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ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों पर सख्ती, 13 पर गिरी गाज, 20 अगस्त आखिरी मौका

लखनऊ 
उत्तर प्रदेश में बिना किसी सूचना के लगातार गैरहाजिर रहने व पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बाबत लखनऊ के सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने ऐसे डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त को समिति के समक्ष स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजधानी के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन संविदा पर डॉक्टर और कर्मचारी तैनात हैं। इन डॉक्टरों की तैनाती आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर की गई है। इनमें 11 चिकित्सक और दो कर्मचारियों पर अनुपस्थित रहने और अभद्रता करने के आरोप लगे हैं। जिसकी जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। जांच के दौरान आरोप सिद्ध होने पर इनकी बर्खास्तगी तय मानी जा रही है।

13 डॉक्टर-कर्मचारी गायब, नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक तलब
फिलहाल, जिन डॉक्टरों को नोटिस जारी की गई है उनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर दसौली की डॉ. शीतल सोनकर (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदर्श नगर के डॉ. अभय नारापन यादव (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमराईगांव के डॉ. अभिषेक सिंह (एमओ), पीएचसी तोप दरवाजा डॉ. सुभाष प्रसाद (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कल्लन खेड़ा की डॉ. कीर्ति राय (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौपटिया के डॉ. मोहसिन रजा (एमओ), लोकबंधु अस्पताल की डॉ. नीलम गंगवार (ईएमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर कटरा विजनबेग के डॉ. मुस्तकुल आफरीन कुरैशी (एमओ), पीएचसी निलमथा की डॉ. शिल्पी गुप्ता (एमओ), आयुष्मान आरोग्य मंदिर मुबारकपुर के डॉ. देवांश सिंह (एमओ), जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय की डाटा इन्ट्री आपरेटर सरिता कुमारी, सीएचसी माल में तैनात विवेक नवल मिश्रा (बीसीपीएम), केजीएमयू में तैनात डॉ. जिगनेश मिश्रा (ईएमओ) शामिल हैं।

पहले भी 4 डॉक्टर बर्खास्त, कार्रवाई का सिलसिला जारी
गौरतलब है कि बिना सूचना के ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर चल रहे 4 डॉक्टर्स को अभी बीते पहली अगस्त को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर बर्खास्त किया गया था। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 3 डॉक्टर सहित कन्नौज मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभाग के सहायक आचार्य भी शामिल हैं। 

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