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शादी में दिखी मिसाल, बेटे के विवाह पर 3500 ग्रामीणों को मिला बीमा सुरक्षा का गिफ्ट

 नांदेड

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार तालुका स्थित बहादरपुरा गांव में एक शादी सामाजिक सरोकार और मानवता की मिसाल बन गई. आमतौर पर शादी समारोहों में लाखों रुपये सजावट, आतिशबाजी और भव्य आयोजनों पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन बहादरपुरा के पेठकर परिवार ने अपने बेटे सिद्धेश्वर पेठकर के विवाह को समाज सेवा से जोड़ते हुए एक अनोखी पहल की। 

पेठकर परिवार ने पूरे गांव का कराया बीमा
सिद्धेश्वर पेठकर और मंजुषा के विवाह समारोह के अवसर पर परिवार ने पूरे गांव के करीब 3500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराने का निर्णय लिया. इस पहल का उद्देश्य गांव के लोगों को भविष्य में किसी भी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. परिवार का मानना है कि शादी केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए। 

गांव में जैसे ही इस पहल की जानकारी सामने आई, लोगों में खुशी और गर्व का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में ऐसा सामाजिक संदेश देखा है. गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। 

पेठकर परिवार ने बताया कि आज के समय में अचानक होने वाली दुर्घटनाएं कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल देती हैं. ऐसे में यदि पहले से बीमा जैसी सुविधा उपलब्ध हो तो कठिन समय में लोगों को सहारा मिल सकता है. इसी सोच के साथ विवाह समारोह को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया। 

चर्चा में बनी ये पहल
परिवार के इस कदम की इलाके में व्यापक चर्चा हो रही है. सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि अगर समाज के सक्षम लोग अपने निजी आयोजनों को सामाजिक हित से जोड़ें, तो कई जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। 

बहादरपुरा गांव में अब यह शादी केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सामाजिक चेतना और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है. “वधू का आगमन हुआ और गांव सुरक्षित हो गया”. यह संदेश अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पेठकर परिवार की इस अनोखी पहल ने यह साबित कर दिया कि खुशियों के अवसर पर समाज के बारे में सोचने से बदलाव की नई शुरुआत की जा सकती है। 

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