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डिजिटल सुशासन और साइबर सुरक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश : मंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने डिजिटल सुशासन, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा तथा नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व नवाचार किए हैं। यह राष्ट्रीय पुरस्कार मध्यप्रदेश द्वारा उत्कृष्ट नागरिक सेवाओं के वितरण और तकनीकी सुधारों की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना का एक गौरवशाली प्रतीक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को मध्यप्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग नागरिकों को उत्कृष्ट, सरल एवं पारदर्शी डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है और साथ ही साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण के प्रति भी समान रूप से संवेदनशील है। विभाग का उद्देश्य केवल सेवाओं का डिजिटलीकरण करना नहीं, बल्कि प्रदेश में एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल इको सिस्टम स्थापित करना है, जहां तकनीक, सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास साथ आगे बढ़ें। मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा है कि ई-नगर पालिका परियोजना को नागरिक सेवाओं को सरल, तेज़ एवं पारदर्शी बनाने एवं नागरिकों के डेटा की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म आधुनिक क्लाउड अवसंरचना, जीरो ट्रस्ट ऑर्किटेक्चर, डेटा एन्क्रिप्शन, निरंतर साइबर निगरानी और उन्नत साइबर सुरक्षा मानकों पर आधारित है। इससे नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता, अखंडता एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है, साथ ही सभी आवश्यक सुरक्षा एवं अनुपालन मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालित ई- नगर पालिका परियोजना को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाना प्रसन्नता का विषय है। मंत्री  विजयवर्गीय ने ई-नगरपालिका 2.0 की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जीआईएस आधारित संपत्ति प्रबंधन, क्लाउड आधारित डेटा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएं और उमंग सहित विभिन्न शासकीय डिजिटल प्लेटफॉर्मों से एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में इस सिस्टम के माध्यम से 20 से अधिक मॉड्यूल एवं 24 नागरिक सेवाओं का एकीकृत संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है, जिससे नगरीय निकायों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा और 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। मंत्री  विजयवर्गीय ने विभाग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट व समर्पित कार्यों की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी टीम के कड़े परिश्रम, नवाचार और राज्य में पारदर्शी डिजिटल सुशासन स्थापित करने के संकल्प का एक सुखद प्रतिफल है।  

मंत्री विजयवर्गीय ने प्रस्तावित अग्निशमन एवं कॉलोनी अधिनियम 2026 की समीक्षा की

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रालय में प्रस्तावित मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 और मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की। मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों विधेयकों में आज की बैठक में दिए गए सुझावों के अनुसार आवश्यक संशोधन कर इन्हें अगले सप्ताह पुनः प्रस्तुत किया जाए। भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के अनुरूप हों नियम मंत्री  विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026 में भारत सरकार के 'मॉडल एक्ट' के नियमों के अनुसार परिवर्तन किए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में मध्यप्रदेश में बड़ी इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रीज आएंगी, जिसके अनुरूप हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण (well equipment), बेहतर तकनीक (well technology) और प्रशिक्षित मानव संसाधन होना चाहिए, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति में विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों की योग्यता का निर्धारण और एग्जिट प्लान का प्रदर्शन अनिवार्य मंत्री  विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सेफ्टी ऑफिसर और अन्य तकनीकी व्यक्तियों की शैक्षणिक योग्यता व अनुभव का स्पष्ट निर्धारण किया जाए तथा अन्य राज्यों के नियमों का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी बिल्डिंगों में एग्जिट प्लान और पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'फायर टैक्स' लेने के सुझाव पर भी चर्चा की गई। वर्तमान संसाधनों की समीक्षा एवं आगामी प्रशिक्षण की आवश्यकता मंत्री  विजयवर्गीय ने वर्तमान में नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में उपलब्ध फायर स्टेशन, फायर ब्रिगेड और कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन के लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था करवाई जाए, जिससे अमला किसी भी आपात स्थिति में कार्य करने में पूरी तरह सक्षम हो। कॉलोनी अधिनियम : अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई और आमजन की सुविधा का ध्यान बैठक में मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026 के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इसमें कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण, विकास अनुज्ञा, नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई से जुड़े नियमों पर चर्चा की गई। मंत्री  विजयवर्गीय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी स्थिति में आम जनता को कोई परेशानी उत्पन्न न हो। मंत्रालय में समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव  संजय कुमार दुबे, नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे, अपर आयुक्त  कैलाश वानखेड़े सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मंत्री विजयवर्गीय का क्षेत्र अपराध में नंबर वन, बाणगंगा में 1749 मामले दर्ज

इंदौर  इंदौर शहर में साल 2025 अपराध के आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां लसूड़िया थाना अपराध के मामलों में दूसरे नंबर पर रहता था, वहीं अब उसे पीछे छोड़ते हुए चंदननगर थाना दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। शहर में सबसे अधिक अपराध दर्ज करने वाला थाना बाणगंगा पहले की तरह नंबर वन बना हुआ है, जबकि लसूड़िया तीसरे स्थान पर खिसक गया है। 33 हजार से अधिक केस, अपराध में इजाफा बीते एक साल में शहरभर में 33 हजार से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में करीब पांच हजार अधिक है, जो शहर में बढ़ते अपराध की ओर इशारा करती है। हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। बाणगंगा सबसे आगे, चंदननगर दूसरे नंबर पर आंकड़ों के अनुसार बाणगंगा थाना में सबसे अधिक 1749 केस दर्ज हुए हैं। इसके बाद चंदननगर थाना में 1663 मामले सामने आए। तीसरे स्थान पर लसूड़िया थाना रहा, जहां 1640 केस दर्ज किए गए। चौथे नंबर पर भंवरकुआं थाना रहा, जहां 1370 अपराध दर्ज हुए। इन थानों में दर्ज हुए 30 प्रतिशत मामले इसके अलावा विजयनगर थाना में 1020 और खजराना थाना में 1041 केस दर्ज हुए। शहर के कुल अपराधों में से करीब 30 प्रतिशत मामले इन पांच से छह थानों में ही दर्ज हुए हैं। नए थानों के प्रस्ताव अब भी कागजों में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने कुछ साल पहले तीन नए थानों के गठन का प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत बाणगंगा थाना क्षेत्र से सुपर कॉरिडोर थाना, लसूड़िया से महालक्ष्मीनगर थाना और भंवरकुआं से पालदा थाना बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया था, लेकिन यह योजना अब तक कागजों में ही सीमित है। हाल ही में चंदननगर थाना अपराध में दूसरे स्थान पर आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने यहां भी नया थाना बनाने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है। दो टीआई का प्रयोग भी बेअसर अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने हाल ही में लसूड़िया और विजयनगर थानों में दो टीआई का प्रयोग शुरू किया है। यहां दो महिला टीआई को टू आईसी के रूप में पदस्थ किया गया है, लेकिन इसके बावजूद अपराधों में कोई खास कमी नहीं आई है। अन्य थानों में भी यह प्रयोग लागू करने की तैयारी है। सराफा थाना सबसे सुरक्षित शहर में सबसे कम अपराध वाले थानों में सराफा थाना शामिल है। यहां इस साल केवल 155 केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा छत्रीपुरा, सदर बाजार और पंढरीनाथ जैसे संवेदनशील थानों में भी अपराध की संख्या कम रही है। वहीं एमजी रोड, कोतवाली और छोटी ग्वालटोली जैसे व्यापारिक क्षेत्रों वाले थानों में भी अपेक्षाकृत कम अपराध दर्ज हुए हैं। 

वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग बना रहा है दीर्घकालिक योजना : मंत्री विजयवर्गीय

नगरीय विकास एवं आवास विभाग वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बना रहा है योजना मंत्री विजयवर्गीय ने पत्रकारों को दी जानकारी भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2047 में मध्यप्रदेश की कुल आबादी का लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी। इस बात को ध्यान रखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना कार्यों की योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने स्वच्छता के क्षेत्र में देश में विशिष्ठ स्थान बनाया है। हमारे विभाग की कोशिश होगी कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों का एयर क्वालिटी इंडेक्स अच्छा हो। इस वजह से शहरी क्षेत्रों में बगीचों के विकास के साथ-साथ नगरवन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्री विजयवर्गीय भोपाल में राज्य सरकार के विकास और सेवा के दो वर्ष पूरा होने पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। नर्मदा में नहीं मिलेगा प्रदूषित पानी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश के जो शहर नर्मदा नदी के किनारे में आते है, वहां शहरों का दूषित पानी नदीं में न मिलें। इस पर विभाग लगातार काम कर रहा है। मेट्रोपॉलिटन सिटी की चर्चा करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम और धार जिलों की प्रमुख तहसीलों को शामिल किया गया है। प्रदेश की 2 मेट्रोपॉलिटन सिटी इस तरह विकसित की जाएंगी। जहां शहरी आबादी को सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। मेट्रोपॉलिटन सिटी में निवेश और रोजगार पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्रीन सिटी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि विभाग की कोशिश है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की अधिक से अधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण ऑनलाइन हों। इसको ध्यान में रखते हुए हमने ई-नगरपालिका विकसित की है। प्रदेश के शहरों को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगरीय सेवाओं में सोलर एनर्जी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएं। इसको सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो। इसके लिये शहरी क्षेत्रों की सम्पत्तियों का जीआई मेपिंग किया जा रहा है। उल्लेखनीय बिन्दु     प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में एक लाख 60 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को बेस्ट परफॉर्मिंग अवार्ड की श्रेणी में दूसरा स्थान।     अमृत 2.0 में 300 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण।     जल गंगा संवर्द्धन अभियान में 3 हजार 323 जल संरचनाओं का, 74 जल संग्रहण संरचनाओं का लोकार्पण।     स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में 8 शहरों का राष्ट्रीय पुरस्कार। साथ ही इंदौर ने देश के नम्बर वन शहर का सम्मान लगातार 8 साल बनायें रखा।     कार्बन क्रेडिट से राशि अर्जित करने वाले इंदौर देश का प्रथम शहर     दीनदयाल रसोई योजना में संचालित 56 केन्द्रों को बढ़कर इन्हें 191 केन्द्र किया गया।     पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत 9 लाख से अधिक रहणी पटरी वालों को 14 लाख से अधिक ऋण प्रकरण मबजूत। मध्यप्रदेश को नवाचार और सर्वोत्तम अभ्यास की श्रेणी में पहला स्थान,     आजीविकास मिशन में 3 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया गया। 1 लाख 70 हजार युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ा गया।     प्रदेश में 65 हजार स्व सहायता समूह का गठन। 6 लाख से अधिक परिवारों को स्व-सहायता समूह में जोड़ा गया।     इंदौर में मेट्रो परिचालन शुरू भोपाल में दिसम्बर 2025 में ही शुरू होगा मेट्रो।     हाउसिंग बोर्ड द्वारा एमपी ऑनलाईन के माध्यम से 532 करोड़ की सम्पत्तियों का विक्रय।     गीता भवन स्थापना योजना 5 महीनों के लिये स्वीकृत।     प्रदेश में इंटीग्रटेड टाउनशिप पॉलिसी-2025 मंजूर। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को भी मंजूरी।  

जनजातीय अंचल में शिक्षा और सम्मान बढ़ाने के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री विजयवर्गीय

धार जिले के बाग में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम भोपाल  नगरीय प्रशासन एवं आवास एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार ने जनजातीय अंचल के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिये ठोस प्रयास किये हैं। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल, पाठ्य पुस्तकें और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की है। इन सब प्रयासों से अब जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाएँ उभर कर सामने आ रही हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को धार जिले के में कर्त्तव्यबोध कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों को सम्मान प्रदान किया है, जो पहले कभी नहीं मिला। टंट्या मामा, बिरसा मुण्डा और भीमा नायक जैसे महापुरुषों के योगदान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आदिवासी समाज अपनी परम्पराओं, संस्कृति और सरल स्वभाव को बनाये रखते हुए अपने महानायकों के पदचिन्हों पर आगे बढ़े और गर्व से कहे कि वे इन महापुरुषों के वंशज है। कार्यक्रम को सांसद श्री सुमेर सिंह सोलंकी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बाल पोथी का विमोचन किया। उन्होंने भारतीय सेना में सेवा दे चुके सैनिकों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नागरिकों का सम्मान किया गया, जो अब उच्च पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया। नवीन विद्युत उप केन्द्र का लोकार्पण प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कुक्षी तहसील के ग्राम अखाड़ा में रविवार को 33/11 के.व्ही. विद्युत केन्द्र का लोकार्पण किया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को सतत बनाये रखने के लिये आरडीएसएस योजना में राशि उपलब्ध करायी है। योजना के कारण देश का कोई घर या खेत अब विद्युत आपूर्ति से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र में 2 और विद्युत उप केन्द्र शीघ्र निर्मित किये जायेंगे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2004 में प्रदेश में विद्युत उत्पादन 4000 मेगावॉट हुआ करता था, जो अब बढ़कर 24 हजार मेगावॉट तक पहुँच गया है। धार जिले में 126 करोड़ रुपये की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उप केन्द्र की लगातार स्थापना की जा रही है। 

मंत्री विजयवर्गीय ने सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है। इस कार्य में केन्द्र सरकार से निरंतर आर्थिक मदद मिल रही है। मंत्री श्री विजयवर्गीय बुधवार को देवास जिले के सोनकच्छ में 17 करोड़ 54 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इन कार्यों में 'जल जीवन मिशन' अंतर्गत 'नल जल योजना', पानी की टंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भवन और रेस्ट हाउस पहुंच मार्ग के कार्य शामिल हैं‍। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने सवा करोड़ रूपये की लागत के शाला भवन और 3 करोड़ 7 लाख रूपये की राशि से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।   शोक संवेदना मंत्री श्री विजयवर्गीय ने ग्राम संवरसी में शहीद संजय मीणा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजन से चर्चा की।

पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वितरित किए जायेंगे ऋण : मंत्री विजयवर्गीय

पीएम स्वनिधि योजना में पहला स्थान रहने पर मिली बधाई केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने की योजना की समीक्षा भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि मध्यप्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना में शहरी क्षेत्र के अधिक से अधिक जरूरतमंद पथ विक्रेताओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस संबंध में प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय को आवश्यक निर्देश दिये जा चुके हैं। मंत्री श्री विजयवर्गीय शुक्रवार को वीसी के माध्यम से केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए। बैठक में केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने पीएम स्वनिधि पुनर्गठन के संबंध में विभिन्न राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने पीएम स्वनिधि योजना में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। पीएम स्वनिधि में देश में पहले स्थान पर बैठक में बताया गया कि पीएम स्वनिधि योजना का पुनर्गठन कर इसकी अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ा दी गयी है। पथ विक्रेताओं को योजना का लाभ देने के मामले में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है। प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में शहरी पथ विक्रेताओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिये योजना में करीब 9 लाख हितग्राहियों को 2 हजार 78 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। हितग्राहियों को ब्याज सब्सिडी के रूप में 80 करोड़ रुपये की राशि दी गयी है। हितग्राहियों को प्रशिक्षण आयुक्त नगरीय विकास श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि प्रदेश में पथ विक्रेता अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक करने के लिये नगरीय निकायों के माध्यम से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। हितग्राहियों को वित्तीय और डिजिटल साक्षरता, ई-कॉमर्स, पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का भी प्रशिक्षण दिलाये जाने की व्यवस्था की गयी है। पथ विक्रेताओं और उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिये जन-धन, पीएम सुरक्षा बीमा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति और पीएम श्रम योगी मानधन योजना, वन नेशन-वन राशन कार्ड, जननी सुरक्षा, श्रमिक कल्याण और पीएम मातृत्व वंदना योजना से भी जोड़ा गया है। पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को समय पर ऋण राशि किस्त जमा कराने के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों की कर रहे हैं लगातार समीक्षा

अति-वृष्टि एवं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी : मंत्री विजयवर्गीय 3 हजार 628 व्यक्तियों और 94 मवेशियों का रेस्क्यू किया गया मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों की कर रहे हैं लगातार समीक्षा भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी दी है कि प्रदेश में अति-वृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित क्षेत्रों में चलाये जा रहे राहत कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में अभी तक औसत 703.33 मि.मी वर्षा हो चुकी है जो सामान्य से 60 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बारिश बहुत ही कम समय में तेजी से हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य संबंधी सभी जिला कलेक्टर्स, पुलिस अधिकारियों और राहत कार्य से जुड़े संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव से जुड़े कार्यों में ढ़िलाई न बरती जाये। एनडीआरएफ क्विक रिस्पांस टीम आदि की तैनाती नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एन.डी.आर.एफ) की 5 टीमों में से भोपाल में 2, जबलपुर, ग्वालियर तथा धार में एक-एक टीम तैनात की गई है। इन टीमों के अलावा 3 टीमों को अशोकनगर, श्योपुर तथा ग्वालियर में तैनात किया गया है। एन.डी.आर.एफ द्वारा 2 रेस्क्यू ऑपरेशन में 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एस.डी.इ.आर.एफ) को बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिये अत्याधुनिक बचाव उपकरण उपलब्ध कराये गये है। प्रदेश के 259 संवेदनशील क्षेत्रों में डिजास्टर रिस्पाँस सेंटर स्थापित किया गया है। इसी के साथ 111 क्विक रिस्पाँस टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई है। प्रदेश के 11 जिलों में 3 हजार 300 आपदा मित्र वॉलंटियर्स को प्राथमिक सहायता के लिए प्रशिक्षित किया गया है। राज्य में 80 हजार 375 सिविल डिफेंस वालंटियर को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित किये गये वालंटियर्स की सेवाएँ राहत और बचाव कार्यों के लिये ली जा सकेंगी। एसडीईआरएफ द्वारा एक जून से 30 जुलाई 2025 तक 432 रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतर्गत 3 हजार 628 व्यक्तियों और 94 मवेशियों का रेस्क्यू किया गया है। आपदा नियंत्रण कक्ष प्रदेश में राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अब तक SACHET पोर्टल के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को 75 रेड अलर्ट 3 घंटे पूर्व भेजे गये है। इसी के साथ प्रमुख नदियों के जलस्तर बढ़ने की जानकारी तथा प्रभावित होने वाले जिले तथा गांवों की सूची आपदा सुरक्षा में जुड़े प्रमुख अधिकारियों और एजेंसियों को निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से दी जा रही है। प्रदेश में डिजास्टर वॉर्निंग एण्ड रिस्पाँस सिस्टम (डीडब्ल्यूआरएस) के माध्यम से अति-वृष्टि, बाढ़ एवं आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान एवं चेतावनी प्रसारण की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर घटना की सूचना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर समन्वय किया जा रहा हैं। मंत्रालय से निगरानी और समन्वय बाढ़ आपदा के दौरान निगरानी एवं समन्वय के लिये राज्य स्तर पर मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में सिचुएशन रूम 24×7 कार्यरत है। एसडीईआरएफ मुख्यालय में स्थित राज्य कन्ट्रोल रूम में टोल फ्री नम्बर 1079 पर जन सामान्य द्वारा बाढ़ की स्थिति में 24×7 सहायता प्राप्त की जाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के समस्त जिलों में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर कमांड कंट्रोल एण्ड कोऑर्डिनेशन सेंटर (डीसीसीसी) स्थापित कर आपदा की स्थिति में 24×7 कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने किया कंट्रोल रूम का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जुलाई को भोपाल के राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर स्वयं स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बचाव दलों, पीड़ितों से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। राज्य, जिला तथा तहसील स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारी तथा मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से जन-सामान्य के बचाव, सर्पदंश से बचाव के लिये विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए एडवायजरी जारी की गई है। बाढ़ के दौरान "डूब की घटनाओं, पुलियों, रपटों पर दुर्घटना" के नियंत्रण तथा जन सामान्य के बचाव के लिये समस्त जिला प्राधिकरणों को निर्देश जारी किये जा चुके हैं। प्रदेश के सभी 55 जिलों में आपदा प्रतिक्रिया दलों के प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन अभ्यास तथा जनजागरूकता के लिए "आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण एवं क्षमता वृद्धि योजना" नियमित रूप से चल रही है। अब तक 28 करोड़ 49 लाख राहत राशि का वितरण प्रदेश में इस मॉनसून में अभी तक अतिवृष्टि और बाढ़ से लगभग 1632 पशु हानि हुई है। प्रदेश में हुई भारी बारिश से 128 मकानों के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। लगभग 2 हजार 333 मकानों में आंशिक हानि भी हुई है। बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों को अब तक जिला कलेक्टर्स द्वारा 28 करोड़ 49 लाख रूपये की राहत राशि वितरित की गई है। सभी जिला कलेक्टर्स द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशि जल्द से जल्द वितरित की जाये। प्रदेश में राहत मद में धनराशि की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में 53 राहत कैम्प चलाये जा रहे है, जिनमें 3065 लोगों को रखा गया है। आरआरडीए की कुल 254 सड़के व पुल अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 212 में अस्थायी सुधार कराया जा चुका है। लोक निर्माण विभाग की क्षतिग्रस्त दो सड़कों की मरम्मत की गयी है। बांधों की सतत निगरानी की जा रही है। बाढ़ से बचाव के लिये आवश्यकतानुसार सेना की मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा भी पूरा सहयोग किया जा रहा है। प्रदेश में दवाईयों, खाद्य सामग्रियों की पूर्ति सुनिश्चित की गयी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।