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डायल-112 की तत्परता: घायलों को उपचार दिलवाया, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया

डायल-112 की तत्परता: घायलों को उपचार दिलवाया, वृद्ध महिला को परिजनों से मिलाया

डायल-112 की त्वरित कार्रवाई: घायलों का इलाज और वृद्ध महिला का सुरक्षित पुनर्मिलन

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग घटनाओं में नागरिकों की सहायता की। 

विदिशा

जिले के थाना ग्यारसपुर क्षेत्र में धनसिंहपुर चक गाँव के पास दो मोटरसाइकिलों में आपसी टक्कर हो गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई थीं। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल से तत्काल ग्यारसपुर क्षेत्र में तैनात वाहन को रवाना किया गया।

एफआरव्ही वाहन के आरक्षक हरेंद्र सिंह तोमर एवं पायलट गोपीचंद मौके पर पहुँचे और घायलों की स्थिति देखकर बिना विलंब किए उन्हें डायल 112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ग्यारसपुर पहुँचाया। चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुँचाने से उन्हें राहत मिल सकी।

उज्जैन

इसी क्रम में उज्जैन जिले के थाना महिदपुर क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास एक वृद्ध महिला मिलीं, जो रास्ता भटक गई थीं। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन तत्काल मौके पर पहुँचा। आरक्षक सुखदेव सोलंकी एवं पायलट दिनेश कुमावत ने महिला से बातचीत कर जानकारी प्राप्त की। महिला ने अपना नाम रेखा देवी पत्नी राधेश्याम, उम्र 65 वर्ष, निवासी ग्राम डेल्ची बताया। वह अपने गाँव से लसूडिया जाने के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण बस स्टैंड पहुँच गई थीं।डायल-112 की टीम ने वृद्ध महिला को सुरक्षित अपने साथ रखा और उनके बताए पते पर परिजनों से संपर्क किया। कुछ समय बाद महिला का पोता मौके पर पहुँचा। पहचान और सत्यापन उपरांत डायल-112 टीम ने वृद्धा को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। परिजनों ने समय पर मिली सहायता और सहयोग के लिए टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।दोनों घटनाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि डायल-112 सेवा न केवल आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराती है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता के साथ जनसेवा में सतत सक्रिय है।

 

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