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अमोनिया गैस लीक होने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन, पुलिस-NDRF की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

सीहोर  दोराहा थाना क्षेत्र के सोनाकच्छ टोल प्लाजा के पास आज यानि गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कोटा से नागपुर की ओर जा रहे अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया. गैस रिसाव की खबर मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आई और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।  पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत रुकवाया टैंकर जैसे ही अमोनिया गैस के रिसाव की सूचना मिली, दोराहा थाना पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए टोल टैक्स के पास ही टैंकर को रुकवाया और तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. जहरीली गैस के फैलाव को रोकने के लिए एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया।  नियंत्रण में स्थिति, नहीं कोई जनहानि मामले के बारे में एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि "गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाल लिया था. रिसाव को पूरी तरह से बंद करने और स्थिति को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीकी प्रयास किए जा रहे हैं. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।  बताते चलें ​अमोनिया गैस बेहद तीखी और दमघोंटू होती है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सजगता के कारण इसे आबादी क्षेत्र में फैलने से पहले ही रोक दिया गया. इस सूझबूझ भरे ऑपरेशन की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और हाइवे पर मौजूद राहगीरों व स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।  इससे पहले खंडवा में हुआ था LPG गैस का रिसाव मध्य प्रदेश में गैस रिसाव की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. इससे पहले खंडवा में 13 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर जा रहे एलपीजी वैगन में गैस रिसाव हुआ था. यहां खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर 36 एलपीजी वैगन खड़ी थी, जिसमें अचानक रिसाव होने लगा था. जानकारी मिलते ही रेलवे व डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर वैगन को आइसोलेट किया था. यहां भी वक्त रहते प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया तो बड़ी घटना हो सकती थी। 

पंजाब के लुधियाना में फैक्ट्री हादसा, गैस लीक से तीन मजदूरों की मौत, इलाके में हड़कंप

लुधियाना. पंजाब के लुधियाना में सोमवार तड़के हुए एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पाना-चाबी बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पिता और पुत्र सहित तीन की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान मान सिंह और उनके पुत्र अमित के रूप में हुई है, जबकि तीसरे मृतक का नाम श्रीराम है। तीनों फैक्ट्री में कार्यरत थे और रोज की तरह सोमवार सुबह भी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान अचानक किसी पाइपलाइन अथवा गैस सिलेंडर से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस पूरे परिसर में फैल गई और वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन तथा घुटन महसूस होने लगी।  मजदूर मौके पर ही हुए बेहोश कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन गैस का प्रभाव इतना तेज था कि कई कर्मचारी मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचाव कर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से फैक्ट्री के भीतर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से प्रभावित मान सिंह और उनके पुत्र अमित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अन्य प्रभावित मजदूरों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ कर्मचारियों की हालत अभी भी निगरानी में रखी गई है। मृतकों का शव पोसटमार्टम के लिए भेजा दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कैंसर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित विभागों की टीमें भी गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ। हादसे के बाद फैक्ट्री क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की मांग उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने भी जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

तुलसी नगर स्थित स्विमिंग पूल में गैस रिसाव से हड़कंप, चार बच्चे प्रभावित

भोपाल टीटी नगर लिंक रोड नंबर-1 स्थित प्रकाश तरण पुष्कर में बुधवार शाम स्विमिंग के दौरान क्लोरीन गैस लीक होने से चार बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना शाम करीब पांच बजे की है। उस समय पूल में करीब 20 से 25 बच्चे स्विमिंग कर रहे थे। तभी अचानक कुछ बच्चों को खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत बच्चों को इलाज के लिए जयप्रकाश अस्पताल लेकर पहुंचे। डाॅक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया, लेकिन एहतियात के तौर पर 24 घंटे तक निगरानी रखने की सलाह दी है। परिजन सचिन जैन ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी आध्या जैन भी स्विमिंग कर रही थी। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे लगातार खांसी आने लगी। हालत इतनी खराब हो गई कि वह बेहोशी जैसी स्थिति में पहुंच गई थी। वहां मौजूद महिलाओं ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। डाॅक्टरों ने जरूरी इलाज किया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। प्रकाश तरण पुष्कर के मैनेजर हेमंत जारिया ने बताया कि पाइपलाइन में समस्या आने से क्लोरीन गैस लीक हुई थी। हवा के कारण गैस तेजी से फैल गई। बच्चों को खांसी और घबराहट की शिकायत होने पर तुरंत अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि गैस लीक का पता चलते ही टंकी बदल दी गई। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।