samacharsecretary.com

दिल्ली की दमघोंटू हवा पर LG की CM केजरीवाल को चिट्ठी, बोले– हालात भयावह, जिम्मेदारी आपकी

नई दिल्ली 
दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। उपराज्यपाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की राजनीति सिर्फ नकारात्मकता और तथ्यहीन प्रोपेगेंडा पर आधारित है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल लिखे पत्र में 56 बिंदुओं को रखा। इसमें उन्होंने प्रदूषण के मुद्दे को केजरीवाल की बड़ी बेपरवाही बताया। उपराज्यपाल ने अरविंद केजरीवाल के साथ अपनी बातचीत का खुलासा किया।

उन्होंने पत्र में लिखा, "मैं मेरे और आपके (अरविंद केजरीवाल) बीच नवंबर-दिसंबर 2022 में हुई चर्चा की तरफ आकर्षित करना चाहूंगा। गंभीर वायु प्रदूषण के बीच मैंने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। पंजाब के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र की प्रति आपको भी भेजी थी। जब मैंने आपसे इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए इसके समाधान के लिए निर्णायक कदम उठाने को कहा, तो आपने मुझसे कहा था, 'सर, यह हर साल होता है, 15-20 दिन मीडिया इसको उठाती है। एक्टिविस्ट और अदालतें इसका मुद्दा बनाते हैं और फिर सब भूल जाते हैं। आप भी इस पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए।' अब इससे अधिक दोहरा रवैया क्या होगा ?"

पत्र में उपराज्यपाल ने लिखा, "यह लगभग 11 साल की आपकी सरकार की अकर्मण्यता ही थी, जिसके कारण दिल्ली आज इस भयानक आपदा से गुजर रही है। आपने बहुत आसानी से और बहुत ही कम खर्च में, कम से कम दिल्ली की धूल भरी सड़कों की मरम्मत ही करवा दी होती। फुटपाथ और किनारों को कवर करवा दिया होता, तो धूल से उत्पन्न प्रदूषण से दिल्ली को निजात मिल जाती, लेकिन आपने ऐसा जान बूझकर नहीं किया।"

वीके सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने पड़ोसी राज्यों और भारत सरकार के साथ टकराव के बजाय अगर आपने समन्वय से काम किया होता, तो दिल्ली आज वायु प्रदूषण की इस आपदा से नहीं गुजर रही होती। अफसोस है कि आपने दिल्ली के लिए कुछ नहीं किया। उपराज्यपाल ने लिखा, "मुझे आप (केजरीवाल) और आपके सहयोगी निरंतर अपशब्द कहते रहे हैं, क्योंकि मैं दिल्ली के लोगों के हित में काम करता हूं। मेरे काम करने से अगर आपकी अकर्मण्यता उभरकर लोगों के सामने आई है, तो इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। अगर काम करने के एवज में किसी को गालियां दी जाने लगें, तो आप स्वयं विचार करें कि काम न करने वाले लोग क्या डिजर्व करते हैं।"

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here