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भावांतर योजना से किसानों को मिले अधिकतम लाभ, पंजीयन केंद्र बढ़ाएं, प्रचार तेज़ करें : मंत्री सुश्री भूरिया

भोपाल  
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाली भावांतर भुगतान योजना की प्रगति की समीक्षा आज महिला एवं बाल विकास मंत्री और मंदसौर-नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक में मंदसौर और नीमच जिलों के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

सुश्री भूरिया नेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को योजना का लाभ सुचारु रूप से और समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र किसान इससे वंचित न रहे। उन्होंने मंडियों एवं उपमंडियों में हेल्प डेस्क स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में पंजीयन केंद्र संचालित करने और प्रचार-प्रसार के माध्यम से योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि मंदसौर जिले में अब तक 16,385 किसानों का पंजीयन हो चुका है और 256 पंजीयन केंद्रों के माध्यम से यह प्रक्रिया लगातार जारी है। इनमें से 68 केंद्र सहकारी समितियों में संचालित हैं। जिला प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया के लिए मंडियों में पेयजल, छांव, तकनीकी सहायता, रियल टाइम स्टॉक मॉनिटरिंग और मॉडल रेट निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की है। पंजीयन कार्य 3 से 17 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि खरीदी प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित है।

नीमच जिले में भी योजना के अंतर्गत पंजीयन कार्य तेज़ी से चल रहा है। अब तक 7,000 से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है और जिले में 71 पंजीयन केंद्र कार्यरत हैं। इनमें से 68 सहकारी समितियों में एवं 3 मार्केटिंग सोसायटी में संचालित हैं। मंडियों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और प्रचार के लिए पोस्टर, बैनर, पंपलेट के साथ कृषि गोष्ठियों का भी आयोजन किया जा रहा है।

मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई परेशानी न हो और योजना का लाभ उन्हें पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के तहत प्राप्त हो।

 

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