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शिवलिंग को इस दिशा में रखकर करें अभिषेक, जीवन बन जाएगा खुशहाल और सिद्धियों से भरपूर

हिंदू धर्म में महादेव को देवों के देव कहा गया है। नए साल के पहले दिन यदि विधि-विधान से घर में शिवलिंग की स्थापना और अभिषेक किया जाए, तो यह न केवल मानसिक शांति लाता है बल्कि रुके हुए कार्यों को भी गति देता है। लेकिन, अक्सर लोग अनजाने में शिवलिंग को गलत दिशा में रख देते हैं, जिससे उन्हें पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। तो आइए जानते हैं साल के पहले दिन किस दिशा में शिवलिंग रखकर करें अभिषेक करें।

किस दिशा में रखें शिवलिंग?
वास्तु शास्त्र और शिव पुराण के अनुसार, शिवलिंग की स्थापना के लिए उत्तर दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। उत्तर दिशा भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान मानी जाती है। शिवलिंग की जलाधारी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर ही होना चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि का प्रवाह निरंतर बना रहता है।

भूलकर भी न करें ये दिशा संबंधी गलती
शिवलिंग को कभी भी पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर मुख करके नहीं रखना चाहिए। यदि आप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजा करते हैं, तो इसे भी शास्त्रों में वर्जित माना गया है। घर के मंदिर में शिवलिंग को हमेशा ऐसी जगह रखें जहाँ से ऊर्जा का संचार चारों ओर हो सके।

नए साल पर अभिषेक की विधि
सिद्धियों की प्राप्ति के लिए साल के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से भोलेनाथ का अभिषेक करें। यह जीवन के पांच दोषों को दूर करता है।
महादेव को बेलपत्र, धतूरा, और चंदन अर्पित करें। ध्यान रहे कि शिवलिंग पर कभी भी केतकी के फूल या सिंदूर न चढ़ाएं।
अंत में गंगाजल या शुद्ध जल से अभिषेक करते समय 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

घर में शिवलिंग का आकार
शास्त्रों के अनुसार, घर में रखे जाने वाले शिवलिंग का आकार बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों के लिए अंगूठे के ऊपर के पोर जितना बड़ा शिवलिंग ही सबसे शुभ माना जाता है। इससे अधिक बड़ा शिवलिंग मंदिरों के लिए उपयुक्त होता है।

सिद्धि और सफलता के लिए विशेष मंत्र
अभिषेक के दौरान यदि आप 'श्री शिवाय नमस्तुभ्यं' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य और करियर के लिए 'रामबाण' सिद्ध हो सकता है।

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