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ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन की दिशा में दुर्ग जिले में जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण

रायपुर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर यानी घरेलू गंदे पानी के सुरक्षित प्रबंधन के लिए दुर्ग जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं स्वच्छताग्राहियों द्वारा श्रमदान से 3360 सोख्ता गड्ढों (सोक पिट) का निर्माण किया गया है। अभियान का उद्देश्य घरों से निकलने वाले निस्तारित एवं गंदे पानी को गलियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में बहने से रोकना है।  इससे गांवों में गंदगी और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ पानी के प्राकृतिक निस्तारण एवं भू-जल पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिलेगा। दुर्ग जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी  बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रे-वाटर के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं द्वारा स्वयं आगे बढ़कर अपने घरों से इस अभियान की शुरुआत करना ग्रामीण समुदाय के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। ‘पहले खुद से शुरुआत’ बनी अभियान की पहचान  इस पहल की खास बात है कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘नेतृत्व परिवर्तन और स्वयं से शुरुआत’ की प्रेरणादायक थीम के साथ अपने घरों से ही अभियान की शुरुआत की। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान को अपशिष्ट जल प्रबंधन सप्ताह के रूप में आगे बढ़ाया गया। महिलाओं ने संकल्प लिया कि यदि उनके घरों से निकलने वाला गंदा पानी खुले में बह रहा है, तो वे सबसे पहले अपने घर के आसपास सोख्ता गड्ढे का निर्माण करेंगी। इसके बाद अन्य ग्रामीण परिवारों को भी इसके लिए प्रेरित किया गया। श्रमदान से तैयार हो रहे सोख्ता गड्ढे  अभियान पूरी तरह जनभागीदारी और श्रमदान पर आधारित है। स्वच्छताग्राहियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आपसी सहयोग से घरों के आसपास लगभग 2 से 3 फीट गहरे गड्ढे तैयार किए। इनमें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ईंट, पत्थर और कंकड़ आदि सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे घरेलू पानी जमीन में सुरक्षित रूप से सोख सके और भू-जल पुनर्भरण में मदद मिले। सेप्टिक टैंक के ओवरफ्लो पानी का भी सुरक्षित प्रबंधन अभियान का दायरा केवल सामान्य घरेलू ग्रे-वाटर तक सीमित नहीं है। ऐसे ग्रामीण परिवार, जिनके घरों में सेप्टिक टैंक युक्त शौचालय हैं और टैंक के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी खुले में बह रहा था, उन्हें भी अभियान से जोड़ा गया है। ऐसे स्थानों पर विशेष सोक पिट एवं सोख्ता गड्ढों के माध्यम से पानी के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है।  सोख्ता गड्ढों का निर्माण तकनीकी रूप से सही तरीके से हो, इसके लिए जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, करारोपण अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, विकासखण्ड समन्वयक एवं तकनीकी सहायकों द्वारा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। गांवों के संकुल बनाकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो अभियान की सतत मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं।    जिले में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पूर्व में भी ग्राम पंचायतों में वर्मी एवं नाडेप संरचनाओं की सफाई, कचरे का पृथक्करण तथा सार्वजनिक जलस्रोतों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं। ग्रे-वाटर प्रबंधन की यह पहल इन प्रयासों को और मजबूती प्रदान कर रही है। जिला प्रशासन और स्व-सहायता समूहों की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। वहीं, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की प्रभावी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

2 सितंबर का राशिफल: बुधवार इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ, होगी धन-लाभ की बारिश

मेष आज आपका मूड काफी अच्छा रहने वाला है। ऑफिस में किसी जरूरी काम की जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे आप आसानी से संभाल लेंगे। पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। पैसों को लेकर दिन ठीक रहेगा लेकिन बेवजह की शॉपिंग से बचें। सेहत सामान्य रहेगी। वृषभ आज काम के बीच आपको कुछ नया सीखने का मौका मिल सकता है। बॉस आपके काम से खुश हो सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर थोड़ा तनाव हो सकता है लेकिन बातचीत से मामला संभल जाएगा। पैसे उधार देने से आज बचना बेहतर रहेगा। खान-पान पर थोड़ा ध्यान दें। मिथुन आज आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरी करने वालों के लिए दिन फायदेमंद रहेगा और काम की तारीफ भी हो सकती है। रिश्ते में चल रही कोई गलतफहमी दूर होगी। अचानक कोई छोटा खर्च सामने आ सकता है। शाम को दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कर्क आज आपको अपने काम पूरे करने के लिए थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में किसी बड़े की सलाह आपके काम आएगी। लव लाइफ में पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, वरना छोटी बात बड़ी बन सकती है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच लें। नींद पूरी लेने की कोशिश करें। सिंह आज का दिन आपके लिए काफी अच्छा रहने वाला है। ऑफिस में आपकी कोई बात या आइडिया लोगों को पसंद आ सकता है। बिजनेस करने वालों को अच्छा फायदा मिलने के संकेत हैं। पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। हालांकि, गुस्से में कोई फैसला लेने से बचें। कन्या आज आपको अपने काम की प्लानिंग पहले से करके चलना चाहिए। जल्दबाजी में किया गया काम बिगड़ सकता है। सिंगल लोगों की किसी खास व्यक्ति से बातचीत शुरू हो सकती है। पैसों के मामले में दिन सामान्य रहेगा। बाहर का बहुत ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचें। तुला आज आपका ध्यान अपने करियर को बेहतर बनाने पर रहेगा। काम के सिलसिले में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में माहौल खुशनुमा रहेगा। पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात को लेकर बहस हो सकती है, इसलिए बात को ज्यादा खींचने से बचें। खर्चों पर नजर रखना जरूरी है। वृश्चिक आज कुछ काम आपकी उम्मीद के मुताबिक जल्दी पूरे नहीं होंगे, इसलिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। धैर्य से काम लेंगे तो स्थिति आपके पक्ष में आ जाएगी। पैसों को लेकर कोई बड़ा फैसला आज न लें। पार्टनर से अपनी बात प्यार से रखें। थकान महसूस हो तो थोड़ा आराम जरूर करें। धनु आज का दिन नई शुरुआत के लिए अच्छा है। नौकरी में कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है और इससे आपकी पहचान मजबूत होगी। कारोबारियों को भी फायदा मिलने के योग हैं। परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूरी बातचीत हो सकती है। लव लाइफ में सब ठीक रहेगा। फिजूलखर्ची से बचें। मकर आज आपको अपने किसी पुराने काम का अच्छा नतीजा मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के लिए कोई नया मौका सामने आएगा। घरवालों के साथ समय बिताने से आपका मूड बेहतर होगा। रिश्ते में पार्टनर की बात को समझने की कोशिश करें। पेट से जुड़ी परेशानी से बचने के लिए खान-पान सही रखें। कुंभ आज आप जिस काम को लेकर काफी समय से सोच रहे थे, उसे शुरू करने का सही समय मिल सकता है। ऑफिस में आपकी क्रिएटिविटी की तारीफ होगी। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। दोस्तों के साथ अचानक मिलने का प्लान बन सकता है। रिश्तों में ईगो को बीच में न आने दें। मीन आज काम थोड़ा ज्यादा रहेगा, लेकिन आप उसे समय पर पूरा कर लेंगे। किसी पुराने क्लाइंट या जान-पहचान वाले से फायदा मिल सकता है। घर में किसी छोटी बात को लेकर माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए शांत रहना बेहतर होगा। पार्टनर को समय दें। पैसों के मामले में दिन सामान्य से अच्छा रहेगा।

मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में नियम विरुद्ध उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं पर कार्रवाई

रायपुर 94 उर्वरक विक्रय केंद्रों और 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का किया गया निरीक्षण खरीफ वर्ष 2026 में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के पंजीकृत कृषकों को उर्वरकों का शत-प्रतिशत वितरण किया गया है। वर्तमान में जिले की समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भंडारित है। किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण किया जा रहा है। 94 उर्वरक विक्रय केंद्रों और 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का किया गया निरीक्षण 38 केंद्रों को नोटिस एवं 8 केंद्रों में बिक्री पर प्रतिबंध जिले में अब तक 94 सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता पाए जाने पर 30 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 5 केंद्रों में उर्वरक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी प्रकार 21 पौध संरक्षण औषधि केंद्रों का निरीक्षण किया गया। विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर 8 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं बिना वैध दस्तावेज के कीटनाशक विक्रय पाए जाने पर 3 केंद्रों में जब्ती एवं बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। विक्रय केंद्रों में अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तथा कीटनाशी विक्रेताओं के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।   कृषि रसायनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक एवं कीटनाशकों के नमूने लिए जाकर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। नैनो उर्वरकों एवं संतुलित कृषि पद्धति अपनाने की सलाह  मौसम की अनुकूलता को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरकों के उपयोग तथा संतुलित एवं समन्वित कृषि पद्धति अपनाने के संबंध में प्रक्षेत्र स्तर के अधिकारियों द्वारा किसानों को आवश्यक जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को कृषि रसायनों की खरीदी पंजीकृत संस्थानों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से करने की सलाह दी जा रही है, ताकि उन्हें उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान प्राप्त हो सकें।            विभाग ने किसानों से अपील की है कि उपज बढ़ाने संबंधी भ्रामक प्रचार एवं अवैध तरीके से कृषि आदानों की बिक्री के झांसे में न आएं। डोर-टू-डोर कृषि आदानों की खरीदी से सावधान रहें तथा ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल विभागीय अधिकारियों को सूचित करें।

दशहरा आयोजन के लिए संभावित स्थलों भालेराव मैदान एवं एम.एम.आर. कॉलेज परिसर का किया निरीक्षण

जांजगीर-चांपा कलेक्टर  जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक  विजय कुमार पाण्डेय ने आगामी नवरात्रि, दशहरा एवं गणेश उत्सव के आयोजन की तैयारियों को लेकर नगर पालिका चांपा क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आगामी दशहरा आयोजन के लिए संभावित स्थल के रूप में भालेराव मैदान एवं एम.एम.आर. कॉलेज परिसर का जायजा लिया। उन्होंने दोनों स्थलों की उपलब्ध सुविधाओं एवं आयोजन की आवश्यकताओं का आकलन कर उपयुक्त स्थल का चयन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष  प्रदीप नामदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. युलैंडन यार्क, एसडीएम चांपा  पवन कोसमा, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक ने दोनों संभावित स्थलों पर लोगों की सुरक्षा, सुगम आवागमन, पार्किंग एवं आवश्यक नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने आयोजन स्थल की क्षमता एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस अधीक्षक ने आगामी पर्वों के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन स्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक ने रामबांधा तालाब के पास स्थापित गणेश उत्सव पंडाल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पंडाल के आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आयोजकों एवं संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर-एसपी ने पंडाल के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और आम नागरिकों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने नवरात्रि एवं आगामी पर्वों के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

यूपीपीईटी-2026: अब अभ्यर्थी 7 सितंबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

लखनऊ उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी एसएसएससी) ने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। आयोग ने पीईटी-2026 के लिए पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर से बढ़ाकर 7 सितंबर 2026 कर दी है। इस संबंध में आयोग की ओर से सूचना जारी कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2026 (पीईटी-2026) का विज्ञापन 1 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया था। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। पहले पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई थी। अब आयोग ने अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देते हुए इस अंतिम तिथि को 7 सितंबर 2026 तक विस्तारित कर दिया है। 7 सितंबर तक जमा कर सकेंगे शुल्क और आवेदन नई व्यवस्था के अनुसार पीईटी-2026 में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी अब 7 सितंबर 2026 तक पंजीकरण कर सकते हैं, निर्धारित आवेदन शुल्क जमा कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट कर सकते हैं। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपना आवेदन समय रहते पूरा करने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है। आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर आयोग ने स्पष्ट किया है कि शुल्क समायोजन एवं आवेदन पत्र में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर 2026 ही रहेगी। यानी अभ्यर्थियों को आवेदन सबमिट करने के बाद यदि निर्धारित प्रावधानों के तहत किसी प्रकार का संशोधन करना है तो उसके लिए 8 सितंबर तक का समय रहेगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन की नई समय सीमा का ध्यान रखते हुए प्रक्रिया पूरी करें और अंतिम समय का इंतजार न करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि में बदलाव किया गया है। पीईटी-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया, आवेदन शुल्क, चयन का आधार, निर्धारित शर्तें एवं अन्य दिशा-निर्देश वही रहेंगे, जो आयोग द्वारा पूर्व में जारी विज्ञापन में प्रकाशित किए गए हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को पीईटी-2026 के मूल विज्ञापन में दिए गए सभी नियमों और निर्देशों के अनुसार ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

कलेक्टर ने प्रदान की ट्राईसिकल, स्वावलंबन की ओर बढ़े कदम

रायपुर कलेक्टर ने प्रदान की ट्राईसिकल, स्वावलंबन की ओर बढ़े कदम संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज संवेदनशील प्रशासन और त्वरित जनसमस्या समाधान की सुखद तस्वीर देखने को मिली। जनदर्शन में पहुंचे तीन दिव्यांगजनों की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उन्हें मौके पर ही ट्राईसिकल प्रदान की। शासन की इस त्वरित सहायता से अब इन दिव्यांगजनों के लिए आवागमन आसान होने के साथ ही उनके रोजमर्रा के काम और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सहायता मिलने पर लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक होकर कहा “धन्यवाद विष्णु भैया।”  जनदर्शन में दिव्यांगजनों की स्थिति का परीक्षण करने के बाद उनकी दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई गई। डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम मनकी सा निवासी सुश्री टुमेश्वरी और ग्राम कोबा निवासी श्रीमती शशिकला को 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर आधुनिक बैटरी चालित ट्राईसिकल प्रदान की गई। वहीं बालोद विकासखंड के ग्राम तमोरा निवासी श्री राजेश कुमार को 50 प्रतिशत दिव्यांगता के आधार पर सामान्य ट्राईसिकल प्रदान की गई। बैटरी ट्राईसिकल से आत्मनिर्भर होंगी टुमेश्वरी डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत मनकी सा निवासी टुमेश्वरी ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उन्हें आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए उन्हें अपने पिता या भाई पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे न केवल उनकी स्वयं की कठिनाइयां बढ़ती थीं, बल्कि परिवार के सदस्यों का समय भी प्रभावित होता था।टुमेश्वरी स्व-सहायता समूह से जुड़कर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अब बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने से वह बैंक आने-जाने सहित स्व-सहायता समूह से जुड़े कार्य स्वयं कर सकेंगी। किसी पर निर्भरता कम होने से उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहा “धन्यवाद विष्णु भैया।” ट्राईसिकल ने शशिकला के कारोबार को दी नई रफ्तार   ग्राम कोबा निवासी श्रीमती शशिकला गांव में ही किराने की छोटी दुकान संचालित करती हैं। दिव्यांगता के कारण दुकान आने-जाने और आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए दूसरे गांव जाने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी। बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने के बाद अब उनका आवागमन सुगम होगा और वह अपने व्यवसाय से जुड़े काम अधिक आसानी से कर सकेंगी। शशिकला ने कहा कि इतनी कम अवधि में मिली सहायता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विष्णु भैया को धन्यवाद कहा।

वार्ड क्रमांक 39, 40 एवं 75 में किया गया रक्षाबंधन का आयोजन

भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को मंगलवार को वार्ड क्रमांक 39, 40 एवं 75 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन 36 हज़ार 854 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मंत्री  सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि हर वर्ष मुझे लाखों की संख्या में बहनें रक्षासूत्र बांधती है। उन्होंने कहा कि बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मेरे जीवन की अक्षय पूँजी है। कार्यक्रम में आईं सभी बहनों से मंत्री  सारंग ने राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। नरेला में धूम-धाम से मनाया जाता है त्यौहार नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन बहनों को संबोधित करते हुए मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में हर त्यौहार बड़े ही धूम-धाम और हर्ष-उल्लास के साथ मनाया जाता है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव नरेला परिवार का सबसे भव्य महोत्सव है। इस महोत्सव में प्रतिवर्ष लाखों बहनें मुझे रक्षासूत्र बांधकर अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान करती हैं। बहनों के बीच पहुँचकर बंधवाई राखी 8 सितंबर तक चलने वाले रक्षाबंधन महोत्सव के दूसरे दिन भी बहनों ने कतारबद्ध होकर मंत्री  सारंग को राखी बांधी। मंत्री  सारंग ने बहनों के बीच पहुंचकर रक्षासूत्र बंधवाया। बुजुर्ग बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर मंत्री  सारंग के सिर पर हाथ रखकर आशीष दिया। पहले दिन 22 हज़ार 432 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र मंत्री  सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के पहले दिन 22 हज़ार 432 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष लगभग 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री  सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत नरेला रक्षाबंधन महोत्सव स्थल पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने मंत्री  सारंग का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मंत्री  सारंग को बग्गी से मुख्य कार्यक्रम स्थल तक ढोल-ताशो के साथ मंच तक ले जाया गया। इस अवसर पर जमकर आतिशबाजी भी की गई। मुख्य कार्यक्रम स्थल आगमन पर बहनों ने भी मंत्री  सारंग पर पुष्पवर्षा कर उनका आत्मीय स्वागत किया। 3 सितंबर को वार्ड 76 और 59 में होगा रक्षाबंधन महोत्सव दिनांक 3 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 76 (दोप 12:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 59 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें मंत्री  विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान करेंगी।  

रायगढ़ जिले में कुल 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य निर्धारित, 52.55 लाख रुपये स्वीकृत

रायपुऱ वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी के कटाव को रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में रायगढ़ जिले में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच निर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। ढलान वाले क्षेत्रों में किए जा रहे ये कार्य वर्षा जल के तेज बहाव को नियंत्रित कर उसे भूमि में समाहित करने में सहायक होंगे, जिससे खेतों की नमी और भूमि की उत्पादकता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।            जिले में कुल 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो लगभग 38.27 एकड़ क्षेत्र में निर्मित किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के अंतर्गत रायगढ़, खरसिया और तमनार विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 28 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायगढ़ विकासखंड में 6, खरसिया में 16 तथा तमनार विकासखंड में 6 कार्य शामिल हैं। ’वर्षा जल का संरक्षण, मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण’ स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच का निर्माण विशेष रूप से ढलान वाले क्षेत्रों में वर्षा जल के बहाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किया जाता है। इन संरचनाओं के माध्यम से पानी को रोककर धीरे-धीरे जमीन में समाहित होने का अवसर मिलता है। इससे भू-क्षरण कम होने, मिट्टी में नमी बनाए रखने और भूमि की उत्पादक क्षमता को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। ’प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ रोजगार का अवसर’ इन कार्यों को ग्रामीण समुदाय की भागीदारी और श्रम आधारित गतिविधियों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे एक ओर जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। ढलानों पर बनाई जा रही ये छोटी-छोटी जल संरचनाएं भविष्य में खेतों और गांवों के लिए बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं। “जल और मिट्टी का संरक्षण, समृद्ध गांव की मजबूत नींव” के उद्देश्य के साथ रायगढ़ जिले में किए जा रहे ये कार्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।  

जामबहार में बनेगा 3.40 करोड़ की लागत से नया सबस्टेशन

रायपुर छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा जिले के बालको क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत जामबहार में 3.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33/11 के.वी. (05 एम.वी.ए. क्षमता) विद्युत सबस्टेशन का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नए सबस्टेशन के निर्माण से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में गुणवत्ता आएगी और आसपास के अन्य सबस्टेशनों पर दबाव कम होगा। शहरी व ग्रामीण बस्तियों में सुधरेगी बिजली आपूर्ति सबस्टेशन निर्माण के लाभ रेखांकित करते हुए उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि इससे कोरबा शहरी क्षेत्र के रूमगरा, बेलगिरी बस्ती, मदरसा मोहल्ला, हवाई पट्टी, खान मोहल्ला और जोगियाडेरा जैसी बस्तियों को बेहतर बिजली मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के जामबहार, रोकबहरी, सोनपुरी, परसाबातेल और चुहिया में भी सुचारू विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित होगी। योजना से 4,500 से अधिक उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। सौर ऊर्जा और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा हर घर तक समुचित बिजली पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' और 'बिजली बिल समाधान योजना' का लाभ उठाने की अपील की।  कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया ने मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि रफीक मेमन, निगम पार्षद नरेंद्र देवांगन, सीमा कंवर, जामबहार सरपंच उपन सिंह कंवर तथा बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाएं- शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता कृषि एवं उद्यानिकी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब, पिछड़े, लघु और सीमांत किसानों तक पहुंचाना है। इसके लिए कृषि एवं संबद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि यही शाकम्भरी बोर्ड के गठन का मूल उद्देश्य है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने दिए निर्देश नवा रायपुर स्थित उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी संचालनालय में सोमवार को आयोजित ’’छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के संचालक मंडल की पहली बैठक’’ को संबोधित करते हुए श्री नायक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में मरार समाज का योगदान ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण रहा है, इसलिए उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।  लघु एवं सीमांत किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए करें प्रोत्साहित  श्री नायक ने कहा कि भले ही शाकम्भरी बोर्ड का गठन मरार-पटेल समाज के उत्थान के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन बोर्ड की सोच सभी किसानों के हित और समृद्धि से जुड़ी है। कृषि, उद्यानिकी, जल संसाधन, ऊर्जा, वाणिज्य एवं उद्योग तथा छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के समन्वित प्रयासों से किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों को उद्यानिकी फसलों तथा विशेष रूप से पुष्प उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने, योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने तथा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के माध्यम से पात्र किसानों को अधिकाधिक लाभान्वित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में बोर्ड के सदस्य श्री बसंत पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री संतोष पटेल और श्री प्रेम पटेल सहित उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री लोकेश कुमार तथा शाकम्भरी बोर्ड के सचिव श्री सुरेश ठाकुर, संयुक्त सचिव श्री राजीव अहारे, सहायक अभियंता श्री सिद्धार्थ पाण्डेय, कृषि श्री जितेन्द्र ठाकुर तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सी.एल. देवांगन एवं श्री सी.बी. धु्रव सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी उप संचालक उद्यान श्री नीरज शाहा एवं श्री मनोज अम्बष्ट ने प्रस्तुत की।