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पौराणिक कथाओं में हनुमान जी और मच्छिंद्रनाथ के बीच योग-शक्ति संघर्ष का उल्लेख

हिंदू धार्मिक ग्रंथों में पवनपुत्र हनुमान जी को सबसे शक्तिशाली माना गया है. मान्यता है कि उनके बिना न तो राम कथा पूर्ण है और न ही रामायण. राम-रावण युद्ध में हनुमान जी ऐसे योद्धा थे, जिन्हें कोई भी किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचा सका. उनके पराक्रम, सेवा, दया और शक्ति की अनगिनत गाथाएं प्रसिद्ध हैं. लेकिन कुछ कथाओं के अनुसार, तीन ऐसे योद्धा भी हुए हैं, जिनके सामने हनुमान जी को भी झुकना पड़ा. यह सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन पुराणों और लोक कथाओं में इसका उल्लेख मिलता है. 1. मच्छिंद्रनाथ रामायण के अनुसार, मच्छिंद्रनाथ एक महान सिद्ध योगी और तपस्वी थे. एक बार वे रामेश्वरम पहुंचे और राम सेतु को देखकर भावविभोर हो गए. इसके बाद वे समुद्र में स्नान करते हुए भगवान राम की भक्ति में लीन हो गए. उसी समय हनुमान जी, जो वानर रूप में वहाँ उपस्थित थे, उनकी परीक्षा लेना चाहते थे. उन्होंने तेज वर्षा उत्पन्न कर दी और स्वयं एक वानर के रूप में पर्वत पर गुफा बनाने का अभिनय करने लगे. मच्छिंद्रनाथ ने उन्हें समझाते हुए कहा कि संकट आने से पहले ही सुरक्षित स्थान खोज लेना चाहिए. इस पर हनुमान जी ने उनसे उनकी शक्ति का परिचय मांगा और युद्ध की चुनौती दे दी. इसके बाद दोनों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें मच्छिंद्रनाथ की योग शक्ति के सामने हनुमान जी की शक्ति निष्फल हो गई. अंत में वायुदेव के हस्तक्षेप के बाद यह युद्ध समाप्त हुआ और इस कथा में हनुमान जी की हार मानी जाती है. 2. मेघनाद (इंद्रजीत) जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे, तो उन्होंने अशोक वाटिका में उत्पात मचाया और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर दिया था. इसके बाद रावण ने अपने शक्तिशाली पुत्र मेघनाद को हनुमान जी को पकड़ने के लिए भेजा. मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया. हनुमान जी को वरदान प्राप्त था, इसलिए उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ब्रह्मास्त्र का सम्मान करते हुए उन्होंने स्वयं को उसके बंधन में जाने दिया. इस प्रकार, तकनीकी रूप से यह भी एक स्थिति थी जहां हनुमान जी को रोका गया था. 3. लव और कुश यह घटना उस समय की है जब भगवान श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ किया था. यज्ञ का घोड़ा जंगल में छोड़ा गया, जिसे लव और कुश ने पकड़ लिया और चुनौती स्वीकार कर ली. श्रीराम की सेना से युद्ध में लव-कुश ने शत्रुघ्न और लक्ष्मण तक को पराजित कर दिया. इसके बाद भरत, सुग्रीव और हनुमान जी भी युद्ध के लिए पहुंचे. जब हनुमान जी ने लव-कुश का पराक्रम देखा, तो उन्हें संदेह हुआ. ध्यान लगाने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि ये दोनों श्रीराम और माता सीता के पुत्र हैं. यह जानने के बाद हनुमान जी ने युद्ध करना उचित नहीं समझा और शांत भाव से खड़े रहे. इसके बावजूद लव-कुश ने उन पर प्रहार किया, लेकिन हनुमान जी ने प्रतिकार नहीं किया था.

अयोध्या विवाद के बाद बड़ा फैसला, MP के मंदिरों में लागू होगा QR कोड आधारित दान सिस्टम

खंडवा. अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद के बीच मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख मंदिरों की दान और प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। देश के प्रतिष्ठित मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर नया मॉडल तैयार किया जाएगा, जिसे महाकाल एवं ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाएगा। दान और चढ़ावे का होगा पारदर्शी प्रबंधन ओंकारेश्वर प्रवास पर पहुंचे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उज्जैन और ओंकारेश्वर की सतत निगरानी मौजूदा व्यवस्था ओंकारेश्वर दान पेटियां प्रशासन और मंदिर समिति की मौजूदगी में तय दिनों पर खोली जाती हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। शीघ्र दर्शन से प्राप्त राशि पूरी तरह ऑनलाइन जमा होती है। दान राशि के उपयोग और गणना पर सतत निगरानी रखी जाती है। महाकाल मंदिर नकद, ऑनलाइन और क्यूआर कोड से दान की व्यवस्था है। भेंट पेटियों की राशि पारदर्शी कांच कक्ष में सीसीटीवी निगरानी के बीच गिनी जाती है। बैंक कर्मचारी राशि सीधे मंदिर खाते में जमा करते हैं। दान राशि से श्रद्धालु सुविधाएं, निर्माण कार्य और सेवा प्रकल्प संचालित होते हैं। आय-व्यय की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकल्पों की पृथक लेखा व्यवस्था विकसित की जा रही है। पारदर्शिता के प्रमुख उपाय दान पेटियों की निगरानी वीडियोग्राफी और सीसीटीवी रिकार्डिंग ऑनलाइन दान और क्यूआर कोड व्यवस्था बैंक के माध्यम से राशि जमा आय-व्यय का पृथक लेखा-जोखा प्रशासनिक निगरानी में गणना प्रक्रिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन: कोलकाता में पीएम मोदी की अगुवाई, दिल्ली में अक्षय कुमार भी होंगे शामिल

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में नया रिकॉर्ड बन सकता है। कोलकाता में करीब 10 लाख लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ योगाभ्यास करेंगे। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह जानकारी दी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के बारे में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, 'यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल के कोलकाता में यह इवेंट हो रहा है और यहां हमारे प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साह है।' उन्होंने कहा कि आज, 20 जून को एक बड़ा कार्निवल होने वाला है। एक बड़ा ड्रोन शो भी होगा। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में लगभग 500 नावें एक साथ आएंगी। पीएम मोदी करेंगे इवेंट की अगुवाई आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने यह भी बताया कि रविवार सुबह प्रधानमंत्री यहां इस इवेंट की अगुवाई करेंगे। इस जगह पर रविवार को 35 हजार लोग इकट्ठा होंगे। वहीं, पूरे कोलकाता में 10 लाख लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग करेंगे। पोर्टल पर अब तक 7 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। रात तक यह संख्या 10 लाख के करीब तक पहुंच जाएगी। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 3,000 लोग करेंगे योग वहीं खेल मंत्री मनसुख मांडविया रविवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर ‘योगा फोर हेल्दी ऐजिंग’ थीम के तहत 3,000 लोगों के साथ योग कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। खेल मंत्रालय पूरे देश में भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के सभी क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, साइ ट्रेनिंग केंद्र और खेलो इंडिया संस्थानों में एक साथ योग कार्यक्रम आयोजित करके अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएगा। इसमें पूरे देश से 15,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है अक्षय कुमार भी होंगे शामिल बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकॉन अक्षय कुमार दिल्ली में योग कार्यक्रम में मांडविया के साथ शामिल होंगे। योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ, राज्य के खेल विभाग और खेल विश्वविद्यालय भी एक साथ कार्यक्रम आयोजित करेंगे। मांडविया ने एक बयान में कहा, ‘‘जब से संयुक्त राष्ट्र ने हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाया है, तब से यह सालाना आयोजन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सेहत के लिए दुनिया भर में मनाए जाने वाले उत्सव के रूप में विकसित हुआ है। 'उन्होंने कहा, 'यह दिन अलग-अलग महाद्वीपों के लाखों योग करने वालों को एक साथ लाता है। योग भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर एक वैश्विक कार्यक्रम बन गया है।' राजधानी में होने वाले ‘फिट इंडिया’ कार्यक्रम में लगभग 3,000 लोगों के जुटने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में मशहूर योग प्रशिक्षक अंशुका परवानी एक खास योग सत्र भी कराएंगी।  

कोठारी परिवार की एंट्री से अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट, सगाई बना ड्रामा का मैदान

शो अनुपमा में इन दिनों लगातार नए ट्विस्ट और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है. एपिसोड की शुरुआत दिग्विजय के साथ होती है, जहां वह प्रेम से सबके सामने थप्पड़ मारने के लिए माफी मांगता है. दिग्विजय को एहसास होता है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था. वह प्रेम से कहता है कि वह उसकी शर्त पूरी करने आया है. दूसरी तरफ अनुपमा को शक होता है कि दिग्विजय कहीं कोठारी हाउस तो नहीं गया. हालांकि प्रेम इतनी आसानी से मानने को तैयार नहीं होता. वह कहता है कि दिग्विजय ने सिर्फ उसे थप्पड़ नहीं मारा, बल्कि उसकी इज्जत को भी ठेस पहुंचाई है. प्रेम के मुताबिक सिर्फ सॉरी बोल देना काफी नहीं है.  सगाई में हुई कोठारी परिवार की एंट्री शाह हाउस में अंश और प्रेरणा की सगाई की तैयारियां चल रही होती हैं. अनुपमा दोनों को एक-दूसरे की जिम्मेदारी समझाने के लिए एक छोटा-सा गेम खिलाती है. तभी दिग्विजय घर लौटता है और उसके पीछे कोठारी परिवार की एंट्री हो जाती है. प्रेम को देखकर पूरा शाह परिवार हैरान रह जाता है. वहीं अनु समझ जाती है कि दिग्विजय ने सच में प्रेम से माफी मांगी है. इसी बीच श्रुति और अनुपमा के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिलती है. अनु, श्रुति को मिठाई खाने के लिए कहती है ताकि उसकी कड़वाहट थोड़ी कम हो सके. गौतम की नई चाल से बढ़ेगा तनाव जहां एक तरफ सगाई का माहौल खुशियों से भरा नजर आता है, वहीं दूसरी तरफ तोशू, गौतम के मन में नई बात डालकर तनाव बढ़ा देता है. वह गौतम को भड़काता है कि अंश की शादी के बाद शायद प्रांशी की कस्टडी उससे छिन जाए. यह सुनकर गौतम परेशान हो जाता है और सोचता है कि जब तक प्रांशी उसके पास है, तब तक उसका कोठारी परिवार की संपत्ति पर अधिकार बना रहेगा. आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अनु अपनी सीक्रेट रेसिपी डायरी को लेकर बात करती है. श्रुति के कहने पर प्रेम उसको चुराने की कोशिश करता है.

लेबर पार्टी में बढ़ा बगावत का दबाव, एंडी बर्नहैम की चुनौती के बीच स्टार्मर का भविष्य अधर में

 नई दिल्ली ब्रिटेन में जारी गहरे राजनीतिक गतिरोध के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना है। ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार द ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट में वरिष्ठ लेबर पार्टी के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्टार्मर का पूरा ध्यान अभी भी सरकार चलाने और अपनी जिम्मेदारियों पर केंद्रित है। आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से प्रधानमंत्री स्टार्मर के खिलाफ लेबर पार्टी के भीतर ही असंतोष पनप रहा था, जो शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुंच गया जब उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहैम ने उपचुनाव में संसद की सीट जीत ली। इस जीत के बाद बर्नहैम के लिए स्टार्मर के खिलाफ औपचारिक रूप से नेतृत्व की चुनौती पेश करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्टार्मर इस समय अपने आधिकारिक ग्रामीण निवास चेकर्स में हैं और कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी पत्नी के साथ इस विषय पर गहन चर्चा कर रहे हैं। लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि सोमवार तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, चंदा देने वाले दानदाताओं और ट्रेड यूनियन के नेताओं से बातचीत के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए उनकी स्थिति अब व्यावहारिक नहीं रह गई है। हालांकि, इससे पहले शुक्रवार को स्टार्मर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे अपनी लीडरशिप के खिलाफ किसी भी चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने लेबर पार्टी से गुटबाजी और आपसी कलह में न उलझने की अपील भी की थी। रिकॉर्ड गिरावट पर पहुंची कीर स्टार्मर की लोकप्रियता साल 2024 के आम चुनाव में वाम-झुकाव वाली लेबर पार्टी को प्रचंड बहुमत से ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले कीर स्टार्मर बहुत कम समय में बेहद अलोकप्रिय हो चुके हैं। सरकार के कई घोटालों, विवादों और अपनी ही नीतियों से बार-बार पीछे हटने के कारण मतदाताओं में यह संदेश गया है कि स्टार्मर जनता के जीवन स्तर को सुधारने के अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, लेबर पार्टी के ही 100 से अधिक निर्वाचित सांसद सार्वजनिक रूप से स्टार्मर के इस्तीफे या उनके हटने का शेड्यूल तय करने की मांग कर चुके हैं। यदि स्टार्मर इस्तीफा देते हैं या उन्हें पद से हटाया जाता है तो ब्रिटेन को पिछले एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और अवैध अप्रवासन जैसी समस्याओं से जूझ रहे ब्रिटिश इतिहास में यह पिछले दो सौ वर्षों में सबसे कम समय में सबसे अधिक प्रधानमंत्री बदलने का रिकॉर्ड होगा। कतार में हैं एंडी बर्नहैम और वेस स्ट्रीटिंग 56 वर्षीय एंडी बर्नहैम को लेबर पार्टी में स्टार्मर के सबसे मजबूत उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। उत्तरी इंग्लैंड में ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में अपनी मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार करने वाले बर्नहैम ने शुक्रवार को मेकरफील्ड उपचुनाव में दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता नाइजेल फराज की 'रिफॉर्म यूके' पार्टी को करारी शिकस्त देकर संसद में वापसी की है। बर्नहैम ने अभी तक सीधे स्टार्मर को चुनौती नहीं दी है, लेकिन अपने विजय भाषण में उन्होंने देश के लिए एक नए रास्ते का वादा किया है। उनके समर्थकों ने स्टार्मर से गरिमा के साथ खुद पद छोड़कर सत्ता सौंपने की अपील की है। 'द टाइम्स' अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि बर्नहैम देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो वे सबसे पहले वित्त मंत्री राहेल रीव्स को बर्खास्त कर सकते हैं, क्योंकि बर्नहैम के सलाहकारों का मानना है कि रीव्स की नीतियां देश में जरूरी बदलाव लाने के अनुकूल नहीं हैं।

मेथी दाना से घट सकती है पेट की चर्बी, सही तरीके से सेवन करने पर मिलते हैं बेहतर परिणाम

आज के समय में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है. लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और कई तरह की डाइट फॉलो करते हैं लेकिन मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो रसोई में मौजूद छोटा सा मेथी दाना आपके बेहद काम आ सकता है. मेथी दाना के सेवन के फायदे आयुर्वेद के अनुसार, मेथी दाना मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और फैट बर्न करने में बेहद मददगार है. अगर आप एक बैलेंस डाइट यानी संतुलित आहार के साथ लगातार 45 दिनों तक मेथी दाना का नियम अनुसार सेवन करते हैं तो आपकी कमर और पेट के आसपास जमा जिद्दी फैट तेजी से कम होने लगता है. हालांकि बेहतर परिणाम के लिए आपको मीठी और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए.आइए जानते हैं इसके सेवन का सही तरीका क्या है. क्या है मेथी दाना के सेवन का तरीका पेट की चर्बी को तेजी से घटाने के लिए आप मेथी दाना का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं. लेकिन सबसे अच्छा और असरदार तरीका है कि इसे भिगोकर खाना. मेथी दाना का पानी पिएं सबसे पहले आप रात भर के लिए एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर डाल दें. सुबह उठकर इस पानी को छान लें और खाली पेट गुनगुना करके पिएं. अगर आप चाहें तो बची हुई मेथी को चबा-चबा कर खा भी सकते हैं. मेथी दाना पाउडर बनाएं मेथी दानों को हल्का भूनकर उसका पाउडर बना लें. रोज सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें. मेथी की चाय एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी दाना डालकर इसे 5-7 मिनट तक उबालें. इसे छानकर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस और शहद मिलाकर हर्बल टी की तरह पिएं.

‘कांग्रेस ने बंटवारे के समय बंगाल को बेसहारा छोड़ा’ कोलकाता से पीएम मोदी का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुखर्जी के सिद्धातों को ही अपनाकर बीजेपी ने बंगाल में चुनाव लड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस समय बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की कोशिशें हो रही थीं, तब कांग्रेस ने साजिश रचने वाली ताकतों को सामने घुटने टेक दिए थे। तभी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ा- पीएम मोदी उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय कांग्रेस ने बंगाल को बेसहारा छोड़ दिया था और आजादी के बाद तुष्टीकरण की राजनीति की।' पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को गलत इतिहास पढ़ाने की कोशिश की। हालांकि सच को छिपाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल अपने बेड़ियों से मुक्त हो गया है और विकास की नई यात्रा पर निकल पड़ा है। 'बेड़ियों से आजाद हो गया बंगाल' प्रधानमंत्री ने कहा, 'चुनाव और सरकार गठन के बाद, आज मुझे पहली बार आपके बीच आने का सौभाग्य मिला है। बंगाल की हवा में अब एक नई ताजगी है। ऐसा लगता है मानो बंगाल अब अपनी बेड़ियों से आजाद हो गया है और बंगाल का गौरव फिर से लौटने लगा है।' विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि राज्य में हो रहा बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की ताकत को दिखाता है। सीमा पर बाड़ लगाने में रुकावट डाल रही थी ममता सरकार उन्होंने कहा, 'बंगाल के लोगों के चेहरों पर चमक है और गांवों में खुशी और भरोसे का माहौल है… बंगाल में यह साफ दिखता है कि आपका एक वोट कैसे बदलाव ला सकता है।' पीएम मोदी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में तेजी के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इस प्रक्रिया में रुकावट डाली थी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपने देखा होगा कि पिछली सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपने के काम को रोक दिया था। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में वह प्रक्रिया शुरू हो गई है।' पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पीएम मोदी ने 20 जून के 'पश्चिमबंग दिवस' के ऐतिहासिक महत्व पर जोर दिया और कहा कि नयी पीढ़ी को उन हालात के बारे में पता होना चाहिए जिनकी वजह से यह राज्य बना। मोदी ने कहा, 'हमें बार-बार 'पश्चिमबंग दिवस' के महत्व को रेखांकित करने की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि उस दौरान क्या हुआ था।' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए और हजारों लोगों के साथ योग किया। इसके बाद वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर जाएंगे।

‘योग को बनाइए जीवन का हिस्सा’ योग दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बिहारवासियों से आह्वान

पटना आज पूरे देश और दुनिया के साथ-साथ बिहार में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम बेहद उत्साह के साथ देखी जा रही है। इस खास मौके पर राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में राज्य स्तरीय मुख्य योग समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई थी, जिसका उद्देश्य बढ़ती उम्र में स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ इस सामूहिक योग शिविर में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई वीवीआईपी नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों की संख्या में आम लोगों व खेल प्रेमियों ने एक साथ मिलकर विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया योग कंकड़बाग खेल परिसर के विशाल मैदान में आयोजित इस भव्य शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार योग के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। दोनों नेताओं ने आम लोगों के साथ चटाई पर बैठकर अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी और सूर्य नमस्कार जैसे कई महत्वपूर्ण योगासनों का अभ्यास किया। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का एक अनमोल उपहार है, जो शरीर और मन दोनों को पूरी तरह संतुलित रखता है। उन्होंने बिहारवासियों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाएं, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और समृद्ध बिहार का निर्माण किया जा सके ललन सिंह और मंगल पांडेय भी रहे मौजूद इस राज्य स्तरीय योग महोत्सव में जेडीयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मौजूद रहे। वहीं, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इस मौके पर कहा कि उनका विभाग राज्य के कोने-कोने तक योग और वेलनेस सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंकड़बाग पाटलिपुत्र खेल परिसर में सुरक्षा और डॉक्टरों की टीम के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम के समापन पर सभी गणमान्य लोगों ने निरोग रहने और समाज में सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लिया।

श्रद्धा और आस्था का सफर: अमृतसर से पाकिस्तान पहुंचेगा सिख जत्था, गुरुधामों में करेगा मत्था टेक

अमृतसर. शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय से रवाना हो गया। यह जत्था विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा। एसजीपीसी की ओर से जत्थे की अगुवाई समिति सदस्य बाबा बूटा सिंह करेंगे। उनके साथ जत्थे के डिप्टी लीडर के रूप में खुशविंदर सिंह भाटिया और बीबी हरजिंदर कौर तथा जनरल मैनेजर के रूप में उप सचिव आजाददीप सिंह शामिल होंगे। श्रद्धालुओं को वीजा लगे पासपोर्ट वितरित किए। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि पाकिस्तान में स्थित सिख गुरुधामों के दर्शन करना प्रत्येक सिख की इच्छा होती है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह है और समिति द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 12 को वीजा जारी नहीं किया गया। इस प्रकार 290 श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त हुए हैं और उन्हें पासपोर्ट सौंप दिए गए।

12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण, यूरोप और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखेगा अद्भुत नजारा

दुनिया भर के वैज्ञानिकों और आसमान में होने वाली घटना को देखने के शौकीन लोगों के लिए अगस्त 2026 का महीना बहुत खास होने वाला है.  इस साल 12 अगस्त को एक अद्भुत खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसे हम पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं.  आइए जानते हैं कि यह क्या है और इसका क्या मतलब है. क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण? सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चाँद, सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है. जब चांद, सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है और दिन के उजाले में कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाता है, तो उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं.  उस समय सूर्य के चारों ओर एक चमकती हुई रिंग (छल्ला) दिखाई देती है, जो देखने में किसी जादुई नजारे जैसी लगती है. क्या यह भारत में दिखाई देगा? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में रहने वाले लोग इसे देख पाएंगे? तो इसका जवाब है नहीं.  यह सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देग.  यह मुख्य रूप से यूरोप (जैसे स्पेन), ग्रीनलैंड, आइसलैंड और आर्कटिक के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में इसका असर? चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका कोई असर नहीं होगा.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो ग्रहण हमारे देश में नहीं दिखता, उसका सूतक काल (नियम-कानून) भी मान्य नहीं होता.  इसलिए भारत के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और पूजा-पाठ बिना किसी चिंता के सामान्य रूप से कर सकते हैं. सावधानी: ग्रहण कैसे देखें? अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां ग्रहण दिखने वाला है, तो एक बात का हमेशा ध्यान रखें: ग्रहण को कभी भी अपनी आंखों से सीधा न देखें. सूर्य की रोशनी इतनी तेज होती है कि वह आपकी आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचा सकती है. इसे देखने के लिए हमेशा बाजार में मिलने वाले खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.  साधारण चश्मे या आंखों के सामने हाथ रखकर इसे देखना बहुत खतरनाक हो सकता है.