samacharsecretary.com

मोहन सरकार की 5 नई पहल: आयुष्मान तर्ज पर इलाज का खर्च कार्ड से सीधे कवर होगा

भोपाल 

नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकती है। राज्य सरकार आयुष्मान भारत की तर्ज पर एक नई और बड़ी स्वास्थ्य सुविधा योजना शुरू करने की तैयारी में है, जिससे इलाज के खर्च को लेकर कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर हो सकेगी। इस प्रस्तावित योजना के तहत प्रदेश के कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने वाली है।

अब तक जहां कर्मचारियों को इलाज का पूरा खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं नई व्यवस्था में अस्पताल में सीधे कार्ड के जरिए इलाज संभव होगा। हरियाणा और राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक संगठित और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मॉडल लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

नए साल में मोहन सरकार की 5 बड़ी सौगातें: 

1. मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना: कैशलेस इलाज

वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है और बाद में सरकार की ओर से कुछ राशि लौटाई जाती है. उदाहरण के लिए, लिवर ट्रांसप्लांट का खर्च लगभग 20 लाख रुपए आता है, लेकिन सरकार केवल 4 लाख रुपए देती है। नई योजना में 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए तक वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, बाकी राशि सरकार वहन करेगी। सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक इलाज का प्रावधान है।
2. 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू

अप्रैल 2026 से मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर से सरकारी बसें दौड़ेंगी. नई व्यवस्था 'जनबस' के नाम से शुरू होगी। 25 जिलों के 6 हजार से ज्यादा रूट पर कुल 10,879 बसें चलेंगी.ई-बसें भी होंगी शामिल नेशनल ई-बस स्कीम के तहत इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में 582 ई-बसें चलाई जाएंगी। ये बसें मौजूदा सिटी बसों से सस्ती होंगी और ग्रामीण इलाकों तथा आदिवासी क्षेत्रों को शहरों से जोड़ेंगी।
3. पेंशन नियम में बदलाव: बेटियों को फायदा

अब 25 साल से अधिक उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा। यह बदलाव केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप किया गया है और कर्मचारी आयोग की अनुशंसा पर वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है।
4. छुट्टियों का नया कैलेंडर और EL का फायदा

1 जनवरी 2026 से मध्य प्रदेश के 6.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए 48 साल पुराने अवकाश नियम बदलकर नए नियम लागू होंगे। बीमारी और मातृत्व अवकाश आसान होंगे, रोस्टर अनिवार्य होगा और EL साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को क्रेडिट होगी। शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी 10 दिन की EL मिलेगी।
5. सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म

लगभग 24 साल पुराने नियम को हटाकर तीन संतान वाले उम्मीदवारों को भी सरकारी नौकरी में पात्र बनाया जाएगा। पुराने मामलों में अब कार्रवाई नहीं होगी। यह बदलाव मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए राहत लाएगा। 

क्या है ये योजना
यह प्रस्तावित मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए लाई जा रही है। इसके तहत सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की तैयारी है। योजना में प्रदेश के भीतर और बाहर के चिन्हित निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर बेहतर इलाज मिल सके।

कितना देना होगा अंशदान
इस योजना के संचालन के लिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन से 250 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का मासिक अंशदान लिया जाएगा। बाकी राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा और कर्मचारियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवारों को भी मिलेगा लाभ
योजना का लाभ स्थायी, अस्थायी और संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ रिटायर्ड कर्मचारियों के परिवारों को भी मिलेगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा और ऊषा कार्यकर्ता, नगर सैनिक, कोटवार और राज्य की स्वशासी संस्थाओं में काम कर रहे कर्मचारी भी इसके दायरे में शामिल किए जा रहे हैं। अनुमान है कि इस योजना से 15 लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, जिससे प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी मिल सकेगी।
एनबीटी डेस्क

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here