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महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की असली परीक्षा आज, दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी हरमन ब्रिगेड

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच अविष्कार साल्वी ने दावा किया है हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम अब पूरी तरह बदल चुकी है। कोच साल्वी का मानना है कि यह टीम हर देश और हर टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भूखी है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने दोनों मैच जीते हैं, जिसमें उसने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों से और नीदरलैंड को 95 रनों से हराया है। हालांकि, भारतीय टीम की असली परीक्षा आज यानी रविवार 21 जून से शुरू होगी, क्योंकि आज भारतीय टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होना है और फिर 28 जून को हरमन की टीम को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना होगा। इसके बीच एक साधारण मुकाबला भी है, जो 25 जून को बांग्लादेश के खिलाफ है। साल्वी ने कहा कि हरमनप्रीत की कप्तानी वाली टीम अब अधिक आत्मविश्वास से भरी है, विशेषकर पिछले साल घरेलू मैदान पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद। साल्वी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले कहा, ''पिछले ढाई साल से इस सिस्टम का हिस्सा रहने के दौरान मैंने देखा है कि यह टीम जहां भी जाती है और जो भी टूर्नामेंट खेलती है वहां अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बहुत भूखी रहती है। वे ना केवल अच्छा प्रदर्शन करने के लिए, बल्कि कड़ी मेहनत करने और अपने खेल को अलग स्तर पर ले जाने के लिए भी बहुत भूखे हैं। अतीत में जो कुछ भी हुआ है, हम उस पर अधिक ध्यान नहीं देते।'' उन्होंने आगे कहा, ''सभी लड़कियां हर दिन कुछ नया सीखना चाहती हैं और अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाना चाहती हैं।'' साल्वी टूर्नामेंट में भारत की शुरुआत से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि शुरुआत के लिए यह एक अच्छी लय है। जिस तरह से तैयारियां हुईं और हमने दो जीत हासिल कीं, उसके साथ ही मैच का अनुभव मिलना भी बहुत जरूरी था।'' साल्वी ने कहा, ''पाकिस्तान के खिलाफ मैच अहम था। नीदरलैंड के खिलाफ मैच भी उतना ही अहम था क्योंकि जब आप विश्व चरण का टूर्नामेंट खेल रहे होते हैं तो अंक और नेट रन रेट के लिहाज से लीग चरण के सभी मैच बराबर अहम हो जाते हैं। उन जीतों को हासिल करना अच्छा रहा।'' भारत को स्पिनर श्रेयंका पाटिल की कमी खलेगी जो टखने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं लेकिन साल्वी का मानना ​​है कि भारत के गेंदबाजी क्रम में श्रेयंका की कमी को पूरा करने के लिए काफी दमखम है। उन्होंने टीम में श्रेयंका की जगह लेने वाली लेग स्पिनर प्रेमा रावत पर भी भरोसा जताया। साल्वी ने कहा, ''श्रेयंका का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हां, हमें श्रेयंका की कमी खलेगी लेकिन प्रेमा भी उतनी ही शानदार प्रतिभा हैं। उन्होंने अतीत में मिले मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्हें पता है कि कैसे खेलना है।'' साल्वी ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की जमकर तारीफ की और उन्हें एक आदर्श बताया। 'हरमन टॉप प्लेयर हैं' उन्होंने कहा, ''हरमन एक शीर्ष स्तर की खिलाड़ी है। वह दुनिया भर की महिला क्रिकेटरों के लिए एक आदर्श हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने हर प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है, वह काबिलेतारीफ है। कल वह अपना 200वां मैच खेलेंगी जो एक बड़ी बात है और हम सभी उन्हें खेलते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।'' साल्वी ने कल के मैच के लिए एकादश को लेकर खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि वे कई चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे। गेंदबाजी कोच ने बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव का भी समर्थन किया और कहा कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह अच्छा प्रदर्शन करेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए, उनके खाते में 4352.40 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ आई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार में इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।  झांसी में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भेजी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी से ऑनलाइन जुड़े। यहां सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक जवाहर लाल राजपूत, उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जुड़े रहे।  अन्नदाता की समृद्धि और खुशहाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के सभी किसान साथियों की ओर से इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसानों की समृद्धि और खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प की सिद्धि हेतु आज प्रधानमंत्री जी द्वारा पश्चिम बंगाल से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 23वीं किस्त के रूप में ₹18,880 करोड़ से अधिक की धनराशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को हस्तांतरित की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जिनके खातों में ₹4,352.40 करोड़ की राशि सीधे पहुंची है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।  दो-दो हजार रुपये आए बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपये प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी।  बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक आ चुके 103,391.24 करोड़ रुपये  शनिवार को 4352.40 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 103,391.24 करोड़ रुपये की सम्मान निधि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26   13,727.85 करोड़ 2026-27  (अप्रैल-जुलाई) 4352.40 करोड़  कुल-  1,03,391.24 करोड़ रुपये

यशस्वी का तूफानी शतक, प्रसिद्ध कृष्णा के पंजे ने चमकाया भारत का विजय अभियान

 चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (20 जून) को खेला गया. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आयोजित मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया. भारत को जीत के लिए 219 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 28.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ कर दिया. चेपॉक वनडे में भारत की जीत में यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा और प्रसिद्ध कृष्णा की अहम भूमिका रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट झटके. वहीं यशस्वी जायसवाल (नाबाद 110 रन) ने अपने ओडीआई करियर का दूसरा शतक लगाया. रोहित शर्मा (79 रन) के बल्ले से भी अर्धशतक निकला. शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही इस सीरीज को अपने नाम कर चुकी थी. धर्मशाला ओडीआई में भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया था. फिर लखनऊ में खेले गए मुकाबले में उसने मेहमान टीम को 170 रनों से रौंद दिया था. अब भारतीय टीम ने चेपॉक में भी अपना दबदबा दिखाया. रोहित शर्मा ने 9 चौके और तीन छक्के की मदद से 69 बॉल पर 79 रन बनाए. रोहित को मोहम्मद नबी ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर सेदिकुल्लाह अटल के हाथों कैच आउट कराया. यहां से यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर ने अफगानी टीम को कोई मौका नहीं दिया. यशस्वी ने 14 चौके और तीन छक्के की मदद से 86 बॉल पर नाबाद 110 रन बनाए. जबकि श्रेयस अय्यर 20 रनों पर नाबाद लौटे अफगानिस्तान की पारी की हाइलाइट्स अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 44.2 ओवरों में 218 रन बनाए. अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज (5 रन) का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बने. प्रसिद्ध ने इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह (5 रन), ओपनर इब्राहिम जादरान (11 रन) और दरविश रसूली (11 रन) को भी पवेलियन लौटा दिया. दरविश के आउट होने के समय अफगानिस्तान का स्कोर 36/4 था. यहां से कप्तान हशमुत्लाह शाहिदी और अजमतुल्लाह उमरजई ने पांचवें विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. अजमतुल्लाह उमरजई ने 56 बॉल पर 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. प्रिंस यादव ने अजमतुल्लाह उमरजई को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. भारतीय टीम को छठी सफलता गुरनूर बरार ने दिलाई, जिन्होंने सेट हो चुके मोहम्मद नबी (21 रन) को बोल्ड किया. फिर राशिद खान (5 रन) को स्पिनर हर्ष दुबे ने पवेलियन रवाना किया. अल्लाह गजनफर (5 रन) और फरीद अहमद मलिक (1 रन) रन आउट हुए. अफगानिस्तान का आखिरी विकेट हशमतुल्लाह शाहिदी के रूप में गिरा, जिन्होंने अपने ओडीआई करियर का पहला शतक जड़ा. शाहिदी ने 13 चौके और एक छक्के की मदद से 131 बॉल पर 102 रन बनाए. भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 23 रन देकर 5 विकेट झटके. जबकि हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और प्रिंस यादव को एक-एक सफलता मिली. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और विकेटकीपर बैटर केएल राहुल को आराम दिया. वहीं चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव भी प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बने. नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्ष दुबे ने प्लेइंग-11 में वापसी की. दूसरी ओर अफगानी टीम ने अपनी प्लेइंग-11 में चार बदलाव किए. वनडे क्रिकेट में भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 7 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने छह मैचों में जीत हासिल की. जबकि एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी आंकड़े साबित करते हैं कि भारतीय टीम अफगानिस्तान पर पूरी तरह हावी रही है. अफगानी टीम को भारत के खिलाफ अब भी पहली जीत का इंतजार है. मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग-11: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी और फरीद अहमद मलिक

हीट वेव का अलर्ट बरकरार: 20-21 जून को बिहार के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और 23 जून के आसपास मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मानसून पकड़ेगा रफ्तार मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल बिहार के जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून तक मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में 8 सेमी की महत्वपूर्ण बारिश भी दर्ज की गई है। अगले दो दिन 'हीट वेव' की चेतावनी राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत किया है कि बिहार के कुछ इलाकों में 20 और 21 जून को लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इसके साथ ही रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी सामान्य से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। आंधी बारिश की चेतावनी 20 से 22 जून और फिर 25 से 26 जून के दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (झोंके) चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।  

नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं और सीखने के बेहतर परिणामों पर होगा मंथन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निपुण भारत मिशन के माध्यम से प्रदेश के करोड़ों बच्चों को आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। बालवाटिका से लेकर कक्षा-8 तक के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं के विकास के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण जागरूकता और समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। अब ग्रीष्मावकाश के बाद शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र 2026-27 की तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा शिक्षकों के साथ अधिकारियों का सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 23 जून को प्रदेशव्यापी ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित की जाएगी। योगी सरकार द्वारा सभी जनपदों में इस गोष्ठी की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  अब योगी सरकार केवल विद्यालय खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित, परिणामोन्मुख और जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर रही है। यही प्रयास उत्तर प्रदेश को देश में बुनियादी शिक्षा सुधार का अग्रणी मॉडल बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा व गणितीय दक्षताओं के विकास पर चर्चा अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 23 जून को पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित होने वाली इस ऑनलाइन गोष्ठी में प्रदेश के सभी प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक संकुल, एआरपी, एसआरजी, डायट मेंटर्स तथा विभागीय अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। गोष्ठी के माध्यम से नए शैक्षिक सत्र की प्राथमिकताओं, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, भाषा और गणितीय दक्षताओं के विकास तथा बेहतर अधिगम परिणामों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर फोकस शिक्षा सुधारों की सफलता का सबसे मजबूत आधार शिक्षक हैं। यही कारण है कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, नियमित संवाद और नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस गोष्ठी में डिजिटल शिक्षण संसाधनों के उपयोग, छात्र केंद्रित शिक्षण, अधिगम स्तर में सुधार और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण तैयार करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

India receives a new defense offer: a Belgian company has presented a 105mm tank turret.

 नई दिल्ली भारत अपनी पर्वतीय युद्ध क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। चीन से साथ LAC पर घटते-बढ़ते तनाव और हिमालयी क्षेत्रों में सैन्य तैनाती की चुनौतियों के बीच हल्के और अधिक प्रभावी हथियारों की जरूरत महसूस की जा रही है। इस बीच बेल्जियम की डिफेंस कंपनी जॉन कॉकरिल ने भारत को अपने उन्नत 105 मिमी टैंक टरेट बेचने की पेशकश की है। कंपनी का दावा है कि यह टरेट विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में युद्ध संचालन के लिए डिजाइन किया गया है तथा हिमालयी क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में प्रभावी साबित हो सकता है। कंपनी के अनुसार, इस टरेट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी 42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता है। सामान्य टैंकों की तुलना में अधिक ऊंचाई पर निशाना साधने की यह क्षमता पहाड़ी युद्धक्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां दुश्मन ऊंटी चोटियों और ढलानों पर तैनात हो सकता है। जॉन कॉकरिल के इस सिस्टम में ऑटोमैटिक लोडर लगाया गया है, जिससे गोला-बारूद लोड करने की प्रक्रिया तेज होती है और चालक दल का कार्यभार कम होता है। इसके अलावा इसमें अत्याधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है, जो कठिन भौगौलिक परिस्थितियों में भी सटीक निशाना लगाने में मदद करता है। क्या है टैंक टरेट? टरेट किसी भी टैंक का वह हिस्सा होता है जिसमें मुख्य तोप, फायर कंट्रोल सिस्टम और कई अन्य हथियार प्रणालियां लगी होती हैं। यह 360 डिग्री तक घूम सकती है और विभिन्न दिशाओं में निशाना साध सकता है। जॉन कॉकरिल का प्रस्ताव एक टैंक नहीं, बल्कि एक ऐसा टरेट सिस्टम है, जिसे अलग-अलग बख्तरबंद वाहनों पर भी लगाया जा सकता है। जॉन कॉकरिल के 105 मिमी टरेट की खासियत? कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम खास तौर पर कठिन और पहाड़ी इलाकों में युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं…     105 मिमी की मुख्य तोप     42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता     ऑटोमैटिक लोडर     आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम     हल्के प्लेटफॉर्म पर लगाने की सुविधा 42 डिग्री एलीवेशन क्यों महत्वपूर्ण है? सामान्य टैंकों की तोपें सीमित ऊंचाई तक ही ऊपर उठ सकती हैं। लेकिन पहाड़ी युद्ध में दुश्मन अक्सर ऊंची चोटियों और ढलानों पर मौजूदा होता है। ऐसी स्थिति में 42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता टैंक को ऊंचाई पर स्थिति लक्ष्यों पर हमला करने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि कंपनी इसे हिमालय जैसे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बता रही है। ऑटोमैटिक लोडर से क्या फायदा होगा? परंपरागत टैंकों में गोला-बारूद लोड करने के लिए एक अलग क्रू सदस्य की जरूरत होती है। जबकि ऑटोमैटिक लोडर फायरिंग की गति बढ़ाता है। चालक दल की संख्या कम कर सकता है। सीमित जगह वाले हल्के टैंकों में उपयोगी साबित होता है। कठिन परिस्थितियों में संचालन को आसान बनाता है। भारतीय सेना को इसकी जरूरत क्यों पड़ सकती है? भारतीय सेना लंबे समय से ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में है जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसानी से तैनात किए जा सकें। वजन में अपेक्षाकृत हल्के हों और तेजी से मूव कर सकें। जिससे पहाड़ी इलाकों में प्रभावी फायर सपोर्ट दे सकें। लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों में ऐसी क्षमताओं का विशेष महत्व है। जॉन कॉकरिल का 105 मिमी टरेट भारतीय सेना की पर्वतीय युद्ध जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया गया एक दिलचस्प प्रस्ताव है। इसकी हाई एलीवेशन कैपेसिटी, ऑटोमैटिक लोडर और आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम इसे हिमालयी युद्धक्षेत्र के लिए आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, अंतिम फैसला भारतीय सेना के परीक्षणों और परिचालन जरूरतों पर निर्भर करेगा। यदि यह प्रणाली अपेक्षाओं पर खरी उतरती है, तो भारत की पर्वतीय युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

संसद समिति में विदेश मंत्रालय का बयान, चीन-पाकिस्तान नीति पर सरकार ने साफ किया स्टैंड

नई दिल्ली भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। सरकार ने कहा कि जब तक सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक दोनों देशों के बीच सामान्य माहौल या लोगों के स्तर पर संपर्क बहाल नहीं हो सकता। आरएसएस नेताओं की पाकिस्तान के साथ अधिक जुड़ाव संबंधी हालिया टिप्पणियों पर पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने यह स्पष्ट रुख रखा। संसद की स्थायी समिति की बैठक में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंधों पर विस्तार से जानकारी देते हुए सरकार की नीति और सुरक्षा संबंधी प्राथमिकताओं को सामने रखा। पाकिस्तान से रिश्तों पर सरकार का स्पष्ट संदेश विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में अधिकारियों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क तभी संभव है, जब आतंकवाद और हिंसा का डर पूरी तरह समाप्त हो जाए। मौजूदा हालात में ऐसा वातावरण नहीं है, इसलिए किसी भी तरह के सामान्य संपर्क की संभावना फिलहाल नहीं दिखती। ट्रैक-2 और ट्रैक-1.5 वार्ता पर भी लगी रोक बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 कूटनीतिक संवाद से भी किसी सकारात्मक नतीजे की उम्मीद नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच इस समय ट्रैक-1.5 स्तर की भी कोई वार्ता नहीं चल रही है। विदेश सचिव ने समिति को दी विस्तार में जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति को भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन संबंधों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक के बाद शशि थरूर ने कहा कि यह ब्रीफिंग समिति के जम्मू-कश्मीर, लेह और कारगिल दौरे से पहले काफी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने भारत-चीन संबंधों को 'संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण' बताया। चीन के साथ 35 दौर की वार्ता का ब्यौरा सरकार ने समिति को बताया कि जून 2020 से अब तक भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव कम करने के लिए 35 दौर की वार्ता हो चुकी है। यह बातचीत वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की बैठकों के माध्यम से हुई है। ताजा बैठक 27 मई को बीजिंग में आयोजित की गई थी। सीमा पर शांति, लेकिन विवाद अब भी बरकरार अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों ने सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने में मदद मिली है। बातचीत में सीमांकन, विश्वास बहाली के उपाय और सीमा पार आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। लद्दाख और अरुणाचल को लेकर चीन के दावे पर प्रतिक्रिया विदेश मंत्रालय ने समिति को दिए अपने नोट में दोहराया कि चीन अब भी लद्दाख में भारत के लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अवैध कब्जा किए हुए है। इसके अलावा वह अरुणाचल प्रदेश के करीब 90 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर भी दावा करता है। भारत ने चीन के साथ जल संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान और यारलुंग जांगबो नदी पर बन रही बड़ी परियोजनाओं को लेकर भी अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं। सिंधु जल संधि पर भी सरकार का सख्त रुख बैठक में अधिकारियों ने दोहराया कि भारत ने सिंधु जल संधि को फिलहाल स्थगित रखा है। सरकार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक इस संधि को सामान्य रूप से लागू करने का सवाल ही नहीं उठता।  

विवाद के बीच शशि थरूर का पलटवार: “भारतीय नाविकों की सुरक्षा राजनीति नहीं हो सकती”

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक बयान ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। जी-7 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी के रुख की सराहना करने वाले उनके बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला है। उधर विवाद बढ़ने पर थरूर ने एक्स पर अपनी सफाई भी पेश की है। दरअसल, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फ्रांस में जी-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर अपनी बात कही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दे को मजबूती से रखा है। थरूर के इस बयान के बाद देश में राजनीतिक बवाल मच गया। 'भारतीयों की जान राजनीति का मुद्दा नहीं' विवाद बढ़ने के बाद थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हो रही है कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े बयान को राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है। उन्होंने लिखा, 'तीन भारतीयों की जान चली गई। मेरी बात सिर्फ हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत की थी कि नागरिक नाविकों को कभी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। अगर कुछ लोग इस चिंता पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक फायदा उठाने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं, तो यह मेरे बारे में नहीं बल्कि उनके बारे में ज्यादा बताता है।' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों की जान की चिंता देश को जोड़ने वाली होनी चाहिए, बांटने वाली नहीं। बीजेपी का राहुल पर तंज बीजेपी ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वह अपनी ही पार्टी में समर्थन खो रहे हैं। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पीएम मोदी की तारीफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों के मुद्दे पर मोदी के रुख को लेकर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा,' यह राहुल गांधी के रुख से बिल्कुल अलग है।' पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'यह शर्मनाक है। कल राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई तोहफा नहीं मिला।' उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। मतभेदों के बीच राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई इस विवाद के बीच शशि थरूर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब समय आ गया है जब देश में कांग्रेस के पक्ष में राजनीतिक माहौल बदलेगा और पार्टी आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसे पार्टी के प्रति एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। राहुल से मुलाकात, गुलदस्ता और किताब की भेंट शुक्रवार को शशि थरूर कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड पहुंचे, जहां उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए गुलदस्ता और एक किताब भेंट की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में थरूर ने राहुल गांधी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेगी।  

मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट लिस्ट में 558 खिलाड़ियों के नाम, जिसमें से 167 खिलाड़ी वेटिंग में

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार ने खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मेरिट आधारित बनाने का जो संकल्प लिया है, वह लगातार जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के पांच प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट सूची जारी उ.प्र. स्पोर्ट्स कॉलेजेज सोसाइटी लखनऊ के अधीन संचालित पांच प्रमुख स्पोर्ट्स कॉलेज गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ, बीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई, स्पोर्ट्स कॉलेज सहारनपुर और स्पोर्ट्स कॉलेज फतेहपुर में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए मुख्य चयन परीक्षा की मेरिट सूची जारी कर दी गई है। चयन समिति ने प्रत्येक प्रतिभागी के प्रदर्शन के आधार पर ऑनलाइन अंक प्रदान किए हैं।  चयनित खिलाड़ियों की होगी जैविक जांच प्रदेश के सभी 5 स्पोर्ट्स कॉलेजों में 14 खेलों के लिए कुल 518 सीटें रिक्त हैं। प्रवेश प्रक्रिया के तहत मुख्य चयन परीक्षा के बाद 558 खिलाड़ियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई है। जारी सूची में 391 खिलाड़ियों का चयन फ्रेश लिस्ट में हुआ है, जबकि 167 खिलाड़ियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। कक्षावार और खेलवार सूची जारी की गई है, जिसे अभ्यर्थी संबंधित पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया के अगले चरण में चयनित खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच और मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। यह प्रक्रिया भी पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। खिलाड़ियों की सीएमओ कार्यालय पर होगी जैविक जांच एथलेटिक्स, बैडमिंटन, क्रिकेट और फुटबॉल के खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय लखनऊ में कराई जाएगी। वहीं जिम्नास्टिक्स, हॉकी, जूडो, वॉलीबॉल और कुश्ती के खिलाड़ियों की जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय गोरखपुर में होगी। इसके अलावा कबड्डी, तैराकी, हैंडबॉल, बॉक्सिंग और भारोत्तोलन के खिलाड़ियों की जैविक आयु जांच मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सैफई/इटावा में कराई जाएगी। जैविक जांच में सफल खिलाड़ियों को काउंसलिंग के बाद दिया जाएगा प्रवेश संबंधित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा जैविक आयु जांच और मेडिकल परीक्षण की तिथि निर्धारित की जाएगी। इसके बाद संबंधित स्पोर्ट्स कॉलेज खिलाड़ियों को सूचना उपलब्ध कराएंगे। जांच में उपयुक्त पाए जाने वाले खिलाड़ियों को काउंसलिंग के माध्यम से अंतिम प्रवेश दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव एवं लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि जैविक जांच में सफल खिलाड़ियों को नियमानुसार काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए अलग से सूचना जारी की जाएगी। इस सत्र आये रिकॉर्ड आवेदन योगी सरकार की खेल नीति का प्रभाव इस बात से भी स्पष्ट है कि इस वर्ष स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं। कुल 518 सीटों के लिए लगभग 2600 छात्रों ने आवेदन किया था, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और सरकार की खेलोन्मुखी नीतियों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। मुख्य चयन परीक्षा 3 जून से 6 जून 2026 तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलवार संबंधित स्पोर्ट्स कॉलेजों में आयोजित की गई थी। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। इस सत्र से दो नए फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज और सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज की शुरुआत हो रही है।

सीएम योगी का ऐलान: 1500 एकड़ में फार्मा पार्क से बुंदेलखंड में हजारों रोजगार का दावा

ललितपुर ललितपुर से  सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले के लोगों को बड़ी सौगात दी। सीएम योगी ने कहा, ललितपुर में यूपी का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जाएगा। इस पार्क के बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर भी जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने वर्षों तक ललितपुर की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार एक ही दिन में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दे रही है। मुख्यमंत्री तुवन मंदिर मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित 1766 करोड़ रुपये लागत की 221 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच दशक और समाजवादी पार्टी ने कई बार प्रदेश में शासन किया, लेकिन इन दलों ने ललितपुर के विकास के लिए समुचित कार्य नहीं किया। भाजपा सरकार प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य कर रही है। आज युवाओं और बेटियों को मिल रही नौकरयािं सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड का ललितपुर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर जनपद है। डबल इंजन सरकार यहां के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, जबकि आज प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं और बेटियों को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अवैध खनन, वन संपदा की लूट और माफियावाद को संरक्षण दिया जाता था, जिससे विकास बाधित होता था। ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा ललितपुर मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा है। यहां प्रदेश का पहला फार्मा पार्क 1500 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और अटल आवासीय विद्यालय जैसी सुविधाएं भी जनपद को मिली हैं। उन्होंने कहा कि 'हर घर जल' योजना के तहत बुंदेलखंड में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। अब महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति दे रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को मिल रही नई पहचान योगी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जो देश की रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई योजनाओं को पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। इससे बुंदेलखंड के किसानों की आय में वृद्धि हुई है और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान संचालित कर रही है, जिसके तहत बिना गारंटी के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।