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अब हर महीने ₹3000! लाड़ली बहना योजना को लेकर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा

भोपाल
विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav Ladli Behna Yojana) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए राशि बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वादा भाजपा के संकल्प (घोषणा) पत्र में किया गया है। यह पांच साल यानी 2028 तक के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, हम तीन हजार रुपये देकर रहेंगे। नए पंजीयन को लेकर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। कांग्रेस के सदस्य सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और विरोध स्वरूप बहिर्गमन कर गए।

प्रश्नकाल में उठा मुद्दा
प्रश्नकाल में कांग्रेस के महेश परमार ने नए पंजीयन न होने, तीन हजार रुपये का वादा करने के बाद भी न देने और 60 वर्ष के होते ही योजना से हितग्राही का नाम काटने का मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि सेना की अधिकारी सोफिया कुरैशी का अपमान करने वाले मंत्री विजय शाह यहां बैठे हैं। उन्होंने रतलाम में कहा कि सीएम के सम्मान कार्यक्रम में लाड़ली बहना नहीं आएंगी तो नाम काट देंगे। वहीं, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा पर भी धमकाने का आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पंजीयन प्रारंभ करने की तिथि पूछी। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि योजना के प्रारंभ से प्रश्न दिनांक तक 1,31,06,525 महिलाओं का पंजीयन किया गया। वर्तमान में 1,25,29,051 पंजीयन सक्रिय हैं। नए पंजीयन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

लाड़ली बहना योजना में मृत्यु होने या 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर हितग्राही को योजना से बाहर किया जाता है। 60 वर्ष से अधिक आयु होने पर अन्य योजना में पात्रता अनुसार आवेदन किया जा सकता है।

राशि और व्यय का ब्यौरा
वर्ष 2025-26 में 1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से लाड़ली बहनों को 18,528 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। एक हजार रुपये प्रतिमाह से प्रारंभ हुई योजना की राशि में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसका उपयोग बहनें शिक्षा, पोषण सहित अन्य कार्यों में कर रही हैं।

विपक्ष ने किया बहिर्गमन
मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब योजना लागू हुई थी तब कहा जाता था कि यह चुनावी योजना है और बंद हो जाएगी, लेकिन आज हम 1,500 रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं। तीन हजार रुपये देने की घोषणा हमारे संकल्प पत्र में है, जो पांच वर्ष के लिए है और हम देकर रहेंगे। पंजीयन पर उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सब होगा। विपक्ष जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर गया।

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