samacharsecretary.com

पंजाब सरकार ने लिया बड़ा फैसला, झज्जर बचौली सैंक्चुअरी का नाम गुरु तेग बहादुर साहिब रखा

चंडीगढ़
 पंजाब राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी ने वीरवार को अहम फैसला लिया है जिसमें रूपनगर जिले की झज्जर-बचौली वन्यजीव सेंक्चुअरी का नाम नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के नाम पर रखने की मंजूरी दी गई है।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन एवं वन्यजीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस पिछले साल 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धा के साथ मनाया गया था। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने झज्जर-बचौली जंगली जीव सेंक्चुअरी का नाम बदलकर श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की सिफारिश भेजी थी जिसे बोर्ड ने मान लिया है। यह सेंक्चुअरी तीन गांवों झज्जर, बचौली और लमलेहरी में 289 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। 

आनंदपुर साहिब में स्थित है सैंक्चुअरी

झज्जर-बचौली वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी पंजाब के रूपनगर जिले में, श्री आनंदपुर साहिब के पास स्थित है। आनंदपुर साहिब से करीब 15 किलोमीटर दूर है और सतलुज नदी के आसपास फैली हुई है। यह सैंक्चुअरी जंगल और जानवरों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है। यहां खैर, शीशम, नीम और आंवला जैसे पेड़-पौधे हैं, जिससे यह इलाका हरा-भरा रहता है।

सैंक्चुअरी में नीलगाय, हिरण, जंगली सूअर और सियार जैसे जानवर पाए जाते हैं। यह जगह वन्यजीवों को बचाने और प्रकृति देखने वाले लोगों के लिए खास है। सरकार इसे पर्यटन के रूप में भी विकसित करना चाहती है।

पहले आनंदपुर साहिब को यह सौगात मिली थी

पंजाब सरकार द्वारा इस समय गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इस संबंध में सरकार की तरफ से श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समारोह करवाया गया था। इस दौरान सर्वधर्म संत सम्मेलन भी आयोजित किया गया था। क्योंकि शहीदी के बाद उनके शीश को यहां लगाया था।

वहीं, 24 नवंबर को पंजाब सरकार की तरफ से पहली बार चंडीगढ़ से बाहर विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब समेत तीन तख्तों को होली सिटी बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here