samacharsecretary.com

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के 5वें संस्करण का 15 अक्टूबर से शुभारंभ

चंबल के बैकवाटर्स पर साहसिक गतिविधियों और ग्लेम्पिंग का मिलेगा अनूठा अनुभव
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा संबल

भोपाल
पर्यटकों को प्रकृति के बीच रोमांच और सुकून का अनूठा अनुभव प्रदान करने के लिए मंदसौर के गांधीसागर जलाशय के सुरम्य बैकवाटर्स पर 'गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट' के पांचवें संस्करण का शुभारंभ 15 अक्टूबर को किया जा रहा है। एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा लल्लूजी एंड सन्स एवं इवोक कैंपिंग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। चंबल नदी के शांत जल विस्तार और प्राकृतिक परिवेश के बीच यह आयोजन साहसिक और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

'लग्जरी टेंट सिटी' के साथ साहसिक गतिविधियों का आनंद
रिट्रीट के तहत पर्यटकों के ठहरने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित 'लग्जरी टेंट सिटी' (ग्लेम्पिंग) विकसित की गई है। यहाँ साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए जल, नभ और थल पर रोमांचक व्यवस्थाएं की गई हैं। लैंड एक्टिविटीज में हाई रोप, ज़िपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, ड्यूो साइकिल और एयरगन शूटिंग की सुविधा उपलब्ध है। हवाई रोमांच के लिए पैरामोटरिंग तथा जल-क्रीड़ा के प्रेमियों के लिए स्पीड बोट, जेट स्कीइंग, बनाना बोट, ड्रैगन बोट और कयाकिंग जैसी आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त पर्यटकों के लिए जंगल सफारी, नाइट वॉक, स्टार गेज़िंग, बोट सफारी, बोट स्पा, योग-वेलनेस सत्र और इनडोर खेलों की भी व्यापक व्यवस्था की गई है।

पर्यटकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोक कलाओं, पारंपरिक जीवनशैली और प्रामाणिक स्थानीय व्यंजनों से परिचित कराने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 2023 से प्रारंभ हुए इस आयोजन ने गांधीसागर क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख 'एडवेंचर टूरिज्म हब' के रूप में स्थापित किया है। इस वृहद आयोजन से न केवल देशी-विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट देश-प्रदेश के प्रमुख शहरों से सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा सुलभ है। इंदौर से लगभग 250 से 300 किलोमीटर की दूरी सुगम राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के माध्यम से निजी वाहन, टैक्सी अथवा नियमित बस सेवाओं से 4 से 6 घंटे में तय की जा सकती है। रेल मार्ग से आने वाले पर्यटक नागदा या भवानी मंडी जंक्शन उतरकर वहाँ से स्थानीय परिवहन ले सकते हैं। वहीं, राजधानी भोपाल से लगभग 333 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से 7 घंटे में पूरा किया जा सकता है। भोपाल से ट्रेन द्वारा आने वाले यात्री निकटतम रेलवे स्टेशनों—भवानी मंडी (55 किमी), मंदसौर (70 किमी) या नीमच (115 किमी) तक पहुँचकर वहाँ से टैक्सी अथवा बस द्वारा आसानी से गांधीसागर पहुँच सकते हैं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here