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चीनी निवेश पर सरकार का बड़ा कदम, ऑटो कंपनियों को मिल सकता है PLI इंसेंटिव

 नई दिल्‍ली सरकार चीन निवेश वाली कंपनियों को सपोर्ट दे सकती है. अधिकारियों के मुताबिक, सरकार चीनी निवेश वाली ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों से प्रोडक्‍ट-लिंक इनसेंटिव (PLI) योजना के तहत आवेदन पर विचार कर सकती है. इससे JSW एमजी मोटर इंडिया और टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स की दो साझेदारियों समेत कई कारोबारों को लाभ मिल सकता है।  द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि डायरेक्‍ट विदेशी निवेश (FDI) की मंजूरी प्राप्त मौजूदा पीएलआई आवेदनों पर विचार किया जाएगा. हालांकि, PLI योजना के तहत नए आवेदनों के लिए कोई नई विंडो नहीं खोली जा रही है।  भारत में MG ब्रांड के यात्री वाहन बेचने वाली JSW MG मोटर इंडिया, JSW ग्रुप और चीन की SAIC मोटर का संयुक्त कारोबार है. टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स के चीनी कंपनियों के साथ दो कारोबार हैं. प्रेस्टोलाइट इलेक्ट्रिक बीजिंग के साथ साझेदारी में बनी टैको प्रेस्टोलाइट, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन और ट्रैक्शन मोटर्स का डिजाइन और निर्माण करती है. एयर इंटरनेशनल शंघाई कंपनी के साथ साझेदारी में बनी टैको एयर इंटरनेशनल, ऑटोमोटिव एयर कंडीशनिंग सिस्टम का निर्माण करती है।  भारत-चीन संबंधों में सुधार यह फैसला ऐसे समय आया है जब जून 2020 में गलवान घाटी की झड़पों के बाद सालों के तनाव के बाद भारत-चीन संबंधों में सुधार हुआ है. इस महीने की शुरुआत में, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।  दोनों देशों ने मंत्रिस्तरीय और आधिकारिक स्तर पर आदान-प्रदान बढ़ाया है और सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है. भारत ने चीनी निवेश से जुड़े डायरेक्‍ट विदेशी निवेश प्रस्तावों की मंजूरी में तेजी लाने के लिए नए गाइडलाइन जारी किए हैं।  इस चीनी निवेश पर मिली थी मंजूरी चीनी डायरेक्‍ट निवेश प्रस्तावों की लंबित मंजूरी के कारण कुछ पीएलआई आवेदनों की प्रक्रिया में देरी हुई थी. अधिकारी ने बताया कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज के एक चीनी साझेदार के साथ इलेक्ट्रॉनिक घटकों के लिए किए गए उद्यम सहित कुछ आवेदनों को पीएलआई लाभों के लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. ऑटो पीएलआई योजना को सितंबर 2021 में ₹25,938 करोड़ के बजट आवंटन के साथ मंजूरी दी गई थी. प्रोत्साहन राशि अन्य मानदंडों के साथ-साथ उत्पादन में बढ़ोतरी, निवेश और घरेलू से जुड़ी हुई है। 

बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, इस रविवार भी खुले रहेंगे बैंक

नई दिल्ली वैसे तो रविवार को साप्ताहिक अवकाश की वजह से बैंक बंद रहते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। दरअसल, 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल से पहले रविवार को बैंक खुले रहेंगे। सरकार ने बैंकिंग सेवाओं में रुकावट को कम करने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत, सभी सरकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार, 27 सितंबर को खुले रहेंगे और सामान्य रूप से काम करेंगे। वित्त मंत्रालय का बयान वित्त मंत्रालय ने 23 सितंबर को एक बयान में कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की प्रस्तावित हड़ताल 26 और 27 सितंबर के वीकेंड के बाद हो रही है, जिससे ग्राहकों को लंबे समय तक परेशानी हो सकती थी। इसी को ध्यान में रखकर फैसला लिय गया है। मंत्रालय ने बयान में कहा, " आम लोगों की बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जरूरतें लंबे समय तक प्रभावित न हों इसलिए सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रविवार, 27 सितंबर, 2026 को सामान्य रूप से काम करेंगे।" UFBU और सरकार के बीच नहीं हुई सुलह बीते मंगलवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और सरकार के बीच बैठक हुई थी लेकिन पॉजिटिव नतीजे नहीं आए। मंगलवार को उप-मुख्य श्रम आयुक्त के सामने हुई सुलह बैठक के बाद यूएफबीयू ने एक बयान में कहा, ''वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और बैंक प्रबंधन की हड़ताल टालने की अपील का जवाब देते हुए, हमने उन्हें बताया कि अगर पांच-दिन के कामकाज की हमारी मांग को लागू करने की दिशा में कोई ठोस और सकारात्मक प्रगति होती है, तो यूएफबीयू उस पर विचार करेगा।'' बयान में कहा गया कि ऐसा न होने पर यह संगठन 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल पर आगे बढ़ने के लिए मजबूर होगा। UFBU की बात करें तो यह यूनियन बैंकिंग कर्मचारियों के 90 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। यह 5-दिन की बैंकिंग सेवा के साथ कई अन्य मांग भी कर रहा है। इस बीच, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और दूसरे सार्वजनिक बैंकों ने अपने-अपने कर्मचारियों से हड़ताल से दूर रहने की अपील की है। वहीं, ग्राहकों के लिए सोशल मीडिया या मैसेज और मेल के माध्यम से एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि हड़ताल की आशंका के मद्देनजर ग्राहकों को अपने कामकाज उससे पहले ही निपटा लेने चाहिए। साथ ही, उन्हें एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के इस्तेमाल के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। 11 सितंबर को भी थी हड़ताल इससे पहले 11 सितंबर को इन्हीं मांगों को लेकर यूएफबीयू के बैनर तले 7 संगठनों ने एक दिन की हड़ताल की थी। हड़ताल की वजह से सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया था जबकि निजी बैंकों में कम असर देखने को मिला था। निजी बैंकों के कर्मचारियों में कर्मचारी संघों के सदस्यों की संख्या कम होने के कारण उन पर हड़ताल का प्रभाव कम दिखा। यूएफबीयू संगठन में एआईबीईए (अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ), एआईबीओसी (अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ), एनसीबीई (राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी परिसंघ), एआईबीओए (अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ), बीईएफआई (भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ), आईएनबीईएफ (भारतीय राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी महासंघ) और आईएनबीओसी (भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस) शामिल हैं।

इंदौर एयरपोर्ट के पास शुरू हुआ अंडरग्राउंड मेट्रो टनल का काम

इंदौर  प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब मेट्रो रेल प्रशासन ने अपनी पहली भूमिगत मेट्रो निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया. मंगलवार को शहर के एयरपोर्ट स्थित साइट पर टनल बोरिंग मशीन की मदद से भूमिगत टनल निर्माण का कार्य शुरु हुआ है. यह इंदौर शहर के इतिहास में पहली बार है, जब टनल बोरिंग मशीन ने भूमिगत होकर टनल निर्माण का कार्य शुरू किया है।  निर्माण कार्य संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त निर्देश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी टीम को आगामी टनल निर्माण कार्यों में सुरक्षा, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  उन्नत तकनीक से टनल निर्माण इंदौर में अंडरग्राउंड तरल की खुदाई के विरोध के चलते भूमिगत निर्माण के दौरान आमजन और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं. मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक चैतन्य ने बताया, " जमीन और भवनों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए विस्तृत इंस्ट्रूमेंटेशन स्क्रीम तैयार की गई है।  उन्होंने आगे बताया, "इसके अंतर्गत लगाए जाने वाले सेंसर जमीन और भवनों में होने वाले अत्यंत मामूली बदलाव की भी जानकारी विशेषज्ञों को उपलब्ध कराएंगे. इससे आवश्यकता होने पर समय रहते उचित निर्णय लिया जा सकेगा. इस प्रकार सुरंग निर्माण के दौरान आमजन की सुरक्षा, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और जमीन की स्थिरता की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।  कैसे काम करती है टीबीएम नर्मदा? टीबीएम नर्मदा, अर्थ प्रेशर बैलेंस (ईपीबी) मिक्स शील्डतकनीक पर आधारित है. मशीन के आगे बढ़ने के साथ प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग्स स्थापित होती जाती हैं. निर्धारित अलाइनमेंट पर सटीक संचालन, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपात स्थिति में वन सेकेंड इमरजेंसी स्टॉप, 24×7 कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी व्यवस्थाएं टनल निर्माण की सुरक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करती हैं।  नर्मदा मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और कुल लंबाई लगभग 102 मीटर है. इस मशीन ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में Factory Acceptance Test (FAT) सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके बाद इसे इंदौर लाया गया और साइट पर सावधानीपूर्वक असेंबल करने के पश्चात एयरपोर्ट स्टेशन से लॉन्च किया गया है. सतह से लगभग 20 मीटर तक की गहराई में यह मशीन एयरपोर्ट स्टेशन से भूमिगत टनल का निर्माण करेगी।