samacharsecretary.com

वोटर लिस्ट में नाम कटा? महाराष्ट्र SIR के बाद 30 सितंबर तक करें दावा, ऐसे जुड़वाएं नाम

मुंबई  महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रोसेस के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 2.06 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। ये लोग पिछली वोटर लिस्ट में शामिल कुल मतदाताओं का लगभग 21.14 प्रतिशत थे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सोमवार 31 अगस्त को यह जानकारी दी। राज्य के चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 7.71 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 थर्ड जेंडर (अन्य लिंग) के मतदाता शामिल हैं। मुंबई में मतदाताओं की संख्या में लगभग 36.1 लाख की कमी आई है। यानी करीब 35 फीसदी वोटर ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गए हैं। महाराष्ट्र की पिछली वोटर लिस्ट में जून तक करीब 9.8 करोड़ मतदाता दर्ज थे। जबकि SIR के बाद जारी ड्राफ्ट लिस्ट में यह संख्या घटकर लगभग 7.7 करोड़ रह गई है। यानी आंकड़ों के हिसाब से करीब 21.1 फीसदी की कमी आई है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची से नाम बाहर होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम हमेशा के लिए वोटर लिस्ट से हट गया है। ऐसे लोगों को 30 सितंबर तक अपना दावा और आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया गया है। क्यों हटाए गए नाम? अधिकारियों ने बताया कि 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम इसलिए हटाए गए क्योंकि उनके एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना फर्म) जमा नहीं हो पाए। उनसे संपर्क नहीं हो सका। शायद उनकी मृत्यु हो गई थी। या उन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया था। SIR प्रोसेस से पहले महाराष्ट्र में 9.78 करोड़ मतदाता रजिस्टर्ड थे। इनमें से 78.86 प्रतिशत को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा फॉर्म 28.6 लाख पुणे में जमा नहीं हो पाए। इसके बाद ठाणे (28.5 लाख), मुंबई उपनगर (26.5 लाख), नागपुर (14.43 लाख), नासिक (10.27 लाख) और मुंबई शहर (9.5 लाख) का नंबर आता है। मुंबई में 36.1 लाख मतदाता कम SIR के बाद मुंबई के मतदाता आंकड़ों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में करीब 36.1 लाख मतदाता कम हुए हैं, जो पिछली लिस्ट की तुलना में लगभग 35 फीसदी है। यह कमी कई कारणों से हुई है। मतदाता गणना के दौरान जिन लोगों के फॉर्म उपलब्ध नहीं हो सके या जिनके बारे में जानकारी नहीं मिली, उन्हें विभिन्न कैटेगरी में रखा गया। 17 लाख डुप्लीकेट नामों का भी मामला मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम के अनुसार, करीब 17 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज पाए गए थे। इन नामों को एक साथ मिलाकर हटाया गया है। इसलिए इन्हें पूरी तरह से 'फर्जी' या 'डुप्लीकेट मतदाता' मानना सही नहीं होगा। यानी एक ही व्यक्ति का नाम अगर एक से अधिक जगह दर्ज था। उसे एक निर्वाचन क्षेत्र में बरकरार रखते हुए दूसरे स्थान से हटाया गया, तो इससे कुल मतदाता संख्या में कमी दिखाई देती है। 30 सितंबर तक वापस जुड़ सकता है नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम बाहर होने वाले मतदाताओं के लिए यह आखिरी मौका नहीं है। वे 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है तो उसे अपने क्षेत्र के संबंधित चुनाव अधिकारी या BLO से संपर्क करके अपना दावा पेश करना होगा। जरूरी प्रक्रिया और दस्तावेज पूरे करने के बाद नाम को वोटर लिस्ट में शामिल कराने का अवसर मिलेगा। 18 साल के होने वाले युवाओं को भी मौका इस प्रक्रिया में पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। जो युवा 1 अक्टूबर से पहले 18 वर्ष की उम्र पूरी कर रहे हैं, वे भी इस अवधि के दौरान मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहली बार मतदान करने वाले पात्र युवाओं को भी आगामी चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का रास्ता मिलेगा। ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपना नाम वोटर ड्राफ्ट लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए नागरिक ECI के वोटर पोर्टल और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। वोटर अपने EPIC नंबर के जरिए भी नाम और संबंधित डिटेल्स की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई गई है। नाम नहीं है तो कौन सा फॉर्म भरना होगा? ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं होने पर पात्र व्यक्ति Form 6 के जरिए वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। यानी जिन लोगों का नाम SIR के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गया है, उनके पास अभी दावा दाखिल कर अपना नाम वापस सूची में शामिल कराने का अवसर मौजूद है।     नाम जोड़ने के लिए: Form 6     मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए: Form 7     एड्रेस या अन्य डिटेल्स में सुधार के लिए: Form 8 ड्राफ्ट लिस्ट को अंतिम सूची न समझें महाराष्ट्र में मतदाता संख्या में इतनी बड़ी गिरावट के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ड्राफ्ट मतदाता सूची है। यह फाइनल लिस्ट नहीं। जिन लोगों के नाम इसमें नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। इसलिए महाराष्ट्र और खासकर मुंबई के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपना नाम अभी चेक करें। अगर नाम गायब है या डिटेल्स में कोई गलती है, तो तय समय सीमा के भीतर आवेदन कर सुधार या नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करें। आखिर 2.07 करोड़ नाम इस लिस्ट में क्यों आए? चुनाव आयोग ने इस आंकड़े का पूरा हिसाब भी जनता के सामने रखा है:     76.80 लाख वोटर ऐसे हैं जो परमानेंटली कहीं और शिफ्ट हो चुके हैं (ठोस जानकारी मिलने के बाद).     75.52 लाख लोग वेरिफिकेशन के दौरान घर पर मिले ही नहीं या उनका पता नहीं चल पाया.     34.81 लाख वोटरों का निधन हो चुका है (सर्टिफिकेट या परिवार की रिपोर्ट के आधार पर).     17.63 लाख नाम डुप्लीकेट हैं या वो किसी और इलाके में भी रजिस्टर्ड हैं.     2.23 लाख वोटर अन्य कारणों से इस लिस्ट … Read more

120 भैंसों की चोरी का खुलासा, मंदसौर की कालिया गैंग ने तीन राज्यों में फैलाई थी दहशत

मंदसौर   राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में 120 भैसे चुरा चुके मंदसौर की कालिया गैंग के चार सदस्यों को चित्तौड़गढ़ जिले की निकुंभ थाना पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड आरिफ कालिया को भी गिरफ्तार किया है। अभी चारों आरोपियों ने तीन राज्यों में 40 जगह से 120 भैंसों की चोरी करना कबूली है। पुलिस की पूछताछ में मास्टरमाइंड आरिफ कालिया निवासी मुल्तानपुरा (मंदसौर) ने बताया कि गिरोह के सदस्य दोपहिया वाहन से मुल्तानपुरा से निकलते थे और पहले से तय रास्तों की रेकी करते थे। रात 9 से 10 बजे के बीच सुनसान बाड़ों के आस-पास पिकअप खड़ी कर उसमें भैंसों को चढ़ा देते थे। पिकअप में केवल चालक रहता था जो पहचान छुपाने के लिए मुंह ढंककर बिना नंबर की पिकअप चलाता था। बाकी आरोपित मोटरसाइकिल से ही आते-जामे थे। चुराई गई भैंसों को मंदसौर जिले के धुंधड़का पशु हाट में बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे। हादसे के बाद भी पुलिस ने नहीं मानी हार 28 जुलाई को चित्तौड़ जिले के ग्राम गरदाना से हुई चोरी के बाद चित्तौड़ एसपी धर्मेंद्रसिंह यादव के निर्देश पर निकुंभ थाना अधिकारी प्रभुसिंह चुंडावत की टीम ने जांच शुरु की। 31 जुलाई की रात में मंदसौर से लौटते समय पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से कई जवान गंभीर घायल हो गए। टीम ने मुखबिर और तकनीकी मदद से मालनखेड़ी के पास गिरोह के मास्टर माइंड 25 वर्षीय आरिफ कालिया, 25 वर्षीय सरफराज, 33 वर्षीय शहजाद, 25 वर्षीय आसिफ चारों निवासी मुल्तानपुरा थाना वायडी नगर मंदसौर को गिरफ्तार कर लिया है। पिकअप और मोटरसाइकिल जब्त कर ली हैं।  

बिहार-झारखंड में सोन नदी जल बंटवारे पर समझौता, इंद्रपुरी परियोजना का रास्ता साफ

पटना  आखिरकार बिहार और झारखंड के बीच 25 सालों से चला आ रहा सोन नदी जल बंटवारा विवाद (Sone River Dispute) समाप्त हो गया। दोनों ही राज्यों के बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समझौता कराया। 31 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने सोन नदी बंटवारे को लेकर हुए करार पर हस्ताक्षर किए। इस विवाद के सुलझने से मुख्य रूप से बिहार और झारखंड के 10 जिलों को लाभ मिलेगा। चलिए समझते हैं कि आखिरसोन नदी जल विवाद क्या है और इससे किन-किन जिलों को लाभ मिलेगा? क्या है सोन नदी जल बंटवारा विवाद? सोन नदी जल बंटवारा विवाद मुख्य रूप से बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के पानी के अधिकार और उसके उपयोग को लेकर चला आ रहा अंतर-राज्यीय जल विवाद था। विवाद की मुख्य कड़ी: 1973 का बाणसागर समझौता दरअसल, सोन नदी के जल प्रबंधन के लिए 1973 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तत्कालीन अविभाजित बिहार के बीच 'बाणसागर समझौता' हुआ था। इस एग्रीमेंट के मुताबिक, बिहार को सोन नदी से 7.75 मिलियन एकड़-फीट (MAF) जल आवंटित किया गया था। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन फिर जब साल 2000 में झारखंड बिहार से अलग होकर नया राज्य बना तो इस विवाद ने फिर तूल पकड़ लिया। झारखंड का पक्ष: 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग होने वाले झारखंड का कहना था कि सोन नदी का उद्गम (जहां से नदी निकलती है), इसका जलग्रहण क्षेत्र (जिस इलाके का पानी नदी में आता है) और इसके बहाव का एक बड़ा हिस्सा गढ़वा और पलामू जैसे झारखंड के इलाकों में पड़ता है। इसी वजह से बिहार को मिले कुल 7.75 MAF पानी में से झारखंड को भी उसका जायज हिस्सा मिलना चाहिए। बिहार का पक्ष: दूसरी ओर, बिहार का कहना था कि 1973 का बाणसागर समझौता अंतिम है और दक्षिण बिहार के कृषि आधारित जिलों जैसे कि भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और पटना की सिंचाई व्यवस्था सोन नदी पर पूरी तरह निर्भर है, इसलिए 7.75 MAF पानी पर बिहार का ही अधिकार है। इंद्रपुरी जलाशय प्रोजेक्ट पर पड़ा असर, योजना अटकी अब बिहार और झारखंड के बीच सालों चले इस विवाद के कारण रोहतास जिले में प्रस्तावित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पिछले कई दशकों से रुकी हुई थी। क्या है इंद्रपुरी जलाशय प्रोजेक्ट? इंद्रपुरी जलाशय परियोजना सोन नदी पर प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण और जल संसाधन परियोजना है। यह परियोजना बिहार के रोहतास जिले और झारखंड के गढ़वा जिले की सीमा पर स्थित है। अब चूंकि बिहार और झारखंड के बीच विवाद खत्म हो गया है कि इंद्रपुरी जलाशय प्रोजेक्ट को भी अंतिम मंजूरी मिल गई है। सोन नदी जल आवंटन राज्य     आवंटित सोन जल बिहार     5.75 MAF झारखंड     2.00 MAF कुल     7.75 MAF किन-किन जिलों को मिलेगा लाभ? बिहार के 8 जिले: इस जलाशय से सोन नहर प्रणाली को निर्बाध पानी मिलेगा, जिससे दक्षिण बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना जिलों की लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की गारंटी मिलेगी। झारखंड के 2 जिले: पलामू और गढ़वा जैसे गंभीर जल-संकट वाले जिलों को सिंचाई और पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। बिहार और झारखंड में कहां-कहां से गुजरती है सोन नदी? झारखंड की सीमा पार कर सोन नदी बिहार के मैदानों में प्रवेश करती है। यह बिहार के 6 मुख्य जिलों से होकर गुजरती है।     रोहतास (डेहरी ऑन सोन, इंद्रपुरी बराज)     औरंगाबाद (दाउदनगर)     अरवल     भोजपुर (आरा) (कोइलवर)     पटना (मनेर के पास गंगा नदी में विलय)     बक्सर (रोहतास व भोजपुर के पास का सीमावर्ती क्षेत्र) अंत में सोन नदी पटना जिले के मनेर (दानापुर के पास) में जाकर गंगा नदी में मिल जाती है। झारखंड में कहां-कहां से गुजरती है सोन नदी? झारखंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सोन नदी राज्य में प्रवेश करती है और मुख्य रूप से गढ़वा तथा पलामू जिलों की सीमा बनाते हुए गुजरती है।

जन्माष्टमी पर मथुरा में पहली बार होगा भव्य ड्रोन शो, 4 सितंबर की रात तीन से चार किमी. तक दिखेगा अद्भुत नजारा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी पर्व को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मथुरा इस बार जन्माष्टमी पर श्रद्धा, भक्ति के साथ आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी। इस अवसर पर जहां देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल होंगे, वहीं अनेक प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय माहौल को और भव्य बनाएंगे। इसके साथ ही पहली बार 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी विभिन्न लीलाओं को जीवंत किया जाएगा।  तीन से चार किमी. तक दिखाई देगी कृष्णलीला ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि इस बार ड्रोन शो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो चार सितंबर को रात करीब नौ बजे से शुरू होगा। यह शो लगभग एक घंटे तक चलेगा। इस दौरान 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे और अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म तथा उनकी लीलाओं से जुड़े दृश्य प्रदर्शित करेंगे। ड्रोन शो की खास बात यह होगी कि आसमान में बनने वाली कृष्णलीला की आकृतियां जन्मभूमि के आसपास करीब तीन से चार किलोमीटर की दूरी तक दिखाई दे सकेंगी। इससे श्रीकृष्ण जन्मभूमि और उसके आसपास मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को एक साथ इस अनूठे आयोजन का साक्षी बनने का अवसर मिलेगा। इससे पहले 2 सितंबर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे, जो 4 सितंबर तक चलेंगे। यह सभी कार्यक्रम डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य प्रेक्षागृह में होंगे।    2 सितंबर से शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम नागप्पन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 2 सितंबर को दोपहर तीन बजे उद्घाटन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। इसके बाद दोपहर 3:10 से 3:15 बजे तक श्याम जी शंख वादन करेंगे। शाम 4:15 बजे से भारत भूषण भजन, कीर्तन और लोकगायन की प्रस्तुति होगी। शाम 6:15 से 7:40 बजे तक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी, वृंदावन की ओर से ‘मुदरिया प्रेम एवं नंदोत्सव’ की झांकी गीत और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद शाम 7 से 9 बजे तक श्रुति अनंदिता वर्मा के निर्देशन में आरुष वर्मा, कमला बैरवा, निष्ठा शर्मा, रालीग खान और सम्राट कुमार कृष्णा कॉन्सर्ट-डिवोशनल म्यूजिकल प्रस्तुति देंगे। इस प्रस्तुति में भक्ति संगीत के साथ आधुनिक संगीत का भी समावेश होगा। तीन सितंबर को शाम 4 से 5 बजे तक देवेश शर्मा भजन गायन करेंगे। इसके बाद शाम 5 से 7 बजे तक कृष्णा सागर कलेक्टिव की भजन जेमिंग होगी। शाम 6:15 से 7:40 बजे तक गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी की ओर से ‘मुदरिया प्रेम एवं नंदोत्सव’ की झांकी गायन और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी। शाम 7 से 9 बजे तक भी कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इनमें श्रुति अनंदिता वर्मा के निर्देशन में आरुष वर्मा, कमला बैरवा, निष्ठा शर्मा, रालीग खान और सम्राट कुमार कृष्णा की संगीत प्रस्तुति शामिल होगी। इसके साथ ही चार सितंबर को दोपहर तीन से पांच बजे तक मोहित शैवानी ‘कृष्णानयन-कृष्णप्रिय वो जो कभी कहा नहीं गया’ की प्रस्तुति देंगे। 4 सितंबर को कन्हैया मित्तल के भजनों से गूंजेगी कान्हा नगरी  चार सितंबर को शाम 5 से 7 बजे तक हार्टफुलनेस फाउंडेशन की प्रस्तुति होगी। इसमें सुनीति मिश्रा ‘कृष्ण : अनंत रंग, अनंत भाव’ प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद अनिरबान भजन एवं बांसुरी वादन और मैत्रेयी राय भजन गायन करेंगी। शाम 7 से 9 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या आयोजित होगी। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान शहर में पांच बड़े और 21 छोटे मंच भी बनाए जाएंगे। इन मंचों पर ब्रज के कलाकार अपनी लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इससे स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ब्रज की पारंपरिक संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके अलावा पहली बार पांचजन्य प्रेक्षागृह परिसर में फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालु सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के साथ विभिन्न खान-पान का भी लुत्फ उठा सकेंगे।   सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम, 16 वॉच टावर बनाए गए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर में 129 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और 24 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 16 वॉच टावर बनाए जाएंगे। पुलिसकर्मी इन टावरों से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की निगरानी की जाएगी। किसी स्थान पर भीड़ बढ़ने या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर पुलिस अधिकारियों को तत्काल सूचना देने की व्यवस्था रहेगी। जन्माष्टमी के दौरान करीब 350 मुख्य आरक्षी और आरक्षी तथा 50 महिला आरक्षियों की तैनाती की जाएगी। रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान लागू कर शहर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जाएगा।

युवा अपनी प्रतिभा और कौशल से देश की विकास यात्रा को दें नई गति

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल आज पीआईएमआर, भोपाल के दीक्षारंभ-2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने संस्थान में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नए विद्यार्थियों के लिए यह अभिमुखीकरण कार्यक्रम उनके शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर पूरी गंभीरता से ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आज का युवा, जिसे जेन-जी कहा जाता है, ऐसे समय में आगे बढ़ रहा है जब भारत तेजी से बदल रहा है। यह युवाओं के लिए सौभाग्य की बात है। सरकार द्वारा अधोसंरचना और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जब मजबूत अधोसंरचना तैयार होती है, तो विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति मिलती है तथा देश की प्रगति की गति और विस्तार बढ़ता है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्पीड, स्केल और स्किल पर विशेष जोर दिया है। देश के विकास के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे यहां केवल रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है, बल्कि आवश्यक कौशल से युक्त मानव संसाधन तैयार करना भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे शिक्षण संस्थानों की भूमिका इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई, डिग्री और आगे की शिक्षा पर पूरा ध्यान केंद्रित करें तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर पहुंचना उतना कठिन नहीं है, जितना ऊंचाई पर बने रहना कठिन है। इसलिए सफलता प्राप्त करने के साथ उसे बनाए रखने के लिए संस्कार, संस्कृति और मजबूत चरित्र आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थी अपनी योग्यता और प्रतिभा को निरंतर निखारें और देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जिस संस्थान में प्रवेश मिला है, वहां उन्हें अच्छे अवसरों के साथ अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। अब यह विद्यार्थियों पर निर्भर है कि वे इन अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने भविष्य को किस प्रकार आकार देते हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कार्यक्रम में पीआईएमआर के चेयरमैन डॉ. हिमांशु जैन, डायरेक्टर डॉ अनिल बाजपेयी, प्रिंसिपल डॉ रेणु यादव सहित नवप्रवेशित छात्र, छात्राएं, अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।  

कलेक्टर लंगेह ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश

रायपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनहित से जुड़े विषयों पर कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर  लंगेह ने प्रत्येक आवेदन का अवलोकन कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में महासमुंद ग्राम मोंगरा की टेश्वरी साहू ने श्रम विभाग के खाते में समस्या आने पर आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर  लंगेह ने तत्काल जिला श्रम अधिकारी को इसके समाधान के लिए कहा। इसी तरह ग्राम मालीडीह के  बुधराम खैरवार ने एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए, ग्राम सिंघनपुर बसना के  लखेन्द्र कश्यप ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए, सरायपाली के आवेदकों ने गौरव पथ से फोर लेन नेशल हाईवे 53 तक पहुंच मार्ग में अवैध अतिक्रमण की शिकायत की, ग्राम खेमड़ा के निवासियों ने गांव के जर्जर पुल की मरम्मत के लिए,  ग्राम मोखापुटका सरपंच ने गांव के सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का आवेदन, तुरी जाति के लोगों ने अपनी जाति को अनुसूचित जनजाति में जोड़ने हेतु आवेदन दिया। ग्राम जगदीशपुर के लोगों ने वार्ड 13 से अटल चौक तक बनाए गए सीसी रोड में अनियमितता की शिकायत की। जिस पर कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने तत्काल इसकी जांच के आदेश देकर पीएमजीएसवाई को एक जांच टीम भेजने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा नामान्तरण, भूमि अतिक्रमण, पेंशन सहित अन्य मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सु अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर  सचिन भूतड़ा,  रवि साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

तीन दिवसीय फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

भोपाल अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, तार्किक एवं साक्ष्य-आधारित बनाने तथा विवेचकों एवं स्टाफ को आधुनिक फॉरेंसिक एवं डिजिटल तकनीकों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव के निर्देशन में तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक  साकेत पाण्डेय,  प्रशांत खरेएवं सहायक पुलिस महानिरीक्षक  मनीष खत्री के मार्गदर्शन मेंअपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 03 दिवसीय विशेष फॉरेंसिक, वैज्ञानिक एवं डिजिटल विवेचना प्रशिक्षण कार्यशालाका आयोजन आज शुभारंभ हुआ।कार्यशाला 01 से 03 सितम्बर 2026 तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को अपराध स्थल से साक्ष्य संकलन, संरक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण, आधुनिक अपराध अनुसंधान तकनीकों, फॉरेंसिक साइंस तथा डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे अपराधों की अनुसंधान एवं विवेचना तार्किक व वैज्ञानिक साक्ष्यों से परिपूर्ण हो सके और दोषसिद्धि दर (कन्विक्शन रेट) में वृद्धि हो सके। कार्यशाला में राज्य के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। कार्यशाला का शुभारंभ 01 सितंबर को प्रातः 10 बजे हुआ, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर विस्तृत परिचर्चा की और प्रतिभागियों को कार्यशाला के उद्देश्यों से अवगत कराया। डायरेक्टर फिंगर प्रिंट शाखा  मनोज राजपुत ने चांस प्रिंट (घटनास्थल पर मिलने वाले अस्पष्ट अंगुल चिन्ह) को विकसित करने की आधुनिक विधियों, घटनास्थल निरीक्षण एवं जब्ती प्रक्रिया, विवादित दस्तावेजों में अंगुल चिन्ह की जाँच, इंकलेस पैड व लाइव स्कैनर के माध्यम से सर्च स्लिप तैयार करने की प्रक्रिया, तथा NAFIS एवं MCU प्रणाली से जुड़े विधिक प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक सीआईडी  ऋतुराज गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण (भाग-1) के अंतर्गत आधुनिक आपराधिक न्याय परिदृश्य में प्रश्नगत दस्तावेजों के महत्व, उनके वर्गीकरण एवं परीक्षण, संदेहास्पद अभिलेखों की जब्ती तथा परीक्षण के आधारभूत सिद्धांतों को समझाया।  गुप्ता ने प्रश्नगत दस्तावेज परीक्षण के द्वितीय भाग में हस्ताक्षर एवं हस्तलेख मिलान, कूटरचित (जाली) दस्तावेजों की पहचान, मानक तुलनात्मक नमूने (specimens) एकत्र करने की विधि तथा संबंधित केस स्टडीज पर व्यावहारिक जानकारी दी। राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय भोपाल के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा एस.सी.आर.बी. तकनीकी सत्र आयोजित किया गया। इसमें e-Sakshya (ई-साक्ष्य), e-Vivechana (ई-विवेचना), e-Raksha (ई-रक्षा) तथा ICJS पोर्टल्स के विवेचना में व्यावहारिक उपयोग, डिजिटल साक्ष्य अपलोडिंग, केस डायरी के डिजिटाइजेशन तथा कोर्ट-प्रॉसिक्यूशन डेटा के एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यशाला के आगामी सत्रों में फॉरेंसिक भौतिकी एवं वॉयस में भौतिकी साक्ष्य प्रबंधन, फॉरेंसिक रसायन एवं विष विज्ञान, फॉरेंसिक बायोलॉजी, सीरोलॉजी एवं DNA, अपराध स्थल अन्वेषण, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन किट, बैलिस्टिक्स, CID Photography तथा न्यायालयीन प्रमाणीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा विवेचना की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग तथा आधुनिक तकनीक को पुलिस अनुसंधान एवं न्यायिक प्रक्रिया से प्रभावी रूप से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल

रायपुर  सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों तथा कैडेटों की प्रतिभा को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया। विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, खेलकूद गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों तथा कैडेटों के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की जानकारी दी। समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान राम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर किया। मुख्य अतिथि  राजेश अग्रवाल ने सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक  सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। उन्होंने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं। सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। वहीं शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस की ट्रॉफी प्रदान की गई। विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्ति/सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया। कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. निवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

दिल्लीवासियों को राहत, सरकारी दुकानों और वैन से 35 रुपये किलो मिलेगा प्याज

नई दिल्ली दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से प्याज की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने उचित दर की दुकानों (सरकारी राशन दुकानों) और वैन के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार राजधानी में प्याज का संकट पैदा नहीं होने देगी। सरकार का उद्देश्य दिल्लीवासियों को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उचित और सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराना है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्याज आम लोगों की पहुँच से बाहर न हो। दिल्ली के लिए 1000 टन प्याज आवंटित उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए 1000 टन प्याज आवंटित करने का निर्णय लिया है। इसे उचित दर की दुकानों के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली के सभी 13 जिलों में एक-एक वैन के माध्यम से भी प्याज की बिक्री की जाएगी। प्रत्येक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में वैन पहुँचने से लोगों को प्याज खरीदने में आसानी होगी। इससे राजधानी के विभिन्न इलाकों में प्याज की उपलब्धता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।

शिवपुरी में दर्दनाक हादसा: एक ही परिवार के चार बच्चों की संदिग्ध बीमारी से मौत, जांच शुरू

 शिवपुरी शहर के फिजिकल क्षेत्र में सईसपुरा निवासी एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों सहित चार बच्चों की 10 दिनों के भीतर रहस्यमय बीमारी से मौत हो गई। 16 अगस्त को दोस्तों के साथ सिंध नदी किनारे पार्टी मनाने के बाद से बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई थी। चारों की मौत से पहले एक जैसे लक्षण- तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और फिर शरीर के अंगों का धीरे-धीरे काम करना बंद कर देना सामने आए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सर्वे शुरू किया गया है। विभाग के अफसर भी हैरान हैं, क्योंकि बच्चों की सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने परिवार को निगरानी में ले लिया है और किसी भी सदस्य को बुखार या पेट दर्द होने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा है। 18 अगस्त को ताहिर को आया था बुखार सईसपुरा निवासी तनवीर खान का बड़ा बेटा ताहिर(14) 16 अगस्त को दोस्तों के साथ गोरा टीला स्थित सिंध नदी पर नहाने और पार्टी करने गया था। 18 अगस्त को उसे बुखार आया। सेवानिवृत्त शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निसार खान ने दवा दी और जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। 20 अगस्त को बुखार फिर आया, रात 9:30 बजे उल्टी-दस्त शुरू हुए। परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां 21 अगस्त की आधी रात उसकी मौत हो गई। तनवीर की बहन तब्बसुम के बेटे अयाज(19) निवासी हम्माल मोहल्ला की 20 अगस्त को तबीयत बिगड़ी। सुखदेव अस्पताल में तीन दिन इलाज चला, आराम न मिलने पर ग्वालियर रेफर किया गया। 21 अगस्त को ग्वालियर में ही उसकी मौत हो गई। ताहिर के दोनों छोटे भाईयों को भी आया बुखार, 31 को तोड़ दिया दम 26-27 अगस्त को तनवीर के दो छोटे बेटे तारूख उर्फ पप्पू (11) और तासिफ उर्फ चिंटू(9) को बुखार आया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 अगस्त को तारूख को मेडिकल कालेज शिवपुरी रेफर किया गया, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। उसी दिन तासिफ को भी रेफर किया गया, परिजनों ने उसे ग्वालियर भेजा। तासिफ के ताऊ भाई मियां ने बताया कि ग्वालियर में उसके मलेरिया, डेंगू, कोविड सहित सभी टेस्ट निगेटिव आए। 31 अगस्त की रात को उपचार के दौरान उसकी भी जान चली गई। सीएमएचओ ने कहा कि बच्चों की केस शीट जिला अस्पताल, सुखदेव अस्पताल, शिवपुरी मेडिकल कालेज और ग्वालियर मेडिकल कालेज से मंगवाई जा रही है, ताकि लक्षण और ट्रीटमेंट प्रोटोकाल का अध्ययन किया जा सके। क्षेत्र में लार्वा सर्वे कराया गया, डेंगू का लार्वा नहीं मिला। बच्चों में सांस फूलने का लक्षण नहीं था, इसलिए कोविड की आशंका कम है। यदि यह वायरल या बैक्टीरियल आउटब्रेक होता तो मोहल्ले के अन्य लोग भी बीमार होते, लेकिन ऐसा कोई ट्रेंड नहीं है। हम बीमारी का पता लगाने के लिए जांच करवा रहे हैं।