संचालन लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि निर्माणाधीन आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय में भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, समुद्री शक्ति, नौसैनिक अभियानों, आईएनएस गोमती की यात्रा, नौवहन परंपरा और भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक, इंटरैक्टिव गैलरियों, सिम्युलेटर, युवा कैडेट एरीना तथा विविध अनुभवात्मक प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना युवाओं में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और सशक्त करेगी। आगरा में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना राष्ट्रीय दायित्व है। संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, स्वराज्य स्थापना, आगरा आगमन, औरंगजेब के दरबार में उनके अदम्य साहस, आगरा से ऐतिहासिक प्रस्थान, राज्याभिषेक, सैन्य नेतृत्व, हिंदवी स्वराज्य, किलों के विकास तथा सुशासन की अवधारणा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संग्रहालय में मराठा साम्राज्य और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक संबंधों, काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनरुद्धार में अहिल्याबाई होल्कर की भूमिका, तीर्थस्थलों के संरक्षण, प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम के नायकों, ब्रज की संस्कृति को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। नैमिषारण्य के समग्र विकास की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की वैदिक ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत केंद्र है। इसके विकास में धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि समग्र मास्टर प्लान के अंतर्गत वेद विज्ञान केंद्र, वेदारण्यम वेलनेस एवं वैदिक थीम पार्क, राजघाट रिवरफ्रंट, व्यास गद्दी, सूत गद्दी, हनुमानगढ़ी, देवदेवेश्वर एवं रुद्रावत मंदिर परिसर, नैमिष हाट, तीर्थयात्री आवास, इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। यह भी बताया गया कि इंटरप्रिटेशन सेंटर में वेदों की जन्मस्थली के रूप में नैमिषारण्य की अवधारणा, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो, दशावतार विजुअलाइजेशन तथा पारंपरिक ग्राम्य जीवन के अनुभव को प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कार्ययोजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। मिर्जापुर-विंध्याचल क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और इसकी विकास योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। बैठक में त्रिकोण परिक्रमा क्षेत्र के विकास पर भी चर्चा हुई। यह भी बताया गया कि वर्ष 2050 तक संभावित श्रद्धालु संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के शक्तिपीठों के निकट माता सती की पौराणिक कथा का प्रभावी एवं आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया जाए तथा इसके लिए निजी क्षेत्र के सहयोग की संभावनाओं का भी उपयोग किया जाए। बैठक में चित्रकूट स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर के संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। संरक्षण कार्यों में मूल स्वरूप, ऐतिहासिक प्रामाणिकता और स्थापत्य विशेषताओं को अक्षुण्ण रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन धरोहरों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।