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जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे: इरफान पठान

नई दिल्ली 
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में सिर्फ तीन मैच खेले थे। कार्यभार प्रबंधन के कारण दो टेस्ट मैचों में जसप्रीत बुमराह नहीं खेले थे। तीन टेस्ट खेलने के बावजूद वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज रहे। हालांकि सीरीज के दौरान वह कुछ पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और विकेट लेने के लिए जूझते नजर आए और इसी वजह से भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
 
पूर्व भारतीय क्रिकेटर से कमेंटेटर बने इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे। जसप्रीत बुमराह ने पांच मैचों की टेस्ट के तीन मैच में 5 पारियों में 14 विकेट लिए। बुमराह ने तीन टेस्ट में 119.4 ओवर डाले। चौथे टेस्ट में मैनचेस्टर में उन्होंने अपने करियर में पहली बार 100 से ज्यादा रन दिए। इरफान ने कहा कि भले ही उनका नाम सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया, लेकिन वह नंबर एक गेंदबाज की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।

इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''ईमानदारी से कहूं तो जब वह खेलते हैं, तो उन्होंने प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच विकेट हॉल लिया और उसका नाम लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया। लेकिन जब आप नंबर वन गेंदबाज हो, उनसे नंबर एक लेवल के प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है और मुझे लगता है कि वह उस पर खरा नहीं उतर पाए।"

उन्होंने आगे कहा, ''मैच के दौरान कुछ पल ऐसे थे, जब छठे ओवर की जरूरत थी, मैंने ये कमेंट्री के दौरान ये भी कहा। जो रूट को उन्होंने 11 बार आउट किया और लॉर्ड्स टेस्ट में बुमराह ने पांच ओवर डाले, बस एक और ओवर, छठा, और जोर लगाया जा सकता था। मुझे लगा कि उन्होंने वहां थोड़ा संयम बरता। कुछ चुनिंदा विकल्प भी थे, जिनके मैं हमेशा से खिलाफ रहा हूं, और वो भी साफ दिख रहा था।''

बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज ने दमदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को छह रन से जीत दिलाकर सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने आखिरी मैच में नौ और सीरीज में 23 विकेट लिये। उन्होंने पांच टेस्ट में 185.3 ओवर डाले।

 

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